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कौशांबी _पत्रकार के ऊपर फर्जी फिर दर्ज होने पर पत्रकार संगठन हुए नाराज़ ब्यूरो चीफ श्रेय टीवी शुभम पांडेय 9737416155
Journalist Shubham Pandey
कौशांबी _पत्रकार के ऊपर फर्जी फिर दर्ज होने पर पत्रकार संगठन हुए नाराज़ ब्यूरो चीफ श्रेय टीवी शुभम पांडेय 9737416155
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- कौशाम्बी _पत्रकार के समर्थन में तीसरे दिन भी धरना जारी, निष्पक्ष जांच की मांग तेज पत्रकार शुभम पांडेय ब्यूरो चीफ श्रेय टीवी 97374161551
- *कौशांबी: पत्रकार के समर्थन में तीसरे दिन भी धरना जारी, निष्पक्ष जांच की मांग तेज* *कौशांबी संदेश* कौशांबी। जिला मुख्यालय स्थित डायट मैदान में पत्रकार इश्तियाक अहमद के समर्थन में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना दे रहे पत्रकारों और समर्थकों का कहना है कि अब तक न तो उन्हें इंसाफ मिला है और न ही मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच कराई गई है।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पत्रकार को जल्दबाजी में जेल भेज दिया गया, जबकि मामले की समुचित और पारदर्शी जांच होनी चाहिए थी। धरना स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने सवाल उठाया कि आखिर किस दबाव में कार्रवाई की गई और जांच पूरी किए बिना गिरफ्तारी क्यों की गई। पत्रकार संगठनों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने नहीं लाई गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका यह भी कहना है कि सच्चाई उजागर होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई किन परिस्थितियों में और किन कारणों से की गई। धरना स्थल पर लगातार पत्रकारों और सामाजिक संगठनों की उपस्थिति बनी हुई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- कौशांबी: पत्रकार इश्तेयाक अहमद के समर्थन में प्रेस क्लब का दूसरे दिन प्रदर्शन ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS *कौशांबी* कौशांबी। जनपद में पत्रकार इश्तेयाक अहमद के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मुकदमे के विरोध में दूसरे दिन भी प्रेस क्लब कौशांबी के पदाधिकारी और सदस्य सड़कों पर उतर आए। पत्रकारों ने जिला पंचायत कार्यालय से पैदल मार्च निकालते हुए डायट मैदान पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि किसी भी पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इश्तेयाक अहमद को साजिशन मुकदमे में नामजद कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।धरने के दौरान वक्ताओं ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। उनका कहना था कि यदि प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कर न्याय नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।पत्रकारों ने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर जिलेभर के मीडिया कर्मी व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- हिंदू धर्म की संस्कृति1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by Shivnaresh प्रजापति1
- *सरकारी स्कूल में छात्र को प्रधानाध्यापक द्वारा गंभीर रूप से मारने पीटने का मामला सामने आया* *विनय कुमार रिपोर्टर हिन्दी दैनिक समाचार पत्र नेजा 8174801662* जनपद कौशाम्बी जिले के थाना कोखराज क्षेत्र अन्तर्गत भरवारी चौकी हल्का गांव परसरा के कम्पोजिट विद्यालय मे नल का पानी खोलने व बंद करने के लिए प्रधानाध्यापक ने छात्र को गम्भीर रूप से पीटने का मामला सामने आया है जिसमें छात्र के शरीर पर मार पीट का निशान भी देखने को मिला और छात्र के साथ मे पढ़ने वाला एक और छात्र बता रहा है कि सर जी ने मारा है2
- *एसपी के आदेश की अवहेलना का आरोप, मंझनपुर कोतवाली में शिकायत बदलने का मामला गरमाया* *कौशांबी संदेश नेटवर्क* कौशांबी। जिले की मंझनपुर तहसील अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र के रत्नावलीपुरम वार्ड संख्या 19 स्थित बंधवारजबर के बभनपुरवा गांव में आवासीय पट्टा भूमि पर कब्जे और शिकायत में कथित हेरफेर का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, ग्राम बभनपुरवा की आराजी संख्या 66, रकबा लगभग 100 वर्गगज भूमि का आवासीय पट्टा जिला प्रशासन द्वारा दुक्खू के परिवार को पूर्व में आवंटित किया गया था। पीड़िता बृजरानी पत्नी दुक्खू (अनुसूचित जाति) का आरोप है कि कुछ लोगों ने पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जा कर दीवार गिरा दी और मारपीट के साथ जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में नौ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। आरोप है कि एसपी के निर्देश के बावजूद मंझनपुर कोतवाली में गंभीर धाराओं, जिनमें अनुसूचित जाति उत्पीड़न से संबंधित प्रावधान भी शामिल बताए गए थे, में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि थाने में बैठे एक कथित निजी व्यक्ति/दलाल द्वारा शिकायत पत्र को बदला गया और मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिससे उन्हें अपेक्षित कानूनी संरक्षण नहीं मिल पाया। पीड़ित पक्ष ने यह भी दावा किया है कि तहरीर बदले जाने से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस प्रशासन की ओर से मामले में अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है और पीड़ित पक्ष ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।1