मुजफ्फरनगर जनपद के तितावी क्षेत्र से एक नाबालिग युवती को नौकरी दिलाने के बहाने शहर लाकर दिनदहाड़े कार से अगवा कर लिया गया। यह घटना कचहरी परिसर से हुई, जिसके बाद से युवती का दो दिन से कोई पता नहीं चल पा रहा है। इस गंभीर मामले को लेकर रविवार को समाजवादी पार्टी के स्थानीय विधायक पंकज मलिक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें लखायन नहर पटरी पर रोक दिया। पुलिस के विरोध के बावजूद विधायक परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पीड़ित परिवार द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, एक व्यक्ति बृहस्पतिवार को तितावी बस स्टैंड पीर के पास मिला था। रात होने पर पीड़ित ने उसे अपने घर में आश्रय दिया। शुक्रवार सुबह उस व्यक्ति ने, जिसने अपना नाम अनिकेत बताया और खुद को पूर्व फौजी बताया, एहसान उतारने के नाम पर पीड़ित की कक्षा दस पास पुत्री को नौकरी लगवाने का वादा किया और इसके लिए शपथ पत्र बनवाने को कहा। इसके बाद अनिकेत किशोरी और उसके पिता को कार में बैठाकर मुजफ्फरनगर शहर में कचहरी ले गया। वहाँ उसने पिता से आधार कार्ड दिखाने को कहा और जब पिता आधार कार्ड लाने गए, तो अनिकेत किशोरी और कार समेत गायब हो गया। आरोप है कि वह किशोरी को अपने साथ ले गया। यह भी बताया गया है कि अपहरण करने वाला युवक एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। किशोरी का पता न चलने पर शनिवार सुबह परिजन और ग्रामीण तितावी थाने पहुंचे और किशोरी की तलाश की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। समाधान न होने पर वे एसपी देहात से मिलने मुजफ्फरनगर गए, जहाँ सिविल लाइन थाने में उनकी मुलाकात हुई। एसपी देहात ने किशोरी को जल्द बरामद करने का आश्वासन दिया। रविवार को चरथावल क्षेत्र के विधायक पंकज मलिक जब पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, तो सीओ फुगाना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उन्हें रोका। विधायक ने इस पर विरोध जताते हुए पीड़ित के घर पहुंचकर परिवार को आश्वासन दिया कि अगर पुलिस ने उनकी पुत्री को खोजने का प्रयास नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा, और पूरी समाजवादी पार्टी परिवार के साथ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिनदहाड़े हुए इस अपहरण से स्पष्ट है कि बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने शिकायत की कि पुलिस उनकी बेटी को खोजने के बजाय उनके घर की घेराबंदी कर रही है, जिससे वे आतंकित हैं। इस पर सीओ फुगाना ने स्पष्ट किया कि पुलिस परिवार की सुरक्षा के लिए तैनात की गई है, जबकि यह मामला पुलिस के लिए 'सिरदर्द' बना हुआ है।
मुजफ्फरनगर जनपद के तितावी क्षेत्र से एक नाबालिग युवती को नौकरी दिलाने के बहाने शहर लाकर दिनदहाड़े कार से अगवा कर लिया गया। यह घटना कचहरी परिसर से हुई, जिसके बाद से युवती का दो दिन से कोई पता नहीं चल पा रहा है। इस गंभीर मामले को लेकर रविवार को समाजवादी पार्टी के स्थानीय विधायक पंकज मलिक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें लखायन नहर पटरी पर रोक दिया। पुलिस के विरोध के बावजूद विधायक परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पीड़ित परिवार द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, एक व्यक्ति बृहस्पतिवार को तितावी बस स्टैंड पीर के पास मिला था। रात होने पर पीड़ित ने उसे अपने घर में आश्रय दिया। शुक्रवार सुबह उस व्यक्ति ने, जिसने अपना नाम अनिकेत बताया और खुद को पूर्व फौजी बताया, एहसान उतारने के नाम पर पीड़ित की कक्षा दस पास पुत्री को नौकरी लगवाने का वादा किया और इसके लिए शपथ पत्र बनवाने को कहा। इसके बाद अनिकेत किशोरी और उसके पिता को कार में बैठाकर मुजफ्फरनगर शहर में कचहरी ले गया। वहाँ उसने पिता से आधार कार्ड दिखाने को कहा और जब पिता आधार कार्ड लाने गए, तो अनिकेत किशोरी और कार समेत गायब हो गया। आरोप है कि वह किशोरी को अपने साथ ले गया। यह भी बताया गया है कि अपहरण करने वाला युवक एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। किशोरी का पता न चलने पर शनिवार सुबह परिजन और ग्रामीण तितावी थाने पहुंचे और किशोरी की तलाश की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। समाधान न होने पर वे एसपी देहात से मिलने मुजफ्फरनगर गए, जहाँ सिविल लाइन थाने में उनकी मुलाकात