ट्रंप का बड़ा दावा: 'मैं ये चीन और दुनिया के लिए भी कर रहा हूँ' – चीन ने ईरान को हथियार न देने पर सहमति जताई 16 अप्रैल 2026 – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बड़ा कूटनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि चीन ईरान को हथियार सप्लाई नहीं करेगा और इस पर दोनों देशों के बीच समझ बनी है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को स्थायी रूप से खोल रहे हैं, जिससे चीन "बहुत खुश" है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखा: "चीन बहुत खुश है कि मैं हॉर्मुज स्ट्रेट को स्थायी रूप से खोल रहा हूँ। मैं ये उनके लिए भी कर रहा हूँ – और दुनिया के लिए। यह स्थिति कभी दोबारा नहीं होगी। उन्होंने ईरान को हथियार न देने पर सहमति दे दी है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग जब मैं कुछ हफ्तों में वहाँ पहुँचूँगा तो मुझे जोरदार गले लगाएंगे। हम साथ मिलकर स्मार्ट तरीके से और बहुत अच्छे से काम कर रहे हैं।" क्या कहा ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस इंटरव्यू में? ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस की मारिया बार्टिरोमो से इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक पत्र लिखा था। इसमें ईरान को हथियार न देने का अनुरोध किया गया था। शी जिनपिंग ने जवाब में "सुंदर पत्र" लिखकर कहा कि चीन ईरान को हथियार नहीं दे रहा है। ट्रंप ने कहा: "मैंने सुना था कि चीन ईरान को हथियार दे रहा है। मैंने शी को पत्र लिखा और कहा कि ऐसा न करें। उन्होंने जवाब दिया कि वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।" ट्रंप ने यह भी जताया कि वे मई 2026 में बीजिंग में शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे, जहाँ दोनों नेता मिलेंगे। पृष्ठभूमि: ईरान युद्ध और हॉर्मुज स्ट्रेट हाल के दिनों में अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बढ़ा था। विश्व के लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। अमेरिका ने स्ट्रेट को "स्थायी रूप से खोलने" की कोशिश की है ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित न हो। चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक है और उसे अपना अधिकांश तेल हॉर्मुज के रास्ते मिलता है। इसलिए ट्रंप का दावा है कि यह कदम चीन के हित में भी है। चीन का रुख चीन की विदेश मंत्रालय ने बार-बार इनकार किया है कि वे ईरान को कोई सैन्य मदद दे रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में चीन द्वारा ईरान को एयर डिफेंस सिस्टम देने की अफवाहें थीं, लेकिन ट्रंप का दावा है कि पत्राचार के बाद यह रुक गया है। ट्रंप ने पहले चेतावनी भी दी थी कि अगर कोई देश ईरान को हथियार देगा तो उसे "बड़ी समस्या" का सामना करना पड़ेगा, जिसमें 50% टैरिफ तक का खतरा शामिल था। विशेषज्ञों की राय यह दावा अमेरिका-चीन संबंधों में सुधार का संकेत दे सकता है, लेकिन कुछ विश्लेषक इसे ट्रंप की कूटनीतिक शैली का हिस्सा मान रहे हैं। ईरान युद्ध के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट की स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम की कोशिशें चल रही हैं और पाकिस्तान जैसे देश मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं। अपडेट: यह जानकारी ट्रंप के ट्रुथ सोशल पोस्ट, फॉक्स बिजनेस इंटरव्यू और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। स्थिति तेजी से बदल रही है, आगे की डेवलपमेंट पर नजर रखें। मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
