भारत में निजी स्कूलो की बढ़ती फीस ने अभिभावकों की कमर तोड़ दी हैं! बेहतर शिक्षा के नाम पर फीस की मार भारत में निजी स्कूलो की बढ़ती फीस ने अभिभावकों की कमर तोड़ दी हैं! बेहतर शिक्षा के नाम पर फीस की मार सरकार को इस और ध्यान देने की बड़ी चुनौती? एग्जाम के नाम और एडमिशन के नाम पर भी अभिभावकों की जेब खाली की जा रही है! दैनिक लोकशासक टाईम्स भारत में निजी स्कूलों की फीस में हर साल 15-20% की बढ़ोतरी हो रही है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है। पिछले एक दशक में निजी स्कूलों की फीस में 169% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो वेतन वृद्धि से बहुत अधिक है। यह स्थिति शिक्षा को व्यवसाय (व्यापारीकरण) बना रही है और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए शिक्षा का अधिकार एक बड़ी चुनौती बन गया है।बढ़ती फीस के प्रमुख कारण और मुद्दे:अनियंत्रित वृद्धि: स्कूल मनमाने ढंग से 10-15% तक फीस बढ़ा रहे हैं, जो कानून का उल्लंघन है। महंगाई और इंफ्रास्ट्रक्चर: स्कूल प्रबंधन महंगाई, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं। शिक्षा का बाजारीकरण: छोटे बच्चों की नर्सरी-KG फीस तक मंहगी हो गई है जिससे शिक्षा विलासिता बन रही है।अनिवार्य खर्चे: यूनिफॉर्म, किताबें और ट्रांसपोर्ट के नाम पर भी मोटी रकम वसूली जा रही है। सरकारी नियम और मौजूदा स्थिति:फीस रेगुलेशन कमेटी: नियमों के तहत फीस को नियंत्रित करने के लिए कमेटी बनाने का प्रावधान है।अदालत का रुख: दिल्ली-NCR में हाई कोर्ट ने 2026-2027 सत्र के लिए पिछले वर्ष की तुलना में फीस बढ़ोतरी पर रोक के आदेश दिए हैं।जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर ₹1 लाख से ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अभिभावकों के लिए सलाह:स्कूल द्वारा फीस बढ़ाने के सर्कुलर मिलने पर, उसकी जांच करें कि क्या यह सरकारी नियमों के अनुरूप है? स्कूल फीस नियम कमेटी या स्थानीय शिक्षा विभाग (DOE) से शिकायत करें।नोट: यह जानकारी मार्च-अप्रैल 2026 के आंकड़ों पर आधारित है। सरकार को चाहिए की देश के आम नागरिकों के लिए बहतर शिक्षा व्यवस्था हो । और इन मन चाही फ़ीस उगाही करने वाले स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई हो ताकि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सके,और देश के विकास में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की जाए जिससे देश की आर्थिक स्थिति मज़बूत हो सके और भारत के सभी नागरिकों को समान शिक्षा प्रदान हो सके जय हिंद ।
भारत में निजी स्कूलो की बढ़ती फीस ने अभिभावकों की कमर तोड़ दी हैं! बेहतर शिक्षा के नाम पर फीस की मार भारत में निजी स्कूलो की बढ़ती फीस ने अभिभावकों की कमर तोड़ दी हैं! बेहतर शिक्षा के नाम पर फीस की मार सरकार को इस और ध्यान देने की बड़ी चुनौती? एग्जाम के नाम और एडमिशन के नाम पर भी अभिभावकों की जेब खाली की जा रही है! दैनिक लोकशासक टाईम्स भारत में निजी स्कूलों की फीस में हर साल 15-20% की बढ़ोतरी हो रही है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है। पिछले एक दशक में निजी स्कूलों की फीस में 169% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो वेतन वृद्धि से बहुत अधिक है। यह स्थिति शिक्षा को व्यवसाय (व्यापारीकरण) बना रही है और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए शिक्षा का अधिकार एक बड़ी चुनौती बन गया है।बढ़ती फीस के प्रमुख कारण और मुद्दे:अनियंत्रित वृद्धि: स्कूल मनमाने ढंग से 10-15% तक फीस बढ़ा रहे हैं, जो कानून का उल्लंघन है। महंगाई और इंफ्रास्ट्रक्चर: स्कूल प्रबंधन महंगाई, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं। शिक्षा का बाजारीकरण: छोटे बच्चों की नर्सरी-KG फीस तक मंहगी हो गई है जिससे शिक्षा विलासिता बन रही है।अनिवार्य खर्चे: यूनिफॉर्म, किताबें और ट्रांसपोर्ट के नाम पर भी मोटी रकम वसूली जा रही है। सरकारी नियम और मौजूदा स्थिति:फीस रेगुलेशन कमेटी: नियमों के तहत फीस को नियंत्रित करने के लिए कमेटी बनाने का प्रावधान है।अदालत का रुख: दिल्ली-NCR में हाई कोर्ट ने 2026-2027 सत्र के लिए पिछले वर्ष की तुलना में फीस बढ़ोतरी पर रोक के आदेश दिए हैं।जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर ₹1 लाख से ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अभिभावकों के लिए सलाह:स्कूल द्वारा फीस बढ़ाने के सर्कुलर मिलने पर, उसकी जांच करें कि क्या यह सरकारी नियमों के अनुरूप है? स्कूल फीस नियम कमेटी या स्थानीय शिक्षा विभाग (DOE) से शिकायत करें।नोट: यह जानकारी मार्च-अप्रैल 2026 के आंकड़ों पर आधारित है। सरकार को चाहिए की देश के आम नागरिकों के लिए बहतर शिक्षा व्यवस्था हो । और इन मन चाही फ़ीस उगाही करने वाले स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई हो ताकि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सके,और देश के विकास में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की जाए जिससे देश की आर्थिक स्थिति मज़बूत हो सके और भारत के सभी नागरिकों को समान शिक्षा प्रदान हो सके जय हिंद ।
- मुज़फ्फरनगर में ऑनलाइन ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। पीड़ित युवक केस ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अज्ञात ठगों ने उसे अपने जाल में फंसाकर अलग-अलग तारीखों में 90,000 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। शिकायत के अनुसार, ठगों ने पहले भरोसा जीतने के लिए संपर्क किया! और फिर छोटी-छोटी रकम जमा करवाते हुए धीरे-धीरे बड़ी रकम निकलवा ली। युवक ने कई बार पैसे वापस मांगने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने टालमटोल करते हुए अंत में संपर्क ही बंद कर दिया। जब पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुज़फ्फरनगर के कार्यालय पहुँच कर लिखित शिकायत देते हुए कार्यवाही की मांग की है! वही लोन के नाम पर हुए फ्राड के मामले मे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित मोबाइल नंबरों व खातों की पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ठग संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे हैं। जिनपर पुलिस ने शिकांजा कसने की तैयारी शुरू कर दीं है!2
- श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक महोदय, मेरठ जोन मेरठ एवं श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक महोदय, सहारनपुर परिक्षेत्र सहारनपुर के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय, जनपद मुजफ्फनगर श्री संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी बुढाना/फुगाना श्री यतेन्द्र नागर तथा थानाध्यक्ष शाहपुर श्री गजेन्द्र सिंह के कुशल नेतृत्व में थाना शाहपुर पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही। *घटना का संक्षिप्त विवरणः-* दिनांक 01.04.2026 को थाना शाहपुर पुलिस द्वारा कसेरवा नहर पुलिया पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी इसी दौरान 01 व्यक्ति पैदल आता दिखाई दिया जो पुलिस टीम को देखकर वापस मुड़कर तेज कदमों से चलने लगा। संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस टीम द्वारा उक्त व्यक्ति को चेकिंग हेतु रुकने के लिए कहा गया परन्तु वह व्यक्ति नहीं रुका । जैसे ही पुलिस टीम उक्त व्यक्ति की पास पहुंची तो उसके द्वारा अचानक पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया तथा जंगल की तरफ भागने लगा । बदमाश द्वारा किए गए फायर से पुलिस टीम बाल बाल बची तथा बदमाश को फायरिंग बंद कर आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गयी परन्तु बदमाश पर पुलिस की चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ। पुलिस टीम द्वारा बदमाश की फायरिंग रेंज में घुस कर आत्मरक्षार्थ सूक्ष्म जवाबी फायरिंग की गयी जिसमें बदमाश घायल हो गया। घायल बदमाश द्वारा अपना नाम साजिद उर्फ भूटानी पुत्र अब्दुल बताया गया तथा कब्जे से 01 तमंचा मय 01 जिंदा व 01 खोखा कारतूस 315 बोर बरामद किए गए हैं, घायल बदमाश को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं बरामदगी के सम्बन्ध में थाना शाहपुर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है । *घायल / गिरफ्तार अभियुक्त का नामः-* *1.* साजिद उर्फ भूटानी पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी ग्राम रसूलपुर दभेडी थाना बुढाना जनपद मुजफ्फरनगर । *बरामदगीः-* ▪️01 तमंचा मय 01 जिंदा व 01 खोखा कारतूस 315 बोर । *घायल / गिरफ्तार अभियुक्त साजिद उर्फ भूटानी उपरोक्त का अपराधिक इतिहासः-* 1. मु0अ0सं0 102/2016 धारा 3/8 गौवध अधि0 व 11 पशु क्रूरता अधि0 थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर । 