अल्मोड़ा के देवस्थल मंदिर के पास कोसी नदी में नहाने गए दो युवकों की मंगलवार अपराह्न करीब तीन बजे डूबने से मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मृतकों की पहचान दुगालखोला निवासी सोनू कनवाल (27 वर्ष) और बागेश्वर निवासी धीरज सिंह गड़िया (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में हल्द्वानी के मोटाहल्दू क्षेत्र में रहते थे। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक अपने कुछ साथियों के साथ कोसी नदी में नहाने गए थे। नहाते समय वे नदी के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद साथियों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को नदी से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल उपचार के लिए बेस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया गया है कि दोनों युवक अविवाहित थे, और धीरज सिंह गड़िया ऑनलाइन पढ़ाई के साथ-साथ काम भी करते थे। इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
अल्मोड़ा के देवस्थल मंदिर के पास कोसी नदी में नहाने गए दो युवकों की मंगलवार अपराह्न करीब तीन बजे डूबने से मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मृतकों की पहचान दुगालखोला निवासी सोनू कनवाल (27 वर्ष) और बागेश्वर निवासी धीरज सिंह गड़िया (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में हल्द्वानी के मोटाहल्दू क्षेत्र में रहते थे। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक अपने कुछ साथियों के साथ कोसी नदी में नहाने गए थे। नहाते समय वे नदी के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद साथियों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को नदी से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल उपचार के लिए बेस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया गया है कि दोनों युवक अविवाहित थे, और धीरज सिंह गड़िया ऑनलाइन पढ़ाई के साथ-साथ काम भी करते थे। इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
- गागरीगोल क्षेत्र में जंगली सूअरों का आतंक बढ़ गया है। एक वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है कि खेतों में काम कर रही महिलाओं के बीच से जंगली सूअर दौड़ते हुए निकल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।1
- उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में नगरासू गुरुद्वारे से जुड़े एक विवाद के बीच प्रशासन ने मौजूदा स्थिति पर स्पष्टीकरण दिया है। अधिकारियों के अनुसार, गुरुद्वारे की छत पर अभी भी पाँच निहंग मौजूद हैं, जबकि नीचे के हालात पूरी तरह सामान्य बताए जा रहे हैं। गुरुद्वारे में लंगर और अरदास जैसे धार्मिक कार्यक्रम नियमित रूप से जारी हैं। पुलिस और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गुरुद्वारे पर किसी प्रकार का कब्जा नहीं हुआ है और न ही किसी को बंधक बनाया गया है। हालांकि, कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जो प्रशासन के इन दावों से अलग कहानी प्रस्तुत करती हैं, जिससे स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि हेमकुंड साहिब और चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से चल रही है।1
- जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद निर्माण एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। उनके आदेशों का पालन करते हुए, नाली सफाई, झाड़ी कटान और सड़कों के पेचवर्क जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण तेजी दर्ज की गई है। इस पहल से कार्यों की गति बढ़ गई है और एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।1
- टनकपुर के उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की त्वरित कार्रवाई ने सर्पदंश की शिकार एक करीब 55 वर्षीय महिला की जान बचा ली। मंगलवार सुबह लगभग 9 बजे यह महिला सांप के काटने की शिकायत के साथ अर्ध-बेहोशी की अवस्था में अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंची थी। चिकित्सीय जांच से सामने आया कि महिला के शरीर में सांप का जहर तेजी से फैल चुका था, जिससे उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. घनश्याम तिवारी के निर्देशन में डॉ. आफताब ने बिना देर किए उपचार शुरू किया। इस प्रक्रिया में स्टाफ नर्स मोनिका और स्टाफ नर्स अंकित ने भी पूरी तत्परता और समर्पण के साथ सहयोग दिया। समय पर मिले उपचार और चिकित्सा टीम की सामूहिक मेहनत के कारण महिला की हालत में तेजी से सुधार देखा गया। फिलहाल, महिला को पूरी तरह खतरे से बाहर बताया जा रहा है और वह चिकित्सकीय निगरानी में अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय पहल की क्षेत्रवासियों ने खुले दिल से सराहना की है। स्थानीय लोगों का मानना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य कर्मियों की ऐसी तत्परता और सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि गंभीर से गंभीर स्थिति में भी, यदि समय पर उपचार मिल जाए, तो मरीज की जान बचाई जा सकती है।2
- जनता की एकजुट आवाज़ और संकल्प के साथ, गैरसैंण में AIIMS की स्थापना की प्रबल मांग उठाई जा रही है। यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि इतिहास गवाह है कि बड़े अधिकार केवल मांगने से नहीं मिलते, बल्कि उन्हें जनता की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति से हासिल किया जाता है। इसी भावना के साथ, लोग "वोट हमारा, फैसला हमारा, गैरसैंण में AIIMS है नारा हमारा!" के नारे के साथ अपने निर्णय और अधिकार पर जोर दे रहे हैं, जो आने वाले 2027 के चुनावों में 'परिवर्तन' का संकेत देता है।1
- विधायक प्रतिनिधि डीके जोशी के नेतृत्व में गड़प्पू नाले और उसकी सहायक नदियों की सफाई की मांग को लेकर एक ज्ञापन एस.डी.एम. को सौंपा गया है।1
- पुलिस अधीक्षक चम्पावत श्रीमती रेखा यादव के निर्देशन में, आज दिनांक 23.06.2026 को फायर स्टेशन लोहाघाट की अग्निशमन टीम द्वारा लोहाघाट क्षेत्र में स्थित विभिन्न कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का सघन अग्नि सुरक्षा निरीक्षण किया गया। यह पहल जनपदवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में चम्पावत पुलिस और फायर सर्विस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। निरीक्षण के दौरान, संस्थानों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकासी मार्गों और विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया। अग्निशमन टीम ने आपातकालीन निकासी व्यवस्था की बारीकी से जांच की, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में विद्यार्थियों और कर्मचारियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जा सके। फायर सर्विस टीम ने संस्थान संचालकों को अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के महत्वपूर्ण उपायों, अग्निशमन उपकरणों के नियमित रखरखाव की आवश्यकता और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित तथा सुरक्षित प्रतिक्रिया के संबंध में आवश्यक और विस्तृत जानकारी प्रदान की। चम्पावत पुलिस और फायर सर्विस जनपदवासियों की सुरक्षा के प्रति सतत प्रतिबद्ध है।4
- चम्पावत जिले में थाना पाटी पुलिस द्वारा युवाओं के बीच एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।1
- गैरसैंण में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना के सपने को साकार करने के लिए एक जनआंदोलन चलाने की अपील की गई है। इस पहल के तहत लोगों से आह्वान किया गया है कि वे अपनी आवाज उठाएं और इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए अपना समर्थन दें, ताकि यह सपना एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सके। यह प्रयास 'एक पोस्ट, एक आवाज' के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका लक्ष्य जनता की सामूहिक आवाज को बुलंद करना है, विशेष रूप से '2027 परिवर्तन' के दृष्टिकोण के साथ।1