महुआडांड़ में शिक्षा का महाघोटाला! स्कूल बना ‘फिल्म हॉल’, शिक्षक गायब—बच्चों के भविष्य से खुला खिलवाड़* रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ (लातेहार) सरकारी स्कूलों की बदहाली की जो तस्वीर महुआडांड़ के बंदुआ विद्यालय से सामने आई है, वह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम के सड़ जाने का सबूत है। यहां शिक्षा नहीं, खुला तमाशा चल रहा है—शिक्षक गायब, बच्चे बेसहारा और अधिकारी पूरी तरह खामोश!राजकीय कृत प्राथमिक विद्यालय, बंदुआ में पदस्थापित जावेद सर पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे हफ्तों तक स्कूल नहीं आते, लेकिन उनकी उपस्थिति और नौकरी दोनों चालू है। बड़ा सवाल—जब शिक्षक ही गायब हैं तो बच्चों को पढ़ाएगा कौन? और विभाग आखिर किसे बचा रहा है?जब जिला परिषद सदस्य इस्टेला नागेसिया और प्रमुख कंचन कुजूर मौके पर पहुंचे, तो जो नजारा सामने आया उसने सबको हिला कर रख दिया। स्कूल से जावेद सर गायब! बच्चे बिना शिक्षक के इधर-उधर बैठे थे, जैसे स्कूल नहीं बल्कि कोई छोड़ा हुआ भवन हो।लेकिन असली ‘बवाल’ तो तब खुला जब पता चला कि पढ़ाई के नाम पर बच्चों को “बालवीर” फिल्म दिखाकर दिन काटा जा रहा है। यानी स्कूल को पढ़ाई की जगह सिनेमा हॉल बना दिया गया है! सरकार शिक्षा पर पैसा बहा रही है और यहां बच्चों को फिल्म दिखाकर भविष्य के साथ मजाक किया जा रहा है।प्राचार्य की चुप्पी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। उन्होंने एक शब्द बोलना तक जरूरी नहीं समझा। ग्रामीणों का गुस्सा अब फट पड़ा है। लोगों का साफ कहना है कि यह सब बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं। बीआरसी से लेकर ऊपर तक सबको जानकारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चुप्पी—यानी पूरा सिस्टम सेट है!ग्रामीणों ने उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से सख्त कार्रवाई की मांग की है और साफ चेतावनी दी है
महुआडांड़ में शिक्षा का महाघोटाला! स्कूल बना ‘फिल्म हॉल’, शिक्षक गायब—बच्चों के भविष्य से खुला खिलवाड़* रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ (लातेहार) सरकारी स्कूलों की बदहाली की जो तस्वीर महुआडांड़ के बंदुआ विद्यालय से सामने आई है, वह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम के सड़ जाने का सबूत है। यहां शिक्षा नहीं, खुला तमाशा चल रहा है—शिक्षक गायब, बच्चे बेसहारा और अधिकारी पूरी तरह खामोश!राजकीय कृत प्राथमिक विद्यालय, बंदुआ में पदस्थापित जावेद सर पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे हफ्तों तक स्कूल नहीं आते, लेकिन उनकी उपस्थिति और नौकरी दोनों चालू है।
बड़ा सवाल—जब शिक्षक ही गायब हैं तो बच्चों को पढ़ाएगा कौन? और विभाग आखिर किसे बचा रहा है?जब जिला परिषद सदस्य इस्टेला नागेसिया और प्रमुख कंचन कुजूर मौके पर पहुंचे, तो जो नजारा सामने आया उसने सबको हिला कर रख दिया। स्कूल से जावेद सर गायब! बच्चे बिना शिक्षक के इधर-उधर बैठे थे, जैसे स्कूल नहीं बल्कि कोई छोड़ा हुआ भवन हो।लेकिन असली ‘बवाल’ तो तब खुला जब पता चला कि पढ़ाई के नाम पर बच्चों को “बालवीर” फिल्म दिखाकर दिन काटा जा रहा है। यानी स्कूल को पढ़ाई की जगह सिनेमा हॉल बना दिया गया
है! सरकार शिक्षा पर पैसा बहा रही है और यहां बच्चों को फिल्म दिखाकर भविष्य के साथ मजाक किया जा रहा है।प्राचार्य की चुप्पी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। उन्होंने एक शब्द बोलना तक जरूरी नहीं समझा। ग्रामीणों का गुस्सा अब फट पड़ा है। लोगों का साफ कहना है कि यह सब बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं। बीआरसी से लेकर ऊपर तक सबको जानकारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चुप्पी—यानी पूरा सिस्टम सेट है!ग्रामीणों ने उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से सख्त कार्रवाई की मांग की है और साफ चेतावनी दी है
- जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा का ओजस्वी संबोधन: "परमेश्वर की सेवा और समाज का उत्थान ही तुम्हारा लक्ष्य हो" इस ऐतिहासिक अवसर पर विशिष्ट अतिथि जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने मंच से जब हजारों बच्चों को संबोधित किया, तो उनकी आवाज में एक अलग ही जोश और प्रेरणा थी। उन्होंने विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा: "मेरे प्यारे क्रूसवीरों, आज आप सबको यहाँ एक साथ, एक मन और एक विश्वास में देखकर मेरा हृदय गौरव से भर गया है। आप केवल छात्र नहीं हैं, बल्कि आप मसीह के सैनिक हैं। क्रूसवीर होने का अर्थ है—त्याग, सेवा और अटूट विश्वास। आज के इस दौर में जब दुनिया भौतिकता की चकाचौंध में खो रही है, तब आपको अपने नैतिक मूल्यों और मसीही शिक्षाओं को मजबूती से थामे रखना है।1
