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बरेली में बारादरी पुलिस ने 19 साल के एक साइबर शातिर को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी दूसरे राज्यों के लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाता था। पुलिस ने इस आरोपी को उसके मोबाइल फोन के साथ दबोचा है। यह शातिर अपराधी साइबर फ्रॉड के जरिए जुटाए गए पैसों से अपना बैंक खाता भरता था।
Sumit Awasthi पत्रकार
बरेली में बारादरी पुलिस ने 19 साल के एक साइबर शातिर को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी दूसरे राज्यों के लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाता था। पुलिस ने इस आरोपी को उसके मोबाइल फोन के साथ दबोचा है। यह शातिर अपराधी साइबर फ्रॉड के जरिए जुटाए गए पैसों से अपना बैंक खाता भरता था।
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- उत्तर प्रदेश के बरेली में ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाते हुए 58 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो वे बिना किसी देरी के तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके साथ ही लोग अपने नजदीकी साइबर थाने या साइबर सेल में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर ठगी गई राशि को वापस दिलाने का प्रयास किया जा सके।1
- बरेली के फरीदपुर में आईपीएस अंशिका वर्मा के बड़े एक्शन के तहत 'फर्जी आईएएस' बनकर शादी करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला सोशल मीडिया पर भी खुद को आईएएस अधिकारी बताती थी। फरीदपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- अमरोहा के थाना डिडौली क्षेत्र में एक मुख्य आरक्षी द्वारा कथित रूप से शराब के नशे में वाहन चलाने और लोगों पर गाड़ी चढ़ाने के मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है। आरोपी मुख्य आरक्षी के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। अमरोहा के अपर पुलिस अधीक्षक श्री अखिलेश भदौरिया ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने कहा कि किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा की गई अनुशासनहीनता या कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार आगे की कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- बरेली में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बहेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता, त्वरित सूझबूझ और तत्परता के चलते महिला को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। जानकारी के अनुसार, बहेड़ी निवासी मीना नाम की महिला अचानक एसएसपी कार्यालय के बाहर पहुंची और खुद पर डीजल उड़ेल लिया। इससे पहले कि वह आग लगा पाती, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति को भांप लिया और उसे तुरंत पकड़कर सुरक्षित कर लिया। पीड़ित महिला का आरोप है कि उस पर और उसके बेटे पर जानलेवा हमला हुआ था, लेकिन कई बार शिकायत करने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की। घटना के तुरंत बाद पुलिस महिला को एसपी साउथ अंशिका वर्मा के कार्यालय लेकर पहुंची, जहां अधिकारियों ने उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना। इसके बाद उसे महिला थाना पुलिस की सुपुर्दगी में देकर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ऑफिस के बाहर दिनांक 14.07.26 को एक महिला ने स्वयं के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालने का प्रयास किया, जिसे वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल रोक दिया। इस घटना के बाद पुलिस टीम द्वारा महिला की काउंसलिंग की जा रही है। सीओ सिटी प्रथम (CO City 1st) के अनुसार, वर्तमान में शांति व्यवस्था संबंधी कोई समस्या नहीं है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर में वर्तमान विधायक विवेक वर्मा के पिता और पूर्व मंत्री रामशरन वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पूर्व मंत्री रामशरन वर्मा अपने विधायक बेटे की मौजूदगी में, आत्महत्या कर चुके पीड़ित उपेंद्र शर्मा के घर के बाहर सांत्वना देने पहुंचे उनके करीबी सत्यपाल कश्यप को "जड़ें थप्पड़ ही थप्पड़" मार रहे हैं। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे दुख की घड़ी में सांत्वना देने के बजाय इस तरह की दबंगई किए जाने को बेहद शर्मनाक बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी चीनी मिल पर एक किसान और वाल्मीकि समाज के व्यक्ति के साथ अभद्रता करने के आरोप लग चुके हैं। इस घटना के बाद तीखे सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनप्रतिनिधियों के परिवार कानून से ऊपर हैं और क्या पीड़ित परिवार को न्याय की जगह डराया जाएगा? लोगों द्वारा जिला प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।3