प्रेमिका और छह माह के बेटे को लेकर थाने पहुंचा प्रेमी..... पंचायत के बाद मंदिर में भरा मांग में सिंदूर दो साल से परवान चढ़ रहे प्रेम प्रसंग का मंगलवार को हलधरपुर थाने में उस समय सुखद अंत हो गया, जब घंटों चली पंचायत के बाद प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरकर उसे पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। प्रेमी-प्रेमिका के साथ उनका करीब छह माह का मासूम बेटा भी मौजूद था। इस पूरे घटनाक्रम का गवाह थाना परिसर स्थित मंदिर बना। जनपद मऊ के बगली पिंजरा गांव निवासी मंजू और हलधरपुर थाना क्षेत्र के अरदौना गांव निवासी हिमांशु के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों का प्रेम धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि वे परिवार की परवाह किए बिना साथ रहने लगे। इसी दौरान मंजू ने करीब छह माह पूर्व एक पुत्र को जन्म दिया। बताया जाता है कि प्रेमी-प्रेमिका के घर से चले जाने के बाद दोनों के परिजन काफी परेशान रहे। करीब एक सप्ताह पूर्व हिमांशु मंजू और बच्चे को लेकर अपने गांव लौटा तो मामला एक बार फिर गरमा गया। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद मंगलवार को मामला हलधरपुर थाने पहुंच गया।थाने में दोनों पक्षों के परिजन, रिश्तेदार और गांव के संभ्रांत लोग एकत्र हुए। पुलिस की मौजूदगी में करीब दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत और पंचायत का दौर चला। इस दौरान दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने के बाद आखिरकार सहमति बन गई। इसके बाद थाना परिसर में स्थित मंदिर में हिमांशु ने मंजू की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। प्रेमी द्वारा प्रेमिका को पत्नी का दर्जा दिए जाने के बाद दोनों परिवारों ने भी राहत की सांस ली। वहीं, थाने में मौजूद लोगों के लिए यह पूरा घटनाक्रम कौतूहल और चर्चा का विषय बना रहा। घटना को लेकर क्षेत्र में दिनभर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
प्रेमिका और छह माह के बेटे को लेकर थाने पहुंचा प्रेमी..... पंचायत के बाद मंदिर में भरा मांग में सिंदूर दो साल से परवान चढ़ रहे प्रेम प्रसंग का मंगलवार को हलधरपुर थाने में उस समय सुखद अंत हो गया, जब घंटों चली पंचायत के बाद प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरकर उसे पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। प्रेमी-प्रेमिका के साथ उनका करीब छह माह का मासूम बेटा भी मौजूद था। इस पूरे घटनाक्रम का गवाह थाना परिसर स्थित मंदिर बना। जनपद मऊ के बगली पिंजरा गांव निवासी मंजू और हलधरपुर थाना क्षेत्र के अरदौना गांव निवासी हिमांशु के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों का प्रेम धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि वे परिवार की परवाह किए बिना साथ रहने लगे। इसी दौरान मंजू ने करीब छह माह पूर्व एक पुत्र को जन्म दिया। बताया जाता है कि प्रेमी-प्रेमिका के घर से चले जाने के बाद दोनों के परिजन काफी परेशान रहे। करीब एक सप्ताह पूर्व हिमांशु मंजू और बच्चे को लेकर अपने गांव लौटा तो मामला एक बार फिर गरमा गया। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद मंगलवार को मामला हलधरपुर थाने पहुंच गया।थाने में दोनों पक्षों के परिजन, रिश्तेदार और गांव के संभ्रांत लोग एकत्र हुए। पुलिस की मौजूदगी में करीब दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत और पंचायत का दौर चला। इस दौरान दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने के बाद आखिरकार सहमति बन गई। इसके बाद थाना परिसर में स्थित मंदिर में हिमांशु ने मंजू की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। प्रेमी द्वारा प्रेमिका को पत्नी का दर्जा दिए जाने के बाद दोनों परिवारों ने भी राहत की सांस ली। वहीं, थाने में मौजूद लोगों के लिए यह पूरा घटनाक्रम कौतूहल और चर्चा का विषय बना रहा। घटना को लेकर क्षेत्र में दिनभर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
- गरीब समाज पार्टी का तहसील पर प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ जताई नाराजगी गरीब समाज पार्टी ने तहसील परिसर में 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महंगाई बढ़ने से गरीब परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। बेरोजगारी के कारण बड़ी संख्या में लोगों के पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार से 10 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए गरीब, मजदूर और बेरोजगार वर्ग के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में काफी देर तक नारेबाजी होती रही।1
