विदिशा जिले की जनपद पंचायत सिरोंज की ग्राम पंचायत चुनियाखोह में विकास कार्यों के नाम पर गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सरपंच और सचिव पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर आपसी मिलीभगत से सरकारी खजाने की राशि का गबन किया है। स्वच्छता, रेत, मुरम और गिट्टी की आपूर्ति के नाम पर कुल 17 लाख 88 हजार 400 रुपये की राशि विक्रेता दीपक नेमा के व्यक्तिगत बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इस कथित घोटाले में विक्रेता आईडी 3044823 का उपयोग किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि धरातल पर न तो कोई साफ-सफाई हुई है और न ही निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है, बल्कि जनता के टैक्स का पैसा सीधे वेंडर के निजी खाते में डालकर निकाल लिया गया। इस वित्तीय अनियमितता के खुलासे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि यह पद का दुरुपयोग और सरकारी खजाने पर डाका डालने जैसा है, जिसके लिए दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर रिकवरी की जानी चाहिए। इस मामले को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। जागरूक नागरिकों ने जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत विदिशा से मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ गबन का मामला दर्ज करने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर भ्रष्टाचार पर क्या रुख अपनाता है और दोषियों के खिलाफ क्या सख्त कार्रवाई होती है।
विदिशा जिले की जनपद पंचायत सिरोंज की ग्राम पंचायत चुनियाखोह में विकास कार्यों के नाम पर गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सरपंच और सचिव पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर आपसी मिलीभगत से सरकारी खजाने की राशि का गबन किया है। स्वच्छता, रेत, मुरम और गिट्टी की आपूर्ति के नाम पर कुल 17 लाख 88 हजार 400 रुपये की राशि विक्रेता दीपक नेमा के व्यक्तिगत बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इस कथित घोटाले में विक्रेता आईडी 3044823 का उपयोग किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि धरातल पर न तो कोई साफ-सफाई हुई है और न ही निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है, बल्कि जनता के टैक्स का पैसा सीधे वेंडर के निजी खाते में डालकर निकाल लिया गया। इस वित्तीय अनियमितता के खुलासे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि यह पद का दुरुपयोग और सरकारी खजाने पर डाका डालने जैसा है, जिसके लिए दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर रिकवरी की जानी चाहिए। इस मामले को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। जागरूक नागरिकों ने जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत विदिशा से मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ गबन का मामला दर्ज करने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर भ्रष्टाचार पर क्या रुख अपनाता है और दोषियों के खिलाफ क्या सख्त कार्रवाई होती है।
- विदिशा तहसील के ग्राम गुरारिया सेमरा का रहने वाला एक अहिरवार परिवार मारपीट के आरोपियों पर ठोस कार्रवाई न होने से परेशान होकर जिला मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय पहुंचा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सांची निवासी एक युवक और उसके साथी ने बीते 23 मई को उनके साथ मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण पीड़ित परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। पीड़ितों ने बताया कि करारिया पुलिस द्वारा इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें गाली-गलौज कर धमकी दे रहे हैं। इस संबंध में पीड़ित परिवार ने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द साझा किया और एसपी से मारपीट के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।4
- विदिशा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित पीतल मिल चौराहा के पास एक बंद पड़ी दुकान में सटोरिए ने बाकायदा सट्टे की दुकान खोल रखी है। यहाँ खुलेआम सट्टा चल रहा है और इसके लिए बाकायदा कर्मचारी रखे गए हैं जो शिफ्ट-बाय-शिफ्ट में काम करते हैं। इस खुलेआम चल रहे सट्टे के कारोबार की खबर सिविल लाइन पुलिस को भी है, लेकिन जब भी पुलिस दबिश देने जाती है, उसके पहले ही सट्टा खेलने और खिलाने वाले गायब हो जाते हैं। सट्टा खिलाने वाला मास्टरमाइंड अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है।2
- सागर जिले के बीना में मिशन कंपाउंड की दान भूमि को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। इस मामले में ईसाई समाज ने तहसीलदार डॉ अम्बर पंथी और एसडीओपी अंजय सनकत को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अंकिता किंग और उनके साथ आए कुछ लोगों ने दान भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की। इसके अलावा, बाहरी लोगों को बुलाकर भूमि पर तार फेंसिंग कराई गई, जिससे वहां विवाद की स्थिति बन गई। ईसाई समाज के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। दूसरी तरफ, दूसरे पक्ष की अंकिता किंग ने ईसाई समाज के इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि शैलेन्द्र एडविन के पास संस्था द्वारा संबंधित प्लॉट आवंटित किए जाने का कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिशन कंपाउंड में बनी दुकान अवैध है और उसके पास खाली पड़ी जमीन पर भी अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर असल सच्चाई सामने लाई जाए। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों के बाद अब यह पूरा मामला प्रशासन के पास पहुंच चुका है। तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा सौंपी गई शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। इस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जमीन पर असल में किसका वैध हक है और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र के लोगों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।4
