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बाराबंकी फतेहपुर गैस की किल्लत से हंगामा, सड़क पर उतरे उपभोक्ता बाराबंकी: जनपद के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेवा चौकी के अमराई गांव भुंड स्थित भारत गैस एजेंसी पर गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब गैस लेने पहुंचे उपभोक्ताओं को एजेंसी बंद मिली। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी पर पहुंच गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि आज गैस मिल जाएगी, लेकिन मौके पर न कोई कर्मचारी मिला और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था। घंटों इंतजार के बाद उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर उतरकर गैस सिलेंडर रखकर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात बाधित हो गया। स्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी समझाने-बुझाने के बाद लोगों को शांत कराया और जाम खुलवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, घटना के बाद भी उपभोक्ताओं में नाराजगी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि गैस एजेंसी की व्यवस्था बेहद खराब है और समय पर सिलेंडर वितरण नहीं किया जाता। उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और समय पर गैस उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, इस मामले में भारत गैस एजेंसी के संचालक दीपक सिंह ने बताया कि सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार गैस सिलेंडर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गैस की लोडिंग उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण वितरण कार्य रोकना पड़ा। उन्होंने आश्वासन दिया कि गैस की लोडिंग मिलते ही नियमों के अनुसार सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।

1 day ago
user_बालेंद्र सिंह रिपोर्टर
बालेंद्र सिंह रिपोर्टर
Photographer फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

बाराबंकी फतेहपुर गैस की किल्लत से हंगामा, सड़क पर उतरे उपभोक्ता बाराबंकी: जनपद के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेवा चौकी के अमराई गांव भुंड स्थित भारत गैस एजेंसी पर गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब गैस लेने पहुंचे उपभोक्ताओं को एजेंसी बंद मिली। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी पर पहुंच गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि आज गैस मिल जाएगी, लेकिन मौके पर न कोई कर्मचारी मिला और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था। घंटों इंतजार के बाद उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर उतरकर गैस सिलेंडर रखकर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात बाधित हो गया। स्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी समझाने-बुझाने के बाद लोगों को शांत कराया और जाम खुलवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, घटना के बाद भी उपभोक्ताओं में नाराजगी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि गैस एजेंसी की व्यवस्था बेहद खराब है और समय पर सिलेंडर वितरण नहीं किया जाता। उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और समय पर गैस उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, इस मामले में भारत गैस एजेंसी के संचालक दीपक सिंह ने बताया कि सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार गैस सिलेंडर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गैस की लोडिंग उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण वितरण कार्य रोकना पड़ा। उन्होंने आश्वासन दिया कि गैस की लोडिंग मिलते ही नियमों के अनुसार सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।

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  • बाराबंकी के फतेहपुर थाना क्षेत्र के रसूलपनाह गांव में एक खेत में अचानक आग लग गई। इस घटना में किसान देवराज की करीब दो बीघा फसल जलकर राख हो गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आग देवराज के खेत में अज्ञात कारणों से भड़की और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के ग्रामीण घबरा गए और तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को भी बुलाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पास के तालाब से बाल्टियों और अन्य साधनों से पानी भरकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले सामूहिक प्रयासों के बाद आखिरकार आग पर नियंत्रण पा लिया गया। हालांकि, तब तक खेत में खड़ी पूरी फसल जल चुकी थी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है, लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई। घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
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    बाराबंकी के फतेहपुर थाना क्षेत्र के रसूलपनाह गांव में एक खेत में अचानक आग लग गई। इस घटना में किसान देवराज की करीब दो बीघा फसल जलकर राख हो गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
आग देवराज के खेत में अज्ञात कारणों से भड़की और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के ग्रामीण घबरा गए और तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को भी बुलाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग आग बुझाने में जुट गए।
ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पास के तालाब से बाल्टियों और अन्य साधनों से पानी भरकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले सामूहिक प्रयासों के बाद आखिरकार आग पर नियंत्रण पा लिया गया।
हालांकि, तब तक खेत में खड़ी पूरी फसल जल चुकी थी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है, लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई।
घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
    user_रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Anoop singh
    1
    Post by Anoop singh
    user_Anoop singh
    Anoop singh
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • *बाराबंकी में किसानों का प्रदर्शन: रोड जाम और धरना* भारतीय किसान यूनियन टिकैत के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने बाराबंकी में रोड जाम किया और कई सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। वे एसडीएम को ज्ञापन देने से इनकार कर रहे थे, केवल डीएम शशांक त्रिपाठी को सौंपने पर अड़े थे। पुलिस प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद ज्ञापन सौंपा गया ¹। *क्या है मामला?* किसानों का आरोप है कि केंद्र के कृषि बिल से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और कृषि क्षेत्र बड़े पूंजीपतियों के हाथों में चला जाएगा। वे तीनों विधेयक वापस लेने की मांग कर रहे हैं ²। *प्रदर्शन और जाम* सैकड़ों की संख्या में किसानों ने अयोध्या-लखनऊ हाइवे जाम कर दिया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे ²। क्या आप जानना चाहेंगे कि बाराबंकी प्रशासन ने इस समस्या का समाधान करने के लिए क्या कदम उठाए हैं या किसानों की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया है?
