पटना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ 'दोहरा प्रहार' करते हुए डकैती की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया, जबकि एक अपहरण कांड का खुलासा भी किया और करोड़ों रुपए की ठगी के एक बड़े खेल को बेनकाब किया। सबसे पहले शाहजहांपुर थाना क्षेत्र में, STF और विशिष्ट आसूचना इकाई से मिली गुप्त सूचना पर पुलिस ने एरई गांव में देर रात छापेमारी की। इस कार्रवाई में कुख्यात अपराधी पिन्टू सिंह उर्फ पिन्टू बाबा को गिरफ्तार किया गया, जो एरई गांव का निवासी और दिनेश सिंह उर्फ रामदहिन सिंह का बेटा है। पुलिस के पहुँचते ही उसके 4 से 5 साथी मौके से फरार हो गए। तलाशी के दौरान पिन्टू बाबा के घर से 1 देशी कट्टा, 17 जिंदा कारतूस, 1 खाली मैगजीन और मोबाइल फोन बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती और लूट की बड़ी वारदात की तैयारी की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, पिन्टू बाबा का लंबा आपराधिक इतिहास है और वह हाल ही में जेल से बाहर आया था। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व शाहजहांपुर थानाध्यक्ष बमबम कुमार ने किया। इसी क्रम में, फतुहा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के अपहरण की सनसनीखेज वारदात ने इलाके में हड़कंप मचा दिया था, जहाँ छपाक वाटर पार्क के पास फोरलेन से उसे जबरन एक कार में अगवा कर लिया गया था। सूचना मिलते ही फतुहा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छोटी लाइन के पास से अपहृत संतोष बिहारी को बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने विजय कुमार दास, आशीष कुमार उर्फ मोदी, आशीष कुमार और कृष्णकांत नामक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सबौर भागलपुर और बुद्धचक फतुहा के रहने वाले बताए गए हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस जांच में सामने आया कि अपहृत संतोष बिहारी खुद नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र और नकली दस्तावेज देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाला मुख्य सरगना है। संतोष बिहारी, भूप नारायण सिंह का बेटा है और सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने अब उसके खिलाफ भी मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। कुल मिलाकर, पटना पुलिस के ताबड़तोड़ एक्शन ने अपराधियों की एक तरफ डकैती की तैयारी और दूसरी तरफ अपहरण व करोड़ों की ठगी की पूरी साजिश पर पानी फेर दिया। फिलहाल, फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
पटना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ 'दोहरा प्रहार' करते हुए डकैती की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया, जबकि एक अपहरण कांड का खुलासा भी किया और करोड़ों रुपए की ठगी के एक बड़े खेल को बेनकाब किया। सबसे पहले शाहजहांपुर थाना क्षेत्र में, STF और विशिष्ट आसूचना इकाई से मिली गुप्त सूचना पर पुलिस ने एरई गांव में देर रात छापेमारी की। इस कार्रवाई में कुख्यात अपराधी पिन्टू सिंह उर्फ पिन्टू बाबा को गिरफ्तार किया गया, जो एरई गांव का निवासी और दिनेश सिंह उर्फ रामदहिन सिंह का बेटा है। पुलिस के पहुँचते ही उसके 4 से 5 साथी मौके से फरार हो गए। तलाशी के दौरान पिन्टू बाबा के घर से 1 देशी कट्टा, 17 जिंदा कारतूस, 1 खाली मैगजीन और मोबाइल फोन बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती और लूट की बड़ी वारदात की तैयारी की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, पिन्टू बाबा का लंबा आपराधिक इतिहास है और वह हाल ही में जेल से बाहर आया था। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व शाहजहांपुर थानाध्यक्ष बमबम कुमार ने किया। इसी क्रम में, फतुहा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के अपहरण की सनसनीखेज वारदात ने इलाके में हड़कंप मचा दिया था, जहाँ छपाक वाटर पार्क के पास फोरलेन से उसे जबरन एक कार में अगवा कर लिया गया था। सूचना मिलते ही फतुहा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छोटी लाइन के पास से अपहृत संतोष बिहारी को बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने विजय कुमार दास, आशीष कुमार उर्फ मोदी, आशीष कुमार और कृष्णकांत नामक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सबौर भागलपुर और बुद्धचक फतुहा के रहने वाले बताए गए हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस जांच में सामने आया कि अपहृत संतोष बिहारी खुद नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र और नकली दस्तावेज देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाला मुख्य सरगना है। संतोष बिहारी, भूप नारायण सिंह का बेटा है और सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने अब उसके खिलाफ भी मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। कुल मिलाकर, पटना पुलिस के ताबड़तोड़ एक्शन ने अपराधियों की एक तरफ डकैती की तैयारी और दूसरी तरफ अपहरण व करोड़ों की ठगी की पूरी साजिश पर पानी फेर दिया। फिलहाल, फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