- नरोत्तम मिश्रा भोपाल पहुंच गए हैं। भोपाल पहुंचने के बाद उन्होंने दतिया फोन किया और वहां मौजूद अपने कार्यकर्ताओं को फोन पर समझाते हुए बातचीत की।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की खुरई तहसील के खिमलासा ग्राम में 11 गौ सेवकों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद गौ सेवकों में भारी आक्रोश है। विदिशा जिले की गंजबासौदा तहसील में भी गौ सेवक इसके समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं। पहले ही 14 गौ सेवकों को आजीवन कारावास की सजा होने से दुखी गौ सेवकों का कहना है कि इस भूमि पर सिर्फ उन पर ही अत्याचार क्यों हो रहा है? बिना किसी सरकारी वेतन या सुविधा के दिन-रात गौ सेवा और रक्षा करने वालों पर मुकदमा दर्ज करना कैसा न्याय है? गौ सेवकों का आक्रोश इस बात पर है कि सागर जिले के एसडीएम, तहसीलदार, कलेक्टर और सभी जनप्रतिनिधियों को 3 वर्षों में 164 ज्ञापन सौंपने के बावजूद न तो चरनोई की भूमि मुक्त कराई गई और न ही गायों के लिए कोई व्यवस्था की गई। हताश होकर जब गौ सेवक सड़कों पर रोने-चिल्लाने बैठे, तो उनके खिलाफ सड़क जाम करने का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। गौ सेवकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्वालियर के डबरा में जब नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर सैकड़ों लोगों ने सड़कें जाम की थीं, तब उन पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया? इस अन्याय के खिलाफ राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश सोनी ने चेतावनी दी है कि या तो गोचर भूमि मुक्त कर गौ माता की व्यवस्था की जाए, अन्यथा यह आंदोलन पूरे मध्य प्रदेश में बड़ा रूप लेगा। गौ रक्षक सेना और सनातन रक्षक सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विशालदास वैष्णव ने मांग की है कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए, अतिक्रमण मुक्त कर गोचर भूमि गायों को सौंपी जाए और गौ रक्षकों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं। इस संबंध में विशाल वैष्णव, मुकेश सोनी, देवेंद्र रघुवंशी, संजू यादव, गजराज राय, राकेश दुबे, और चंद्रेश सहित कई गौ सेवकों ने केंद्रीय कृषि एवं विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का स्वागत कर उन्हें गोचर भूमि और गौ रक्षकों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा है।2
- इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) ने विश्वभर में आयोजित रथ यात्रा उत्सवों को लेकर उठे सवालों के जवाब में एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। इस्कॉन के विद्वानों ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के विद्वानों के साथ महाराज गजपति दिव्यसिंह देव जी की उपस्थिति में बैठक की है। इस संवाद के माध्यम से शास्त्रों और पुराणों के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्राएं पूरी तरह से शास्त्रों के अनुरूप और अनुमत हैं। इस्कॉन ने दोहराया है कि रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान जगन्नाथ का मंदिर से बाहर आकर बिना किसी भेदभाव के सभी पर कृपा बरसाना है। संस्था पिछले करीब 60 वर्षों से इसी सार्वभौमिक भावना का प्रसार कर रही है और अब यह परंपरा विश्व के 100 से अधिक देशों तक पहुँच चुकी है। इस्कॉन ने स्पष्ट किया है कि भारत में रथ यात्रा के समय को समायोजित करने के लिए उन्होंने काफी त्याग किया है, ताकि एसजेटीए के प्रति सम्मान बना रहे, बावजूद इसके कि इससे उनके प्रचार कार्यक्रमों पर असर पड़ता है। साथ ही, विदेशों में इन उत्सवों के आयोजन में कठिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं, मौसम और अन्य व्यवस्थागत चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। संस्था के अनुसार, इन उत्सवों का वास्तविक उद्देश्य लोगों को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में संलग्न करना है, जिसे उन्होंने अमेरिका, रूस, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे क्षेत्रों में लाखों भक्तों को जोड़कर सिद्ध किया है। इस्कॉन का मानना है कि जो श्रद्धालु पुरी मंदिर जाकर दर्शन करने में असमर्थ हैं, उनके लिए ये वैश्विक उत्सव भगवान की कृपा पाने का माध्यम हैं। इन प्रयासों को भारतीय समुदाय का व्यापक समर्थन मिला है, और पूर्व में महाराज गजपति स्वयं जर्मनी के बर्लिन में इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्रा में सम्मिलित हो चुके हैं।1
- विदिशा के जिला अस्पताल में नवजात शिशु और अस्पताल गेट पर हुई डिलीवरी को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मामले में जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा तीन नर्स स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है। इस निलंबन कार्रवाई के विरोध में अस्पताल की सभी नर्सों ने एकजुट होकर जिला मुख्यालय का रुख किया और वहां पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। आक्रोशित नर्सों ने इस मामले में वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करने और पूरे प्रकरण की स्पष्ट जांच कराने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई है। इस संबंध में जिला अस्पताल की नर्सों ने मीडिया से चर्चा कर अपनी बात साझा की है।4
- विदिशा रेलवे स्टेशन पर एक युवक के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों का पुलिस ने जुलूस निकाला है।1