ट्रंप का बड़ा दावा: 'मैं ये चीन और दुनिया के लिए भी कर रहा हूँ' – चीन ने ईरान को हथियार न देने पर सहमति जताई 16 अप्रैल 2026 – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बड़ा कूटनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि चीन ईरान को हथियार सप्लाई नहीं करेगा और इस पर दोनों देशों के बीच समझ बनी है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को स्थायी रूप से खोल रहे हैं, जिससे चीन "बहुत खुश" है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखा: "चीन बहुत खुश है कि मैं हॉर्मुज स्ट्रेट को स्थायी रूप से खोल रहा हूँ। मैं ये उनके लिए भी कर रहा हूँ – और दुनिया के लिए। यह स्थिति कभी दोबारा नहीं होगी। उन्होंने ईरान को हथियार न देने पर सहमति दे दी है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग जब मैं कुछ हफ्तों में वहाँ पहुँचूँगा तो मुझे जोरदार गले लगाएंगे। हम साथ मिलकर स्मार्ट तरीके से और बहुत अच्छे से काम कर रहे हैं।" क्या कहा ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस इंटरव्यू में? ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस की मारिया बार्टिरोमो से इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक पत्र लिखा था। इसमें ईरान को हथियार न देने का अनुरोध किया गया था। शी जिनपिंग ने जवाब में "सुंदर पत्र" लिखकर कहा कि चीन ईरान को हथियार नहीं दे रहा है। ट्रंप ने कहा: "मैंने सुना था कि चीन ईरान को हथियार दे रहा है। मैंने शी को पत्र लिखा और कहा कि ऐसा न करें। उन्होंने जवाब दिया कि वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।" ट्रंप ने यह भी जताया कि वे मई 2026 में बीजिंग में शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे, जहाँ दोनों नेता मिलेंगे। पृष्ठभूमि: ईरान युद्ध और हॉर्मुज स्ट्रेट हाल के दिनों में अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बढ़ा था। विश्व के लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। अमेरिका ने स्ट्रेट को "स्थायी रूप से खोलने" की कोशिश की है ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित न हो। चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक है और उसे अपना अधिकांश तेल हॉर्मुज के रास्ते मिलता है। इसलिए ट्रंप का दावा है कि यह कदम चीन के हित में भी है। चीन का रुख चीन की विदेश मंत्रालय ने बार-बार इनकार किया है कि वे ईरान को कोई सैन्य मदद दे रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में चीन द्वारा ईरान को एयर डिफेंस सिस्टम देने की अफवाहें थीं, लेकिन ट्रंप का दावा है कि पत्राचार के बाद यह रुक गया है। ट्रंप ने पहले चेतावनी भी दी थी कि अगर कोई देश ईरान को हथियार देगा तो उसे "बड़ी समस्या" का सामना करना पड़ेगा, जिसमें 50% टैरिफ तक का खतरा शामिल था। विशेषज्ञों की राय यह दावा अमेरिका-चीन संबंधों में सुधार का संकेत दे सकता है, लेकिन कुछ विश्लेषक इसे ट्रंप की कूटनीतिक शैली का हिस्सा मान रहे हैं। ईरान युद्ध के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट की स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम की कोशिशें चल रही हैं और पाकिस्तान जैसे देश मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं। अपडेट: यह जानकारी ट्रंप के ट्रुथ सोशल पोस्ट, फॉक्स बिजनेस इंटरव्यू और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। स्थिति तेजी से बदल रही है, आगे की डेवलपमेंट पर नजर रखें। मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
- भारतरत्न डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर यांची जयंती खासदार डॉक्टर कल्याण काळे यांनी आपले मोठे कार्यकर्तासह मस्तगड इथे पुष्पहार अर्पण करून साजरी केली1
- mumbai malad infinity mall1
- भोकरदनमध्ये जयंती उत्सव 2026मोठ्या उत्सहात साजरा, जयंती मिरवणुकीत वृद्धसह, तरुण तरुणीनी धरला तालावर ठेका1