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    *बाराबंकी में किसानों का प्रदर्शन: रोड जाम और धरना*
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने बाराबंकी में रोड जाम किया और कई सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। वे एसडीएम को ज्ञापन देने से इनकार कर रहे थे, केवल डीएम शशांक त्रिपाठी को सौंपने पर अड़े थे। पुलिस प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद ज्ञापन सौंपा गया ¹।
*क्या है मामला?*
किसानों का आरोप है कि केंद्र के कृषि बिल से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और कृषि क्षेत्र बड़े पूंजीपतियों के हाथों में चला जाएगा। वे तीनों विधेयक वापस लेने की मांग कर रहे हैं ²।
*प्रदर्शन और जाम*
सैकड़ों की संख्या में किसानों ने अयोध्या-लखनऊ हाइवे जाम कर दिया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे ²।
क्या आप जानना चाहेंगे कि बाराबंकी प्रशासन ने इस समस्या का समाधान करने के लिए क्या कदम उठाए हैं या किसानों की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया है?
    user_लक्ष्मी देवी
    लक्ष्मी देवी
    Local News Reporter Fatehpur, Barabanki•
    10 hrs ago
  • *अखंडनगर गोलीकांड में उलझे सवाल, एसपी के बयानों में विरोधाभास से गहराया रहस्य* *इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी के गोली लगने की घटना पर दो अलग-अलग बयान, पुलिस कार्यप्रणाली और घटनाक्रम पर उठा रहे गंभीर प्रश्न?* *सुलतानपुर।* जनपद के पूर्वी छोर पर स्थित अखंडनगर क्षेत्र में इंस्पेक्टर क्राइम अरुण द्विवेदी को गोली लगने की घटना अब रहस्य के घेरे में आ गई है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक के दो अलग-अलग बयानों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 29 मार्च की शाम दिए गए अपने पहले बयान में एसपी ने कहा कि घटना से करीब एक घंटे पहले तक इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी पूरी तरह स्थिर थे और उनसे उनकी बातचीत भी हुई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि यह घटना ड्यूटी के दौरान हुई। हालांकि, उसी रात दिए गए दूसरे बयान में एसपी ने पूरी तरह अलग घटनाक्रम प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने क्षेत्राधिकारी (सीओ) को मौके पर भेजा, लेकिन जब तक सीओ पहुंचे, तब तक एक दरोगा इंस्पेक्टर को लेकर लखनऊ रवाना हो चुका था। दूसरे बयान में एसपी ने यह भी कहा कि रिवॉल्वर तौलिये पर रखी थी, जिसे खींचने के दौरान वह गिर गई और गोली चल गई। इन दोनों बयानों के बीच स्पष्ट विरोधाभास सामने आने से कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इंस्पेक्टर को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर प्राथमिक उपचार दिए बिना सीधे लखनऊ ले जाया गया, तो इसके पीछे क्या वजह थी। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि जब सीओ के पहुंचने से पहले ही इंस्पेक्टर को दरोगा लेकर जा चुका था, तो एसपी ने दरोगा से मुलाकात कब और कहां की, जैसा कि पहले बयान से संकेत मिलता है। घटनास्थल और दूरी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कादीपुर से अखंडनगर और सुल्तानपुर से अखंडनगर की दूरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि घटनास्थल तक पहुंचने में किसे कितना समय लगा और किस स्तर पर क्या कार्रवाई हुई। सबसे गंभीर पहलू यह है कि पहले बयान में जहां घटना को ड्यूटी के दौरान हुई बताया गया, वहीं दूसरे बयान में इसे दुर्घटनावश गोली चलने का मामला बताया गया। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर सच्चाई क्या है।
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    *अखंडनगर गोलीकांड में उलझे सवाल, एसपी के बयानों में विरोधाभास से गहराया रहस्य*
*इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी के गोली लगने की घटना पर दो अलग-अलग बयान, पुलिस कार्यप्रणाली और घटनाक्रम पर उठा रहे गंभीर प्रश्न?*
