₹13.80 लाख खर्च के बाद तोड़ा जा रहा नाला, अब दोबारा होगा निर्माण; सीतामढ़ी नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल ₹13.80 लाख खर्च के बाद तोड़ा जा रहा नाला, अब दोबारा होगा निर्माण; सीतामढ़ी नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल निर्माण के दौरान ही स्थानीय लोगों ने नाले के गलत लेवल की शिकायत की थी, दावा—समस्या बढ़ने के बाद घरों तक पहुंचने लगा पानी 📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल [सिनियर रिपोर्टर दीपक कुमार] | We News 24 सीतामढ़ी: शहर में जलनिकासी व्यवस्था को लेकर नगर निगम के एक निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हुए हैं। वार्ड नंबर-14 में करीब 13.80 लाख रुपये की लागत से बनाए गए सड़क-पक्का नाला निर्माण को अब तोड़कर दोबारा दुरुस्त किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान ही नाले के लेवल को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन शिकायत के बावजूद काम जारी रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाले का लेवल सही नहीं होने की वजह से मुख्य नाले से पानी की निकासी प्रभावित होने लगी। इसके बाद पानी पहले आसपास की जमीन और फिर मोहल्ले के घरों तक पहुंचने लगा। स्थिति बिगड़ने पर लोगों ने मामले की शिकायत अधिकारियों से लेकर जिला लोक शिकायत निवारण तक की। निर्माण के समय ही उठी थी आपत्ति वार्ड-14 निवासी सुरेंद्र सिंह, निखिलेश कुमार, शिवशंकर साह, महेंद्र शाही, चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह, मोहन यादव, प्रिंस कुमार, किशन झा और राम विश्वास प्रसाद समेत अन्य लोगों ने बताया कि निर्माण के समय ही कनिष्ठ अभियंता आलोक कुमार और नगर आयुक्त को नाले के लेवल को लेकर शिकायत दी गई थी। लोगों का कहना था कि यदि नाले का लेवल मुख्य नाले के अनुरूप नहीं बनाया गया तो पानी की निकासी ठीक से नहीं होगी और इसका उलटा असर मोहल्ले पर पड़ेगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद निर्माण कार्य चलता रहा। बाद में मुख्य नाले का पानी सुरेंद्र सिंह की जमीन की ओर आने लगा और आसपास के घरों तक भी पानी पहुंचने लगा। प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश के बाद शुरू हुई मरम्मत जलनिकासी की समस्या बढ़ने के बाद स्थानीय लोगों ने जिला लोक शिकायत निवारण का दरवाजा खटखटाया। मामला आगे बढ़ते हुए प्रमंडलीय आयुक्त के स्तर तक पहुंचा। इसके बाद आयुक्त के निर्देश पर नाले में सुधार की कार्रवाई शुरू की गई। अब करीब 13.80 लाख रुपये की लागत से बने निर्माण को तोड़कर दोबारा दुरुस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि जब निर्माण के दौरान ही तकनीकी खामी की शिकायत सामने आ गई थी, तो समय रहते उसे ठीक क्यों नहीं किया गया। सरकारी धन से दोबारा खर्च पर उठे सवाल मामले ने नगर निगम की निर्माण प्रक्रिया और काम शुरू करने से पहले होने वाले स्थल निरीक्षण पर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी निर्माण में शुरुआती स्तर पर ही गलती की जानकारी मिल जाए और उसे नजरअंदाज कर दिया जाए, तो बाद में उसी काम को तोड़कर दोबारा बनाने में सरकारी धन खर्च होता है। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि निर्माण में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए। नगर निगम के सहायक अभियंता तुषार कुमार ने बताया कि प्रमंडलीय आयुक्त के दिशा-निर्देश के बाद नाले की रिपेयरिंग की जा रही है। जल्द ही इसे सुधार कर लिया जाएगा। वार्ड-19 की सड़क का मामला भी चर्चा में रिपोर्ट में वार्ड-14 के नाले के साथ वार्ड-19 में करीब 32 लाख रुपये की सड़क निर्माण से जुड़ी जमीन की जांच का भी उल्लेख किया गया है। दोनों मामलों को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल वार्ड-14 में नाले को तोड़कर दोबारा सुधारने का काम शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।
