मैं तुम्हारा बाप हूँ रे! हाउ इज इट पॉसिबल? चलिए नक्सली से मिलाता हूं मैं आपको (पूर्व सैनिक सह पत्रकार संतोष राय) एक डॉक्टर ने पत्रकार से कहा—“मैं तुम्हारा बाप हूँ रे!” और फिर दर्जनों लोगों ने सामूहिक रूप से पत्रकार पर हमला कर दिया? रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम मैं तुम्हारा बाप हूँ रे! हाउ इज इट पॉसिबल? चलिए नक्सली से मिलाता हूं मैं आपको (पूर्व सैनिक सह पत्रकार संतोष राय) एक डॉक्टर ने पत्रकार से कहा—“मैं तुम्हारा बाप हूँ रे!” और फिर दर्जनों लोगों ने सामूहिक रूप से पत्रकार पर हमला कर दिया? कोई लातेहार, चतरा, जमुई, बस्तर या चंबल का सुनसान जंगल नहीं! ना किसी मंत्री, विधायक, बाहुबली नेता, जमींदार, ठेकेदार, रंगदार या भूमाफिया का आलीशान बंगला! वो जगह था बिहार स्वास्थ्य विभाग का सिरमौर—जिला अस्पताल सहरसा, जिसे आप सदर अस्पताल कहते हैं। डॉक्टर एस.के. आजाद के व्यवहार ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, जो शारीरिक रूप से बीमार नजर आते हैं, वो फैसला ले पाएंगे? वहाँ दर्जनों पत्रकार और आम नागरिक मौजूद थे। सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। फिर भी जिस तरह पत्रकार के साथ मारपीट हुई, वह सोचने के लिए बाध्य करता है कि क्या नक्सली चार पैरों वाले हिंसक जानवर थे? नहीं! बस उनके मन से व्यवस्था का खौफ खत्म हो गया था… लोकतंत्र पर से विश्वास उठ गया था… खुद सरकार बनने का नशा चढ़ गया था। मैंने पहले ही लिख दिया था कि अब मार खाने वाला पत्रकार अंतरराष्ट्रीय हो जाएगा। पर सवाल यह है कि आगे ऐसी घटनाएँ ना हों, उसके लिए क्या किया जाएगा? अस्पताल जनता की सेवा के लिए होता है, किसी डॉक्टर की निजी सल्तनत नहीं। पत्रकार सवाल पूछने के लिए होता है, किसी के सामने सिर झुकाने के लिए नहीं। और लोकतंत्र में सवाल पूछने वाले पर सामूहिक हमला सिर्फ एक पत्रकार पर हमला नहीं है—यह उस व्यवस्था के मुँह पर तमाचा है, जिसके भरोसे आम आदमी अस्पताल पहुँचता है और जिसके भरोसे पत्रकार जनता की आवाज उठाता है। दिनकर जी ने रश्मिरथी में लिखा— “रोमांस झड़ गये, पूँछ झड़ गये, पशुता का झड़ना बाकी है। बाहर से सँवर गये, अंदर से सँवरना बाकी है।” आज सहरसा सदर अस्पताल की घटना देखकर यही पंक्तियाँ याद आती हैं। व्यवस्था भी दिखाई देती होगी…मगर सवाल सिर्फ इतना है—अंदर से इंसान कब सँवरेगा? व्यवस्था का खौफ नहीं, कानून का सम्मान चाहिए। पत्रकार से बहस हो सकती है, सवाल का जवाब दिया जा सकता है, शिकायत हो सकती है—पर सामूहिक हमला किसी भी सभ्य व्यवस्था की पहचान नहीं हो सकता। अब समय है कि सरकार इस घटना को सिर्फ एक मारपीट की घटना मानकर फाइल बंद न करे। क्योंकि आज एक पत्रकार पिटा है…कल कोई आम आदमी भी हो सकता है। और जिस दिन अस्पताल में इलाज कराने आया आम आदमी भी यह महसूस करने लगे कि यहाँ डॉक्टर नहीं, व्यवस्था के मालिक बैठे हैं, उस दिन सवाल सिर्फ सहरसा का नहीं रहेगा—पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का होगा।
मैं तुम्हारा बाप हूँ रे! हाउ इज इट पॉसिबल? चलिए नक्सली से मिलाता हूं मैं आपको (पूर्व सैनिक सह पत्रकार संतोष राय) एक डॉक्टर ने पत्रकार से कहा—“मैं तुम्हारा बाप हूँ रे!” और फिर दर्जनों लोगों ने सामूहिक रूप से पत्रकार पर हमला कर दिया? रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम मैं तुम्हारा बाप हूँ रे! हाउ इज इट पॉसिबल? चलिए नक्सली से मिलाता हूं मैं आपको (पूर्व सैनिक सह पत्रकार संतोष राय) एक डॉक्टर ने पत्रकार से कहा—“मैं तुम्हारा बाप हूँ रे!” और फिर दर्जनों लोगों ने सामूहिक रूप से पत्रकार पर हमला कर दिया? कोई लातेहार, चतरा, जमुई, बस्तर या चंबल का सुनसान जंगल नहीं! ना किसी मंत्री, विधायक, बाहुबली नेता, जमींदार, ठेकेदार, रंगदार या भूमाफिया का आलीशान बंगला! वो जगह था बिहार स्वास्थ्य विभाग का सिरमौर—जिला अस्पताल सहरसा, जिसे आप सदर अस्पताल कहते हैं। डॉक्टर एस.