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नगर के स्टेट हाईवे-22 पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का कार्य धीमी गति से चलने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर खुदाई वाले हिस्सों में पानी भर जाता है, जिससे आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। इसी समस्या का एक उदाहरण सोमवार सुबह देखने को मिला, जब नयाखेड़ा चौराहे पर मोड़ लेते समय एक लोडेड आयशर ट्रक का पहिया गड्ढे में धंस गया और ट्रक पलट गया। गनीमत रही कि उस समय चौराहे पर न तो फुटपाथ पर कोई दुकान लगी थी और न ही कोई राहगीर मौजूद था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और सड़क की मरम्मत व जलभराव की समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
SATISH KUMAR
नगर के स्टेट हाईवे-22 पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का कार्य धीमी गति से चलने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर खुदाई वाले हिस्सों में पानी भर जाता है, जिससे आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। इसी समस्या का एक उदाहरण सोमवार सुबह देखने को मिला, जब नयाखेड़ा चौराहे पर मोड़ लेते समय एक लोडेड आयशर ट्रक का पहिया गड्ढे में धंस गया और ट्रक पलट गया। गनीमत रही कि उस समय चौराहे पर न तो फुटपाथ पर कोई दुकान लगी थी और न ही कोई राहगीर मौजूद था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और सड़क की मरम्मत व जलभराव की समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
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- आज नरसिंहपुर में कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की पहली प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनीता पटेल ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार से पाँच महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब मांगा।1
- हैहय क्षत्रिय कलचुरी (कलार) समाज, इटारसी की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने हाल ही में एक विशेष सौजन्य भेंट की। समाज के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री अशोक कुमार मालवीय के नेतृत्व में, सामाजिक पदाधिकारियों ने क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा जी से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान, समाज के पदाधिकारियों ने सिटी थाना इटारसी के नवागत थाना प्रभारी (टीआई) श्री सौरभ पाण्डेय जी से भी भेंट की और माला व पुष्पगुच्छ के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इन मुलाकातों में समाज के कई वरिष्ठ संरक्षक और कार्यकारिणी सदस्य भी उपस्थित रहे।1
- दशकों पहले छिंदवाड़ा जिला, जिसे कोयले के कारण 'हीरे के नाम' से पहचाना जाता था और जहाँ परासिया, जमाई तथा दमोह जैसे विभिन्न विकासखंडों में कई खदानें संचालित होने से रोजगार एवं व्यापार में खासी रौनक थी, वहाँ अब हालात बदल गए हैं। बीते लगभग 15 वर्षों से प्रशासन द्वारा लगातार खदानें बंद की जा रही हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और शिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। मध्य भारत के इस जिले में, खासकर परासिया-पेंच और कन्हान क्षेत्र में, कभी कई भूमिगत और ओपन कास्ट कोयला खदानें थीं। ये खदानें धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण में पहुँच गई हैं और नियमित कामगार भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसी वजह से क्षेत्र के कई पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक काम की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। क्षेत्र के पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक लगातार कोयला मंत्रालय को पत्र लिखकर एवं उच्च अधिकारियों से मिलकर नई खदानें खोलने का अनुरोध कर रहे हैं, ताकि स्थानीय व्यापार को फिर से फायदा मिल सके। जानकारी के अनुसार, बीते कई वर्षों से कोयला मंत्रालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत कई क्षेत्र निजी सेक्टर में चले गए हैं, और वर्ष 2004 के बाद से कोयला कामगारों को मिलने वाली पेंशन की सुविधा भी बंद कर दी गई है। पेंच और कन्हान क्षेत्र की पुरानी रौनक अब पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे कोयलांचल क्षेत्र का अस्तित्व ही अंतिम चरण में पहुँच गया है, जहाँ काम के अभाव के कारण व्यापार में लगातार गिरावट आ रही है।1
- छिंदवाड़ा जिले में SafeClick2_0 पहल के तहत एक विशेष कार्यक्रम 'एक शाम साहस और समर्पण के नाम' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Cyber Safe Dance प्रस्तुत किए गए, साइबर जागरूकता से संबंधित संदेश प्रसारित किए गए और समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण का संकल्प लेना था।1
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- नरसिंहपुर जिले में हुई बारिश का व्यापक असर अब साफ दिखने लगा है। जिलेभर में नदी और नाले उफान पर हैं।1
- इटारसी के पास गुर्रा रेलवे स्टेशन पर किसान कांग्रेस और स्थानीय किसान नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों का गुस्सा शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर फूटा है, जिसके चलते केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला दहन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी और किसान नेता पुष्पराज पटेल के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान किसानों ने अपनी मांग को लेकर सरकार के प्रति तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। किसान नेताओं ने साफ किया है कि यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर आज से गांव-गांव में पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए गए हैं।1