*13-साल इलाज की तारीख मिलती रही,आखिर बच्ची की मौत हुई:* कोटा की मासूम के दिल में छेद था, परिवार दिल्ली एम्स के चक्कर काटता रहा लंबा इंतजार: तन्वी के पिता मुकेश परियानी साल 2012 से अपनी बेटी के इलाज के लिए कोटा से दिल्ली एम्स के चक्कर काट रहे थे। परिवार का दावा है कि वे 100 से भी ज्यादा बार अस्पताल आ चुके थे।तारीखें बदलने का आरोप: परिजनों के अनुसार, साल 2014 में ऑपरेशन की रकम (करीब ₹1.25 लाख) और ब्लड बैंक की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सितंबर 2015 की तारीख दी गई थी। इसके बाद भी कई बार सर्जरी की तारीखें तय की गईं और बदली गईं, लेकिन ऑपरेशन कभी नहीं हुआ।दवाओं के भरोसे इलाज: अस्पताल द्वारा सर्जरी टालने के कारण तन्वी का इलाज पिछले 13 वर्षों से केवल दवाओं के सहारे चल रहा था। बीमारी के कारण उसके फेफड़ों तक खून पहुंचाने वाली नसें ठीक से काम नहीं कर रही थीं, जिससे उसे सांस फूलने और ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं रहती थीं।हालिया स्थिति: लगभग दो हफ्ते पहले (24 अगस्त) तन्वी को एम्स में दोबारा भर्ती कराया गया था, जहां संभावित हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट के लिए उसकी जांच चल रही थी। इसी जांच प्रक्रिया के दौरान उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।परिजनों की मांग और एम्स का रुखइंसाफ की गुहार: बेबस पिता ने डॉक्टरों पर लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति से मामले में दखल देने और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।अस्पताल का स्पष्टीकरण: इस मामले पर एम्स प्रशासन का कहना है कि बच्ची की दिल की बनावट (एनाटॉमी) बेहद जटिल थी। शुरुआत में उसके केस में सर्जरी करना सुरक्षित या ठीक नहीं माना गया था, जिसके चलते दवाओं से उसका इलाज किया जा रहा था। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र लखनऊ
*13-साल इलाज की तारीख मिलती रही,आखिर बच्ची की मौत हुई:* कोटा की मासूम के दिल में छेद था, परिवार दिल्ली एम्स के चक्कर काटता रहा लंबा इंतजार: तन्वी के पिता मुकेश परियानी साल 2012 से अपनी बेटी के इलाज के लिए कोटा से दिल्ली एम्स के चक्कर काट रहे थे। परिवार का दावा है कि वे 100 से भी ज्यादा बार अस्पताल आ चुके थे।तारीखें बदलने का आरोप: परिजनों के अनुसार, साल 2014 में ऑपरेशन की रकम (करीब ₹1.25 लाख) और ब्लड बैंक की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सितंबर 2015 की तारीख दी गई थी। इसके बाद भी कई बार सर्जरी की तारीखें तय की गईं और बदली गईं, लेकिन ऑपरेशन कभी नहीं हुआ।दवाओं के भरोसे इलाज: अस्पताल द्वारा सर्जरी टालने के कारण तन्वी का इलाज पिछले 13 वर्षों से केवल दवाओं के सहारे चल रहा था। बीमारी के कारण उसके फेफड़ों तक खून पहुंचाने वाली नसें ठीक से काम नहीं कर रही थीं, जिससे उसे सांस फूलने और ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं रहती थीं।हालिया स्थिति: लगभग दो हफ्ते पहले (24 अगस्त) तन्वी को एम्स में दोबारा भर्ती कराया गया था, जहां संभावित हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट के लिए उसकी जांच चल रही थी। इसी जांच प्रक्रिया के दौरान उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।परिजनों की मांग और एम्स का रुखइंसाफ की गुहार: बेबस पिता ने डॉक्टरों पर लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति से मामले में दखल देने और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।अस्पताल का स्पष्टीकरण: इस मामले पर एम्स प्रशासन का कहना है कि बच्ची की दिल की बनावट (एनाटॉमी) बेहद जटिल थी। शुरुआत में उसके केस में सर्जरी करना सुरक्षित या ठीक नहीं माना गया था, जिसके चलते दवाओं से उसका इलाज किया जा रहा था। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र लखनऊ
