गुरुवार को हमीरपुर के कुछेछा गांव में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में आपदा प्रबंधन पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कन्या प्राथमिक विद्यालय कुछेछा और उच्च प्राथमिक विद्यालय कुछेछा की संयुक्त कक्षा में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकेश खरवार ने बच्चों को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक किया। इस दौरान आपदा प्रशिक्षक अकबर अली ने बच्चों को विज्ञान विषय में पोषण और पाचन तंत्र की जानकारी चित्रों के माध्यम से दी। बेसिक शिक्षा विभाग हर साल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत राहत शिविरों में बच्चों की शिक्षा निरंतर जारी रखता है। जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, और प्रभारी अधिकारी दैवी आपदा ने इस मॉक ड्रिल शिविर की सराहना की। इसी कड़ी में, राजकीय महाविद्यालय कुछेछा में "स्टेट लेवल मॉक एक्सरसाइज ऑन फ्लड डिजास्टर" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इस मॉक एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना था। अपर पुलिस अधीक्षक ने आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों का समीक्षा कर आवश्यक दिशानिर्देश प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।
गुरुवार को हमीरपुर के कुछेछा गांव में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में आपदा प्रबंधन पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कन्या प्राथमिक विद्यालय कुछेछा और उच्च प्राथमिक विद्यालय कुछेछा की संयुक्त कक्षा में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकेश खरवार ने बच्चों को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक किया। इस दौरान
आपदा प्रशिक्षक अकबर अली ने बच्चों को विज्ञान विषय में पोषण और पाचन तंत्र की जानकारी चित्रों के माध्यम से दी। बेसिक शिक्षा विभाग हर साल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत राहत शिविरों में बच्चों की शिक्षा निरंतर जारी रखता है। जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, और प्रभारी अधिकारी दैवी आपदा ने इस मॉक ड्रिल शिविर
की सराहना की। इसी कड़ी में, राजकीय महाविद्यालय कुछेछा में "स्टेट लेवल मॉक एक्सरसाइज ऑन फ्लड डिजास्टर" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इस मॉक एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना था। अपर पुलिस अधीक्षक ने आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों का समीक्षा कर आवश्यक दिशानिर्देश प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में, सिमरन टंकी का डेरा गांव गंभीर पानी की समस्या से जूझ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में मौजूद एकमात्र नल लंबे समय से खराब पड़ा है और पूरी तरह से अनुपयोगी है। यह नल पूरे गांव का एकमात्र जल स्रोत है, लेकिन इसकी खराब स्थिति के बावजूद, ग्रामीणों की इस परेशानी पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।1
- हमीरपुर जिला अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहाँ अस्पताल के महिला शौचालय के भीतर एक नवजात शिशु का शव मिला है। इस हृदय विदारक घटना के सामने आते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल में जुट गई है। इस बीच, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की जांच करने और अस्पताल में आने-जाने वाले सभी तीमारदारों के झोले चेक करने के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने जिला अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों और सफाई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।4
- कानपुर नगर के नाश्ता खाना क्षेत्र से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर हड़कंप मच गया।1
- हमीरपुर जिले के राठ क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार दो युवकों की जान चली गई। मुस्करा थाना क्षेत्र के महेरा गांव निवासी 25 वर्षीय रोहित पुत्र अनिल और सुदर्शन पुत्र संतू किसी काम से मुस्करा कस्बे गए थे। वापस अपने गांव लौटते समय राठ क्षेत्र की गल्ला मंडी के पास उनकी तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सुदर्शन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सुदर्शन को उरई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। दोनों युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया है।1
- मौदहा नगर में महिला साक्षरता केंद्रों की शिक्षिकाओं के लिए एक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। इस प्रशिक्षण में हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट जिलों के कुल 19 केंद्रों की शिक्षिकाएं हिस्सा ले रही हैं। यह कार्यक्रम जिला ग्राम्य विकास संस्थान में आयोजित किया जा रहा है और 25 जून तक चलेगा। प्रशिक्षण का मुख्य जोर ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर रहेगा। इसके तहत प्रशिक्षिकाओं को वयस्क शिक्षा, नेतृत्व विकास और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।1
- कानपुर देहात के जिलाधिकारी कपिल सिंह ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में माती स्थित ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की सीसीटीवी व्यवस्था, साफ-सफाई और रखरखाव का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने इन सभी पहलुओं की जांच के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- कानपुर नगर के नौबस्ता क्षेत्र में पुलिस और एक चैन लुटेरे बदमाश के बीच मतभेद हुआ है।1
- Post by Jitendra kumar कोरी2