2. मु0अ0सं0 211/2016 धारा 3/5/8 गौवध अधि0 थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर । 3. मु0अ0सं0 346/2016 धारा 3/8 गौवध अधि0 थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर । 4. मु0अ0सं0 544/2016 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर । 5. मु0अ0सं0 86/2023 धारा 3/25 आयुध अधिनियम थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर । 6. मु0अ0सं0 54/2021 धारा 2/3 गैंगस्टर अधिनियम थाना रतनपुरी, मुजफ्फरनगर । 7. मु0अ0सं0 210/2020 धारा 177, 307, 414 भादवि थाना रतनपुरी, मुजफ्फरनगर । 8. मु0अ0सं0 211/2020 धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट थाना रतनपुरी, मुजफ्फरनगर । 9. मु0अ0सं0 215/2020 धारा 3/5A/8 गौवध अधि0 थाना रतनपुरी, मुजफ्फरनगर । 10. मु0अ0सं0 88/2025 धारा 109(1) बीएनएस, 3/25/27 आयुध अधिनियम, 3/5/8 गौवध निवारण अधिनियम थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर । 11. मु0अ0सं0 103/2012 धारा 5/8 गौवध अधि0 थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर । 12. मु0अ0सं0 26/2010 धारा 3/5/8 गौवध अधि0 थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर । 13. मु0अ0सं0 300/04 धारा 3/5/8 गौवध अधि0 थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर । 14. मु0अ0सं0 288/14 धारा 3/5/8 गौवध अधि0 थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर । 15. मु0अ0सं0 78/2026 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर । 16. मु0अ0सं0 79/2026 धारा 109(1) बीएनएस व 3/25/28 आर्म्स एक्ट थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर । *नोट-* घायल / गिरफ्तार अभियुक्त साजिद उर्फ भूटानी उपरोक्त 01 शातिर गौकश प्रवृत्ति का अपराधी है जो थाना शाहपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 78/2026 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहा था । *गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीमः-* 1. उ0नि0 श्री विकास कुमार थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर । 2. उ0नि0 श्री राहुल कुमार थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर । 3. का0 2408 मोहित चाहर थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर । 4. का0 2239 किताव सिंह थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर । 5. का0 2384 अश्वनी कुमार थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर । 6. का0 1895 इकराम अली थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर ।1
- Post by Praveen Kumar1
- Post by Aviraj Rathi1
- जनपद मुजफ्फरनगर में मामूली विवाद बना मौत का कारण चार जिंदगियां खत्म1
- ईदी के विवाद ने ली 4 जिंदगियां! मुजफ्फरनगर में पति ने परिवार को खत्म कर खुद दी जान”1
- मुज़फ्फरनगर थानां सिविल लाइन क्षेत्र के गांव सरवट में एक ही परिवार के चार शव मिलने से मचा हड़कंप ईदी के 1500 रुपये को लेकर बताया जा रहा है1
- सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी नई मण्डी, थाना सिविल लाईन पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आये कि मृतक इरशाद की बहन घर पर आयी हुई थी, ईदी देने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, इसके उपरान्त पहले पति ने जहर देकर या हत्या कर पत्नी व बच्चों का मार दिया जिसके बाद स्वंय पंखे में चादर बांधकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल पर फारेंसिक टीम व डॉग स्कवॉड मौजूद है तथा साक्ष्य एकत्रित किये जा रहे है। सभी बिन्दुओं पर गहनता से जांच की जा रही है तथा मृतकों के शवों का पंचायतनामा भरकर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। *मृतको के नाम-* *1.* इरशाद पुत्र जरीफ उम्र करीब 35 वर्ष *2.* नूरीन पत्नी इरशाद उम्र करीब 30 वर्ष *3.* आहिल पुत्र इरशाद उम्र करीब 2-2.5 वर्ष *4.* अक्षा पुत्री इरशाद उम्र करीब 3-4 माह *सम्पूर्ण घटनाक्रम के सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा की बाइट-*1