चलती ट्रेन के नीचे आया युवक, फिर भी बची जान। बख्तियारपुर स्टेशन की हैरान कर देने वाली घटना। RPF-GRP ने पहुंचाया अस्पताल। युवक की हालत गंभीर, पीएमसीएच रेफर। बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन। शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे स्टेशन पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां चलती ट्रेन के नीचे आने के बावजूद एक युवक की जान बच गई। यह घटना ललितग्राम से पटना जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस के दौरान हुई। जानकारी के अनुसार घोसवरी थाना क्षेत्र के तारतर निवासी जुदागी यादव ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे सीधे ट्रेन के नीचे चले गए। मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं, लेकिन किस्मत ने साथ दिया और युवक की जान बच गई। घटना के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से युवक को सुरक्षित ट्रैक से बाहर निकाला गया और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बख्तियारपुर पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद युवक की स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शी विकास कुमार ने बताया कि घटना उनकी आंखों के सामने हुई और वे स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि युवक को ट्रेन के नीचे जाते देख लोग दहशत में आ गए थे, लेकिन उसके सुरक्षित निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि कभी-कभी किस्मत भी बड़ा रोल निभाती है। मौके पर मौजूद लोग यही कहते नजर आए— “जाको राखे साइयां मार सके ना कोई।”
चलती ट्रेन के नीचे आया युवक, फिर भी बची जान। बख्तियारपुर स्टेशन की हैरान कर देने वाली घटना। RPF-GRP ने पहुंचाया अस्पताल। युवक की हालत गंभीर, पीएमसीएच रेफर। बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन। शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे स्टेशन पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां चलती ट्रेन के नीचे आने के बावजूद एक युवक की जान बच गई। यह घटना ललितग्राम से पटना जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस के दौरान हुई। जानकारी के अनुसार घोसवरी थाना क्षेत्र के तारतर निवासी जुदागी यादव ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे सीधे ट्रेन के नीचे चले गए। मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं, लेकिन किस्मत ने साथ दिया और युवक की जान बच गई। घटना के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से युवक को सुरक्षित ट्रैक से बाहर निकाला गया और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बख्तियारपुर पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद युवक की स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शी विकास कुमार ने बताया कि घटना उनकी आंखों के सामने हुई और वे स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि युवक को ट्रेन के नीचे जाते देख लोग दहशत में आ गए थे, लेकिन उसके सुरक्षित निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि कभी-कभी किस्मत भी बड़ा रोल निभाती है। मौके पर मौजूद लोग यही कहते नजर आए— “जाको राखे साइयां मार सके ना कोई।”
- फुललपूर PACS चुनाव इस बार सिर्फ एक चुनाव नहीं… बल्कि किसानों के हक, सम्मान और भविष्य की लड़ाई बन चुका है। सालों से जिन समस्याओं से किसान जूझ रहे हैं— महंगी जुताई, खाद-बीज की कमी और फसल का सही दाम न मिलना… अब उन सभी मुद्दों पर खुलकर बात हो रही है। अजय कुमार जी ने किसानों के लिए बड़े वादे किए हैं— 👉 आधी कीमत पर जुताई 👉 समय पर उन्नत खाद और बीज 👉 आधुनिक PACS गोदाम का निर्माण 👉 बिचौलियों से मुक्ति अब सवाल ये है… क्या इस बार सच में बदलेगी फुललपूर की तस्वीर? आप क्या सोचते हैं? 👉 कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं 👉 पोस्ट को शेयर करें ताकि हर किसान तक यह बात पहुंचे आपका एक वोट… बदल सकता है भविष्य!1
- बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को अपने कंधों पर ढोने वाली आशा और फैसिलिटेटर बहनों के साथ लगातार हो रहे अन्याय के खिलाफ आज 17 अप्रैल को पूरे बिहार के सैकड़ों पीएचसी पर जोरदार धरना-प्रदर्शन हुआ। बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोपगुट/ऐक्टू) के नेतृत्व में हजारों की संख्या में बहनों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। पिछले लगभग 8 महीनों से बकाया भुगतान रोककर सरकार ने इन मेहनतकश महिलाओं को आर्थिक संकट में धकेल दिया है। दिन-रात जनता की सेवा करने वाली आशा और फैसिलिटेटर बहनों को उनका मेहनताना तक समय पर नहीं मिलना। यह सरकार की संवेदनहीनता और विफलता को उजागर करता है। सरकार से प्रमुख मांग 1.) आशा और फैसिलिटेटर बहनों का लगभग 8 माह के तमाम बकाया भुगतान जल्द से जल्द करो। 2.) आशा और फैसिलिटेटर बहनों का रिटायरमेंट उम्र 65 करो। 3.)आशा और फैसिलिटेटर बहनों को1
- बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को अपने कंधों पर ढोने वाली आशा और फैसिलिटेटर बहनों के साथ लगातार हो रहे अन्याय के खिलाफ आज 17 अप्रैल को पूरे बिहार के सैकड़ों पीएचसी पर जोरदार धरना-प्रदर्शन हुआ। बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोपगुट/ऐक्टू) के नेतृत्व में हजारों की संख्या में बहनों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। पिछले लगभग 8 महीनों से बकाया भुगतान रोककर सरकार ने इन मेहनतकश महिलाओं को आर्थिक संकट में धकेल दिया है। दिन-रात जनता की सेवा करने वाली आशा और फैसिलिटेटर बहनों को उनका मेहनताना तक समय पर नहीं मिलना। यह सरकार की संवेदनहीनता और विफलता को उजागर करता है। सरकार से प्रमुख मांग 1.) आशा और फैसिलिटेटर बहनों का लगभग 8 माह के तमाम बकाया भुगतान जल्द से जल्द करो। 2.) आशा और फैसिलिटेटर बहनों का रिटायरमेंट उम्र 65 करो। 3.)आशा और फैसिलिटेटर बहनों को रिटायरमेंट पैकेज और पेंशन देना होगा।1
- पटना पूर्व मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने 20 तारीख को नीतीश कुमार के द्वारा जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई जाने पर कहा कि नीतीश कुमार ने बड़ी बैठक बुलाई है उस बैठक में निश्चित तौर पर बड़े फैसले लिए जाएंगे। श्रवण कुमार ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक के द्वारा शराबबंदी कानून हटाए जाने पर कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नक्शे कदम पर चलकर नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून लाए है किसी के मांग करने से कुछ होने वाला नहीं है शराबबंदी कानून किसी हालत में नहीं हटेगा।1
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- नारी शक्ति वंदन के तहत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री #NarendraModi ji को बहुत बहुत धन्यवाद 🙏🙏 #NariShaktiVandanAdhiniyam #BJPBihar #SamratChoudharybihar ji #BhikhubhaiDalsaniya ji #Sanjaysraogi ji #BhartiyaJantaParty1
- पटना जेडीयू के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने राजद में जाने का किया संकेत, कहा बिहार में पूरी तरह जेडीयू हुआ समाप्त।1
- जय बजरंगबली 💫🙏 जय हनुमान जी 🌺 y1
- Post by Vaanishree News1