*कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की पहल से लगा वृहद अनुकंपा नियुक्ति शिविर/ *17 विभागों के 117 लंबित प्रकरणों का हुआ परीक्षण* पात्र परिवारों को शीघ्र राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिवनी, 31 जुलाई 2026/ जिले में लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं पात्र परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की पहल एवं मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार को प्रधानमंत्री उत्कृष्ट शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिवनी के ऑडिटोरियम हॉल में वृहद अनुकंपा नियुक्ति शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह ने की। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर लंबित प्रकरणों का विभागवार परीक्षण किया गया, जिससे आवेदकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। शिविर में जिले के विभिन्न विभागों से संबंधित 117 आवेदक उपस्थित हुए। इनमें जनजातीय कार्य विभाग के 46, शिक्षा विभाग के 27, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 17, राजस्व विभाग के 2, मत्स्य विभाग का 1, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 4, कृषि विभाग का 1, पशुपालन विभाग का 1, वन विभाग के 4, उद्यानिकी विभाग का 1, होमगार्ड विभाग का 1, नगरीय प्रशासन विभाग के 4, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का 1, मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन का 1, लोक निर्माण विभाग के 2, स्वास्थ्य विभाग के 2 तथा जल संसाधन विभाग के 2 प्रकरण शामिल रहे। शिविर के दौरान विभागवार प्राप्त आवेदनों एवं आवश्यक अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया। संबंधित अधिकारियों ने प्रत्येक प्रकरण की पात्रता, सेवा अभिलेख, उपलब्ध दस्तावेज तथा विभागों में उपलब्ध रिक्त पदों की स्थिति का परीक्षण किया। इस दौरान उपस्थित आवेदकों को अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित उपलब्ध विकल्पों, नियुक्ति प्रक्रिया एवं आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी दी गई। साथ ही उनकी काउंसलिंग कर पात्रता एवं उपलब्ध विकल्पों के अनुरूप आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। जिन प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेज पूर्ण पाए गए, उन्हें नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया, जबकि अपूर्ण प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के संबंध में परामर्श दिया गया। आयोजित विशेष शिविर का उद्देश्य अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना रहा। लंबे समय से विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए पहली बार सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर समन्वित रूप से प्रकरणों का परीक्षण एवं समीक्षा की गई। इस व्यवस्था से आवेदकों को एक ही स्थान पर अपने प्रकरणों की जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन, काउंसलिंग तथा विभागीय स्तर पर त्वरित परीक्षण की सुविधा उपलब्ध हुई, जिससे अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों में रिक्त पदों की रोस्टरवार स्थिति अद्यतन करें तथा एक माह के भीतर लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों का नियमानुसार समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र प्रकरणों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो तथा शासन के प्रावधानों के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करते हुए पात्र परिवारों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए। शिविर में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती पूर्वी तिवारी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, जनजातीय कार्य विभाग के सहायक संचालक, शिक्षा विभाग के सहायक संचालक, जिला शिक्षा केन्द्र के सहायक परियोजना समन्वयक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने विभागवार प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।
*कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की पहल से लगा वृहद अनुकंपा नियुक्ति शिविर/ *17 विभागों के 117 लंबित प्रकरणों का हुआ परीक्षण* पात्र परिवारों को शीघ्र राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिवनी, 31 जुलाई 2026/ जिले में लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं पात्र परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की पहल एवं मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार को प्रधानमंत्री उत्कृष्ट शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिवनी के ऑडिटोरियम हॉल में वृहद अनुकंपा नियुक्ति शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह ने की। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर लंबित प्रकरणों का विभागवार परीक्षण किया गया, जिससे आवेदकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। शिविर में जिले के विभिन्न विभागों से संबंधित 117 आवेदक उपस्थित हुए। इनमें जनजातीय कार्य विभाग के 46, शिक्षा विभाग के 27, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 17, राजस्व विभाग के 2, मत्स्य विभाग का 1, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 4, कृषि विभाग का 1, पशुपालन विभाग का 1,
