कुशीनगर के विधानसभा क्षेत्र 335 रामकोला (सुरक्षित) में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बूथ स्तर तक संगठन के विस्तार, पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर गहन चर्चा हुई। इसी दौरान विभिन्न दलों से जुड़े कई नेताओं ने बसपा की सदस्यता ग्रहण कर पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। बैठक में पूर्व सांसद और गोरखपुर मंडल के मुख्य प्रभारी घनश्याम चंद खरवार मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सुरेश चंद्र भारती, हरेंद्र गौतम और जिलाध्यक्ष विद्याशागर शामिल थे, जबकि मुख्य मंडल प्रभारी कमलेश कुमार गौतम और रामनाथ चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी से पूर्व प्रधान रामभवन पटेल और इकबाल शेख अपने समर्थकों के साथ बसपा में शामिल हुए। इसी तरह, भाजपा छोड़कर आए मृत्युंजय तिवारी, प्रधान शिवपूजन कुशवाहा और कोटेदार रामबिलास कुशवाहा ने भी अपने समर्थकों सहित बसपा की सदस्यता ग्रहण की। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि घनश्याम चंद खरवार ने बसपा की नीतियों को ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना पर आधारित बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर पार्टी की विचारधारा का प्रचार करें और बूथ स्तर तक संगठन को सुदृढ़ बनाएं। खरवार ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बसपा की सरकार बनाने और मायावती को एक बार फिर उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया। इस बैठक में मंडल संयोजक रमेश कुमार, मुस्लिम भाईचारा मंडल प्रभारी असगर अली, मंडल प्रभारी नित्यानंद, विधानसभा प्रभारी सुदर्शन प्रसाद और विधानसभा अध्यक्ष रामकोला दिनेश प्रधान सहित कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार साझा किए। कलीम सिद्दीकी, विजय गौतम, सभासद बलराम सिंह ‘छोटे बाबू’, कादिर भाई, श्रीप्रकाश, नैयर आलम वारसी, अवध नारायण, रमेश प्रसाद और संतोष गौतम ने भी संगठन की मजबूती पर बल दिया। इस समीक्षा बैठक में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुशीनगर के विधानसभा क्षेत्र 335 रामकोला (सुरक्षित) में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बूथ स्तर तक संगठन के विस्तार, पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर गहन चर्चा हुई। इसी दौरान विभिन्न दलों से जुड़े कई नेताओं ने बसपा की सदस्यता ग्रहण कर पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। बैठक में पूर्व सांसद और गोरखपुर मंडल के मुख्य प्रभारी घनश्याम चंद खरवार मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सुरेश चंद्र भारती, हरेंद्र गौतम और जिलाध्यक्ष विद्याशागर शामिल थे, जबकि मुख्य मंडल प्रभारी कमलेश कुमार गौतम और रामनाथ चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी से पूर्व प्रधान रामभवन पटेल और इकबाल शेख अपने समर्थकों के साथ बसपा में शामिल हुए। इसी तरह, भाजपा छोड़कर आए मृत्युंजय तिवारी, प्रधान शिवपूजन कुशवाहा और कोटेदार रामबिलास कुशवाहा ने भी अपने समर्थकों सहित बसपा की सदस्यता ग्रहण की। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि घनश्याम चंद खरवार ने बसपा की नीतियों को ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना पर आधारित बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर पार्टी की विचारधारा का प्रचार करें और बूथ स्तर तक संगठन को सुदृढ़ बनाएं। खरवार ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बसपा की सरकार बनाने और मायावती को एक बार फिर उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया। इस बैठक में मंडल संयोजक रमेश कुमार, मुस्लिम भाईचारा मंडल प्रभारी असगर अली, मंडल प्रभारी नित्यानंद, विधानसभा प्रभारी सुदर्शन प्रसाद और विधानसभा अध्यक्ष रामकोला दिनेश प्रधान सहित कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार साझा किए। कलीम सिद्दीकी, विजय गौतम, सभासद बलराम सिंह ‘छोटे बाबू’, कादिर भाई, श्रीप्रकाश, नैयर आलम वारसी, अवध नारायण, रमेश प्रसाद और संतोष गौतम ने भी संगठन की मजबूती पर बल दिया। इस समीक्षा बैठक में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- कुशीनगर का किलकारी हॉस्पिटल और उसके संचालक डॉ. कमलेश वर्मा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं, जहाँ उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में डॉ. कमलेश वर्मा अस्पताल परिसर में हंगामे के दौरान अपने हाथ में तमंचा लिए कुछ लोगों के साथ धक्का-मुक्की और तीखी बहस करते नजर आ रहे हैं, जिसने लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। चिकित्सकीय पेशे को 'धरती का भगवान' मानने वाले लोग भी इस घटना पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच का विषय है। यह विवाद पेट की पथरी की जांच से जुड़ी एक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को लेकर शुरू हुआ। वायरल वीडियो के बाद अधिवक्ता संकल्प चतुर्वेदी ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार, जब वह अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर संबंधित डॉक्टर का नाम और हस्ताक्षर न होने का कारण