₹13.80 लाख खर्च के बाद तोड़ा जा रहा नाला, अब दोबारा होगा निर्माण; सीतामढ़ी नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल ₹13.80 लाख खर्च के बाद तोड़ा जा रहा नाला, अब दोबारा होगा निर्माण; सीतामढ़ी नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल निर्माण के दौरान ही स्थानीय लोगों ने नाले के गलत लेवल की शिकायत की थी, दावा—समस्या बढ़ने के बाद घरों तक पहुंचने लगा पानी 📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल [सिनियर रिपोर्टर दीपक कुमार] | We News 24 सीतामढ़ी: शहर में जलनिकासी व्यवस्था को लेकर नगर निगम के एक निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हुए हैं। वार्ड नंबर-14 में करीब 13.80 लाख रुपये की लागत से बनाए गए सड़क-पक्का नाला निर्माण को अब तोड़कर दोबारा दुरुस्त किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान ही नाले के लेवल को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन शिकायत के बावजूद काम जारी रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाले का लेवल सही नहीं होने की वजह से मुख्य नाले से पानी की निकासी प्रभावित होने लगी। इसके बाद पानी पहले आसपास की जमीन और फिर मोहल्ले के घरों तक पहुंचने लगा। स्थिति बिगड़ने पर लोगों ने मामले की शिकायत अधिकारियों से लेकर जिला लोक शिकायत निवारण तक की। निर्माण के समय ही उठी थी आपत्ति वार्ड-14 निवासी सुरेंद्र सिंह, निखिलेश कुमार, शिवशंकर साह, महेंद्र शाही, चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह, मोहन यादव, प्रिंस कुमार, किशन झा और राम विश्वास प्रसाद समेत अन्य लोगों ने बताया कि निर्माण के समय ही कनिष्ठ अभियंता आलोक कुमार और नगर आयुक्त को नाले के लेवल को लेकर शिकायत दी गई थी। लोगों का कहना था कि यदि नाले का लेवल मुख्य नाले के अनुरूप नहीं बनाया गया तो पानी की निकासी ठीक से नहीं होगी और इसका उलटा असर मोहल्ले पर पड़ेगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद निर्माण कार्य चलता रहा। बाद में मुख्य नाले का पानी सुरेंद्र सिंह की जमीन की ओर आने लगा और आसपास के घरों तक भी पानी पहुंचने लगा। प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश के बाद शुरू हुई मरम्मत जलनिकासी की समस्या बढ़ने के बाद स्थानीय लोगों ने जिला लोक शिकायत निवारण का दरवाजा खटखटाया। मामला आगे बढ़ते हुए प्रमंडलीय आयुक्त के स्तर तक पहुंचा। इसके बाद आयुक्त के निर्देश पर नाले में सुधार की कार्रवाई शुरू की गई। अब करीब 13.80 लाख रुपये की लागत से बने निर्माण को तोड़कर दोबारा दुरुस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि जब निर्माण के दौरान ही तकनीकी खामी की शिकायत सामने आ गई थी, तो समय रहते उसे ठीक क्यों नहीं किया गया। सरकारी धन से दोबारा खर्च पर उठे सवाल मामले ने नगर निगम की निर्माण प्रक्रिया और काम शुरू करने से पहले होने वाले स्थल निरीक्षण पर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी निर्माण में शुरुआती स्तर पर ही गलती की जानकारी मिल जाए और उसे नजरअंदाज कर दिया जाए, तो बाद में उसी काम को तोड़कर दोबारा बनाने में सरकारी धन खर्च होता है। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि निर्माण में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए। नगर निगम के सहायक अभियंता तुषार कुमार ने बताया कि प्रमंडलीय आयुक्त के दिशा-निर्देश के बाद नाले की रिपेयरिंग की जा रही है। जल्द ही इसे सुधार कर लिया जाएगा। वार्ड-19 की सड़क का मामला भी चर्चा में रिपोर्ट में वार्ड-14 के नाले के साथ वार्ड-19 में करीब 32 लाख रुपये की सड़क निर्माण से जुड़ी जमीन की जांच का भी उल्लेख किया गया है। दोनों मामलों को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल वार्ड-14 में नाले को तोड़कर दोबारा सुधारने का काम शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।
- दिल्ली की रफ्तार कहीं जाने वाली डीटीसी बस के पहियों को लगी लगाम दिल्ली के रफ्तार कहीं जाने वाली डीटीसी की बसों के पहिए थम गए और ड्राइवर कंडक्टर अपनी मांगों को लेकर रोड पर उतर आए और दूर-दूर तक सिर्फ डीटीसी बस सहित नजर आ रही थी और लंबा जाम जनता परेशान जनता का क्या कसूर है जवाब दें1
