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रजरप्पा में श्रद्धालु के साथ पुलिस कर्मियों की मारपीट का वीडियो वायरल में

2 hrs ago
user_झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
2 hrs ago

रजरप्पा में श्रद्धालु के साथ पुलिस कर्मियों की मारपीट का वीडियो वायरल में

More news from Hazaribagh and nearby areas
  • धन्यवाद उपायुक्त महोदय, बड़ी गाड़ियों का समय 9 से बढ़ाकर 11 करने पर जनता आभारी।
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    धन्यवाद उपायुक्त महोदय, बड़ी गाड़ियों का समय 9 से बढ़ाकर 11 करने पर जनता आभारी।
    user_Boltajharkhand
    Boltajharkhand
    Press Hazaribag, Hazaribagh•
    10 hrs ago
  • हजारीबाग में सैकड़ों रसोइया दीदियां एकजुट, सरकार से मानदेय बढ़ाने और स्थायी व्यवस्था की मांग हजारीबाग | राज्य के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) बनाने वाली रसोइया दीदियों ने अपनी मांगों को लेकर हजारीबाग समाहरणालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। रसोइया संघ के बैनर तले आयोजित इस एक दिवसीय धरना में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में रसोइया दीदियां शामिल हुईं। धरना पर बैठी रसोइया दीदियों ने कहा कि वे वर्षों से स्कूलों में बच्चों के लिए मिड डे मील बनाकर सेवा दे रही हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें बहुत कम मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि इतने कम पैसे में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए सरकार से न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की जा रही है। रसोइया संघ की ओर से सरकार के सामने 15 सूत्री मांग रखी गई है। इनमें मुख्य रूप से न्यूनतम वेतन लागू करना, मानदेय बढ़ाना, सामाजिक सुरक्षा की सुविधा देना और काम करने की बेहतर व्यवस्था करना शामिल है। धरना में शामिल रसोइया दीदियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान किया जाए। इस दौरान रसोइया संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्यभर में रसोइया दीदियां बच्चों के लिए भोजन तैयार कर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं, इसलिए उन्हें उचित सम्मान और वेतन मिलना चाहिए। धरना कार्यक्रम में जिले के कई प्रखंडों से आई रसोइया दीदियों की बड़ी भागीदारी देखी गई।
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    हजारीबाग में सैकड़ों रसोइया दीदियां एकजुट, सरकार से मानदेय बढ़ाने और स्थायी व्यवस्था की मांग
हजारीबाग | राज्य के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) बनाने वाली रसोइया दीदियों ने अपनी मांगों को लेकर हजारीबाग समाहरणालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। रसोइया संघ के बैनर तले आयोजित इस एक दिवसीय धरना में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में रसोइया दीदियां शामिल हुईं।
धरना पर बैठी रसोइया दीदियों ने कहा कि वे वर्षों से स्कूलों में बच्चों के लिए मिड डे मील बनाकर सेवा दे रही हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें बहुत कम मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि इतने कम पैसे में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए सरकार से न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की जा रही है।
रसोइया संघ की ओर से सरकार के सामने 15 सूत्री मांग रखी गई है। इनमें मुख्य रूप से न्यूनतम वेतन लागू करना, मानदेय बढ़ाना, सामाजिक सुरक्षा की सुविधा देना और काम करने की बेहतर व्यवस्था करना शामिल है।
धरना में शामिल रसोइया दीदियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान किया जाए।
इस दौरान रसोइया संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्यभर में रसोइया दीदियां बच्चों के लिए भोजन तैयार कर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं, इसलिए उन्हें उचित सम्मान और वेतन मिलना चाहिए। धरना कार्यक्रम में जिले के कई प्रखंडों से आई रसोइया दीदियों की बड़ी भागीदारी देखी गई।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    20 hrs ago
  • **रामनवमी महासमिति चुनाव: 6 प्रत्याशी मैदान में, 4 ने वापस लिया नाम हजारीबाग:* चुनाव समिति के सदस्य महंत विजयानंद दास,बप्पी करण, लब्बू गुप्ता, संदीप सिन्हा , निशांत प्रधान, आदि ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि श्री श्री चैत्र रामनवमी महावीरी झंडा महासमिति 2026 के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चुनावी प्रक्रिया में दिलचस्प मोड़ आ गया है। प्रारंभिक चरण में कुल 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, हालांकि नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान 4 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद चुनावी मुकाबला अब सीमित प्रत्याशियों के बीच रह गया है, जिससे चुनाव और भी रोचक हो गया है। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं। दीप प्रकाश **चक्र छाप**, अजय दास **स्वास्तिक छाप**, पुरुषोत्तम **ॐ छाप**, लड्डू उर्फ करण यादव **त्रिशूल छाप**, मनीष गोप **गदा छाप** तथा दीपक देवराज को **शंख छाप** चुनाव चिन्ह प्रदान किया गया है। प्रत्याशी इन्हीं चिन्हों के सहारे अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे। रामनवमी महासमिति के इस चुनाव में मतदान का अधिकार केवल पंजीकृत अखाड़ों के पदाधिकारियों को दिया गया है। कुल रजिस्टर्ड अखाडे 104 है जिसके अध्यक्ष और सचिव के साथ-साथ महासमिति के पूर्व 22 अध्यक्ष भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। हजारीबाग में रामनवमी का पर्व काफी भव्य और ऐतिहासिक रूप से मनाया जाता है, ऐसे में महासमिति अध्यक्ष का चुनाव हमेशा से शहर में चर्चा का विषय बना रहता है। चुनाव को लेकर विभिन्न अखाड़ों और समर्थकों के बीच भी उत्साह देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आने वाले समय में रामनवमी 2026 के आयोजन की कमान किसके हाथों में होगी।
