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भोपाल के हुजूर में सामने आए एक बेहद भावुक संदेश में अपनी वफ़ादारी बयां की गई है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वे हरगिज़ बेवफ़ा नहीं थे, लेकिन कल बात न हो पाने की वजह से वफ़ा करने के बावजूद उन्हें इसकी सज़ा भुगतनी पड़ी है।
Mohabbat Raas Na Aayi
भोपाल के हुजूर में सामने आए एक बेहद भावुक संदेश में अपनी वफ़ादारी बयां की गई है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वे हरगिज़ बेवफ़ा नहीं थे, लेकिन कल बात न हो पाने की वजह से वफ़ा करने के बावजूद उन्हें इसकी सज़ा भुगतनी पड़ी है।
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- भारत ने एक नया इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी है। इस कदम को स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक रेलवे की दिशा में भारत की एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। देश की इस ऐतिहासिक प्रगति पर हर तरफ भारी गर्व महसूस किया जा रहा है।1
- एक बेहद रूमानी और खूबसूरत अहसास को साझा करते हुए कहा गया है कि जब से तुम मेरी निगाहों में आए हो, तब से चारों तरफ का हर एक नजारा बेहद खूबसूरत और हसीन लगने लगा है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के करोंद क्षेत्र स्थित पीली कोठी इलाके में कथित गौमांस बरामद होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर बजरंग दल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है।1
- लद्दाख की मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लगातार जारी इस भूख हड़ताल के कारण उनके स्वास्थ्य पर बेहद गंभीर असर पड़ रहा है। स्वास्थ्य अपडेट साझा करते हुए डॉ. सतीश लांबा ने बताया कि शरीर में डिहाइड्रेशन के साथ-साथ अब उनके अंगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस समय सोनम वांगचुक का शुगर लेवल 80 mg/dL बना हुआ है और उनका वजन भी लगातार गिर रहा है, जिसके चलते मेडिकल टीम लगातार उनकी मॉनिटरिंग कर रही है। इस कठिन संघर्ष के बीच उनके समर्थकों में सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर भारी चिंता देखी जा रही है।1
- भोपाल में कलाकार श्री भानु प्रकाश तिवारी जी ने श्यामला हिल्स थाना पुलिस के साथ मिलकर अपनी अभिनय कला के जरिए 'नशे से दूरी है जरूरी' का एक बेहद शानदार संदेश दिया है। उनके इस बेहतरीन अभिनय को देखने के बाद हर किसी का मन नशा त्यागने को करेगा। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से दर्शाया है कि कैसे नशे की हालत में इंसान अपनी सुध-बुध खोकर बिल्कुल शून्य हो जाता है और बाद में उसे सिर्फ पछताना पड़ता है। यही वजह है कि आज लोगों के बीच यह संदेश गहराई से प्रभाव छोड़ रहा है कि #नशे_से_दूरी_है_जरूरी।1
- भोपाल के संत हृदय राम नगर में आज से झूले लाल चालीसा उपवास उत्सव का शुभारंभ हो गया है। इस उत्सव से जुड़ी पूरी खबर अवश्य देखें।4
- गर्भवती महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। सरकार 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)' के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व और बेहतर पोषण के लिए ₹5,000 से लेकर ₹6,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली यह वित्तीय मदद सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है, ताकि सुरक्षित गर्भावस्था और उचित पोषण के लिए महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके। इस महत्वपूर्ण जानकारी को अधिक से अधिक अपनी बहनों, परिवार और दोस्तों तक पहुंचाने की अपील की गई है। इस जानकारी को साझा करने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज की कोई भी पात्र महिला इस सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे और उन तक सहायता पहुंच सके।1
- भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) और हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने पांच वर्षीय मासूम की जान बचाते हुए एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। पश्चिम बंगाल का रहने वाला यह बच्चा बोल और सुन नहीं सकता है। सुबह ब्रश करने के दौरान टूथब्रश का ऊपरी हिस्सा टूटकर सीधे उसके गले में चला गया था। परिजन पहले अपने स्तर पर ही इसे निकालने का प्रयास करते रहे, जिससे अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बच्चे की हालत बेहद गंभीर हो गई। उसके तालू में सूजन आ गई थी, मुंह में खून व लार भरी थी और उसे सांस लेने में भी काफी तकलीफ हो रही थी। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि टूथब्रश का टूटा हुआ हिस्सा तालू के पीछे आड़ा फंसा था और उसका नुकीला सिरा टॉन्सिल में धंसा हुआ था। इसे सीधे निकालना भारी रक्तस्राव और गले के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकता था। ईएनटी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कीर्ति वाई. के. और विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता सोनी के मार्गदर्शन में तत्काल ऑपरेशन का फैसला लिया गया। मुंह में खून और लार होने के कारण एनेस्थीसिया देना भी एक बड़ा जोखिम था। हालांकि, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सोनल अवस्थी की मौजूदगी में डॉ. वंदना ने अत्यंत सावधानी से बच्चे का सफल इंट्यूबेशन किया, जिससे गले में चीरा लगाने (ट्रेकियोस्टॉमी) की जरूरत नहीं पड़ी। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहद सूझबूझ से टूथब्रश को धीरे-धीरे घुमाकर सीधी (वर्टिकल) स्थिति में लाया और मुंह के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस सफल और जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में डॉ. स्मिता सोनी, डॉ. कीर्ति वाई. के., डॉ. सोनल अवस्थी, डॉ. वंदना और अन्य रेजिडेंट डॉक्टर शामिल थे। इस घटना के बाद चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अजीत मीना ने अभिभावकों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों को हमेशा उनकी उम्र के अनुसार सुरक्षित और मजबूत टूथब्रश ही दें और ब्रश करते समय उन पर निगरानी रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि गले में कुछ फंसने पर उसे खुद निकालने की कोशिश बिल्कुल न करें, बल्कि बिना समय गंवाए तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचें।2