संतुलित आहार व व्यायाम से संभव है नियंत्रण ....मधुमेह का युवा व बच्चों में भी असर सोडावास. मधुमेह बीमारी तेजी से आम हो रही है। शहरी जीवन शैली, तनाव,अनियमित खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण है। चिकित्सकों का कहना है कि मधुमेह केवल शुगर की बीमारी नहीं है बल्कि यह धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को प्रभावित करती है। पहले यह रोग बुजुर्गों में अधिक देखा जाता था लेकिन अब युवाओं और बच्चों में भी इसके मामले बढ़ने लगे हैं। विशेषज्ञ का मानना है कि मधुमेह पूरी तरह नियंत्रण की जा सकती है। स्वस्थ जीवन शैली नियमित जांच और जागरूकता ही इससे बचाव की सबसे बड़ी ढाल है। डॉ.अनिल आदित्य एवं डॉ. अनिल शेखर सोडावास ने बताया कि हर क्षेत्र में युवाओं में मधुमेह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रोजाना कम से कम 30 मिनट की सैर, समय पर भोजन, तले भुने और मीठे पदार्थ से परहेज और पर्याप्त नींद ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है। वैध बालकिशन जोशी चिरूनी ने बताया कि पहले मधुमेह 40 वर्ष से अधिक आयु वालों की बीमारी मानी जाती थी लेकिन अब यह 25 - 30 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। लंबे समय तक तनाव, अनियमित खान-पान और मोटापा इंसुलिन के कामकाज को प्रभावित करते हैं। जिससे ब्लड शुगर बढ़ जाता है। नियमित जांच से प्रारंभिक अवस्था में बीमारी का पता लग सकता है और दवा की आवश्यकता टाली जा सकती है। ....बच्चों को खेलकूद के लिए प्रेरित करें.... बाल रोग विशेषज्ञ मानते है कि अब छोटे बच्चों में भी टाइप -1 डायबिटीज के मामले सामने आ रहे हैं। अधिक पैक्ड फूड, कोल्ड ड्रिंक और स्क्रीन टाइम के कारण बच्चे शारीरिक रूप से निष्क्रिय हो रहे हैं। माता-पिता को बच्चों के खान-पान पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें खेलकूद के लिए प्रेरित करना चाहिए। बार-बार प्यास लगना, पेशाब बढ़ना या वजन घटने जैसे लक्षण दिखे तो तुरंत जांच करवाई जाए। .....मुख्य सावधानियां... .... सुबह शाम नियमित व्यायाम या पैदल चलना अपनाए। ..... भोजन में मोटे अनाज, हरी सब्जियां और कम वसा वाला आहार ले। .... धूम्रपान व शराब से परहेज करें। .....हर 6 महीने में ब्लड शुगर की जांच करवाए। ....तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या मेडिटेशन करें।
संतुलित आहार व व्यायाम से संभव है नियंत्रण ....मधुमेह का युवा व बच्चों में भी असर सोडावास. मधुमेह बीमारी तेजी से आम हो रही है। शहरी जीवन शैली, तनाव,अनियमित खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण है। चिकित्सकों का कहना है कि मधुमेह केवल शुगर की बीमारी नहीं है बल्कि यह धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को प्रभावित करती है। पहले यह रोग बुजुर्गों में अधिक देखा जाता था लेकिन अब युवाओं और बच्चों में भी इसके मामले बढ़ने लगे हैं। विशेषज्ञ का मानना है कि मधुमेह पूरी तरह नियंत्रण की जा सकती है। स्वस्थ जीवन शैली नियमित जांच और जागरूकता ही इससे बचाव की सबसे बड़ी ढाल है। डॉ.अनिल आदित्य एवं डॉ. अनिल शेखर सोडावास ने बताया कि हर क्षेत्र में युवाओं में मधुमेह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रोजाना कम से कम 30 मिनट की सैर, समय पर भोजन, तले भुने और मीठे पदार्थ से परहेज और पर्याप्त नींद ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है। वैध बालकिशन जोशी चिरूनी ने बताया कि पहले मधुमेह 40 वर्ष से अधिक आयु वालों की बीमारी मानी जाती थी लेकिन अब यह 25 - 30 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। लंबे समय तक तनाव, अनियमित खान-पान और मोटापा इंसुलिन के कामकाज को प्रभावित करते हैं। जिससे ब्लड शुगर बढ़ जाता है। नियमित जांच से प्रारंभिक अवस्था में बीमारी का पता लग सकता है और दवा की आवश्यकता टाली जा सकती है। ....बच्चों को खेलकूद के लिए प्रेरित करें.... बाल रोग विशेषज्ञ मानते है कि अब छोटे बच्चों में भी टाइप -1 डायबिटीज के मामले सामने आ रहे हैं। अधिक पैक्ड फूड, कोल्ड ड्रिंक और स्क्रीन टाइम के कारण बच्चे शारीरिक रूप से निष्क्रिय हो रहे हैं। माता-पिता को बच्चों के खान-पान पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें खेलकूद के लिए प्रेरित करना चाहिए। बार-बार प्यास लगना, पेशाब बढ़ना या वजन घटने जैसे लक्षण दिखे तो तुरंत जांच करवाई जाए। .....मुख्य सावधानियां... .... सुबह शाम नियमित व्यायाम या पैदल चलना अपनाए। ..... भोजन में मोटे अनाज, हरी सब्जियां और कम वसा वाला आहार ले। .... धूम्रपान व शराब से परहेज करें। .....हर 6 महीने में ब्लड शुगर की जांच करवाए। ....तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या मेडिटेशन करें।
- "शिक्षा से ही समाज का अंधकार किया जा सकता है दूर " सोडावास. सोडावास कस्बे के अजरका रोड राव वीरेंद्र उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में शीतला अष्टमी पर्व बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शाला निदेशक वीरेंद्र यादव ने कहा शिक्षा से ही समाज का अंधकार दूर किया जा सकता है। बालक- बालिकाओं को शिक्षित करने एवं महिला शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए। इस कार्यक्रम में समाज के सामाजिक कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं भामाशाह व दुकानदार मौजूद रहे।1
