प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच व जियो-टैगिंग में अवैध वसूली का आरोप सोशल मीडिया प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच व जियो-टैगिंग में अवैध वसूली का आरोप सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप दरभंगा (बिहार)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस सर्वे 2.0 में शामिल लाभार्थियों से सत्यापन और जियो-टैगिंग के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। यह मामला 09 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो हरिहरपुर पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या-1 का बताया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच के दौरान लाभार्थियों से अवैध राशि लेने का आरोप लगाया गया है। वीडियो में ग्रामीण आवास सहायक के साथ वार्ड सदस्य के पति की मौजूदगी भी देखी गई, जिससे मामला और गंभीर हो गया। सिंहवाड़ा प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर पश्चिमी पंचायत में जियो-टैगिंग के दौरान उस समय विवाद उत्पन्न हो गया, जब ग्रामीणों ने प्रखंड से आए जांचकर्ताओं, ग्रामीण आवास सहायक एवं वार्ड सदस्य पर लाभार्थियों से अवैध वसूली का आरोप लगाया। ग्रामीणों के अनुसार, योजना में नाम जोड़ने के लिए ₹1000 तथा जियो-टैगिंग के नाम पर ₹500 प्रति लाभार्थी की मांग की जा रही थी। पैसे नहीं देने पर नाम काटने की धमकी भी दिए जाने का आरोप लगाया गया। विरोध के दौरान पत्रकारों की मौजूदगी में वार्ड सदस्य की तलाशी ली गई, जिसमें उनकी जेब से ₹500 का नोट मिलने का दावा किया गया। ग्रामीणों का कहना था कि यह नोट एक लाभार्थी द्वारा दिया गया था और नोट का क्रमांक मिलान करने पर मेल खाता पाया गया। हरिहरपुर पश्चिमी वार्ड संख्या-1 के निवासी बिंदे कुमार ने आरोप लगाया कि जियो-टैगिंग वार्ड सदस्य के सहयोग से की जा रही थी और कथित रूप से सभी की मिलीभगत से लाभार्थियों से पैसे लिए जा रहे थे। वहीं स्थानीय निवासी राजन कुमार ने बताया कि उनकी मां रीता देवी के नाम आवास योजना स्वीकृत है और जियो-टैगिंग के दौरान वार्ड सदस्य द्वारा उनसे ₹500 लिए गए, जबकि उस समय प्रखंड का एक कर्मी भी मौजूद था। शिकायत सामने आने के बाद कथित रूप से कुछ लाभार्थियों को पैसा लौटाए जाने की भी बात कही जा रही है। चमनपुर निवासी यूट्यूबर अज़हर ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी, जिसके सत्यापन के लिए वे मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है और दर्जनों लाभार्थियों से अवैध वसूली की जा चुकी थी। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि वार्ड सदस्य पति अजय मंडल द्वारा लाभार्थियों से अवैध राशि का लेन-देन किया गया है तथा उनकी संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। लाभार्थियों से सत्यापन के नाम पर राशि वसूलना गंभीर दंडनीय अपराध है। संबंधित पक्ष को 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। हालांकि, ग्रामीण आवास सहायक सह चेकर रामकृत सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वे सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार जांच कर रहे थे और लगभग 40 घरों की जांच पूरी कर चुके थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रास्ते में उनकी गाड़ी रोककर दुर्व्यवहार, धमकी और जबरन तलाशी ली गई तथा उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित शिकायत दी है। वहीं वार्ड संख्या-1 के वार्ड सदस्य पति अजय मंडल ने भी सभी आरोपों को निराधार और झूठा बताया है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। NEWS BHARAT GN रिपोर्टर: अरशद दीवान