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    **रामनवमी महासमिति चुनाव: 6 प्रत्याशी मैदान में, 4 ने वापस लिया नाम
हजारीबाग:* चुनाव समिति के सदस्य महंत विजयानंद दास,बप्पी करण, लब्बू गुप्ता, संदीप सिन्हा , निशांत प्रधान, आदि ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि  श्री श्री चैत्र रामनवमी महावीरी झंडा महासमिति 2026 के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चुनावी प्रक्रिया में दिलचस्प मोड़ आ गया है। प्रारंभिक चरण में कुल 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, हालांकि नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान 4 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद चुनावी मुकाबला अब सीमित प्रत्याशियों के बीच रह गया है, जिससे चुनाव और भी रोचक हो गया है।
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं। दीप प्रकाश **चक्र छाप**, अजय दास  **स्वास्तिक छाप**, पुरुषोत्तम  **ॐ छाप**, लड्डू उर्फ करण यादव  **त्रिशूल छाप**, मनीष गोप  **गदा छाप** तथा दीपक देवराज को **शंख छाप** चुनाव चिन्ह प्रदान किया गया है। प्रत्याशी इन्हीं चिन्हों के सहारे अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे।
रामनवमी महासमिति के इस चुनाव में मतदान का अधिकार केवल पंजीकृत अखाड़ों के पदाधिकारियों को दिया गया है। कुल  रजिस्टर्ड अखाडे 104 है जिसके अध्यक्ष और सचिव के साथ-साथ महासमिति के पूर्व 22 अध्यक्ष भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
हजारीबाग में रामनवमी का पर्व काफी भव्य और ऐतिहासिक रूप से मनाया जाता है, ऐसे में महासमिति अध्यक्ष का चुनाव हमेशा से शहर में चर्चा का विषय बना रहता है। चुनाव को लेकर विभिन्न अखाड़ों और समर्थकों के बीच भी उत्साह देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आने वाले समय में रामनवमी 2026 के आयोजन की कमान किसके हाथों में होगी।
    user_Hazaribag Today🇮🇳
    Hazaribag Today🇮🇳
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    21 hrs ago
  • हजारीबाग (समाहरणालय परिसर)। में मिड डे मील रसोईया और संयोजिका संघ के बैनर तले रसोइयों ने अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में रसोईया और संयोजिकाएं शामिल हुईं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मानदेय बढ़ाने और रसोइयों के नियमितीकरण की मांग की। प्रदर्शनकारी रसोइयों का कहना है कि उन्हें सरकार द्वारा बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे रोजाना स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं और काम के दौरान कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है। कई बार रसोइया आगजनी जैसी घटनाओं का भी शिकार हो जाती हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिला अध्यक्ष महेंद्र पासवान ने कहा कि फिलहाल सभी रसोइया हड़ताल पर हैं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्य से हटाने की धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है।
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    हजारीबाग (समाहरणालय परिसर)। में मिड डे मील रसोईया और संयोजिका संघ के बैनर तले रसोइयों ने अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में रसोईया और संयोजिकाएं शामिल हुईं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मानदेय बढ़ाने और रसोइयों के नियमितीकरण की मांग की। प्रदर्शनकारी रसोइयों का कहना है कि उन्हें सरकार द्वारा बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे रोजाना स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं और काम के दौरान कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है। कई बार रसोइया आगजनी जैसी घटनाओं का भी शिकार हो जाती हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिला अध्यक्ष महेंद्र पासवान ने कहा कि फिलहाल सभी रसोइया हड़ताल पर हैं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्य से हटाने की धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है।
    user_Ravi Sharma Ptrakar Hzb
    Ravi Sharma Ptrakar Hzb
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    22 hrs ago
