Shuru
Apke Nagar Ki App…
संजय अग्रवाल ने अग्रवाल वैश्य अखाड़ा से जुड़कर भव्य शपथग्रहण लिया। इसके साथ ही, उन्होंने दक्षिण पश्चिम दिल्ली में नई समाजसेवा की शुरुआत की है।
अनुभवी आंखें न्यूज़
संजय अग्रवाल ने अग्रवाल वैश्य अखाड़ा से जुड़कर भव्य शपथग्रहण लिया। इसके साथ ही, उन्होंने दक्षिण पश्चिम दिल्ली में नई समाजसेवा की शुरुआत की है।
More news from दिल्ली and nearby areas
- पूर्णिया जिले के बनमनखी में एक प्राथमिक विद्यालय के 144 बच्चे दो साल से भवन के अभाव में टेंट में पढ़ाई कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतों और आरटीआई के जवाब के बावजूद, शिक्षा विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। यह स्थिति सरकारी शिक्षा सुधार के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1
- उत्तर प्रदेश के महोबा से समाजवादी पार्टी के सांसद अजेन्द्र कुमार राजपूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने पीएम मोदी को 'हरामी' कहते हुए 'मां को सीधी गाली' दी, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में बवाल मच गया है।1
- गुरुग्राम के एक टोल प्लाजा पर कर्मचारियों पर हमला कर उन्हें बेरहमी से पीटा गया। इस मामले में हमलावरों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत ने ई-दिशा बैठक में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने जिले से संबंधित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।1
- नई दिल्ली के जखीरा सरकार पार्क में नाली पूरी तरह से भर चुकी है, जिससे गंदगी फैल रही है। स्थानीय निवासियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन से जल्द से जल्द इस नाली को साफ करने की मांग की जा रही है।1
- उत्तर पश्चिमी दिल्ली के विजय विहार थाना पुलिस ने दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल आयरन कटर भी बरामद हुआ है। पुलिस इन आरोपियों से अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में पूछताछ कर रही है।1
- दिल्ली में एक पुलिसकर्मी के सिरफिरेपन ने एक परिवार को उजाड़ दिया है। परिवार का कमाने वाला सदस्य छिन जाने से उन पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब परिवार के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के कुछेजा गाँव में एक बुजुर्ग महिला अपनी पालतू बिल्ली की मौत से टूट गई। अपनी बिल्ली के लिए महिला का हृदय विदारक रुदन निस्वार्थ प्रेम की अनूठी मिसाल बन गया।1
- देशभर में NEET सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर बार-बार लीक होने का गंभीर मुद्दा सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि 2017 से लेकर 2026 तक लीक हुए पेपरों के बावजूद कोई भी दोषी जेल नहीं गया। सभी आरोपी ज़मानत पर आज़ाद घूम रहे हैं, जिससे न्याय प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।1