Shuru
Apke Nagar Ki App…
जालौन जिले के कोंच तहसील अंतर्गत ग्राम तूमरा में एक मजदूर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना पड़ोसी के घर हुई एक अन्य घटना के बाद अंजाम दी गई। पीड़ित मजदूर ने आरोप लगाया है कि इस मारपीट की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है, जिसके बाद उसने क्षेत्राधिकारी (सीओ) से न्याय की गुहार लगाई है।
Vivek Dwivedi public news
जालौन जिले के कोंच तहसील अंतर्गत ग्राम तूमरा में एक मजदूर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना पड़ोसी के घर हुई एक अन्य घटना के बाद अंजाम दी गई। पीड़ित मजदूर ने आरोप लगाया है कि इस मारपीट की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है, जिसके बाद उसने क्षेत्राधिकारी (सीओ) से न्याय की गुहार लगाई है।
More news from Jalaun and nearby areas
- कोंच में इंस्टाग्राम पर मिली धमकी और परेशान करने से जुड़ी एक शिकायत का पुलिस ने तत्काल समाधान किया है। पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई इस शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले को सुलझाया।1
- आगरा में बीजेपी पार्षद किशन नायक ने अपने जन्मदिन के अवसर पर सफाई व्यवस्था को लेकर एक अनूठा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वे एक गंदे नाले में खड़े होकर क्षेत्र में सफाई की मांग करते हुए नजर आए।1
- जनपद जालौन के अजीतापुर गांव में मोहर्रम के अवसर पर एक भव्य ताजिया निकाला गया, जो आसपास के गांवों और कस्बों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे का अनूठा माहौल देखने को मिला। ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से शांतिपूर्ण ढंग से गुजरा, जिसकी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी लगातार मुस्तैद रहे। मोहर्रम के इस पवित्र अवसर पर, स्थानीय लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए सत्य, न्याय और इंसानियत के उनके संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। अजीतापुर का यह ऐतिहासिक और भव्य ताजिया हर वर्ष की तरह इस बार भी लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा।1
- Post by Sugirv Kushwha1
- जालौन जिले के कालपी नगर में शाम करीब 7:15 बजे बाजार से खरीदारी करने आए पति-पत्नी के साथ लूट की वारदात हुई। दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने घात लगाकर महिला सावित्री मौर्य के गले से चेन छीन ली और मौके से फरार हो गए। अर्जुन प्रसाद मौर्य ने बताया कि वह अपनी पत्नी सावित्री मौर्य के साथ कैनरा बैंक के पास स्थित सुमित पुस्तक भंडार के समीप थे, तभी बाइक सवार चोरों ने उनकी पत्नी की चेन छीन ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार चोरों ने बहुत फुर्ती और सफाई से महिला के गले से चेन तोड़ी और तेज रफ्तार बाइक चलाकर तुरंत फरार हो गए। बीच बाजार में घटी इस घटना से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है।3
- जालौन जिले के उरई नगर में 10वीं मोहर्रम अशूरा के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा एक मातमी जुलूस निकाला गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' की सदाओं और नौहाख्वानी के बीच मातम किया। जुलूस में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और निर्धारित मार्गों से होते हुए इमामबाड़े पहुंचा। इस मातमी जुलूस में अजादारों ने छुरी, जंजीर और ब्लेड का इस्तेमाल कर मातम किया। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, पुलिस और प्रशासन पूरे जुलूस मार्ग पर मुस्तैद रहा। इसी चौकसी के चलते यह पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। जुलूस के बाद, घायल अजादारों की मरहमपट्टी की गई।1
- कोंच में मुहर्रम की 9वीं तारीख को कर्बला के शहीदों की याद में एक ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस के दौरान पूरे माहौल में 'या हुसैन' के नारे गूंज उठे, जिसमें मातम और अकीदत (श्रद्धा) का अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में 10वीं मोहर्रम अशूरा के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा पारंपरिक मातमी जुलूस पूरे धार्मिक अनुशासन, अकीदत और गमगीन माहौल के बीच शांतिपूर्वक निकाला गया। यह जुलूस सुबह करीब 10 बजे बजरिया स्थित इमामबाड़े से शुरू हुआ और निर्धारित मार्गों से होते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरा, अंततः इमामबाड़े में ही संपन्न हुआ। जुलूस में सैकड़ों अकीदतमंद शामिल हुए, वहीं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मार्गों पर मौजूद रहकर जुलूस का नज़ारा देखते रहे। जुलूस के दौरान 'या हुसैन या अब्बास' और अन्य मातमी सदाओं से पूरा इलाका गूंज उठा। नौहाख्वानी और सीना ज़नी के माध्यम से कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया गया। अकीदतमंदों ने गम और अकीदत का इजहार करते हुए मातम किया और इमाम हुसैन की कुर्बानी को इंसानियत, न्याय और सच्चाई की राह में दी गई सबसे बड़ी मिसाल बताया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, कई अकीदतमंदों ने ज़ंजीरों और ब्लेड से स्वयं को घायल कर शोक व्यक्त किया, जिससे कई स्थानों पर सड़कों पर खून के निशान भी दिखाई दिए। इस जुलूस में युवाओं के साथ कुछ बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक रस्मों में हिस्सा लेते हुए दिखाई दिए, पूरे मार्ग पर गम, अकीदत और अनुशासन का माहौल बना रहा। मोहर्रम के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जुलूस के पूरे रूट पर पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य सुरक्षा कर्मी तैनात थे, वहीं संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। अधिकारियों ने लगातार जुलूस की निगरानी की और यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखा। यह जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिसने शहर में आपसी सौहार्द, धार्मिक आस्था और अनुशासन की एक मिसाल पेश की।4