वन विभाग के 4, उद्यानिकी विभाग का 1, होमगार्ड विभाग का 1, नगरीय प्रशासन विभाग के 4, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का 1, मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन का 1, लोक निर्माण विभाग के 2, स्वास्थ्य विभाग के 2 तथा जल संसाधन विभाग के 2 प्रकरण शामिल रहे। शिविर के दौरान विभागवार प्राप्त आवेदनों एवं आवश्यक अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया। संबंधित अधिकारियों ने प्रत्येक प्रकरण की पात्रता, सेवा अभिलेख, उपलब्ध दस्तावेज तथा विभागों में उपलब्ध रिक्त पदों की स्थिति का परीक्षण किया। इस दौरान उपस्थित आवेदकों को अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित उपलब्ध विकल्पों, नियुक्ति प्रक्रिया एवं आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी दी गई। साथ ही उनकी काउंसलिंग कर पात्रता एवं उपलब्ध विकल्पों के अनुरूप आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। जिन प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेज पूर्ण पाए गए, उन्हें नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया, जबकि अपूर्ण प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के संबंध में परामर्श दिया गया। आयोजित विशेष शिविर का उद्देश्य अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना रहा। लंबे समय से विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए पहली बार सभी संबंधित
विभागों के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर समन्वित रूप से प्रकरणों का परीक्षण एवं समीक्षा की गई। इस व्यवस्था से आवेदकों को एक ही स्थान पर अपने प्रकरणों की जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन, काउंसलिंग तथा विभागीय स्तर पर त्वरित परीक्षण की सुविधा उपलब्ध हुई, जिससे अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों में रिक्त पदों की रोस्टरवार स्थिति अद्यतन करें तथा एक माह के भीतर लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों का नियमानुसार समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र प्रकरणों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो तथा शासन के प्रावधानों के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करते हुए पात्र परिवारों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए। शिविर में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती पूर्वी तिवारी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, जनजातीय कार्य विभाग के सहायक संचालक, शिक्षा विभाग के सहायक संचालक, जिला शिक्षा केन्द्र के सहायक परियोजना समन्वयक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने विभागवार प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।
- *किसानों से पैसा लेकर फर्जी कनेक्शन किया बादलपार के कनिष्ठ यंत्री ने* *बगैर स्वीकृति के बादलपार कनिष्ठ यंत्री ने किसान से पैसों का लेनदेन कर 10 एचपी का कनेक्शन कर दिया* *फर्जी कनेक्शन कर किसानों से लिया पैसे* बादलपार विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठयंत्री प्रमोद करौले ने ग्राम थांवरजोड़ी में एक किसान नन्हे वर्मा पिता मनभट वर्मा ने 10 एचपी कनेक्शन अपने खेत में चलाने हेतु कनेक्शन कराया है बादलपार के जेई प्रमोद करौले पर आरोप मैं बताया गया कि ग्राम थांवरजोड़ी इमली वाला ट्रांसफार्मर से तीन पोल एलटीडी लाइन के बगैर स्वीकृति के खड़ा कर फर्जी कनेक्शन किया गया है एवं तीन खम्मा के बाद में दो खंबा से विदाउट कनेक्शन दिया गया अनिकेश पटेल ने बताया कि जेई द्वारा₹50000 लेकर के फर्जी कनेक्शन दिया गया है ग्राम का राजाराम वर्मा ने बताया कि यह खंबा लगभग एक में एक से दो महा पूर्व ही ठेकेदारों के द्वारा खम्मा कराया गया है आगे शिकायतकर्ता ने कहां की वरिष्ठ अधिकारी मामला को संज्ञान में लेकर सूक्ष्मत्ता से जांच कर कार्यवाही करने की मांग की। अगले अंक में और भी कई मामला उजागर होने की संभावना है।2
- Seoni News: 'जुगनी' बाघिन की शाही सैर, तीन शावकों संग सड़क पार करती आई नजर1
- 0 वर्षों से निरंतर जाम सांवली की पदयात्रा, कान्हीवाड़ा से 32 श्रद्धालु रवाना कान्हीवाड़ा। श्री चमत्कारिक हनुमान मंदिर जाम सांवली के दर्शन के लिए महावीर व्यायाम शाला एवं बजरंग व्यायाम शाला के 32 श्रद्धालु 185 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर रवाना हुए। छह दिनों में पूरी होने वाली यह पदयात्रा लगातार 10 वर्षों से आयोजित की जा रही है। यात्रा के दौरान ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने नगर के बाहर स्थित हनुमान मंदिर तक साथ पहुंचकर यात्रियों को विदाई दी। जय श्रीराम और जय हनुमान के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। ग्रामीणों ने सभी यात्रियों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।1
- हैंडओवर के 2 महीने बाद ही टपकने लगा गोदाम, खैरलांजी में मनरेगा निर्माण की खुली पोल, छत-दीवारों से रिसाव, खाद खराब1
