कालिसिंध सुपर थर्मल पावर प्लांट में 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर हाई डेंजर जोन में काम करने वाले वर्कर्स को मिला जीवन रक्षक लाइफ सेविंग प्रशिक्षण, झालावाड़। थर्मल पॉवर प्लांट से लेकर परिवार समुदाय तक पहुंचेगी जीवन रक्षक शिक्षा — कालिसिंध प्लांट में सीपीआर व रक्तदान शिविर झालावाड़ में बढ़ रही “हार्ट सेफ ” जागरूकता — अब तक 43,000 से अधिक लोग सीख चुके सीपीआर झालावाड़। 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2026 के अवसर पर कालिसिंध सुपर थर्मल पावर प्लांट, झालावाड़ में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्लांट में कार्यरत श्रमिकों के लिए फायर सेफ्टी, सीपीआर-बीएलएस (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन – बेसिक लाइफ सपोर्ट) एवं फर्स्ट एड पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के मार्गदर्शन में जिला सीपीआर नोडल अधिकारी डॉ. शुभम पाटीदार एवं उनकी टीम के सीएचओ त्रिलोक नागर ने प्रतिभागियों को जीवन रक्षक कौशल का प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में अधिकारियों, कर्मचारियों और प्लांट के वर्कर्स को बताया गया कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में एम्बुलेंस आने से पहले के “गोल्डन मिनट्स” में यदि सही तरीके से सीपीआर दिया जाए तो किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। डॉ. शुभम पाटीदार ने प्रतिभागियों को अत्यंत सरल और व्यवहारिक तरीके से सीपीआर की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी। प्रशिक्षण के बाद सभी प्रतिभागियों ने सीपीआर सीखकर जरूरत पड़ने पर किसी की जान बचाने का संकल्प भी लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीपीआर मित्र हरिओम पाटीदार, अजय चौरेसिया और नितिन लोहिया ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया।कालिसिंध थर्मल पावर प्लांट के चीफ इंजीनियर श्री दिनेश कुमार मित्तल ने बताया कि प्लांट के कई क्षेत्र हाई डेंजर जोन में आते हैं, जहाँ कार्यरत कर्मचारियों के लिए ऐसी लाइफ सेविंग ट्रेनिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभम पाटीदार द्वारा सीपीआर को जिस सरल और व्यावहारिक तरीके से सिखाया गया, वह कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी रहा।उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा। प्लांट के ऑडिटोरियम एवं कम्युनिटी हॉल में कर्मचारियों के परिवारजनों के लिए भी अगले दिवस मैं सीपीआर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की जाएगी तथा इस अवसर पर रक्तदान शिविर भी रखा गया है।उल्लेखनीय है कि “हार्ट सेफ झालावाड़ भियान” के अंतर्गत अब तक जिले के 43,000 से अधिक नागरिकों को सीपीआर-बीएलएस जैसी जीवनरक्षक कौशल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे आमजन में आपात स्थिति में तुरंत मदद करने की जागरूकता बढ़ रही है।
कालिसिंध सुपर थर्मल पावर प्लांट में 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर हाई डेंजर जोन में काम करने वाले वर्कर्स को मिला जीवन रक्षक लाइफ सेविंग प्रशिक्षण, झालावाड़। थर्मल पॉवर प्लांट से लेकर परिवार समुदाय तक पहुंचेगी जीवन रक्षक शिक्षा — कालिसिंध प्लांट में सीपीआर व रक्तदान शिविर झालावाड़ में बढ़ रही “हार्ट सेफ ” जागरूकता — अब तक 43,000 से अधिक लोग सीख चुके सीपीआर झालावाड़। 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2026 के अवसर पर कालिसिंध सुपर थर्मल पावर प्लांट, झालावाड़ में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्लांट में कार्यरत श्रमिकों के लिए फायर सेफ्टी, सीपीआर-बीएलएस (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन – बेसिक लाइफ सपोर्ट) एवं फर्स्ट एड पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के मार्गदर्शन में जिला सीपीआर नोडल अधिकारी डॉ. शुभम पाटीदार एवं उनकी टीम के सीएचओ त्रिलोक नागर ने प्रतिभागियों को जीवन रक्षक कौशल का प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में अधिकारियों, कर्मचारियों और प्लांट के वर्कर्स को बताया गया कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में एम्बुलेंस आने से पहले के “गोल्डन मिनट्स” में यदि सही तरीके से सीपीआर दिया जाए तो किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। डॉ. शुभम पाटीदार ने प्रतिभागियों को अत्यंत सरल और व्यवहारिक तरीके से सीपीआर की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी। प्रशिक्षण के बाद सभी प्रतिभागियों ने सीपीआर सीखकर जरूरत पड़ने पर किसी की जान बचाने का संकल्प भी लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीपीआर मित्र हरिओम पाटीदार, अजय चौरेसिया और नितिन लोहिया ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया।कालिसिंध थर्मल पावर प्लांट के चीफ इंजीनियर श्री दिनेश कुमार मित्तल ने बताया कि प्लांट के कई क्षेत्र हाई डेंजर जोन में आते हैं, जहाँ कार्यरत कर्मचारियों के लिए ऐसी लाइफ सेविंग ट्रेनिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभम पाटीदार द्वारा सीपीआर को जिस सरल और व्यावहारिक तरीके से सिखाया गया, वह कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी रहा।उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा। प्लांट के ऑडिटोरियम एवं कम्युनिटी हॉल में कर्मचारियों के परिवारजनों के लिए भी अगले दिवस मैं सीपीआर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की जाएगी तथा इस अवसर पर रक्तदान शिविर भी रखा गया है।उल्लेखनीय है कि “हार्ट सेफ झालावाड़ भियान” के अंतर्गत अब तक जिले के 43,000 से अधिक नागरिकों को सीपीआर-बीएलएस जैसी जीवनरक्षक कौशल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे आमजन में आपात स्थिति में तुरंत मदद करने की जागरूकता बढ़ रही है।
- झालावाड़। आरोग्य भारती जिला झालावाड़ विभाग बारा प्रांत चित्तौड़ स्वस्थ बस्ती कार्यक्रम के तहत आज झालावाड़ हाउसिंग बोर्ड की कालबेलिया बस्ती में स्वास्थ्य प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित हुआ । विभाग संयोजक सुरेंद्र कुमार जैन ने बताया कि हमें चैत्र माह में नीम की पत्ती का सेवन करना चाहिए जिससे हम पूरे वर्ष स्वस्थ रह सकते हैं । जैन द्वारा आरोग्य भारती का उद्वेश्य हम कैसे रोगी ना हो ओर रसोई में ही रखी हुई सामानों से स्वस्थ रहने के बारे मै बताया । आरोग्य भारती जिलाध्यक्ष डॉ रिंकेश कुमार यादवेन्द्र द्वारा जंक फूड द्वारा होने वाले नुकसान और छोटे बच्चों को चिप्स कुरकुरे टनटना से होने वाले नुकसान के बारे मै बताया कि इनसे बच्चों का पेट तो भर जाता है पर शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक ऊर्जा नहीं मिलती है महिलाओं को मोटे अनाज का महत्व बताया पहले संपन्न लोग ही गेहूं खाते ते इसलिए बीपी शुगर उन्हें ही होते थे अब सभी को हो रहे है अब संपन्न लोग मोटा अनाज खा रहे है । स्वस्थ बस्ती प्रमुख शशी अग्रवाल द्वारा दिनचर्या का महत्व बताया स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ जीवन शैली को अपनाया जाना जरूरी है इसके लिए पौष्टिक आहार शारीरिक व्यायाम पर्याप्त पानी पीना और पर्याप्त नींद सबसे महत्वपूर्ण है हम एक अनुशासित जीवन शैली अपनाते हैं तो निश्चित तौर पर स्वस्थ रहने में सफल हो पाते हैं । प्रेरणा ने बताया कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोज स्नान करना रोज दातुन करना खुद को अपने शरीर को अपने कपड़ों को साफ सुथरे रखना बहुत जरूरी है इससे हमारे स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है सुरेन्द्र जैन द्वारा आरोग्य मंत्र का उच्चारण करवाया गया ।1