*सुलतानपुर।* जनपद के पूर्वी छोर पर स्थित अखंडनगर क्षेत्र में इंस्पेक्टर क्राइम अरुण द्विवेदी को गोली लगने की घटना अब रहस्य के घेरे में आ गई है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक के दो अलग-अलग बयानों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
29 मार्च की शाम दिए गए अपने पहले बयान में एसपी ने कहा कि घटना से करीब एक घंटे पहले तक इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी पूरी तरह स्थिर थे और उनसे उनकी बातचीत भी हुई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि यह घटना ड्यूटी के दौरान हुई।
हालांकि, उसी रात दिए गए दूसरे बयान में एसपी ने पूरी तरह अलग घटनाक्रम प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने क्षेत्राधिकारी (सीओ) को मौके पर भेजा, लेकिन जब तक सीओ पहुंचे, तब तक एक दरोगा इंस्पेक्टर को लेकर लखनऊ रवाना हो चुका था।
दूसरे बयान में एसपी ने यह भी कहा कि रिवॉल्वर तौलिये पर रखी थी, जिसे खींचने के दौरान वह गिर गई और गोली चल गई।
इन दोनों बयानों के बीच स्पष्ट विरोधाभास सामने आने से कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इंस्पेक्टर को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर प्राथमिक उपचार दिए बिना सीधे लखनऊ ले जाया गया, तो इसके पीछे क्या वजह थी।
साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि जब सीओ के पहुंचने से पहले ही इंस्पेक्टर को दरोगा लेकर जा चुका था, तो एसपी ने दरोगा से मुलाकात कब और कहां की, जैसा कि पहले बयान से संकेत मिलता है।
घटनास्थल और दूरी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कादीपुर से अखंडनगर और सुल्तानपुर से अखंडनगर की दूरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि घटनास्थल तक पहुंचने में किसे कितना समय लगा और किस स्तर पर क्या कार्रवाई हुई।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि पहले बयान में जहां घटना को ड्यूटी के दौरान हुई बताया गया, वहीं दूसरे बयान में इसे दुर्घटनावश गोली चलने का मामला बताया गया। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर सच्चाई क्या है।
    user_Raghvendra singh
    Raghvendra singh
    Voice of people Fatehpur, Barabanki•
    12 hrs ago
  • बाराबंकी, 10 अप्रैल। इस अवसर पर स्व० मोहसिना किदवई जी के चित्र पर पूर्व सांसद श्री पी०एल० पुनिया एवं सांसद श्री तनुज पुनिया ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सांसद श्री तनुज पुनिया ने कहा कि स्व० मोहसिना किदवई जी भारत की एक अत्यंत प्रतिष्ठित राजनीतिज्ञ थीं। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रहीं और उन्होंने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार बड़ी कुशलता से संभाला। आज उनकी कमी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए अपूरणीय क्षति है। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री पी०एल० पुनिया ने उन्हें नमन करते हुए उनके जीवन और कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार दोनों में मंत्री के रूप में कार्य किया। स्व० राजीव गांधी जी के कार्यकाल में उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन तथा शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनसे भारतीय राजनीति में उनका प्रभावशाली व्यक्तित्व उभरकर सामने आया। वर्ष 1978 में आजमगढ़ से उपचुनाव में उनकी ऐतिहासिक जीत ने कांग्रेस और देश की राजनीति को नई दिशा प्रदान की। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री मोहम्मद मोहसिन ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि जनपद बाराबंकी में स्व० रफी अहमद किदवई जी के बाद यदि किसी ने कांग्रेस और देश में बाराबंकी की पहचान को निरंतर बनाए रखने का कार्य किया है, तो वह स्व० मोहसिना किदवई जी हैं। वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हम कांग्रेसजनों के दिलों में सदैव जीवित रहेंगी और उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए हम सभी कांग्रेसजन संकल्पबद्ध हैं। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से पुष्प अर्पित करने वालों में पूर्व सांसद ए०पी० गौतम, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष नईम सिद्दीकी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव शिव शंकर शुक्ला, पूर्व प्रवक्ता सरजू शर्मा, नगर अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, के०सी० श्रीवास्तव, मोहम्मद जीशान, पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, महिला कांग्रेस अध्यक्ष शबनम वारसी, इरफान कुरैशी, अजीत वर्मा, एड० मोहम्मद इजहार, एड० वीरेंद्र यादव, शिव बहादुर वर्मा, मोइनुद्दीन अंसारी, फरहान किदवई, राहमहरख रावत, संजीव मिश्र, एड० राकेश तिवारी, रमेश कश्यप, आर०डी० रावत, सुशील वर्मा, सुरेश यादव, आमिर किदवई, अनुराग यादव, गोपी कनौजिया, मोहम्मद शीबू, एड० राजेश पाठक, एड० साईस्ता अख्तर, जितेंद्र वर्मा आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
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    बाराबंकी, 10 अप्रैल।
इस अवसर पर स्व० मोहसिना किदवई जी के चित्र पर पूर्व सांसद श्री पी०एल० पुनिया एवं सांसद श्री तनुज पुनिया ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सांसद श्री तनुज पुनिया ने कहा कि स्व० मोहसिना किदवई जी भारत की एक अत्यंत प्रतिष्ठित राजनीतिज्ञ थीं। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रहीं और उन्होंने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार बड़ी कुशलता से संभाला। आज उनकी कमी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए अपूरणीय क्षति है।
इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री पी०एल० पुनिया ने उन्हें नमन करते हुए उनके जीवन और कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार दोनों में मंत्री के रूप में कार्य किया। स्व० राजीव गांधी जी के कार्यकाल में उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन तथा शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनसे भारतीय राजनीति में उनका प्रभावशाली व्यक्तित्व उभरकर सामने आया। वर्ष 1978 में आजमगढ़ से उपचुनाव में उनकी ऐतिहासिक जीत ने कांग्रेस और देश की राजनीति को नई दिशा प्रदान की।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री मोहम्मद मोहसिन ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि जनपद बाराबंकी में स्व० रफी अहमद किदवई जी के बाद यदि किसी ने कांग्रेस और देश में बाराबंकी की पहचान को निरंतर बनाए रखने का कार्य किया है, तो वह स्व० मोहसिना किदवई जी हैं। वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हम कांग्रेसजनों के दिलों में सदैव जीवित रहेंगी और उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए हम सभी कांग्रेसजन संकल्पबद्ध हैं।
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से पुष्प अर्पित करने वालों में पूर्व सांसद ए०पी० गौतम, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष नईम सिद्दीकी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव शिव शंकर शुक्ला, पूर्व प्रवक्ता सरजू शर्मा, नगर अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, के०सी० श्रीवास्तव, मोहम्मद जीशान, पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, महिला कांग्रेस अध्यक्ष शबनम वारसी, इरफान कुरैशी, अजीत वर्मा, एड० मोहम्मद इजहार, एड० वीरेंद्र यादव, शिव बहादुर वर्मा, मोइनुद्दीन अंसारी, फरहान किदवई, राहमहरख रावत, संजीव मिश्र, एड० राकेश तिवारी, रमेश कश्यप, आर०डी० रावत, सुशील वर्मा, सुरेश यादव, आमिर किदवई, अनुराग यादव, गोपी कनौजिया, मोहम्मद शीबू, एड० राजेश पाठक, एड० साईस्ता अख्तर, जितेंद्र वर्मा आदि उपस्थित रहे।
ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    19 min ago