- वारासिवनी पुलिस नहीं कर रही चोरी की एफआईआर,विधायक को साथ लेकर थाने पहुंचे पीड़ित* * *विधायक विवेक पटेल टीआई से बोले ईमानदारी से काम करें,अपराधी पकड़े,लोगों का डर खत्म हो,एक माह में तीन बड़ी चोरी,पुलिस खामोश* वारासिवनी*- नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 16 जुलाई से लेकर 29 जुलाई के बीच तीन बड़ी चोरियों की वारदात ने लोगों को डरा दिया है।बावजूद इसके पुलिस चोरियों की एफआईआर नहीं कर रही है। जिससे पीड़ित नाराज है।29 जुलाई को वॉर्ड नंबर 1 मिश्रा नगर निवासी डॉक्टर योगेन्द्र राहंगडाले के यहां 12 लाख रुपयों से ज्यादा के जेवरात और नगद 2 लाख रूपए की चोरी की घटना के दो दिन बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।जिससे परेशान डॉ.दंपत्ति ने इसकी शिकायत विधायक विवेक पटेल से की।जिसके बाद विधायक विवेक पटेल स्वयं पीड़ित परिवार को साथ लेकर वारासिवनी थाना पहुंचे।और थाना प्रभारी को पीड़ित की एफआईआर लिखने के निर्देश दिए।वहीं थाना प्रभारी अनूप कुमार उईके ने विधायक विवेक विक्की पटेल को आश्वस्त किया कि बहुत जल्द इनकी शिकायत दर्ज कर ली जायेगी। *घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस ने नहीं की रिपोर्ट दर्ज-डॉक्टर योगेंद्र राहंगडाले* पीड़ित डॉक्टर योगेन्द्र राहंगडाले ने बताया कि 29 जुलाई को हुई चोरी की सूचना वारासिवनी पुलिस को दी गई थी।जिसके बाद पुलिस,डॉग स्कॉड और फिंगर प्रिंट की टीम ने घटनास्थल की जांच की।लेकिन पुलिस ने कोई एफआईआर नहीं की।पुलिस बोल रही थी।कि पूरी जांच के बाद एफआईआर की जाएगी।जिसके बाद मैने आज मामले को लेकर विधायक से मुलाकात कर उन्हें घटना से अवगत कराया है।विधायक ने पुलिस को मामले में कार्रवाई करने की बात कही है।शहर में इतनी चोरियां हो रही है लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।पुलिस चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।अब आम जनता का धीरे धीरे पुलिस के प्रति विश्वास खत्म होता जा रहा है।जब पुलिस ही आम जनता की सुरक्षा नहीं कर सकती है।जो आम लोग कैसे उन्हें सपोर्ट करेंगे। *अन्य अपराधों के साथ चोरी की रिपोर्ट भी पुलिस करे दर्ज-विवेक पटेल* विधायक विवेक पटेल ने बताया कि यह चिंतनीय है कि एक माह के भीतर तीन बड़ी चोरियां हो गई।चोरी मामले में एफआईआर नहीं करने की जानकारी के बाद हमने एसडीओपी और थाना प्रभारी से मुलाकात कर उन्हें कहा कि पुलिस चोरियों के मामले में कार्रवाई करें।ताकि आरोपी पकड़े जाए।और लोगों में डर खत्म हो।हमने पुलिस ने कहा है कि वह अन्य काम के साथ ही शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो।शहर में गश्त बढ़ाए,ताकि अपराधियो पर पुलिस का डर बना रहे।थाना क्षेत्र में एक माह के भीतर तीन बड़ी चोरी हुई है।जिसके फुटेज भी पुलिस के पास मौजूद है। एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने हमे आश्वस्त किया है।बहुत जल्द चोर पुलिस के गिरफ्त में होंगे।3
- चांदी के जेवर साफ करने के नाम पर कथित ठगी की आशंका, ग्रामीणों की सतर्कता से संदिग्ध युवक पकड़ा गया *चांदी के जेवर साफ करने के नाम पर कथित ठगी की आशंका, ग्रामीणों की सतर्कता से संदिग्ध युवक पकड़ा गया* _चक्की खमरिया एवं कटंगी बंजर के ग्रामीणों ने पकड़कर बादलपार चौकी पुलिस को सौंपा, चार युवकों से जुड़ा मामला बताया जा रहा_ कुरई/सिवनी - जिले के कुरई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चक्की खमरिया एवं कटंगी बंजर में चांदी के जेवर साफ करने के नाम पर कथित ठगी की आशंका का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सतर्कता और सूझबूझ के चलते एक संदिग्ध युवक को पकड़कर बादलपार पुलिस चौकी के हवाले कर दिया गया। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पकड़े गए युवक से पूछताछ जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार चार युवक, जो मूल रूप से बिहार के निवासी बताए जा रहे हैं तथा वर्तमान में बालाघाट स्थित एक लॉज में ठहरे हुए हैं, पिछले कुछ दिनों से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में घूमते हुए नजर आ रहे थे। आरोप है कि ये युवक घर-घर जाकर लोगों को चांदी के जेवरों को चमकाने एवं साफ करने का झांसा देते थे। विश्वास में लेने के बाद वे जेवरों पर किसी रासायनिक पदार्थ अथवा तेजाब (एसिड) का उपयोग करते थे, जिससे जेवरों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। इसके बाद मौके का फायदा उठाकर वहां से निकल जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों को जब इन युवकों की गतिविधियों पर संदेह हुआ तो उन्होंने सतर्कता बरतते हुए निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया गया, जबकि उसके अन्य साथी मौके से निकल गए होने की चर्चा है। ग्रामीणों ने बिना किसी विवाद के युवक को पकड़कर बादलपार पुलिस चौकी पहुंचाया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। बादलपार चौकी प्रभारी इंजन सिंह मर्सकोले ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा एक संदिग्ध व्यक्ति को पुलिस के सुपुर्द किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है तथा उसके साथियों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में सतर्कता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि गांवों में बाहरी व्यक्तियों के आने पर उनकी पहचान और गतिविधियों की जानकारी रखना आवश्यक है। ग्रामीणों ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपों की सत्यता सामने लाने तथा यदि कोई गिरोह सक्रिय हो तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने भी आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने सोने-चांदी के जेवर या अन्य कीमती सामान साफ कराने अथवा जांच के नाम पर न दें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति गांव में घूमता दिखाई दे या किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या चौकी को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।2