  • रामगढ़ जिले के कुजू स्थित श्रीराम पावर एंड स्टील प्रा० ली० प्लांट में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में काम कर रहे एक मजदूर ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मजदूर की पहचान विकास चौहान के रूप में हुई है, जो ठेकेदार राज चौहान के अधीन कार्यरत बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मजदूर प्लांट के अंदर ऊंचाई पर काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर पड़ा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन ने आनन-फानन में एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायल मजदूर को इलाज के लिए रामगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय मजदूरों और लोगों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। काम के दौरान मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। वहीं आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि घटना के बाद प्लांट प्रबंधन ने मामले की सूचना नजदीकी थाना को तुरंत नहीं दी और घायल मजदूर को चुपचाप प्लांट से बाहर इलाज के लिए ले जाया गया। इससे प्लांट प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद इलाके में मजदूरों के बीच आक्रोश का माहौल है और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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    रामगढ़ जिले के कुजू स्थित श्रीराम पावर एंड स्टील प्रा० ली० प्लांट में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में काम कर रहे एक मजदूर ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मजदूर की पहचान विकास चौहान के रूप में हुई है, जो ठेकेदार राज चौहान के अधीन कार्यरत बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मजदूर प्लांट के अंदर ऊंचाई पर काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर पड़ा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन ने आनन-फानन में एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायल मजदूर को इलाज के लिए रामगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
स्थानीय मजदूरों और लोगों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। काम के दौरान मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
वहीं आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि घटना के बाद प्लांट प्रबंधन ने मामले की सूचना नजदीकी थाना को तुरंत नहीं दी और घायल मजदूर को चुपचाप प्लांट से बाहर इलाज के लिए ले जाया गया। इससे प्लांट प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद इलाके में मजदूरों के बीच आक्रोश का माहौल है और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
    user_News10Explained
    News10Explained
    Local News Reporter मांडू, रामगढ़, झारखंड•
    2 hrs ago
  • टाइगर का सदन में गर्जन! 🐯🔥 सदन में जयराम महतो ने झारखंडी अस्मिता पर जो दहाड़ लगाई है, उसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। सत्ता और विपक्ष दोनों निरुत्तर थे क्योंकि आज बात सिर्फ राजनीति की नहीं, बल्कि हर झारखंडी के हक और अधिकार की थी।
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    टाइगर का सदन में गर्जन! 🐯🔥
सदन में जयराम महतो ने झारखंडी अस्मिता पर जो दहाड़ लगाई है, उसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। सत्ता और विपक्ष दोनों निरुत्तर थे क्योंकि आज बात सिर्फ राजनीति की नहीं, बल्कि हर झारखंडी के हक और अधिकार की थी।
    user_Aakash Kumar paswan
    Aakash Kumar paswan
    Artist तांडवा, चतरा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • हजारीबाग | झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) लंबे समय से आयोजित नहीं होने से नाराज़ अभ्यर्थियों ने हजारीबाग में जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए छात्रों ने जिला परिषद चौक पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला दहन किया और जल्द से जल्द परीक्षा कराने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि झारखंड में लाखों पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा कई वर्षों से JTET परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। झारखंड प्रशिक्षित शिक्षक संघ के सदस्य जीवन कुमार ने बताया कि राज्य के 25 वर्षों के इतिहास में अब तक यह परीक्षा सिर्फ दो बार ही हुई है। पहली बार वर्ष 2013 में और दूसरी बार 2016 में JTET परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद से अब तक परीक्षा नहीं कराई गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में सरकार ने JTET के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। उस समय करीब 3.5 लाख अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा था। लेकिन बाद में नियमावली रद्द कर दी गई, जिससे अभ्यर्थियों में काफी नाराजगी है। वहीं अभ्यर्थी रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने भी नाराजगी जताई है और इसे गंभीर लापरवाही बताया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि 31 मार्च 2026 तक हर हाल में JTET परीक्षा आयोजित कराई जाए। इसके बावजूद अभी तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही JTET परीक्षा की तिथि घोषित नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आगामी विधानसभा सत्र के दौरान राज्य स्तर पर भी आंदोलन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में जीवन कुमार, रविंद्र कुमार, राधे मेहता, विक्रम कुमार, मिथिलेश कुमार, देव कुमार समेत दर्जनों अभ्यर्थी मौजूद रहे।