- नासिक के टीसीएस बीपीओ (TCS BPO) कैंपस से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न मामले में अब पहली पीड़िता का बयान सामने आया है. इस बयान में दोस्ती, नौकरी का लालच, शादी का झांसा, जबरन संबंध, धर्म बदलने का दबाव और निजी तस्वीरों से ब्लैकमेल जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पीड़िता ने 2022 से 2026 तक की पूरी घटनाओं को क्रमवार बताया है, जिससे मामले की गंभीरता का पता चलता है.1
- Post by Amol Gawai3
- हृदयद्रावक व अतिशय दुर्दैवी घटना; पाण्यात बुडून चार शाळकरी मुलांचा मृत्यू नांदेड शहरातील देगलूर नाका परिसरात आज गुरवारी अत्यंत हृदयद्रावक घटना घडली आहे. शाळा सुटल्यानंतर घरी जात असताना हारूनबाग भागात पाण्याने भरलेल्या खड्ड्यात उतरल्याने चार शाळकरी मुलांचा बुडून मृत्यू झाला. मुलांना पाण्याची खोली लक्षात न आल्याने ही दुर्घटना घडल्याची माहिती समोर आली आहे. घटनास्थळी मुलांचे बूट, चप्पल आणि गणवेश आढळून आले असून मृत मुलांचे वय ८ ते १२ वर्षांदरम्यान असल्याचे सांगितले जात आहे. दरम्यान, सुरू असलेल्या कामामुळे हा खड्डा तयार झाला असण्याची शक्यता व्यक्त केली जात असून, महापालिका व पोलीस प्रशासनाकडून घटनेची चौकशी सुरू आहे.1
- महाविद्यालयाच्या प्राचार्यांनी अभाविप व विद्यार्थ्यांविषयी केलेल्या अपमानास्पद व धमकीजनक वक्तव्याच्या निषेधार्थ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जालना शाखेच्या वतीने छेडण्यात आलेल्या “विद्यार्थी आत्मसन्मान आंदोलन” ला मोठा प्रतिसाद मिळाला. दिनांक ११ एप्रिल रोजी ‘पक्षी मित्र अभियान’ या उपक्रमादरम्यान संबंधित प्राचार्यांनी अभाविप व कार्यकर्त्यांविषयी अवमानकारक व अशोभनीय भाषा वापरली होती. तसेच, विद्यार्थ्यांनी याचा निषेध केल्यानंतर “तुमचे शैक्षणिक करिअर उद्ध्वस्त करीन” व “जीवे मारीन” अशा स्वरूपाच्या गंभीर धमक्या दिल्याचा आरोप आहे. या प्रकरणी अभाविपने आक्रमक भूमिका घेत संस्थेच्या अध्यक्षांना निवेदन सादर केले होते. आंदोलनाची चाहूल लागताच प्राचार्य रजेवर निघून गेले असतांना सुद्धा आंदोलनाची तीव्रता लक्षात घेता संबंधित प्राचार्यांनी आपल्या वक्तव्याबद्दल व्हिडिओ कॉल वरून माफी मागितल्याची माहिती समोर आली आहे. तसेच, संस्थेकडून या प्रकरणात उद्या योग्य ती कारवाई करण्यात येणार असल्याचेही समजते. अभाविपची भूमिका पुढीलप्रमाणे स्पष्ट करण्यात आली आहे: • प्राचार्यांची माफी ही सकारात्मक पाऊल असले तरी, केवळ माफी पुरेशी नाही • संबंधित प्राचार्यांनी नैतिक जबाबदारी स्वीकारत राजीनामा द्यावा • संस्थेकडून ठोस व पारदर्शक कारवाई करण्यात यावी यावेळी अभाविप देवगिरी प्रदेश मंत्री डॉ. वरुणराज नन्नवरे म्हणाले की, “विद्यार्थ्यांच्या आत्मसन्मानावर कुठलाही आघात सहन केला जाणार नाही. आंदोलनानंतर प्राचार्यांनी माफी मागितली, ही बाब लक्षात घेतली आहे; मात्र इतक्या गंभीर स्वरूपाच्या प्रकरणात केवळ माफी पुरेशी ठरत नाही. संस्थेकडून उद्या होणाऱ्या कारवाईकडे आम्ही लक्ष ठेवून आहोत. जर कारवाई समाधानकारक नसेल, तर अभाविप पुढील टप्प्यात अधिक तीव्र आंदोलन उभारेल.” अभाविपच्या वतीने स्पष्ट करण्यात आले आहे की, विद्यार्थ्यांच्या सन्मानासाठी लढा सुरूच राहील आणि न्याय मिळेपर्यंत आंदोलनाची भूमिका कायम राहील. यावेळी अभाविप देवगिरी प्रदेशमंत्री डॉ. वरुणराज नन्नवरे, जालना जिल्हा संयोजक पवन नरवडे, शहर मंत्री गणेश बोंडे व इतर कार्यकर्ते उपस्थित होते.1
- 180 लड़कियां, 350 अश्लील वीडियो... 19 साल का मास्टरमाइंड अयान अहमद कौन है? महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक 19 वर्षीय युवक पर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने और उनके वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप है। इस मामले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान अयान अहमद तनवीर अहमद के रूप में हुई है, जिसे मंगलवार को गिरफ्तार किया गया और 21 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।1