जिला अस्पताल में बाहर की दवा लिखने पर डॉक्टर को नोटिस, डीएम ने मरीज के 545 रुपये कराए वापस बलिया (उत्तर प्रदेश) जिला अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बलिया के डीएम एक्शन मूड में जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे. इस दौरान डीएम के सामने अस्पताल की पोल खुल गयी जिसे लेकर लगातार अस्पताल के डॉक्टरों पर आरोप लगता रहा है कि डॉक्टर बाहर की दवा लिखते है आप को बता दे कि डीएम ने बाहर की दवा लिखने पर डॉक्टर को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और मरीज को 545 रुपये लौटाने का भी निर्देश जारी कर दिया. वही मरीजों से सीधा संवाद कर डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी. अस्पताल की व्यवस्था पर डीएम सख्त दिखे। मेडिकल वार्ड प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया. सीटी स्कैन कक्ष में भारी भीड़ पर नाराजगी जताई और टोकन व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया. साथ ही गरीब मरीजों के नि:शुल्क इलाज पर जोर दिया और साफ-सफाई सुधारने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को जिला अस्पताल एवं जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई वार्डों में जाकर मरीजों से सीधे संवाद किया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली. जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान एक महिला ने जिलाधिकारी को बताया कि वह अपने ससुर के इलाज के लिए आई थी।जहां चिकित्सक द्वारा दवा बाहर से खरीदने को कहा गया. इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए साथ ही महिला द्वारा दवा पर खर्च किए गए 545 रुपये वापस कराने का आदेश दिया।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को दी जाएं और किसी भी परिस्थिति में बाहर की दवा न लिखी जाए. यदि ऐसी शिकायत दोबारा मिली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद उन्होंने ट्रीटमेंट रूम और इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया. मरीजों से उनका हाल- चाल पूछते हुए उन्होंने यह भी जानकारी ली कि कहीं उन्हें बाहर की दवा तो नहीं लिखी जा रही है।मेडिकल वार्ड में अत्यधिक भीड़ देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज के साथ केवल एक ही व्यक्ति प्रवेश दिया जाए, अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए. इस वार्ड में कुछ मरीजों ने नली लगाने के नाम पर पैसे लिए जाने और इलाज में लापरवाही की शिकायत की. इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए मेडिकल वार्ड की प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती लीलावती से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश सीएमओ को दिए। दवा वितरण कक्ष में पहुंचकर जिलाधिकारी ने लाइन में लगे मरीजों से बातचीत की और दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली. मरीजों ने बताया कि दवाएं उपलब्ध हैं. जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी दशा में बाहर की दवा न लिखी जाए, अन्यथा जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर में वाहनों की पार्किंग की सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि मरीजों को असुविधा न हो। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने जिला महिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने एक्स-रे कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, पैथोलॉजी कक्ष एवं सीटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया. पैथोलॉजी कक्ष में उपलब्ध जांचों की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जांच रिपोर्ट समय से मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं।सीटी स्कैन कक्ष में भारी भीड़ मिलने पर उन्होंने प्रभारी से जानकारी ली. बताया गया कि अब तक 50 सीटी स्कैन किए जा चुके हैं, जबकि 65 मरीजों का स्कैन शेष है. भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिया कि सीटी स्कैन कक्ष में टोकन व्यवस्था तत्काल लागू की जाए और बाहर डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए, जिससे मरीजों को अपने नंबर की जानकारी मिलती रहे और अनावश्यक भीड़ व अव्यवस्था न हो. निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी और कर्मचारी सेवा भाव से कार्य करें। अस्पताल में आने वाले गरीब और असहाय मरीजों को नि:शुल्क एवं समुचित इलाज मिलना सुनिश्चित किया जाए. साथ ही साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करने के भी सख्त निर्देश दिए. निरीक्षण में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर विजय यादव आदि उपस्थित रहे।