- Post by दिलबाग यादव1
- नीमराना उपखंड क्षेत्र के शाहजहांपुर कस्बे के नजदीकी गांव चौबारा में चोरों ने किसानों के कुओं को निशाना बनाते हुए बिजली के सामान की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मोटर स्टार्टर से लेकर कुएं के अंदर लगी विद्युत केबल तक काटकर अपने साथ ले गए। जानकारी के अनुसार गांव चौबारा में ग्रामीण हेमसिंह चौहान (पत्रकार), नवाब सिंह और विक्रम सिंह के कुओं पर चोरी की घटना हुई। चोरों ने मोटर स्टार्टर से नीचे कुएं में लगी मोटर तक की केबल काटकर चोरी कर ली। इसके अलावा कुएं पर बने कमरे का ताला तोड़कर उसमें रखा बिजली का अन्य सामान भी चोरी कर ले गए। घटना का पता चलने पर पीड़ित किसानों ने तुरंत शाहजहांपुर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। इस संबंध में शाहजहांपुर थाना प्रभारी प्रक्रिता चौधरी ने बताया कि किसानों के कुओं से विद्युत वायर व अन्य सामान चोरी होने की घटना सामने आई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और चोरों की तलाश के लिए टीम लगा दी गई है। किसानों की ओर से चोरी का मामला दर्ज कराया गया है, जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।4
- चार साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, शहीद नितेश कुमार की अंतिम विदाई1
- Post by संवाददाता दैनिक कंचन केसरी1
- उन्होंने कहा कि कहीं किसी क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता से संबंधित कोई समस्या आने पर तुरंत समाधान करें। गांवों के जलघरों की साफ-सफाई, रख-रखाव और पाइप लाइन में लीकेज होने पर तुरंत ठीक करना सुनिश्चित करें। किसी भी स्थिति में पेयजल की बर्बादी न होने पाए। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गांवों के लिए तकनीकी टीम बनाई जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विनय चौहान ने बैठक में बताया कि गांवों में बेहतर पेयजल सप्लाई को लेकर जिला तकनीकी यूनिट बनाई गई हैं। यह टीमें गांवों में पेयजल सप्लाई की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करेंगी। विभाग ने जिला में पेयजल सप्लाई से संबंधित शिकायत निवारण नंबर 18001805678 भी जारी किया गया है। जिस पर कोई भी व्यक्ति पेयजल समस्या को लेकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। बैठक में डीडीपीओ एचपी बंसल, बीडीपीओ संजय सिंह, एसडीओ विनोद बागड़ी, जिला को-ऑर्डिनेटर योगेंद्र इत्यादि मौजूद रहे। #hr81news #bawalnews #bbn #hr36news1
- Post by Om Parkash1
- गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए युवाओं का संघर्ष जारी, पांचवीं दंडवत यात्रा का हुआ भव्य शुभारंभ (कोटपूतली-बहरोड़) बर्डोद नगर पालिका क्षेत्र में गौवंश के संरक्षण और गौमाता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की मांग अब एक जन-आंदोलन का रूप लेती जा रही है। इसी कड़ी में आज स्थानीय युवाओं अमित व नवीन सैनी द्वारा लगातार जारी दंडवत यात्रा के पांचवें चरण का विधिवत शुभारंभ किया गया। भक्ति और अनुशासन का संगम यह यात्रा स्टेट हाईवे से होते हुए रुंध हनुमान मंदिर तक पहुँची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र के प्रमुख मंदिर महंतों ने यात्रा स्थल पर पहुँचकर दोनों श्रद्धालुओं के संकल्प की सराहना की और उन्हें इस पुनीत कार्य के लिए अपना आशीर्वाद प्रदान किया। युवाओं ने संभाली सुरक्षा की कमान हाईवे पर यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कस्बे के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। युवाओं की टोली ने यातायात प्रबंधन में सहयोग कर संकल्प यात्रा को सुगम बनाया और पुण्य के भागी बने। कठिन तपस्या से प्रशासन को जगाने का प्रयास अपनी अटूट आस्था और गौ-सेवा के संकल्प के साथ युवा साथियों ने मंगलवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद पांचवीं दंडवत यात्रा शुरू की। भीषण गर्मी और शारीरिक कष्ट की परवाह किए बिना, युवा जमीन पर लेटकर (दंडवत) इस यात्रा को पूरा कर रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और सरकार का ध्यान दो प्रमुख मांगों की ओर आकर्षित करना है: गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा प्रदान करना। बर्डोद नगर पालिका क्षेत्र में एक व्यवस्थित सरकारी गौशाला का निर्माण करना। युवा शक्ति का दिखा जोश आज की यात्रा में नगर और आसपास के क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान "गौमाता की जय" और "गौशाला निर्माण हमारा अधिकार" जैसे नारों से वातावरण गुंजायमान रहा। मुहिम से जुड़े सदस्यों ने कहा कि जब तक नगर पालिका क्षेत्र में गौशाला के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उनका यह शांतिपूर्ण संघर्ष और तपस्या जारी रहेगी। जनता का मिल रहा भारी समर्थन इस मुहिम को स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। यात्रा मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर युवाओं का उत्साहवर्धन किया। आयोजकों ने इस मुहिम में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से साथ देने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है। "यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि बेसहारा गौवंश को छत दिलाने और हमारी संस्कृति के संरक्षण की एक पुकार है।1