पिछले दिनों से भागवत कथा का आज समापन हुआ: श्रीमद्भागवत कथा के भंडारे में उमडी भीड़ ,श्रद्धालुओं ने गृहण किया प्रसाद, मथुरा जिले के कोसी कलां के निकटवर्ती गोपाल बाग पर पिछले सप्ताह से भागवत कथा का आयोजन चल रहा था। आज श्री मद्भागवत कथा के समापन के उपलक्ष्य में विशाल भंडारा आयोजित किया गया। श्री श्री अंतरराष्ट्रीय संत श्री राधे राधे बाबूजी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा और उसके बाद आयोजित होने वाले भंडारे (महाप्रसाद वितरण) का सनातन धर्म में बहुत बड़ा आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व है। कथा जहाँ आत्मा को तृप्त करती है, वहीं भंडारा समाज में समानता और सेवा भाव को सुदृढ़ करता है। श्रीमद्भागवत कथा का महत्व पर प्रकाश डालते हुए राधे बौहरे जी ने कहा कि मोक्ष की प्राप्ति: भागवत महापुराण को मुक्ति ग्रंथ माना जाता है। इसके श्रवण मात्र से जीव के जन्म-मरण के बंधन कट जाते हैं। वरिष्ठ समाजसेवी श्री अमरसिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख जी ने कहा कि पापों का नाश: सात दिनों तक चलने वाली इस कथा को श्रद्धापूर्वक सुनने से मनुष्य के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। मानसिक शांति: कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन होता है, जो अशांत मन को स्थिरता और असीम शांति प्रदान करता है। सत्संग का लाभ: कथा के माध्यम से लोगों को सत्संग मिलता है, जिससे जीवन में सही मार्ग चुनने की प्रेरणा मिलती है। भंडारा (महाप्रसाद) का महत्व अन्नदान महादान: शास्त्रों में अन्नदान को सबसे बड़ा दान माना गया है। भूखे और जरूरतमंदों को भोजन कराना साक्षात नारायण की सेवा है। समानता का संदेश: भंडारे में अमीर-गरीब, ऊंच-नीच का कोई भेद नहीं होता। सभी लोग एक साथ बैठकर जमीन पर प्रसाद ग्रहण करते हैं, जो सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है। श्री राजेश वाले जी ने प्रसाद की महिमा बताते हुए कहा कि भंडारे का भोजन केवल खाना नहीं, बल्कि भगवान का भोग लगा हुआ 'महाप्रसाद' होता है। इसे ग्रहण करने से अंतःकरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। सेवा भावना का विकास: भंडारे के आयोजन और वितरण में लोग स्वेच्छा से श्रमदान करते हैं। इससे अहंकार दूर होता है और सेवा भाव जागृत होता है। इस अवसर पर नारायण सिंह मुकदम, शिवदत्त शर्मा, तुलाराम शर्मा, हरकेश शर्मा, आदि उपस्थित रहे।
पिछले दिनों से भागवत कथा का आज समापन हुआ: श्रीमद्भागवत कथा के भंडारे में उमडी भीड़ ,श्रद्धालुओं ने गृहण किया प्रसाद, मथुरा जिले के कोसी कलां के निकटवर्ती गोपाल बाग पर पिछले सप्ताह से भागवत कथा का आयोजन चल रहा था। आज श्री मद्भागवत कथा के समापन के उपलक्ष्य में विशाल भंडारा आयोजित किया गया। श्री श्री अंतरराष्ट्रीय संत श्री राधे राधे बाबूजी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा और उसके बाद आयोजित होने वाले भंडारे (महाप्रसाद वितरण) का सनातन धर्म में बहुत बड़ा आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व है। कथा जहाँ
आत्मा को तृप्त करती है, वहीं भंडारा समाज में समानता और सेवा भाव को सुदृढ़ करता है। श्रीमद्भागवत कथा का महत्व पर प्रकाश डालते हुए राधे बौहरे जी ने कहा कि मोक्ष की प्राप्ति: भागवत महापुराण को मुक्ति ग्रंथ माना जाता है। इसके श्रवण मात्र से जीव के जन्म-मरण के बंधन कट जाते हैं। वरिष्ठ समाजसेवी श्री अमरसिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख जी ने कहा कि पापों का नाश: सात दिनों तक चलने वाली इस कथा को श्रद्धापूर्वक सुनने से मनुष्य के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। मानसिक
शांति: कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन होता है, जो अशांत मन को स्थिरता और असीम शांति प्रदान करता है। सत्संग का लाभ: कथा के माध्यम से लोगों को सत्संग मिलता है, जिससे जीवन में सही मार्ग चुनने की प्रेरणा मिलती है। भंडारा (महाप्रसाद) का महत्व अन्नदान महादान: शास्त्रों में अन्नदान को सबसे बड़ा दान माना गया है। भूखे और जरूरतमंदों को भोजन कराना साक्षात नारायण की सेवा है। समानता का संदेश: भंडारे में अमीर-गरीब, ऊंच-नीच का कोई भेद नहीं होता। सभी लोग एक साथ बैठकर जमीन पर प्रसाद ग्रहण करते