के. आजाद के व्यवहार ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, जो शारीरिक रूप से बीमार नजर आते हैं, वो फैसला ले पाएंगे? वहाँ दर्जनों पत्रकार और आम नागरिक मौजूद थे। सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। फिर भी जिस तरह पत्रकार के साथ मारपीट हुई, वह सोचने के लिए बाध्य करता है कि क्या नक्सली चार पैरों वाले हिंसक जानवर थे? नहीं! बस उनके मन से व्यवस्था का खौफ खत्म हो गया था… लोकतंत्र पर से विश्वास उठ गया था… खुद सरकार बनने का नशा चढ़ गया था। मैंने पहले ही लिख दिया था कि अब मार खाने वाला पत्रकार अंतरराष्ट्रीय हो जाएगा। पर सवाल यह है कि आगे ऐसी घटनाएँ ना हों, उसके लिए क्या किया जाएगा? अस्पताल जनता की सेवा के लिए होता है, किसी डॉक्टर की निजी सल्तनत नहीं। पत्रकार सवाल पूछने के लिए होता है, किसी के सामने सिर झुकाने के लिए नहीं। और लोकतंत्र में सवाल पूछने वाले पर सामूहिक हमला सिर्फ एक पत्रकार पर हमला नहीं है—यह उस व्यवस्था के मुँह पर तमाचा है, जिसके भरोसे आम आदमी अस्पताल पहुँचता है और जिसके भरोसे पत्रकार जनता की आवाज उठाता है। दिनकर जी ने रश्मिरथी में लिखा— “रोमांस झड़ गये, पूँछ झड़ गये, पशुता का झड़ना बाकी है। बाहर से सँवर गये, अंदर से सँवरना बाकी है।” आज सहरसा सदर अस्पताल की घटना देखकर यही पंक्तियाँ याद आती हैं। व्यवस्था भी दिखाई देती होगी…मगर सवाल सिर्फ इतना है—अंदर से इंसान कब सँवरेगा? व्यवस्था का खौफ नहीं, कानून का सम्मान चाहिए। पत्रकार से बहस हो सकती है, सवाल का जवाब दिया जा सकता है, शिकायत हो सकती है—पर सामूहिक हमला किसी भी सभ्य व्यवस्था की पहचान नहीं हो सकता। अब समय है कि सरकार इस घटना को सिर्फ एक मारपीट की घटना मानकर फाइल बंद न करे। क्योंकि आज एक पत्रकार पिटा है…कल कोई आम आदमी भी हो सकता है। और जिस दिन अस्पताल में इलाज कराने आया आम आदमी भी यह महसूस करने लगे कि यहाँ डॉक्टर नहीं, व्यवस्था के मालिक बैठे हैं, उस दिन सवाल सिर्फ सहरसा का नहीं रहेगा—पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का होगा।
- बाढ़ पीड़ितों का सहारा बने। गुरेरा गांव में बांटा राशन। बाढ़ पीड़ितों का सहारा बने। गुरेरा गांव में बांटा राशन। लोकेशन बिहार शेखपुरा। रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम शेखपुरा जिले के घाट कोसुंभा प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बाढ़ का पानी रहने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच गुरेरा गांव में समाजसेवी डॉ. राकेश कुमार रंजन बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे और राशन सामग्री का वितरण किया। राशन वितरण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। बाढ़ की वजह से प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री मिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने डॉ. राकेश कुमार रंजन के इस प्रयास की सराहना की। इस मौके पर डॉ. राकेश कुमार रंजन ने कहा कि वे लगातार कई वर्षों से समाजसेवा के कार्यों से जुड़े हुए हैं। ठंड के मौसम में जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण, पेड़-पौधों का वितरण तथा गरीब और असहाय लोगों की मुफ्त आंखों का इलाज कराने जैसे कार्य करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार घाट कोसुंभा प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राशन वितरण करने का अवसर मिला है। बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी को देखते हुए वे लगातार उनके बीच राशन एवं अन्य जरूरी राहत सामग्री का वितरण करते रहेंगे। डॉ. राकेश कुमार रंजन ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा होना ही सच्ची समाजसेवा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों से लगातार बाढ़ की पानी आ रहा है लेकिन बिहार सरकार की बाढ़ की सुविधा नहीं मिल रही है। ग्रामीणों ने कहा कि हरोहर नदी के पूर्व दिशा में लोगों को सुविधा मिल रही है तो वहीं नदी के पश्चिम दशा के घाट कोसुंभा प्रखंड क्षेत्र को बाढ़ की सुविधा नहीं मिल रही है। बाइट: डॉ राकेश रंजन समाज सेवी शेखपुरा4