- Post by Nikhil Chauhan1
- चैनपुर (गुमला)। चैनपुर क्षेत्र के टोंगो स्थित संत पॉल कैथोलिक चर्च परिसर में आयोजित दो दिवसीय धर्म प्रांतीय क्रूसवीर रैली 2026 का रविवार को भव्य समापन हुआ। इस आयोजन में गुमला धर्म प्रांत के आठ भिखारीयट से जुड़े 62 स्कूलों के हजारों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।1
- बलरामपुर ब्रेकिंग चोरी करने के शक में एक युवक को दी गई तालिबानी सजा ग्रामीणों ने मिलकर एक युवक की जमकर की पिटाई सिर के बाल के कुछ हिस्से भी छिले गए ,कपड़े भी फाड़े गए पिटाई के बाद युवक को आई है गंभीर चोट शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के डूमरपानी गांव की घटना सरसों और करीब 300 रुपए नगदी चोरी करने का था युवक पर आरोप जांच में जुटी पुलिस की टीम।3
- Post by Jharkhand local news1
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा 'विकास': शंकरगढ़ में पुलिया निर्माण में धांधली की इंतहा, जिम्मेदार मौन! बलरामपुर जनपद शंकरगढ़ छत्तीसगढ़ सरकार भले ही प्रदेश में विकास की गंगा बहाने के दावे करे, लेकिन धरातल पर बिचौलिए और भ्रष्ट तंत्र उन दावों की हवा निकाल रहे हैं। ताजा मामला जनपद पंचायत शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत पटना भंडारपरा का है, जहां पुलिया निर्माण के नाम पर सरकारी पैसे का बंदरबांट और गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ सरेआम जारी है। लापरवाही और भ्रष्टाचार का 'लाइव' खेल भंडारपरा में चल रहा पुलिया निर्माण भ्रष्टाचार की जीती-जागती तस्वीर पेश कर रहा है। निर्माण स्थल पर नियमों की धज्जियां कुछ इस कदर उड़ाई जा रही हैं: घटिया सामग्री का उपयोग: सीमेंट की मात्रा नाममात्र है और बालू की अधिकता। 30 mm गिट्टी का उपयोग मानकों के विपरीत बेहद कम मात्रा में किया जा रहा है। तकनीकी खामियां: कंक्रीट सेट करने के लिए वाइब्रेटर तक का इस्तेमाल नहीं हो रहा, जिससे पुलिया की मजबूती पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। नदारद सूचना पटल: नियमतः निर्माण स्थल पर योजना की लागत और विवरण का बोर्ड होना अनिवार्य है, लेकिन यहां ठेकेदार ने इसे लगाना भी जरूरी नहीं समझा। ताकि जनता को लागत और काम की असलियत पता न चल सके। बाल श्रम का अपराध: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां नाबालिक बच्चों से काम कराया जा रहा है, जो कानूनन अपराध है। अधिकारियों की चुप्पी: मिलीभगत या मजबूरी? ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि यह सारा खेल जनपद सीईओ, इंजीनियर, सरपंच और ठेकेदार की मिलीभगत से चल रहा है। उच्च अधिकारियों को इसकी भनक न हो, यह मुमकिन नहीं लगता। ऐसा प्रतीत होता है कि "कानून का अंगूठा भ्रष्टाचार को सलाम" कर रहा है। बिचौलिए अपनी जेबें गरम करने के चक्कर में ग्रामीणों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की बलि चढ़ा रहे हैं। जनता का सवाल: आखिर कब होगी कार्रवाई? ग्रामीणों में इस घटिया निर्माण को लेकर भारी आक्रोश है। सवाल यह उठता है कि जब काम की गुणवत्ता इतनी निम्न स्तर की है, तो इंजीनियर इसे पास कैसे कर रहे हैं? क्या उच्च अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर इस जमीनी भ्रष्टाचार की जांच करेंगे या फिर कागजों पर ही विकास का पुल तैयार कर दिया जाएगा1
- बता दे कि इस पूरे मामले में चोरी करने वाले युवक और उसके पिता को गंभीर चोट आई है जिसके बाद अंबिकापुर इलाज के लिए रेफर किया गया है।1
- बलरामपुर जिले जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के डूमरपानी गांव से हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है ...जहां चोरी करते एक युवक को पकड़ा गया और इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर युवक की जमकर पिटाई की...उसके सिर के आधे बाल भी छिले गए... आधे मूंछ छिले गए और युवक के कपड़े फाड़कर उसे अर्धनग्न कर गांव में घुमाया गया गया ...मामला यहीं पर समाप्त नहीं हुआ युवक के माता-पिता जब अपने बेटे को लेने गांव गए तो उनको भी ग्रामीणों ने जमकर पीटा ...पिटाई के बाद युवक को कई जगहों पर गंभीर चोटें आई है ...फिलहाल इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में 3 नामजद सहित अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच और कार्यवाही में जुट चुकी है ...युवक पर एक बोरी सरसों और करीब ₹300 नगदी चोरी करने का आरोप लगा था। बाइट आशीष कुंजाम,SDOP कुसमी1