  • बाराबंकी बाराबंकी जिले तहसील नवाबगंज के दाउदपुर गांव में किसान बलराम यादव की साढ़े तीन बीघा गेहूं की फसल शुक्रवार करीब11 बजे जलकर राख हो गई। यह घटना सतरिख थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई, जिससे किसान परिवार पर आजीविका का संकट गहरा गया है। आग लगने का कारण कथित तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही से हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, राम नारायण के पुत्र बलराम यादव की यह पूरी फसल नष्ट हो गई। यह फसल उनके आठ सदस्यीय परिवार के जीवन यापन का मुख्य साधन थी। फसल के साथ-साथ इससे मिलने वाला भूसा भी जल गया, जो उनके चार भैंसों के लिए लगभग छह माह तक चारे का प्रमुख स्रोत था।घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय हल्का लेखपाल भानुप्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।वहीं, इस संबंध में जब बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी अनुभव श्रीवास्तव को अवगत कराया गया, तो उन्होंने भी जेई को मौके पर भेजकर जांच कराने की बात कही है।
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    बाराबंकी
बाराबंकी जिले तहसील नवाबगंज के दाउदपुर गांव में किसान बलराम यादव की साढ़े तीन बीघा गेहूं की फसल शुक्रवार करीब11 बजे जलकर राख हो गई। यह घटना सतरिख थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई, जिससे किसान परिवार पर आजीविका का संकट गहरा गया है। आग लगने का कारण कथित तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही से हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, राम नारायण के पुत्र बलराम यादव की यह पूरी फसल नष्ट हो गई। यह फसल उनके आठ सदस्यीय परिवार के जीवन यापन का मुख्य साधन थी। फसल के साथ-साथ इससे मिलने वाला भूसा भी जल गया, जो उनके चार भैंसों के लिए लगभग छह माह तक चारे का प्रमुख स्रोत था।घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय हल्का लेखपाल भानुप्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।वहीं, इस संबंध में जब बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी अनुभव श्रीवास्तव को अवगत कराया गया, तो उन्होंने भी जेई को मौके पर भेजकर जांच कराने की बात कही है।
    user_Unna news agency
    Unna news agency
    Classified ads newspaper publisher नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में चौकाघाट रेलवे स्टेशन के पीछे वन विभाग की जमीन पर आग लग गई। आग लगने का मुख्य कारण बिजली के तारों को जलाकर धातु निकालने का प्रयास बताया जा रहा है। वन विभाग की जमीन के पास स्थित खेत के मालिक रामनरेश यादव ने धुआं उठते देखा। उन्होंने तत्काल वन विभाग और पुलिस हेल्पलाइन 112 को सूचना दी। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलने लगी। हालांकि, सूचना मिलते ही दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझाए जाने से क्षेत्र में लाखों बीघे में खड़ी गेहूं की फसल जलने से बच गई। मौके पर मौजूद वन दरोगा रोली अवस्थी ने भी आग लगने का कारण बिजली के तारों को जलाना बताया। पुलिस और वन विभाग इस घटना के लिए जिम्मेदार आरोपियों की तलाश कर रहे हैं।
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    बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में चौकाघाट रेलवे स्टेशन के पीछे वन विभाग की जमीन पर आग लग गई। आग लगने का मुख्य कारण बिजली के तारों को जलाकर धातु निकालने का प्रयास बताया जा रहा है।
वन विभाग की जमीन के पास स्थित खेत के मालिक रामनरेश यादव ने धुआं उठते देखा। उन्होंने तत्काल वन विभाग और पुलिस हेल्पलाइन 112 को सूचना दी।
तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलने लगी। हालांकि, सूचना मिलते ही दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर तुरंत काबू पा लिया गया।
समय रहते आग बुझाए जाने से क्षेत्र में लाखों बीघे में खड़ी गेहूं की फसल जलने से बच गई। मौके पर मौजूद वन दरोगा रोली अवस्थी ने भी आग लगने का कारण बिजली के तारों को जलाना बताया।
पुलिस और वन विभाग इस घटना के लिए जिम्मेदार आरोपियों की तलाश कर रहे हैं।
    user_विशाल गुप्ता
    विशाल गुप्ता
    Local News Reporter नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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    user_लक्ष्मी देवी
    लक्ष्मी देवी
    Local News Reporter Fatehpur, Barabanki•
    20 hrs ago
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