प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच व जियो-टैगिंग में अवैध वसूली का आरोप सोशल मीडिया प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच व जियो-टैगिंग में अवैध वसूली का आरोप सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप दरभंगा (बिहार)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस सर्वे 2.0 में शामिल लाभार्थियों से सत्यापन और जियो-टैगिंग के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। यह मामला 09 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो हरिहरपुर पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या-1 का बताया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच के दौरान लाभार्थियों से अवैध राशि लेने का आरोप लगाया गया है। वीडियो में ग्रामीण आवास सहायक के साथ वार्ड सदस्य के पति की मौजूदगी भी देखी गई, जिससे मामला और गंभीर हो गया। सिंहवाड़ा प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर पश्चिमी पंचायत में जियो-टैगिंग के दौरान उस समय विवाद उत्पन्न हो गया, जब ग्रामीणों ने प्रखंड से आए जांचकर्ताओं, ग्रामीण आवास सहायक एवं वार्ड सदस्य पर लाभार्थियों से अवैध वसूली का आरोप लगाया। ग्रामीणों के अनुसार, योजना में नाम जोड़ने के लिए ₹1000 तथा जियो-टैगिंग के नाम पर ₹500 प्रति लाभार्थी की मांग की जा रही थी। पैसे नहीं देने पर नाम काटने की धमकी भी दिए जाने का आरोप लगाया गया। विरोध के दौरान पत्रकारों की मौजूदगी में वार्ड सदस्य की तलाशी ली गई, जिसमें उनकी जेब से ₹500 का नोट मिलने का दावा किया गया। ग्रामीणों का कहना था कि यह नोट एक लाभार्थी द्वारा दिया गया था और नोट का क्रमांक मिलान करने पर मेल खाता पाया गया। हरिहरपुर पश्चिमी वार्ड संख्या-1 के निवासी बिंदे कुमार ने आरोप लगाया कि जियो-टैगिंग वार्ड सदस्य के सहयोग से की जा रही थी और कथित रूप से सभी की मिलीभगत से लाभार्थियों से पैसे लिए जा रहे थे। वहीं स्थानीय निवासी राजन कुमार ने बताया कि उनकी मां रीता देवी के नाम आवास योजना स्वीकृत है और जियो-टैगिंग के दौरान वार्ड सदस्य द्वारा उनसे ₹500 लिए गए, जबकि उस समय प्रखंड का एक कर्मी भी मौजूद था। शिकायत सामने आने के बाद कथित रूप से कुछ लाभार्थियों को पैसा लौटाए जाने की भी बात कही जा रही है। चमनपुर निवासी यूट्यूबर अज़हर ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी, जिसके सत्यापन के लिए वे मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है और दर्जनों लाभार्थियों से अवैध वसूली की जा चुकी थी। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि वार्ड सदस्य पति अजय मंडल द्वारा लाभार्थियों से अवैध राशि का लेन-देन किया गया है तथा उनकी संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। लाभार्थियों से सत्यापन के नाम पर राशि वसूलना गंभीर दंडनीय अपराध है। संबंधित पक्ष को 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। हालांकि, ग्रामीण आवास सहायक सह चेकर रामकृत सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वे सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार जांच कर रहे थे और लगभग 40 घरों की जांच पूरी कर चुके थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रास्ते में उनकी गाड़ी रोककर दुर्व्यवहार, धमकी और जबरन तलाशी ली गई तथा उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित शिकायत दी है। वहीं वार्ड संख्या-1 के वार्ड सदस्य पति अजय मंडल ने भी सभी आरोपों को निराधार और झूठा बताया है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। NEWS BHARAT GN रिपोर्टर: अरशद दीवान
- सीतामढ़ी घर है मेरा....मुझे सीतामढ़ी जाना है ..वीडियो वायरल अगर कोई इन्हें जानते हैं तो सीतामढ़ी उनके घर-परिवार से मिलाने में मदद करें। #sitamarhi #exposesitamarhi1
- Post by Shivlala Kumar1
- Post by Kundan Kumar1
- SSB जवानों ने की....1
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- आई मिथिला स्टूडेंट यूनियनक तत्वावधान में आयोजित मकर संक्रांति मिलन समारोह संग प्रितभोजक आयोजन प्रधान कार्यलय लहेरियासरायक प्राँगण में अप्पन साथी सभक संग उपस्थित भ दही चूड़ा तिलकुटक आनंद उठेलौं। जय मिथिला।❤️🙏🏻1
- दरभंगा में नियम-क़ानून ताक पर, सरकारी शिक्षक चला रहे निजी कोचिंग—क्यों नहीं होती कार्रवाई? Darbhanga Tak1
- सीतामढ़ी जिले के बथनाहा पश्चिमी वार्ड नंबर 10 में शाम लगभग 8 बजे अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि लपटों के कारण कई बच्चे झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ितों को प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का पता अब तक नहीं चल पाया है। #exposesitamarhi #sitamarhi #firefighter #bathnaha #news1