- रामगंजमंडी क्षेत्र के चेचट माइंस इलाके में सरेण्डर हो चुकी खदानों को भरवाने की मांग को लेकर गौ सेवकों और ग्रामीणों ने खान एवं भू-विज्ञान विभाग के खनि अभियंता को ज्ञापन सौंपा। मंगलवार शाम करीब 4 बजे गौ सेवकों ने बताया कि क्षेत्र में करीब 815 बीघा चरागाह भूमि माइंस क्षेत्र में आती है, जिसमें से लगभग 450 बीघा जमीन में खनन हो चुका है और करीब 300 बीघा भूमि की माइंस सरेण्डर भी हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि नियम अनुसार खदान सरेण्डर होने के बाद उसे मिट्टी डालकर समतल किया जाना चाहिए, ताकि वहां घास उग सके और भूमि चरागाह के रूप में उपयोग हो सके। लेकिन खेडली रोड से कोटड़ी रोड तक कई खदानें अब भी खुली पड़ी हैं, जिनमें पानी भरा हुआ है। खदानों के किनारे ही सड़क और बस्ती होने से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि कई जगह चरागाह भूमि पर भी मलबा डाल दिया गया है, जिससे गौवंश के चरने में परेशानी हो रही है। इस संबंध में वर्ष 2021 से अब तक कई बार जिला कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। वर्ष 2022 में तत्कालीन एसडीएम राजेश डागा द्वारा भूमि का सीमांकन भी कराया गया था, जिसमें करीब 400 बीघा भूमि खनन से प्रभावित पाई गई थी। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन खदानों का खनन हो चुका है, उन्हें तुरंत भरवाकर मिट्टी डाली जाए और भूमि को चरने योग्य बनाकर ग्राम पंचायत को सौंपा जाए। साथ ही दोषी खनन पट्टाधारकों को ब्लैकलिस्ट करने और भविष्य में उन्हें माइंस लीज नहीं देने की मांग भी की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गौ सेवक और ग्रामवासी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- सीट के नीचे छिपे सांप ने काटा: बाइक सवार दो बच्चे अस्पताल पहुंचे, इलाज जारी कोटा। शहर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बाइक की सीट के नीचे छिपे सांप ने अचानक एक बच्चे को काट लिया। घटना के बाद घबराए दोनों बच्चे बाइक छोड़कर तुरंत अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका इलाज जारी है। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि नया गांव निवासी दो बच्चे, जो लाइट का काम सीखते हैं, बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक की सीट के नीचे छिपा स्किल वाइपर सांप बाहर निकल आया और सामने बैठे एक बच्चे को दो जगह पर काट लिया ।अचानक हुए हमले से दोनों बच्चे घबरा गए और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंच गए। समय रहते अस्पताल पहुंचने से बड़ी अनहोनी टल गई। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में बच्चे का इलाज जारी है। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वाहनों को चलाने से पहले सीट और आसपास की जगह जरूर देख लें, क्योंकि कई बार सांप या अन्य जीव वहां छिपे हो सकते हैं।1
- मोड़क के पीपल्दा गांव में बीतीं रात बाबा रामदेव मंदिर के पास सड़क किनारे खड़े एक बिजली के पोल को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दीं जिससे पोल छतिग्रस्त हों गया बड़ा हादसा टला जब टक्कर मारी उस वक्त बिजली चालू थी जिससे बडा हादसा हो सकता था सुबह उठते लोगों ने छतिग्रस्त पोल को देखा तो तुरंत बिजली विभाग को सूचना दी सूचना के बाद बिजली विभाग ने छतिग्रस्त पोल को हटाकर नया पोल खड़ा करवाया जिससे अनदेखी का बड़ा खतरा टल गया पोल से 11 केवी लाइन होकर निकल रहें और दिनभर सड़क पर वाहनों कि आवाजाही रहती बिजली विभाग के तुरंत कार्य करवाने के इस कार्य कि ग्रामीणों ने प्रशंसा कि और कर्माचरियों का आभार जताया7
- Post by Sanjay Kumar yati1
- Dynamic meditation at chouthmataji temple chhipabarod1
- शादी में नृत्य हाडौती म्यूजिकल ग्रुप कोटा, लव - कुश गार्डन सब्जी मंडी छीपाबड़ौद बारां #rajasthan #wairalreel #chhipabarod1
- सुकेत बिजली विभाग द्वारा क्षेत्र के सलावद, बडोदिया और पामाखेड़ी गांवों में बिजली चोरी के खिलाफ जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कटे हुए कनेक्शनों के बावजूद डायरेक्ट आंकड़े डालकर बिजली उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। टीम ने मौके पर अवैध आंकड़े हटाकर जब्त किए। कार्रवाई के दौरान सलावद में 22, बडोदिया में 12 और पामाखेड़ी में 9 लोगों के अवैध आंकड़े हटवाए गए। विभागीय कार्रवाई को देखते हुए कई लोगों ने स्वयं ही अपने अवैध कनेक्शन हटा लिए। इस दौरान जिन उपभोक्ताओं की वीसीआर भरी हुई है उन्हें राशि जमा कराने और जिनके कनेक्शन कटे हुए हैं उन्हें 14 मार्च 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत या सुकेत कार्यालय के माध्यम से प्रकरण का निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए।1