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    हजारीबाग | झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) लंबे समय से आयोजित नहीं होने से नाराज़ अभ्यर्थियों ने हजारीबाग में जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए छात्रों ने जिला परिषद चौक पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला दहन किया और जल्द से जल्द परीक्षा कराने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि झारखंड में लाखों पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा कई वर्षों से JTET परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। झारखंड प्रशिक्षित शिक्षक संघ के सदस्य जीवन कुमार ने बताया कि राज्य के 25 वर्षों के इतिहास में अब तक यह परीक्षा सिर्फ दो बार ही हुई है। पहली बार वर्ष 2013 में और दूसरी बार 2016 में JTET परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद से अब तक परीक्षा नहीं कराई गई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में सरकार ने JTET के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। उस समय करीब 3.5 लाख अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा था। लेकिन बाद में नियमावली रद्द कर दी गई, जिससे अभ्यर्थियों में काफी नाराजगी है।
वहीं अभ्यर्थी रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने भी नाराजगी जताई है और इसे गंभीर लापरवाही बताया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि 31 मार्च 2026 तक हर हाल में JTET परीक्षा आयोजित कराई जाए। इसके बावजूद अभी तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही JTET परीक्षा की तिथि घोषित नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आगामी विधानसभा सत्र के दौरान राज्य स्तर पर भी आंदोलन किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में जीवन कुमार, रविंद्र कुमार, राधे मेहता, विक्रम कुमार, मिथिलेश कुमार, देव कुमार समेत दर्जनों अभ्यर्थी मौजूद रहे।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    20 hrs ago
  • झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से क्या कुछ कहा देखिए इस वीडियो की पूरी रिपोर्ट में...... पगार कोल माइंस के ग्रामीणों की चीख: आखिर कब जागेगी सरकार? 📢 ​झारखंड की धरती संसाधनों से भरपूर है, लेकिन पगार कोल माइंस (Pagar Coal Mines) के ग्रामीणों की स्थिति देखकर दिल दहल जाता है। जिस माटी से कोयला निकलकर देश को रोशन कर रहा है, वहीं के लोग आज बुनियादी सुविधाओं, शुद्ध हवा और साफ पानी के लिए तरस रहे हैं। ​विस्थापन का दंश और प्रदूषण की मार झेलते इन ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। क्या हेमंत सोरेन सरकार की विकास योजनाओं का लाभ इन दूर-दराज के इलाकों तक नहीं पहुँचेगा? ​हमारी मांगें: ✅ प्रभावित परिवारों का अविलंब और सम्मानजनक पुनर्वास हो। ✅ स्थानीय युवाओं को कोल माइंस में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिले। ✅ क्षेत्र में सीएसआर (CSR) फंड के जरिए आधुनिक अस्पताल और स्कूल बनाए जाएं। ✅ खनन से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए। ​हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत मासूम ग्रामीणों की जिंदगी और उनका भविष्य नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और सरकार से अनुरोध है कि इस मानवीय संकट पर तत्काल ध्यान दें। ​
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    झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से क्या कुछ कहा देखिए इस वीडियो की  पूरी रिपोर्ट में......
पगार कोल माइंस के ग्रामीणों की चीख: आखिर कब जागेगी सरकार? 📢
​झारखंड की धरती संसाधनों से भरपूर है, लेकिन पगार कोल माइंस (Pagar Coal Mines) के ग्रामीणों की स्थिति देखकर दिल दहल जाता है। जिस माटी से कोयला निकलकर देश को रोशन कर रहा है, वहीं के लोग आज बुनियादी सुविधाओं, शुद्ध हवा और साफ पानी के लिए तरस रहे हैं।
​विस्थापन का दंश और प्रदूषण की मार झेलते इन ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। क्या हेमंत सोरेन सरकार की विकास योजनाओं का लाभ इन दूर-दराज के इलाकों तक नहीं पहुँचेगा?
​हमारी मांगें:
✅ प्रभावित परिवारों का अविलंब और सम्मानजनक पुनर्वास हो।
✅ स्थानीय युवाओं को कोल माइंस में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिले।
✅ क्षेत्र में सीएसआर (CSR) फंड के जरिए आधुनिक अस्पताल और स्कूल बनाए जाएं।
✅ खनन से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए।
​हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत मासूम ग्रामीणों की जिंदगी और उनका भविष्य नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और सरकार से अनुरोध है कि इस मानवीय संकट पर तत्काल ध्यान दें। 
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    user_Aakash Kumar paswan
    Aakash Kumar paswan
    Artist तांडवा, चतरा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज
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    Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    5 hrs ago
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