- तारापुर में अचानक तेज बारिश से बाजार की रफ्तार थमी, किसानों को राहत बुधवार को सुबह करीब 11 बजे कड़कड़ाती धूप के बीच अचानक कड़कती बिजली के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया, लेकिन तारापुर बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश इतनी अचानक हुई कि लोगों को दुकानों में छिपने तक का मौका नहीं मिला। लोग बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। गुरुवार को होने वाली विश्वकर्मा पूजा को लेकर बाजार में बड़ी संख्या में लोग पूजा सामग्री और वाहनों को सजाने का सामान खरीदने पहुंचे थे। बारिश से बाजार की रफ्तार कुछ देर प्रभावित रही। वहीं, बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई। नहर में पानी नहीं आने से किसान मोटर और बारिश के भरोसे खेती कर रहे हैं। किसान मनोरंजन चौधरी, सुधीर चौधरी, आशुतोष सिंह और शंभू शरण चौधरी ने बताया कि बारिश से खेतों में नमी आई है, जिससे धान की फसल को फायदा होगा और सिंचाई का खर्च भी कम होगा।1
- गोगरी पंचायत में पशु चारा लाने के लिए गए किशोर की बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मौत,सीईओ ने परिजनों को दिया चार लाख का चेक। गोगरी प्रखंड अंतर्गत गोगरी पंचायत में मंगलवार की दोपहर एक बजे पशुचारा लाने गए एक 15 वर्षीय किशोर की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत गई। मृतक की पहचान गोगरी पंचायत के शोभन राय टोला निवासी अशोक पासवान के पुत्र श्याम कुमार के रूप में हुई है। इधर बुधवार की सुबह दस बजे गोगरी सीओ आमिर हुसैन द्वारा परिजनों को चार लाख का चेक दिया गया। घटना को लेकर बताया जा रहा है कि किशोर पशु के लिए चारा लाने के लिए गया था। चारा रखकर उस जगह वह नहाने लगा। जहां बाढ़ के गहरी पानी में जाने से वह डूब गया। स्थानीय लोगों की द्वारा हल्ला करने पर स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।1
- मुख्यमंत्री के आगमन से पहले प्रशासन ने तेज की तैयारी, डीएम ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण सुरक्षा, बैरिकेडिंग, मंच, पार्किंग और बैठने की व्यवस्था का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश मुंगेर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुंगेर आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बुधवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था, कंट्रोल रूम, बैरिकेडिंग, मंच, पार्किंग सहित आम लोगों के बैठने की व्यवस्था को देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसे लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने वाले लोगों की सुविधा और सुचारू आवागमन को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने को कहा। प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को कार्यक्रम के दौरान भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।1
- मुख्यमंत्री के आगमन से पहले प्रशासन ने तेज की तैयारी, डीएम ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण सुरक्षा, बैरिकेडिंग, मंच, पार्किंग और बैठने की व्यवस्था का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश मुंगेर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुंगेर आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बुधवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था, कंट्रोल रूम, बैरिकेडिंग, मंच, पार्किंग सहित आम लोगों के बैठने की व्यवस्था को देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसे लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने वाले लोगों की सुविधा और सुचारू आवागमन को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने को कहा। प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को कार्यक्रम के दौरान भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। #Munger #SamratChoudhary #MungerNews #BiharNews #CMVisit1