जिला अस्पताल में बाहर की दवा लिखने पर डॉक्टर को नोटिस, डीएम ने मरीज के 545 रुपये कराए वापस बलिया (उत्तर प्रदेश) जिला अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बलिया के डीएम एक्शन मूड में जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे. इस दौरान डीएम के सामने अस्पताल की पोल खुल गयी जिसे लेकर लगातार अस्पताल के डॉक्टरों पर आरोप लगता रहा है कि डॉक्टर बाहर की दवा लिखते है आप को बता दे कि डीएम ने बाहर की दवा लिखने पर डॉक्टर को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और मरीज को 545 रुपये लौटाने का भी निर्देश जारी कर दिया. वही मरीजों से सीधा संवाद कर डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी. अस्पताल की व्यवस्था पर डीएम सख्त दिखे। मेडिकल वार्ड प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया. सीटी स्कैन कक्ष में भारी भीड़ पर नाराजगी जताई और टोकन व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया. साथ ही गरीब मरीजों के नि:शुल्क इलाज पर जोर दिया और साफ-सफाई सुधारने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को जिला अस्पताल एवं जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई वार्डों में जाकर मरीजों से सीधे संवाद किया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली. जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान एक महिला ने जिलाधिकारी को बताया कि वह अपने ससुर के इलाज के लिए आई थी।जहां चिकित्सक द्वारा दवा बाहर से खरीदने को कहा गया. इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए साथ ही महिला द्वारा दवा पर खर्च किए गए 545 रुपये वापस कराने का आदेश दिया।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को दी जाएं और किसी भी परिस्थिति में बाहर की दवा न लिखी जाए. यदि ऐसी शिकायत दोबारा मिली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद उन्होंने ट्रीटमेंट रूम और इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया. मरीजों से उनका हाल- चाल पूछते हुए उन्होंने यह भी जानकारी ली कि कहीं उन्हें बाहर की दवा तो नहीं लिखी जा रही है।मेडिकल वार्ड में अत्यधिक भीड़ देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज के साथ केवल एक ही व्यक्ति प्रवेश दिया जाए, अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए. इस वार्ड में कुछ मरीजों ने नली लगाने के नाम पर पैसे लिए जाने और इलाज में लापरवाही की शिकायत की. इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए मेडिकल वार्ड की प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती लीलावती से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश सीएमओ को दिए। दवा वितरण कक्ष में पहुंचकर जिलाधिकारी ने लाइन में लगे मरीजों से बातचीत की और दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली. मरीजों ने बताया कि दवाएं उपलब्ध हैं. जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी दशा में बाहर की दवा न लिखी जाए, अन्यथा जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर में वाहनों की पार्किंग की सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि मरीजों को असुविधा न हो। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने जिला महिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने एक्स-रे कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, पैथोलॉजी कक्ष एवं सीटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया. पैथोलॉजी कक्ष में उपलब्ध जांचों की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जांच रिपोर्ट समय से मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं।सीटी स्कैन कक्ष में भारी भीड़ मिलने पर उन्होंने प्रभारी से जानकारी ली. बताया गया कि अब तक 50 सीटी स्कैन किए जा चुके हैं, जबकि 65 मरीजों का स्कैन शेष है. भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिया कि सीटी स्कैन कक्ष में टोकन व्यवस्था तत्काल लागू की जाए और बाहर डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए, जिससे मरीजों को अपने नंबर की जानकारी मिलती रहे और अनावश्यक भीड़ व अव्यवस्था न हो. निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी और कर्मचारी सेवा भाव से कार्य करें। अस्पताल में आने वाले गरीब और असहाय मरीजों को नि:शुल्क एवं समुचित इलाज मिलना सुनिश्चित किया जाए. साथ ही साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करने के भी सख्त निर्देश दिए. निरीक्षण में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर विजय यादव आदि उपस्थित रहे।