- कानून मेरा कुछ नहीं कर सकता”—ब्लॉक प्रमुख पर पत्नी-बेटे को धमकाने का आरोप कानून मेरा कुछ नहीं कर सकता”—ब्लॉक प्रमुख पर पत्नी-बेटे को धमकाने का आरोप..... जनपद बाराबंकी के रामनगर ब्लॉक प्रमुख एवं भाजपा नेता संजय तिवारी पर पत्नी बिंदु तिवारी और बेटे हर्ष तिवारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं..... आरोप है कि एक गैर महिला से संबंधों का विरोध करने पर पत्नी से मारपीट की गई और लाइसेंसी रिवॉल्वर की बट से उनकी आंख पर हमला किया गया। बेटे के साथ भी मारपीट और दोनों को घर से निकालने का आरोप है..... पीड़ित मां-बेटे का दावा है कि उन्हें राजनीतिक रसूख का हवाला देकर धमकाया गया और “कानून मेरा कुछ नहीं कर सकता” कहा गया। हर्ष तिवारी का कहना है कि घटना से संबंधित वीडियो साक्ष्य उनके पास सुरक्षित है...... पुलिस से न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए मां-बेटे ने लखनऊ पारिवारिक न्यायालय की शरण ली है। पत्नी ने भरण-पोषण और बेटे की पढ़ाई समेत अन्य खर्च के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है। हर्ष तिवारी ने मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व से निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग की है......1
- कोर्ट के आदेश के बाद कब्जा लेने पहुंचे अफजाल अंसारी व उनकी बेटियां मुख्तार अंसारी परिवार को कोर्ट से बड़ी राहत!! कोर्ट के आदेश के बाद कब्जा लेने पहुंचे अफजाल अंसारी व उनकी बेटियां!! लखनऊ के डालीबाग स्थित आवास पर कानूनी कब्जा लेने पहुंचे अफजाल!! डालीबाग वाला आवास प्रशासन के नियंत्रण में था!! नगर निगम ने हस्तांतरिक करने की कागज़ी प्रक्रिया शुरू की यह बिल्डिंग गाजीपुर प्रशासन ने किया था सील!! कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम की टीम बिल्डिंग की चाभी देने पहुंची!!1
- *लखनऊ में सील कोठी पर कब्जा लेने पहुंचे अफजाल अंसारी:* कोर्ट ने सांसद के पक्ष में दिया है आदेश, दोनों बेटियां भी मौजूद संपत्ति की पृष्ठभूमि: लखनऊ के डालीबाग स्थित यह आलीशान कोठी अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर दर्ज है। अक्टूबर 2022 में गाजीपुर जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए इसे कुर्क कर सील कर दिया था।अदालत का फैसला: अंसारी परिवार ने इस कुर्की के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने इस संपत्ति को कुर्की से मुक्त (डी-सील) करने का आदेश जारी किया, जिसके बाद प्रशासन को इसे वापस सौंपना पड़ा।मौके पर कार्रवाई: 2 सितंबर 2026 को नगर निगम लखनऊ और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कोठी की सीलिंग हटाने और कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान कोठी के पिछले हिस्से में जमा मलबे को हटाने के लिए बुलडोजर की मदद भी ली गई।चोरी की शिकायत: कब्जा लेने पहुंचे अंसारी परिवार ने दावा किया है कि सील अवधि के दौरान कोठी के भीतर बड़ी चोरी हुई है। अलमारियां और दराजें टूटी हुई मिली हैं और बेटी की शादी के लिए रखे जेवरात सहित लाखों का कीमती सामान गायब है। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र लखनऊ1
- बाइट: अफजाल अंसारी, सांसद समाजवादी पार्टी विजुअल: अफजाल अंसारी फैमिली लखनऊ: डालीबाग की विवादित संपत्ति पर कब्जे के लिए पहुंचे सांसद अफजाल अंसारी सांसद अफजाल अंसारी दोनों बेटियों के साथ डालीबाग पहुंचे कोर्ट के फैसले के बाद संपत्ति का भौतिक कब्जा लेने पहुंचे अफजाल अंसारी नगर निगम और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कब्जा हस्तांतरण की कार्रवाई डालीबाग की संपत्ति पर कानूनी कब्जे की प्रक्रिया शुरू अफजाल अंसारी परिवार से जुड़ी संपत्ति पर प्रशासनिक कार्रवाई पूरी पुराने गेट का रास्ता बंद, 1090 की ओर से दिया जा रहा संपत्ति का कब्जा LDA की सरदार पटेल आवासीय योजना की बाउंड्री से बंद हुआ बिल्डिंग का पुराना गेट 1090 की ओर बंधा रोड से संपत्ति का कब्जा देने में जुटी नगर निगम टीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद डालीबाग संपत्ति पर कब्जा हस्तांतरण की कवायद तेज।1