हैं, जो सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है। श्री राजेश वाले जी ने प्रसाद की महिमा बताते हुए कहा कि भंडारे का भोजन केवल खाना नहीं, बल्कि भगवान का भोग लगा हुआ 'महाप्रसाद' होता है। इसे ग्रहण करने से अंतःकरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। सेवा भावना का विकास: भंडारे के आयोजन और वितरण में लोग स्वेच्छा से श्रमदान करते हैं। इससे अहंकार दूर होता है और सेवा भाव जागृत होता है। इस अवसर पर नारायण सिंह मुकदम, शिवदत्त शर्मा, तुलाराम शर्मा, हरकेश शर्मा, आदि उपस्थित रहे।
- कोसीकला में बड़े ही धूमधाम से निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस मथुरा जनपद के कोसीकलां में बुधवार को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के यौमे-पैदाइश के अवसर पर शहर को में ईद मिलादुन्नबी का जुलूस अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने शामिल होकर पैगंबर साहब को श्रद्धा और सम्मान अर्पित किया। इस दौरान नबी की शान में नारे गूंजते रहे और माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में नजर आया।दरअसल, ईद मिलाद-उन-नबी (बारावफात) एक ऐसा त्योहार है जो इस्लाम को मानने वाले के लिए बेहद जरूरी है। इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबी अल-अव्वल की 12वीं तारीख, 571 ईं. के दिन पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब का जन्म हुआ था। ईद-ए-मिलाद-उन-नबी को मुसलमान बेहद खुशी के साथ मनाते हैं। इस दिन रातभर इबादत, दुआओं का सिलसिला रहता है और जुलूस निकाले जाते हैं। जाहिर है कि पैगंबर हजरत मोहम्मद पूरी दुनिया में बसे मुसलमानों के लिए श्रद्घा का केंद्र हैं। इस दिन को ही ईद मिलाद-उन-नबी या फिर बारावफात कहा जाता है। मुस्लिम अपने पैगंबर के पवित्र वचनों को पढते हैं और इन पर अमल करने का अहद करते हैं। यह मेला निकासा से होते हुए घंटाघर सब्जी मंडी में बाजार बस स्टैंड से होते हुए निकासा पहुंचा मेले का पग पग पर लोगों ने किया स्वागत सुरक्षा व्यवस्था के लिए चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात् रहा1
- Bns dhara 14 kya hai aaiye jane #education #reach #foryouシ #explore1
- योगी सरकार में विकास को तरस रहे बृजवासी दबंग के विरोध के चलते रास्ते का निर्माण अटका, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी मथुरा। छाता तहसील क्षेत्र के गांव करहेला में रास्ते की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक दबंग के विरोध के चलते रास्ते का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। बारिश के मौसम में रास्ते पर कीचड़ और जलभराव होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है। वहीं, जलभराव और गंदगी के चलते बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में शादी-विवाह समेत अन्य जरूरी कार्यों के दौरान भी लोगों को इसी बदहाल रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कल्याण सिंह, बाबू, बिजेंद्र, राजेंद्र, मोहन, सुंदर, गिरधारी, रामकिशन, अजय सिंह, बच्चू, कंजर भज्जी वाली और दाऊजी सहित कई ग्रामीणों ने रास्ते की समस्या को लेकर संबंधित जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव तक विकास पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन करहेला गांव में जमीनी स्तर पर विकास की तस्वीर अलग नजर आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर रास्ते की स्थिति का निरीक्षण कराने तथा जल्द से जल्द रास्ते का निर्माण कराए जाने की मांग की है। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कब होता है और उन्हें बदहाल रास्ते से कब राहत मिलती है। योगी सरकार में विकास को तरस रहे बृजवासी दबंग के विरोध के चलते रास्ते का निर्माण अटका, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी मथुरा। छाता तहसील क्षेत्र के गांव करहेला में रास्ते की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक दबंग के विरोध के चलते रास्ते का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। बारिश के मौसम में रास्ते पर कीचड़ और जलभराव होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है। वहीं, जलभराव और गंदगी के चलते बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में शादी-विवाह समेत अन्य जरूरी कार्यों के दौरान भी लोगों को इसी बदहाल रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कल्याण सिंह, बाबू, बिजेंद्र, राजेंद्र, मोहन, सुंदर, गिरधारी, रामकिशन, अजय सिंह, बच्चू, कंजर भज्जी वाली और दाऊजी सहित कई ग्रामीणों ने रास्ते की समस्या को लेकर संबंधित जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव तक विकास पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन करहेला गांव में जमीनी स्तर पर विकास की तस्वीर अलग नजर आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर रास्ते की स्थिति का निरीक्षण कराने तथा जल्द से जल्द रास्ते का निर्माण कराए जाने की मांग की है। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कब होता है और उन्हें बदहाल रास्ते से कब राहत मिलती है।4
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- nivari aayara kheda Bindu bulaki panchayat me pani ka jal bharav kon jimmedar hai mathura1
- मथुरा जंक्शन पर टला बड़ा हादसा: जान पर खेलकर GRP जवान ने बचाई चलती ट्रेन से घिसट रहे यात्री की जान मथुरा। मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 09 पर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में एक यात्री का पैर फिसल गया और वह ट्रेन के साथ घिसटने लगा। प्लेटफॉर्म पर तैनात जीआरपी के एक जाबांज हेड कांस्टेबल की मुस्तैदी और साहस की बदौलत यात्री को सुरक्षित बचा लिया गया। जीआरपी अनुभाग आगरा द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह घटना लालकुआं-राजकोट स्पेशल ट्रेन के प्रस्थान के समय हुई। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म से रवाना होने लगी, एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने के कारण वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच घिसटने लगा। प्लेटफॉर्म नंबर 09 पर ड्यूटी पर तैनात जीआरपी थाना मथुरा जंक्शन के हेड कांस्टेबल सुरजीत कुमार ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। उन्होंने बिना एक पल गंवाए और अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया। हेड कांस्टेबल ने तत्परता से घिसट रहे यात्री को अपनी तरफ सुरक्षित खींचकर ट्रेन से अलग किया और उसकी जान बचा ली। हेड कांस्टेबल सुरजीत कुमार की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई को देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और आमजन ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि पुलिस महानिदेशक रेलवे (उ.प्र. लखनऊ), पुलिस महानिरीक्षक (रेलवे प्रयागराज), पुलिस अधीक्षक (रेलवे आगरा) और पुलिस उपाधीक्षक (रेलवे आगरा) के निर्देशों और पर्यवेक्षण में जीआरपी द्वारा रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा के लिए लगातार सतर्कता बरती जा रही है। Head Constable Surjeet Kumar की इस मुस्तैदी ने पुलिस महकमे का मान बढ़ाया है।1
- गन्ना मिल विवाद पर फौजियों का आक्रोश, बोले—अब नहीं चलेंगे झूठे आश्वासन मथुरा में गन्ना मिल को लेकर विवाद लगातार गरमाता नजर आ रहा है। मिल को चालू कराने की मांग को लेकर फौजियों ने भी अपनी आवाज बुलंद की है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों से मिल को जल्द शुरू कराने की मांग रखी। फौजियों का कहना है कि लंबे समय से किसानों और क्षेत्रीय लोगों को आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि “चाहे हमारे परिवारों को खत्म कर दो, लेकिन गन्ना मिल चालू कर दो—अब झूठे आश्वासन नहीं चलेंगे।” मामले को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। फौजियों ने मांग की है कि गन्ना मिल को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, ताकि किसानों और क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके। #मथुरा #गन्नामिल #गन्नामिलविवाद #फौजियोंकीमांग #किसान #किसानोंकीआवाज #मथुरान्यूज #वायरलन्यूज #ब्रजकीआवाज #RPRNEWSTV #गन्नामिलचालूकरो1
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