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लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद एक बेहद दुखद और हृदयविदारक क्षण सामने आया है, जहाँ एक बेटी अपने भाई को खोने के बावजूद अपने पिता को ढाँढस बंधा रही है। इस मुश्किल घड़ी में बेटी अपने पिता से कह रही है, "मैं हूँ न पापा", जो उनके गहरे दुख के बीच भी अदम्य साहस और भावनात्मक समर्थन को दर्शाता है। यह घटना अग्निकांड के दर्दनाक परिणामों के बीच परिवार के भीतर के मजबूत रिश्तों और बेटी के त्यागपूर्ण प्रेम को उजागर करती है।
शान ए उकलाना न्यूज
लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद एक बेहद दुखद और हृदयविदारक क्षण सामने आया है, जहाँ एक बेटी अपने भाई को खोने के बावजूद अपने पिता को ढाँढस बंधा रही है। इस मुश्किल घड़ी में बेटी अपने पिता से कह रही है, "मैं हूँ न पापा", जो उनके गहरे दुख के बीच भी अदम्य साहस और भावनात्मक समर्थन को दर्शाता है। यह घटना अग्निकांड के दर्दनाक परिणामों के बीच परिवार के भीतर के मजबूत रिश्तों और बेटी के त्यागपूर्ण प्रेम को उजागर करती है।
- User4915Panipat, Haryana😡8 hrs ago
More news from हरियाणा and nearby areas
- जुलाना क्षेत्र के गतौली गांव में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को भड़क उठा। बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव के जलघर पर एकत्रित हुए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पिछले काफी समय से पीने के पानी की किल्लत है। उन्हें न तो पर्याप्त मात्रा में और न ही नियमित रूप से पानी मिल रहा है, और जो पानी उपलब्ध कराया जा रहा है उसकी गुणवत्ता भी खराब है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला और समस्या ज्यों की त्यों बनी रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सतीश नैन, नायब तहसीलदार सिराज खान और एसडीएम होशियार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। एसडीएम होशियार सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पेयजल संकट दूर करने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और स्थिति में जल्द सुधार होगा। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- चरखी दादरी के तीन बार के ईमानदार और संघर्षशील विधायक बाबू गणपत राय ने 'धाकड़ है हरियाणा' के साथ एक खास मुलाकात में अपने जीवन के कई अहम राज खोले हैं। उनकी यह कहानी सादगी, ईमानदारी और संघर्ष की एक अनूठी मिसाल है, जिसे आज के नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया है। बाबू गणपत राय ने बताया कि उन्हें चंडीगढ़ जाने में दो दिन का समय लगता था। उनकी सादगी का प्रमाण यह भी है कि वे आज भी उसी पुराने मकान में रहते हैं, और उन्होंने दो चुनाव तो झोपड़ी में रहकर ही जीते थे। बाहर से उनसे मिलने आने वाले लोग उनकी झोपड़ी देखकर दंग रह जाते थे। इमरजेंसी के दौरान वे भूमिगत हो गए थे, जिससे वे जेल जाने से बच गए थे। हालांकि, उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि इमरजेंसी के समय वे कहाँ रहे थे। उनकी संपूर्ण जीवनगाथा को आज के नेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।1
- भिवानी में एक व्यापारी को ₹5 करोड़ की रंगदारी के लिए जान से मारने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। धमकाने वाले ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि "5 करोड़ तैयार रखो वरना अंजाम भुगतो!" इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल अलर्ट हो गई है और पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुट गई है।1
- हरियाणा के भिवानी में 65 वर्षों से रह रहे छह गरीब परिवारों को कथित रूप से उजाड़ने की कार्रवाई के विरोध में जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को दिनोद गेट क्षेत्र में हजारों लोगों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन का पुतला फूंककर अपना तीव्र विरोध दर्ज कराया। परिवारों के समर्थन में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक, किसान, कर्मचारी, व्यापारिक एवं जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से बसे गरीब परिवारों को बेदखल करने का यह प्रयास अन्यायपूर्ण है, जिससे आम लोगों में भारी रोष है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल छह परिवारों की नहीं, बल्कि गरीब और कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई है। संघर्ष समिति ने प्रशासन से मांग की कि इन परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाए और उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय न होने दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिला और प्रशासन ने अपनी कार्रवाई वापस नहीं ली, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को पूरे शहर में बड़े स्तर पर छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।1
- Post by PPT News1
- रोहतक के मॉडल टाउन इलाके में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है। इस बार भी, दुकानदारों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति का बड़ा नुकसान होने से बच गया।1
- हरियाणा एक्स-सर्विसेज लीग (HESL) के आगामी चुनावों से पहले जारी नई वोटर लिस्ट पर गहरा विवाद छिड़ गया है, जिसने हजारों पूर्व सैनिकों के मतदान अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस नई सूची के कारण कुल सक्रिय मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे एक बड़े 'वोट घोटाले' और 'चुनाव से पहले बड़े खेल' की आशंका जताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले HESL चुनावों में कुल 7192 वोटर थे, लेकिन नई सक्रिय वोटर लिस्ट में यह संख्या घटकर केवल 3522 रह गई है। इसमें से 2348 मतदाताओं को 'पैसिव' और 1322 को 'एक्सपायर्ड' घोषित कर दिया गया है, जिसका सीधा मतलब है कि कुल 3670 वोटर सक्रिय मतदान सूची से बाहर हो गए हैं। इस बदलाव का असर चुनावी गणित पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जैसे भिवानी में जहां पहले लगभग 8 डेलीगेट चुने जाने की संभावना थी, वहीं अब नई सूची के तहत सिर्फ 3 डेलीगेट ही चुने जाने की बात कही जा रही है, जिससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। पूर्व सैनिक समाज इस बड़े उलटफेर पर कई गंभीर सवाल उठा रहा है। वे जानना चाहते हैं कि क्या 'पैसिव वोटर' का प्रावधान HESL के संविधान में मौजूद है और क्या हजारों पूर्व सैनिकों के मतदान अधिकार इससे प्रभावित हुए हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया है या फिर चुनावी समीकरणों को बदलने की सोची-समझी रणनीति। समुदाय यह भी तुलना कर रहा है कि पिछली कार्यकारिणी बेहतर थी या नई प्रशासनिक व्यवस्था। FOJI NEWS24 के माध्यम से यह जानकारी सामने आने के बाद, पूरा पूर्व सैनिक समाज अब जानना चाहता है कि आगामी चुनाव में कौन-कौन मैदान में उतरेगा और अंततः HESL की कमान किसके हाथ में जाएगी। इस पूरे मामले पर 'पूर्व सैनिकों के अधिकार' और 'सैनिक सम्मान' के लिए सवाल उठ रहे हैं, और फैसला अब पूर्व सैनिकों के हाथ में है कि वे इस 'मतदाता सूची विवाद' पर अपनी क्या राय रखते हैं। इस खबर को FOJI NEWS24 के मुख्य संपादक महेश चौहान ने उठाया है।1
- हरियाणा के चैनत गाँव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच भारी बवाल हो गया। कई जिलों से भारी पुलिस बल गाँव में 'टी' उखाड़ने के लिए पहुँचा था, जिसके बाद ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने आ गए। इस तनावपूर्ण टकराव के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े।1