- भूमि विवाद की जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार पर पक्षपात और दुर्व्यवहार का आरोप पीड़ित ने लगाये एकपक्षीय कार्रवाई करने व धमकी देने सहित गंभीर आरोप बिल्थरारोड ।तहसील क्षेत्र के अतरौल चक मिलकान गांव मे चल रहे भूमि विवाद का मामला उस वक्त गहरा गया जब एक पक्ष ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बेल्थरारोड रोशन सिंह पर पक्षपात पुर्ण कार्रवाई करने, दुर्व्यवहार व धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए न सिर्फ उच्चाधिकारियों तक इसकी शिकायत कर दी बल्कि मीडिया को भी इस संदर्भ मे बयान दे डाला जिसके बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। अतरौल चक मिलकान गांव निवासी रामनयन यादव का कहना है कि 8 माह पूर्व अपने घर से कुछ ही दूरी पर एक जमीन खरीदी थी जिसका उन्होंने अपनी तसल्ली के लिए रजिस्ट्री कराने से पहले कब्जा भी कर लिया था जिसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया संपन्न हुई इसके दस्तावेज की उनके पास मौजूद हैं विगत दो माह से रामनयन उक्त भूमि पर मेड़बंदी कर कर कराकर स्थाई पिलर लगाने के बाद टिन शेड लगाकर गौशाला का निर्माण कर रहे थे वहीं उक्त भूमि के आसपास स्थित भूस्वामियों का किसी तरह का बंटवारे का विवाद भूमि पर चल रहा था इसको लेकर पूर्व में भी दूसरे पक्ष ने डायल 112 बुलाकर तहरीर दर्ज कराई थी जिस मे पीड़ित के अनुसार पुलिस ने सारे पेपर सही होने पर क्लीन चिट दे दी थी ।लेकिन यह मामला बुधवार की दोपहर उस वक्त गर्मा गया जब मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बेल्थरा रोड रोशन सिंह ने जांच करने के दौरान एक पक्ष की पर ना सिर्फ नाराजगी दिखाई बल्कि इस दौरान कई बार अपशब्दों का प्रयोग भी किया और साथ ही पीड़ित को गुंडा इत्यादि शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि तुम्हारी गुंडई सही कर देंगे । मामले को बढ़ता देख नायब तहसीलदार ने थानाध्यक्ष उभांव को फोन करने के दौरान कहा कि कुछ समाजवादी पार्टी के लोग हैं जो गुंडई कर रहे हैं । इस दौरान पीड़ित पक्ष द्वारा बनाया जा रहा था जिस पर तहसीलदार के साथ मौजूद गार्ड ने वीडियो बनाने वाले का मोबाइल छीनने और लाठी चलाने की भी कोशिश की पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- Post by बागी बलिया4
- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा शुरू, सीवान में 54,138 परीक्षार्थी पहली परीक्षा में शामिल, मातृभाषा विषय से हुआ आगाज बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की वार्षिक माध्यमिक (मैट्रिक) परीक्षा मंगलवार से जिले के 53 परीक्षा केंद्रों पर कदाचारमुक्त वातावरण में शुरू हो गई। परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा हिंदी, उर्दू, बंगला एवं मैथिली विषय की परीक्षा आयोजित की गई। सुबह से ही सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भीड़ देखी गई और निर्धारित समय पर प्रवेश शुरू होने के बाद छात्र-छात्राएं शांतिपूर्वक परीक्षा में शामिल हुए। प्रशासन द्वारा परीक्षा संचालन को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। जिले के सीवान अनुमंडल में 24 तथा महाराजगंज अनुमंडल में 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सीवान सदर प्रखंड में सर्वाधिक 19 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा जीरादेई और पचरुखी में दो-दो तथा हुसैनगंज में एक केंद्र बनाया गया है। वहीं महाराजगंज प्रखंड में 14, बसंतपुर में 6, दरौंदा में 5 और भगवानपुर हाट में 4 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। अनुमंडलवार आंकड़ों के अनुसार, सीवान अनुमंडल में कुल 28,080 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें 9,331 छात्र और 18,749 छात्राएं हैं। पहली पाली में 14,041 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जबकि दूसरी पाली में 14,039 परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं महाराजगंज अनुमंडल में कुल 26,058 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं, जिनमें 17,122 छात्र और 8,936 छात्राएं शामिल हैं। दोनों पालियों में परीक्षार्थियों की संख्या लगभग समान रखी गई है। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये ने बताया कि इस बार जिले में चार आदर्श परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें केवल छात्राएं परीक्षा देंगी। इन केंद्रों को विशेष रूप से सजाया गया है और यहां सभी मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी, वीक्षक एवं कर्मी महिला ही नियुक्त किए गए हैं। जिले के डीएवी मिडिल स्कूल, सीवान, एबीएम मिडिल स्कूल, जेपी चौक, मिडिल स्कूल नया बाजार उर्दू तथा ए एन यू एस महिला कॉलेज, महाराजगंज को आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सभी परीक्षा केंद्रों पर एक पुरुष एवं एक महिला मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस पदाधिकारी और बल की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त परीक्षा की निगरानी के लिए 23 गश्ती दल, 10 जोनल तथा 4 सुपर जोनल मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। सभी केंद्रों के प्रवेश द्वार और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे एवं वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए कुल 2,679 वीक्षकों की नियुक्ति की गई है। इनमें पहली पाली में 1,104, दूसरी पाली में 1,114 तथा 461 रिजर्व वीक्षक शामिल हैं। परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा हिंदी, उर्दू, बंगला एवं मैथिली की परीक्षा आयोजित की जा रही है। मंगलवार सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भीड़ देखी गई। छात्र-छात्राएं समय से पहले केंद्रों पर पहुंचकर गेट खुलने का इंतजार करते नजर आए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को पूरी तरह कदाचारमुक्त, पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।4
- पॉलिकैब वायर एवं एमसीबी स्विच के संबंध में बड़हरिया में इलेक्ट्रीशियन के साथ इलेक्ट्रिकल वर्ल्ड सिवान रोड मे बैठक..... लहर न्यूज़ पर देखें एजाज अहमद की एक खास रिपोर्ट.1
- आज आयोजित महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में जी ने टाइप बंगले के मुद्दे पर विरोधियों को तथ्यों के साथ करारा जवाब दिया और अपनी स्पष्ट एवं दृढ़ स्थिति देश के सामने रखी। उनके बयान के बाद राजनीतिक परिदृश्य में नई चर्चा शुरू हो गई है। #Mayawati #BSP #PoliticalUpdate #PressConference #IndianPolitics #RKsocialist1
- महाराजगंज. सिवान, बिहार / सनसनी खेज खबर JHVP BHARAT NEWS... 9931481554 ACCURATED BY : परवेज़ आलम भारतीय देश के विभिन्न राज्यों में आज मानव तस्करी जोरों पर है. सरकार भी मौन, प्रशासन चुप. नतीजा सामने है.. एपिस्टिन फाइल्स जैसी विश्व की बेहद ख़तरनाक और शर्मनाक कुकृत्य वाली घटना... सहयोग बड़े बड़े राक्षसों की? आज हाल ये है कि बच्चों को अकेले कहीं भी भेजना या छोड़ना खतरा से खाली नहीं है. आख़िर किसकी मिलीभगत से ये हो रहा है? पुलिस हाथ पर हाथ धरे किसकी प्रतीक्षा कर रही है? कौन है मजबूत हाथ इन सबके पीछे? युवाओं को जागना होगा, परशुराम बनना होगा. भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद को फिर से आना होगा.. मिटाने राक्षसों को... ये देशी शैतानी ताकत देश को खोखला कर रही है.. बुराई जितना जल्दी हो.. ख़तम होनी चाहिए.1
- मऊ - नेशनल हाईवे पर ट्रक और ट्रेलर की हुई जबरदस्त टक्कर...! ट्रेलर की टक्कर से कोयला से लदा ट्रक में लगी आग ट्रक ड्राइवर की मौत...! दो थानों की पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मृतक ड्राइवर संदीप कुमार राणा झारखंड हजारीबाग रांची का रहने वाला था। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बशारतपुर गांव के पास नेशनल हाईवे की घटना...! #jeettaklivenews #दलजीतसिंह #maunathbhanjan #HumaraUP #maumahadev #facebookreels #reelschallenge #NayeBharatKaNayaUP #fbreels #reelsviralシ1
- एकसार में चकबंदी विभाग द्वारा किए गए खेल के बाद कब्जा करने वाले को नायब तहसीलदार की चेतावनी का वीडियो हो रहा वायरल। बिल्थरारोड।तहसील क्षेत्र के एकसार गांव में चकबंदी प्रक्रिया में लेखपाल द्वारा बदले गए चक पर दूसरे के कब्जे को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासनिक बयान के कारण और सुर्खियों में आ गया है। भूमि विवाद में अपने ही खेत पर कब्जे के लिए भूस्वामिनी वृद्धा महिला बिलख रही है।हाईकोर्ट के यथास्थिति आदेश के बावजूद भूस्वामिनी नफीसा सुल्तान को अपने खेत पर जोताई-बुआई से रोके जाने का आरोप है। वहीं दूसरे पक्ष पर दबंगई और चकबंदी कर्मियों से मिलीभगत कर उड़ान चक बैठवाने की बात कही जा रही है।विवाद बढ़ने पर नायब तहसीलदार रोशन सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान एक पक्ष से तीखी नोकझोंक हुई और उनका कथित बयान “नशा उतार दूंगा…”कैमरे में कैद हो गया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फिलहाल विवादित भूमि पर कृषि कार्य पर रोक लगा दी गई है और जांच की बात कही गई है। सवाल यह है कि न्यायालय के आदेश के बाद भी यदि भूस्वामी नफीसा सुल्तान नामक वृद्ध महिला को अपने ही खेत पर कब्जा पाने के लिए संघर्ष करना पड़े, तो चकबंदी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगने लगा है । वहीं वृद्ध महिला कहना है कि चकबंदी विभाग से मिलकर गांव के जावेद अहमद उन्हें और परिजनों को परेशान कर उनकी भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं जबकि वह लंबे समय से अपने खेत पर काबिज है और उसके पक्ष में हाईकोर्ट का आदेश भी है।3