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "दिल्ली सरकार ने 10,000 छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने का फ़ैसला किया है दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "दिल्ली सरकार ने 10,000 छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने का फ़ैसला किया है, ताकि उनकी सुरक्षा और किफ़ायती आवास की सुविधा सुनिश्चित की जा सके। ये हॉस्टल लड़के और लड़कियों, दोनों तरह के छात्रों के लिए होंगे। दिल्ली की किसी भी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। हमने हॉस्टल बनाने में सक्षम संबंधित विभागों के साथ बैठकें की हैं, सही जगहें चुनी हैं और एक पॉलिसी का ड्राफ़्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। हमने छात्रों की ज़रूरतों और इन हॉस्टलों में ज़रूरी सुविधाओं पर अच्छी तरह से विचार किया है। मैं आपको भरोसा दिलाती हूं कि हम ऐसे हॉस्टल बनाएंगे जहां देश भर के माता-पिता पूरी निश्चिंतता के साथ अपने बच्चों को भेज सकें, और जहां छात्र, खाने या रहने की चिंता से मुक्त होकर पूरी तरह से अपने सपनों को पूरा करने पर ध्यान दे सकें।"1
- 17 सितंबर को देशभर में हम सेवा दिवस मनाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी जी के 25 वर्षों के बेदाग, समर्पित और निस्वार्थ लोक-सेवा के कार्यकाल को नमन करने के लिए समर्पित है। narendramodi के जन्मदिन 17 सितंबर को देशभर में हम सेवा दिवस मनाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी जी के 25 वर्षों के बेदाग, समर्पित और निस्वार्थ लोक-सेवा के कार्यकाल को नमन करने के लिए समर्पित है। #SevaSankalpAbhiyan के अंतर्गत देशभर में स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर और मेडिकल कैंप सहित विभिन्न सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी जी के मंगलमय व आरोग्यपूर्ण जीवन और दीर्घायु होने तथा लंबे समय तक देश की सेवा करने की कामना एवं आशीर्वाद के साथ भाजपा के कोटिश: कार्यकर्ता और उनके करोड़ों प्रशंसक 17 सितंबर को शाम 7 बजे 'आशीर्वाद का दिया' जलाएंगे।1
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'गुंडा' कहने पर कहा, "मुझे लगता है ऐसे पागल लोगों को नोटिस नहीं करना चाहिए। लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'गुंडा' कहने पर कहा, "मुझे लगता है ऐसे पागल लोगों को नोटिस नहीं करना चाहिए। क्योंकि कौन है, क्या है, क्या पता, ऐसे कोई भी किसी को कुछ भी बोल दे, तो मुझे लगता है उसको इतनी तवज्जो नहीं देनी चाहिए। पागल होगी कोई।"1
- नई दिल्ली ज़िला पुलिस द्वारा प्रमुख स्थानों पर नियमित पैदल गश्त कर पुलिस की दृश्य उपस्थिति बढ़ाई गई। इस दौरान असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए नई दिल्ली ज़िला पुलिस द्वारा प्रमुख स्थानों पर नियमित पैदल गश्त कर पुलिस की दृश्य उपस्थिति बढ़ाई गई। इस दौरान असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए नागरिकों में सुरक्षा की भावना एवं पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत किया गया।1
- वापस आऊंगा 17 तारिक को बाराबंकी गोंडा मे, यदि कार्रवाई पूरी नहीं की तो: चंद्रशेखर आजाद वापस आऊंगा 17 तारिक को बाराबंकी गोंडा मे, यदि कार्रवाई पूरी नहीं की तो: चंद्रशेखर आजाद ने दी इस वक्त की बड़ी खबर1
- भीम आर्मी राष्ट्रीय अध्यक्ष VinayRatanSingh जी का आह्वान संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए बहुजन समाज का एक-एक साथी अब तैयार है! आरक्षण छीनने की सोच रखने वाली सामंती ताकतों को करारा जवाब देने भीम आर्मी राष्ट्रीय अध्यक्ष VinayRatanSingh जी का आह्वान संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए बहुजन समाज का एक-एक साथी अब तैयार है! आरक्षण छीनने की सोच रखने वाली सामंती ताकतों को करारा जवाब देने और अपने हक का परचम लहराने के लिए दिल्ली आएं।1
- दिल्ली: गुरुग्राम गोल्फ़ कोर्स एक्सीडेंट केस | पीड़ित सिया ने कहा, "कल मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, उसमें आप देख सकते हैं कि एक कार मेरा पीछा कर रही है—मैं आम तौर पर रविवार को बाइक राइड पर जाती हूं दिल्ली: गुरुग्राम गोल्फ़ कोर्स एक्सीडेंट केस | पीड़ित सिया ने कहा, "कल मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, उसमें आप देख सकते हैं कि एक कार मेरा पीछा कर रही है—मैं आम तौर पर रविवार को बाइक राइड पर जाती हूं और मैं गोल्फ़ कोर्स रोड पर जा रही थी। उस समय, मैंने सड़क पर चल रही या मेरा पीछा कर रही उस कार पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया था। सबसे पहले तो यह हुआ कि जब मैं बाइक चला रही थी, तो वह कार बहुत तेज़ी से और मेरे बहुत करीब से गुज़री। मैं चौंक गई और सोचने लगी कि कार मेरे इतने करीब क्यों आई। मैंने पहले तो इसे नज़रअंदाज़ करने की कोशिश की। फिर, कार की रफ़्तार कम हुई और वह मेरे पीछे हो गई।1