- भूतनाथ बाजार में नगर निगम का चला बुलडोजर, अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई* 🚨 लखनऊ ब्रेकिंग *भूतनाथ बाजार में नगर निगम का चला बुलडोजर, अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई* लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित भूतनाथ बाजार में बुधवार को अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम और आवास विकास की संयुक्त कार्रवाई हुई। करीब 4 साल पहले सील की गई बिल्डिंग के बाहर संचालित हो रही दुकान को खाली कराया गया और अतिक्रमण हटाया गया। मौके पर नगर निगम के जोनल अधिकारी, आवास विकास की टीम, थाना गाजीपुर इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिस बल और PAC तैनात रही। बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर कोर्ट में भी मामला चल रहा था। कार्रवाई के बाद सड़क किनारे होने वाले अतिक्रमण से लगने वाले जाम में राहत मिलने की उम्मीद है। *वहीं, कुछ दिन पहले लखनऊ पूर्वी विधायक ओपी श्रीवास्तव ने भूतनाथ बाजार का निरीक्षण कर अवैध अतिक्रमण को लेकर नाराजगी जताई थी। बाजार में बेहतर लाइटिंग और पार्किंग व्यवस्था के लिए बजट भी पास हुआ है। विधायक द्वारा चौकी के बगल में विकास कार्य को लेकर शिलान्यास भी किया गया था।* समीर नक़वी | लखनऊ4
- रुचिका सिंह का नया वीडियो सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। यह मामला जुलाई 2026 के जंतर-मंतर से जुड़े विवाद के बाद सामने आया था। इसके बाद माफी और शिकायत से जुड़े घटनाक्रम भी चर्चा में रहे। अब नए वीडियो के सामने आने के बाद पुराना विवाद फिर सुर्खियों में है और सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि वायरल पोस्ट में किए गए दावों को स्वतंत्र पुष्टि के बिना अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। रुचिका सिंह का नया वीडियो सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। यह मामला जुलाई 2026 के जंतर-मंतर से जुड़े विवाद के बाद सामने आया था। इसके बाद माफी और शिकायत से जुड़े घटनाक्रम भी चर्चा में रहे। अब नए वीडियो के सामने आने के बाद पुराना विवाद फिर सुर्खियों में है और सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि वायरल पोस्ट में किए गए दावों को स्वतंत्र पुष्टि के बिना अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।1
- UP- आगरा में UGC के खिलाफ प्रदर्शन में एक इंस्पेक्टर साहब अपना आपा खो बैठे. प्रदर्शनकारियों पर इंस्पेक्टर ने अकेले ही लाठीचार्ज कर दिया. इस दौरान ACP इंस्पेक्टर को रोकने की कोशिश करते रहे लेकिन इंस्पेक्टर ने बात ही नही सुनी और उनके सामने भी लाठी भांजते रहे. इंस्पेक्टर की हरकत रिपोर्टर & एडिटर मो. ज़ुनैद1
- नाबालिग किशोर को बुरी तथा पीटते हुए दबंगों का वीडियो वायरल। लखनऊ ठाकुरगंज नाबालिग किशोर को बुरी तथा पीटते हुए दबंगों का वीडियो वायरल। मुफ्तीगंज निवासी ज़मन,अली हमजा, कुमैल व कई अन्य दबंगों द्वारा नाबालिग को खुलेआम बुरी तरह पीटा गया। पिटाई से नाबालिग के शरीर में कई जगह आई चोटें। खुलेआम दबंगों द्वारा नाबालिग को पीटकर क्षेत्र में फैलाई दहशत। खुलेआम गुंडई व दबंगई कर सभी दबंग हुए फरार। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर की कार्यवाही की मांग। थाना ठाकुरगंज क्षेत्र के तहसीनगंज इलाके की घटना।1
- ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी कमान को लीड किया था, देवरिया के रहने वाले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायु सेना की पश्चिमी वायु कमान (Western Air Command) को लीड करने वाले देवरिया के रहने वाले अधिकारी पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (Jitendra Mishra) हैं।हाल ही में (सितंबर 2026 में) श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा उन्हें अयोध्या राम मंदिर का पहला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है।उनके बारे में कुछ मुख्य बिंदु:सैन्य अनुभव: वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) के उप प्रमुख (Deputy Chief) रह चुके हैं।शिक्षा व प्रशिक्षण: उन्होंने खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) और डुंडीगल स्थित एयर फोर्स एकेडमी से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।ऑपरेशन सिंदूर की भूमिका: मई 2025 में हुए इस ऑपरेशन में उन्होंने पाकिस्तान व PoK में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के हवाई हमलों में महत्वपूर्ण कमान संभाली थी। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र1