हुई। एसपी देहात ने किशोरी को जल्द बरामद करने का आश्वासन दिया। रविवार को चरथावल क्षेत्र के विधायक पंकज मलिक जब पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, तो सीओ फुगाना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उन्हें रोका। विधायक ने इस पर विरोध जताते हुए पीड़ित के घर पहुंचकर परिवार को आश्वासन दिया कि अगर पुलिस ने उनकी पुत्री को खोजने का प्रयास नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा, और पूरी समाजवादी पार्टी परिवार के साथ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिनदहाड़े हुए इस अपहरण से स्पष्ट है कि बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने शिकायत की कि पुलिस उनकी बेटी को खोजने के बजाय उनके घर की घेराबंदी कर रही है, जिससे वे आतंकित हैं। इस पर सीओ फुगाना ने स्पष्ट किया कि पुलिस परिवार की सुरक्षा के लिए तैनात की गई है, जबकि यह मामला पुलिस के लिए 'सिरदर्द' बना हुआ है।
- जनपद सहारनपुर के थाना सरसावा क्षेत्र में लखनऊ एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान ₹1.25 लाख का इनामी अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन पुत्र शिव शंकर सिंह, मूल रूप से जनपद समस्तीपुर (बिहार) के थाना मोहिउद्दीनपुर स्थित ग्राम आनंदगोलवा का निवासी था और एक कुख्यात अपराधी के रूप में वांछित था। वह 08.11.2022 को जनपद वाराणसी के थाना रोहनिया क्षेत्र में पुलिस उपनिरीक्षक अजय यादव की हत्या कर उनकी सरकारी पिस्टल लूटने तथा 01.11.2022 को जनपद चंदौली के थाना सकलडीहा क्षेत्र में गोली मारकर लूट की घटना सहित अनेक संगीन और सनसनीखेज आपराधिक मामलों में वांछित चल रहा था। ललन सिंह अपने सगे भाइयों के साथ गठित एक संगठित आपराधिक गिरोह का सक्रिय सदस्य था। इस गिरोह ने विभिन्न घटनाओं में दो पुलिस उपनिरीक्षकों, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड सहित कुल सात व्यक्तियों की हत्या, सरकारी शस्त्र लूट, कैश वैन लूट और बैंक डकैती जैसी जघन्य वारदातों को अंजाम दिया था। अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने 22.11.2022 को ₹1,00,000 और जनपद चंदौली पुलिस ने 21.02.2024 को ₹25,000 का पुरस्कार घोषित किया था, जिससे उस पर कुल ₹1.25 लाख का इनाम था। इस घटना के संबंध में पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र, सहारनपुर, श्री अभिषेक सिंह द्वारा बयान दिया गया है।1
- मुज़फ्फरनगर के थाना शाहपुर क्षेत्र स्थित गांव शाहजुद्दी से लापता हुए रोहित हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग मुख्य कारण था। पुलिस के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि प्रेम संबंधों को लेकर हुए विवाद के चलते रोहित की हत्या की गई थी। मामले की गहन जांच और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की गई, जिसके दौरान आरोपी मुठभेड़ में घायल भी हुआ है।1
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। इस वीडियो में सोशल मीडिया यूज़र नेहा भारती (@i_am_neha_bharti) कुछ विशेष समुदायों और विचारों को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रियाएँ देती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद, सोशल मीडिया पर इसे लेकर दोनों तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं, जहाँ एक ओर इसका समर्थन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसका विरोध भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता और इसके पूरे संदर्भ की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, और इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस का दौर लगातार जारी है।1
- खिड़की गांव में नदी और नालों की साफ-सफाई का कार्य किया गया है। इसी के साथ, सभी देशवासियों को वर्षावन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी गई हैं, जिसमें दिल्ली के छत्ता बाजार, मथुरा गेट और उत्तराखंड के वर्षावन का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इस सफाई अभियान से जुड़ा एक वीडियो भी जारी किया गया है, जो खिड़की गांव के नदी की सफाई करते हुए दिखाया गया है। ABC News की ओर से सभी देशवासियों को सुप्रभात कहते हुए "जय हिंद, जय भारत" का संदेश दिया गया है, साथ ही लोगों से पोस्ट को लाइक, फॉलो, कमेंट और शेयर करने का आग्रह किया गया है।4
- मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम पुलिस ने ₹60 लाख की बीमा राशि से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक बैंक कर्मी सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर बीमा पॉलिसी के मैच्योरिटी चेक को हड़पकर, अवैध तरीके से उसकी रकम निकालने का आरोप है। इस ₹60 लाख की बीमा धोखाधड़ी का खुलासा एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने किया।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना कस्बे में, गौसंरक्षण एवं जनजागरण के उद्देश्य से निकाली जा रही 81 दिवसीय गौविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती '1008' जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्तों, संतों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने सहभागिता की, जहाँ गौसंरक्षण के संकल्प का उद्घोष हुआ। अपने संबोधन में शंकराचार्य जी ने स्पष्ट किया कि गौसंरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और समाज से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने गौवंश की सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक रहने का आह्वान करते हुए कहा कि पशुओं पर अत्याचार किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और इस विषय पर समाज को संवेदनशील होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने गौसेवा को एक जनआंदोलन बनाने तथा भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। अपने प्रवचन के दौरान, शंकराचार्य जी ने रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए जीवन में विवेक, धैर्य और सही निर्णय लेने की क्षमता के महत्व पर प्रकाश डाला, और कठिन परिस्थितियों में संयम व सतर्कता बनाए रखने की सलाह दी। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौसंरक्षण और गौसेवा के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए जनजागरण का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में एक गहरा धार्मिक और श्रद्धामय वातावरण बना रहा। इस अवसर पर आदेश त्यागी, डॉ. सत्येंद्र पाल, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन से प्रमोद गर्ग, शंकर डेयरी, बड़ौत रोड बुढ़ाना से कुलदीप पाल, सोनू कुमार, अमित विश्वकर्मा और एमडी न्यूज़ से रोहित जैन सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, व्यापारी, पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। बुढ़ाना से यह प्रेरणादायक संदेश निकला कि गौसेवा ही जनसेवा और राष्ट्रसेवा है।4
- मुजफ्फरनगर के रिजर्व पुलिस लाइन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के योग दिवस संबोधन का लाइव प्रसारण भी देखा गया। योगाचार्य योगेश ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने योगाचार्य को सम्मानित किया और पुलिस लाइन परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।1
- मुजफ्फरनगर जनपद के मोरना ब्लॉक क्षेत्र में बेहड़ा थ्रू से बाखरपुर को जोड़ने वाला मार्ग पिछले दो दशकों से विकास की बाट जोह रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 20 वर्षों से इस सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है, जिसके कारण बारिश शुरू होने से पहले ही इसकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। ये तस्वीरें मोरना ब्लॉक की हैं, जहाँ सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और जलभराव ने रास्ते को खतरनाक बना दिया है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सफर जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने इस बदहाली के लिए सड़क किनारे हुए अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि कई बार मांगें उठीं और प्रस्ताव भी बने, लेकिन सड़क किनारे से अतिक्रमण न हटने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात के दिनों में यह मार्ग पूरी तरह दलदल में बदल जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, किसानों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार शिकायतें की गईं, बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है। गड्ढे, कीचड़ और जलभराव से घिरे इस मार्ग के भविष्य को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं, जहाँ अतिक्रमण एक बड़ी बाधा बना हुआ है।3