- एमएलसी टिकट नहीं मिलने से आहत शिवचंद्र राम फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने अत्यंत भावुक होकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। इस घटनाक्रम पर मटिहानी के विधायक बोगो सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।1
- शेखपुरा जिले के हथियामा थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरनकामा गाँव में एक 21 वर्षीय युवक रोहित कुमार, जो पप्पू पासवान के पुत्र थे, ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे गाँव में शोक का माहौल छा गया है। सूचना मिलते ही हथियामा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा भेज दिया। परिजनों ने बताया कि रोहित कुमार के माता-पिता गुजरात में रहकर मजदूरी करते हैं और वहीं से परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि रोहित गाँव में अपने चाचा के घर रह रहा था। हालांकि, उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आ सका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक रुपये-पैसे के लेन-देन को लेकर मानसिक दबाव में था। घटना की जानकारी मिलते ही सदर अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। युवक के माता-पिता को भी सूचित कर दिया गया है और वे गुजरात से शेखपुरा के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस ने इस संबंध में किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है और सभी पहलुओं की गहन जाँच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जाँच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।1
- बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए पेंशन राशि का अंतरण किया। यह पहल विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, बिहार निःशक्तता पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए की गई। इस अवसर पर, बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आयोजित किया गया। इसमें उप विकास आयुक्त, बेगूसराय, श्री आकाश चौधरी, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग सुश्री नेहा कुमारी सहित कई सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों ने भाग लिया। बेगूसराय जिले में, मई 2026 के लिए कुल 2,32,060 लाभार्थियों को ₹1,100 प्रति लाभुक की दर से पेंशन का भुगतान किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 1,09,247, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 59,714, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 26,782, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 14,106, बिहार निःशक्तता पेंशन योजना के 19,929 और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना के 2,282 लाभार्थी शामिल थे। उक्त सभी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों के खातों में कुल ₹26 करोड़ 67 लाख 13 हजार 900 की राशि अंतरित की गई, जिसमें कुछ लाभुकों की बकाया राशि भी सम्मिलित थी। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि आज केवल उन लाभार्थियों के खातों में पेंशन राशि भेजी गई है, जिन्होंने मई 2026 के अंत तक अपना जीवन प्रमाणीकरण पूर्ण कर लिया था। जिला प्रशासन उन सभी पात्र लाभार्थियों से अपील करता है जिन्होंने अभी तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराया है कि वे इसे यथाशीघ्र सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें भी इन योजनाओं के तहत पेंशन का निर्बाध और समयबद्ध भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा सके। जिला प्रशासन सभी पात्र लाभार्थियों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।3
- शेखपुरा का जिला प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद एडीजी अमित लोढ़ा पहली बार शेखपुरा पहुंचे हैं।1
- बेगूसराय के छौड़ाही थाना की पुलिस ने 03 लीटर विदेशी शराब के साथ गुंजन कुमार नामक एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी की जानकारी मंगलवार देर रात 10:00 बजे एसपी मनीष ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। एसपी मनीष ने बताया कि बेगूसराय पुलिस नशीले पदार्थों के विरुद्ध अभियान चला रही है और इसी अभियान के तहत गुप्त सूचना के आधार पर छौड़ाही थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।1
- बुधवार को बाढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ पटना-झाझा ईएमयू पैसेंजर ट्रेन से गिरकर एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह युवक पंडारक का निवासी बताया जा रहा है। घायल युवक ने बताया कि वह ट्रेन के गेट पर बैठकर यात्रा कर रहा था, तभी उसे झपकी आ गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह चलती ट्रेन से नीचे गिर पड़ा। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल युवक को बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।1