पूछा, तो डॉ. कमलेश वर्मा कथित तौर पर भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए हाथ में तमंचा लेकर संकल्प चतुर्वेदी को दौड़ाया और धमकी दी कि 'तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे, मेरा सम्बन्ध बड़े-बडे अधिकारियों से है'। शिकायतकर्ता का दावा है कि यदि मौके पर मौजूद स्थानीय लोग बीच-बचाव न करते तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी, जिसके बाद कथित तौर पर डॉक्टर के हाथ से तमंचा छीन लिया गया और पीड़ित ने किसी तरह अपनी जान बचाकर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कई गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं, जिनकी पुलिस द्वारा जांच की जानी है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि किलकारी हॉस्पिटल और डॉ. कमलेश वर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी अस्पताल परिसर में मरीज के परिजनों के साथ हॉकी से मारपीट का मामला सुर्खियों में रहा था, और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि डॉ. वर्मा लगभग हर वर्ष किसी न किसी मरीज, तीमारदार या परिजन के साथ विवाद, अभद्र व्यवहार, मारपीट या तीखी नोकझोंक को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। इस ताजा शिकायत और वीडियो के सामने आने के बाद फिर से यह सवाल उठने लगा है कि स्वास्थ्य सेवा के नाम पर चल रहे संस्थानों में मरीजों और उनके परिजनों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों हो रहा है। यह मामला अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिका है, और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह चिकित्सा पेशे की गरिमा और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर सवाल बन जाएगा।1
- जल दिवस के अवसर पर देवरिया जिला कलेक्ट्रेट परिसर में पानी को राष्ट्रीय पेय घोषित करने की मांग को लेकर एक प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन नदी, झील, चेकडैम, तालाब, बावड़ी, जोहड़ और कुआं जैसे जलस्रोतों के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने, जीव-जन्तु एवं वनस्पतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जलदोहन व जलप्रदूषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि पानी को राष्ट्रीय पेय घोषित करने से भारत को विश्व स्तर पर एक ऐतिहासिक सफलता मिलेगी, क्योंकि दुनिया के किसी भी देश ने सादे पानी को अपना राष्ट्रीय पेय नहीं बनाया है। उनका मानना है कि भारत ऐसा करके अन्य देशों को एक नया रास्ता दिखा सकता है। इस घोषणा से जलदोहन और जलप्रदूषण पर प्रभावी ढंग से रोक लगेगी, जिससे जल संकट की भयावह स्थिति से बचा जा सकेगा। 'पानी बचाओ महासंघ' ने सरकार से मांग की है कि एक महीने के भीतर पानी को राष्ट्रीय पेय घोषित किया जाए। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे राष्ट्र निर्माण और जनहित में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जल संरक्षण हेतु धरना, प्रदर्शन, अनशन और जनजागरण अभियान चलाने को मजबूर होंगे।1
- कुशीनगर जिले के पडरौना में एक बार फिर विवादित किलाकारी अस्पताल के डॉक्टर कमलेश वर्मा का एक और 'कारनामा' सामने आया है। इस बार उन पर मरीज के तीमारदारों पर पिस्टल तानने का आरोप लगा है। यह घटना फीस कम करने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई, जहाँ तीमारदारों द्वारा दबाव डाले जाने पर डॉक्टर कमलेश वर्मा कथित तौर पर भड़क उठे और उन्होंने पिस्टल निकाल ली। डॉ. कमलेश वर्मा पहले भी कई विवादों में रह चुके हैं और अक्सर मारपीट की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। यह पूरा मामला पडरौना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आता है।3
- एक नई एप्लीकेशन रोज़ाना 2000 से 5000 रुपये तक कमाने का अवसर प्रदान कर रही है। यह ऐप डाउनलोड करने पर तुरंत 400 रुपये का मुफ्त बोनस दे रहा है, साथ ही दोस्तों को इनवाइट करने पर 80+30 रुपये का अतिरिक्त बोनस भी मुफ्त मिलेगा। ऐप का दावा है कि इसके माध्यम से उपयोगकर्ता बहुत आसानी से पैसा जीत सकते हैं। इसे डाउनलोड करने के लिए ऐप लिंक कमेंट बॉक्स में उपलब्ध है, और एक मौजूदा उपयोगकर्ता दूसरों को भी इसे डाउनलोड करने की सलाह दे रहा है।1
- कुशीनगर के पडरौना स्थित किलकारी हॉस्पिटल के डॉक्टर कमलेश वर्मा का मरीज के परिजनों के साथ हुई कहासुनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में डॉक्टर कमलेश वर्मा विवाद बढ़ने पर अपनी लाइसेंसी बंदूक निकालकर मरीज के परिजनों को दिखाते हुए नजर आ रहे हैं। यह पूरा विवाद फीस को लेकर शुरू हुआ था। बताया गया है कि डॉक्टर कमलेश वर्मा का मरीजों और उनके परिजनों से आए दिन विवाद होता रहता है। वर्तमान घटना में, विवाद बढ़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया।1
- भीषण गर्मी के बावजूद, भक्तों की श्रद्धा भारी पड़ी है, क्योंकि मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। यह दृश्य भक्ति के उत्साह को दर्शाता है, जिसने तपती गर्मी को भी पीछे छोड़ दिया।1
- एक गांव में हुए भीषण धमाके से पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक घटना में एक दंपति सहित उनके दो बच्चे झुलस गए हैं।1