- पिस्टल सटाकर युवक का अपरहण,पांच लाख की रंगदारी मांगी एक घंटा बंधक बनाने का दावा,दो चेक पर कराया हस्ताक्षर पिस्टल सटाकर युवक का अपरहण,पांच लाख की रंगदारी मांगी एक घंटा बंधक बनाने का दावा,दो चेक पर कराया हस्ताक्षर1
- मानसी रेलवे जंक्शन परिसर में बाबा विश्वकर्मा पूजा की तैयारी जोरों पर विश्वकर्मा पूजा की तैयारी खगड़िया मानसी रेलवे जंक्शन परिसर में बाबा विश्वकर्मा पूजा की तैयारी जोरों पर विश्वकर्मा पूजा की तैयारी खगड़िया / मानसी। मानसी रेलवे जंक्शन परिसर के बाहर स्थित बाबा विश्वकर्मा मंदिर में पूजा को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। विश्वकर्मा पूजा को लेकर मंदिर परिसर की साफ-सफाई और सजावट का कार्य शुरू कर दिया गया है। पूजा समिति एवं स्थानीय श्रद्धालु मंदिर परिसर को आकर्षक रूप देने में जुटे हुए हैं। विश्वकर्मा पूजा को लेकर मानसी प्रखंड क्षेत्र में भी उत्साह का माहौल है। विभिन्न स्थानों पर प्रतिष्ठानों, वर्कशॉप, दुकानों और अन्य जगहों पर साफ-सफाई एवं पूजा की तैयारियां की जा रही हैं। लोगों द्वारा पूजा स्थल की सफाई के साथ-साथ प्रतिमा स्थापना और सजावट की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाबा विश्वकर्मा की पूजा को लेकर हर वर्ष श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहता है। मानसी रेलवे जंक्शन परिसर के आसपास भी पूजा को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।1
- बाढ़ पीड़ितों का सहारा बने। गुरेरा गांव में बांटा राशन। बाढ़ पीड़ितों का सहारा बने। गुरेरा गांव में बांटा राशन। लोकेशन बिहार शेखपुरा। रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम शेखपुरा जिले के घाट कोसुंभा प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बाढ़ का पानी रहने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच गुरेरा गांव में समाजसेवी डॉ. राकेश कुमार रंजन बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे और राशन सामग्री का वितरण किया। राशन वितरण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। बाढ़ की वजह से प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री मिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने डॉ. राकेश कुमार रंजन के इस प्रयास की सराहना की। इस मौके पर डॉ. राकेश कुमार रंजन ने कहा कि वे लगातार कई वर्षों से समाजसेवा के कार्यों से जुड़े हुए हैं। ठंड के मौसम में जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण, पेड़-पौधों का वितरण तथा गरीब और असहाय लोगों की मुफ्त आंखों का इलाज कराने जैसे कार्य करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार घाट कोसुंभा प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राशन वितरण करने का अवसर मिला है। बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी को देखते हुए वे लगातार उनके बीच राशन एवं अन्य जरूरी राहत सामग्री का वितरण करते रहेंगे। डॉ. राकेश कुमार रंजन ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा होना ही सच्ची समाजसेवा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों से लगातार बाढ़ की पानी आ रहा है लेकिन बिहार सरकार की बाढ़ की सुविधा नहीं मिल रही है। ग्रामीणों ने कहा कि हरोहर नदी के पूर्व दिशा में लोगों को सुविधा मिल रही है तो वहीं नदी के पश्चिम दशा के घाट कोसुंभा प्रखंड क्षेत्र को बाढ़ की सुविधा नहीं मिल रही है। बाइट: डॉ राकेश रंजन समाज सेवी शेखपुरा4