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लखीमपुर खीरी में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर एक शख्स बेहद फिल्मी अंदाज में हाथों में कुल्हाड़ी लहराता हुआ नजर आया है। कार्यालय के ठीक बाहर मौजूद यह व्यक्ति खुलेआम हाथ में कुल्हाड़ी लहराकर लगातार धमकियां दे रहा है।
AVP भारत न्यूज़
लखीमपुर खीरी में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर एक शख्स बेहद फिल्मी अंदाज में हाथों में कुल्हाड़ी लहराता हुआ नजर आया है। कार्यालय के ठीक बाहर मौजूद यह व्यक्ति खुलेआम हाथ में कुल्हाड़ी लहराकर लगातार धमकियां दे रहा है।
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- लखीमपुर खीरी की खजुरिया ग्राम पंचायत (तेरवा, पोस्ट पहरा) में करीब 40 से 45 दिन पहले बनाई गई नाली टूटने और धंसने लगी है। नाली के नीचे कोई मजबूती नहीं दी गई है और ऐसा लगता है कि निर्माण में सही से मसाले का इस्तेमाल भी नहीं किया गया है, जिसके कारण नाली टूटकर गिर रही है। इसके साथ ही नाली में पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। निकासी न होने से पानी नाली में ज्यादा होकर सड़क पर आ जाता है, रास्ते पर बहने लगता है और सड़क पर जमा हो जाता है।1
- लखीमपुर खीरी के महेवागंज स्थित ग्रीन फील्ड एकेडमी में शुक्रवार को सीबीएसई क्लस्टर-4 वॉलीबॉल टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता और सदर विधायक योगेश वर्मा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करके किया और सभी प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। यह प्रतियोगिता 30 जुलाई तक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न जनपदों के 80 सीबीएसई स्कूलों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता के तहत बालक वर्ग के मुकाबलों की शुरुआत हो चुकी है, जबकि बालिका वर्ग के मैच 26 जुलाई से खेले जाएंगे। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला, जहाँ खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन ने प्रतियोगिता को खेल भावना के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रीन फील्ड एकेडमी के डायरेक्टर आलोक मिश्रा एवं प्रशांत मिश्रा ने मुख्य अतिथियों, प्रतिभागी टीमों और सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं।1
- लखीमपुर खीरी के पलिया सहित आसपास के क्षेत्रों में संचालित कई निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में नियमों को ताक पर रखकर जच्चा-बच्चा की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। इन केंद्रों पर पंजीकरण किसी और के नाम पर है, जबकि इलाज दूसरा व्यक्ति कर रहा है। बिना किसी योग्य एनेस्थेटिस्ट (बेहोशी विशेषज्ञ) और पीडियाट्रिशियन (शिशु रोग विशेषज्ञ) की मौजूदगी के ही गर्भवती महिलाओं के सिजेरियन ऑपरेशन किए जा रहे हैं। यही नहीं, बीएएमएस और आयुर्वेद चिकित्सक नवजात शिशुओं को भर्ती कर उनका उपचार कर रहे हैं, जबकि कुछ डॉक्टर अपने पर्चों पर बच्चों की तस्वीरें छपवाकर खुद को शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। पलिया से लेकर लखीमपुर तक पैसों के लालच में की जा रही इस अनदेखी का खामियाजा प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को भुगतना पड़ रहा है, और आए दिन नवजातों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायतों और चर्चाओं के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बिना तय मानकों और विशेषज्ञों के चल रहे इस इलाज को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से व्यापक जांच की मांग की गई है। मांग की गई है कि जांच में अनियमितताएं मिलने पर संबंधित अस्पतालों और क्लीनिकों को तुरंत सील किया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।3
- पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बहुत दुखद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो और परीक्षाएं तुरंत कराई जाएं। इसी के तहत सरकार ने कम से कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया और 19 जुलाई को नीट का रिजल्ट भी जारी कर दिया। नरेंद्र मोदी ने बताया कि पेपर लीक की घटना के बाद से पिछले ढाई महीनों में कई कड़े कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि, सरकार इतने से संतोष करने वाली नहीं है, इसलिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया गया है। संबंधित विभागों ने देर रात मसौदा भेज दिया है, जिसमें फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान शामिल हैं। इस मसौदे पर शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में चर्चा की जाएगी और चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है, इसलिए कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही सरकार इस बिल को जल्द से जल्द सदन से पास कराने की पूरी कोशिश करेगी।1
- सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन का अनशन समाप्त करने का फैसला किया है। उन्होंने यह कदम तब उठाया जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनसे मिलने पहुंचे। अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी किया। वांगचुक के अनुसार, दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने उनकी मांगों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म किया।1
- सावन की शुरुआत से ठीक पहले लखीमपुर खीरी स्थित प्रसिद्ध लिलोटी नाथ धाम के महंत रोहित गिरी ने शासन और प्रशासन से मंदिर पहुँचने वाली सड़क का निर्माण कार्य अगले 5 दिनों के भीतर पूरा कराने की अपील की है। महंत का कहना है कि निर्माण कार्य अधूरा रहने से सावन में जलाभिषेक के लिए पहुँचने वाले लाखों श्रद्धालुओं, कांवड़ियों और दंडवत यात्रा करने वाले भक्तों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। महंत रोहित गिरी ने बताया कि मंदिर तक पहुँचने वाली सड़क के निर्माण के लिए लगभग ₹4.60 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, इसके बावजूद काम अभी तक अधूरा है। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाकर सड़क को जल्द से जल्द सुगम बनाने के साथ-साथ मंदिर के भव्य प्रवेश द्वार का भी तुरंत शिलान्यास और लोकार्पण कराने का आग्रह किया है, ताकि सावन के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का एक व्यवस्थित और भव्य व्यवस्था के साथ स्वागत हो सके।1
- लखीमपुर खीरी शहर के मोहल्ला शिव कॉलोनी में नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे सड़क एवं नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी करते हुए बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। सड़क निर्माण में गिट्टी की जगह पुरानी ईंटों और इंटरलॉकिंग ईंटों का रोड़ा डाला जा रहा है, वहीं सड़क किनारे बनाई जा रही नाली में भी पीली ईंटें लगाई जा रही हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह काम किए जाने से सड़क और नाली की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित होगी और भविष्य में क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। जनता के टैक्स के पैसे से हो रहे विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त न करने की बात कहते हुए मोहल्लेवासियों ने संबंधित अधिकारियों से गुणवत्ता की जांच कराने और तय मानकों के अनुरूप कार्य कराने की मांग की है। जिले में भ्रष्टाचार और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और हाल ही में एक युवक भ्रष्टाचार के विरोध में कुल्हाड़ी लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा था। फिलहाल इस मामले में नगर पालिका या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जांच में अनियमितता मिलने पर ठेकेदार और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- हरदोई में रोडवेज बस अड्डे पर गुरुवार दोपहर दो खड़ी रोडवेज बसों के बीच से निकल रही 32 वर्षीय नेहा सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। बस अड्डे पर खड़ी कन्नौज और हरदोई डिपो की दोनों बसें अचानक आगे बढ़ गईं, जिससे नेहा का सिर दोनों बसों के बीच में फंस गया। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नेहा सिंह खेतुई गांव की रहने वाली थीं। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1