- *कक्षा-1 की छात्रा समारा नाज की शिकायत पर पूर्ण हुआ रास्ते का निर्माण।* *कक्षा-1 की छात्रा समारा नाज की शिकायत पर पूर्ण हुआ रास्ते का निर्माण।* *जिलाधिकारी ने भटकुला पट्टी पहुंचकर सड़क की गुणवत्ता का किया स्थलीय निरीक्षण।* *समस्याओं के त्वरित निस्तारण के साथ जनसुविधाओं का ध्यान रखना जिला प्रशासन की प्राथमिकता : जिलाधिकारी।* नगर पालिका परिषद मऊ के अंतर्गत भटकुला पट्टी स्थित वार्ड नंबर-17 में रास्ता निर्माण को लेकर कक्षा-1 की छात्रा समारा नाज द्वारा जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी महोदय के समक्ष शिकायत की गई थी। जिला प्रशासन द्वारा शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके क्रम में रास्ता निर्माण का कार्य पूर्ण करा लिया गया। आज जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन द्वारा मौके पर पहुंचकर नवनिर्मित रास्ते का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आसपास की गलियों का भी सर्वे कराकर आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने के निर्देश अधिशासी अधिकारी नगरपालिका को दिए। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर क्षेत्र की अन्य समस्याओं एवं मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली तथा प्राप्त समस्याओं के नियमानुसार एवं समयबद्ध ढंग से समाधान के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने छात्रा समारा नाज से मुलाकात की तथा उसे साइकिल एवं चॉकलेट उपहार स्वरूप भेंट की। रास्ते का निर्माण पूर्ण होने और उपहार पाकर समारा नाज काफी प्रसन्न हुई। बच्ची एवं उसके परिजनों द्वारा जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान आसपास के स्थानीय लोगों ने भी क्षेत्र में कराए गए कार्यों तथा जिलाधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर समस्याओं का जायजा लेने और उनके समाधान के लिए दिए गए निर्देशों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मऊ सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- *जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रानीपुर का किया आकस्मिक निरीक्षण* *जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रानीपुर का किया आकस्मिक निरीक्षण* *बालिकाओं से संवाद कर शैक्षणिक स्तर की ली जानकारी, व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश* जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, रानीपुर का आकस्मिक निरीक्षण कर विद्यालय में पठन-पाठन, आवासीय व्यवस्था, भोजन, स्वच्छता एवं निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर बालिकाओं से संवाद किया तथा उनकी पढ़ाई-लिखाई से संबंधित विषयों पर सवाल-जवाब किए। अधिकांश बालिकाओं द्वारा प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए गए। जिलाधिकारी ने छात्राओं को नियमित अध्ययन करने तथा शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विद्यालय के किचन एवं स्टॉक रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध खाद्य सामग्री का स्टॉक रजिस्टर से मिलान कराया तथा भोजन में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता की भी जांच की, जो संतोषजनक पाई गई। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने बालिकाओं के डॉरमेट्री का निरीक्षण किया। छात्रावास में बेहतर वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बालिकाओं को रहने के लिए स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने कंप्यूटर कक्ष का भी निरीक्षण किया। सभी कंप्यूटर क्रियाशील स्थिति में पाए गए तथा बालिकाएं कंप्यूटर पर कार्य करती हुई मिलीं। उन्होंने कंप्यूटर शिक्षा को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। वहीं लाइब्रेरी के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि बालिकाओं की आवश्यकता के अनुरूप सभी आवश्यक एवं उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। विद्यालय परिसर में टॉयलेट ब्लॉक एवं अतिरिक्त डॉरमेट्री के निर्माण कार्य का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ द्वारा कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। अतिरिक्त डॉरमेट्री में बाथरूम एवं टॉयलेट का निर्माण अलग स्थान पर प्रस्तावित होने पर उन्होंने नक्शे का पुनः परीक्षण कर, यथासंभव डॉरमेट्री परिसर के अंदर ही बाथरूम एवं टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विद्यालय के पीछे स्थित जर्जर भवन का भी जिलाधिकारी ने जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करते हुए जर्जर भवन को ध्वस्त कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण एवं सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी रानीपुर श्री सुनील कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं मऊ। जनशिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराने के क्रम में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक मऊ श्री कमलेश बहादुर ने पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्यालय पहुंचे फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और फरियादियों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों की जांच निष्पक्षता के साथ करते हुए निर्धारित समयावधि में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनसुनवाई के दौरान पुलिस कार्यालय के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।4
- ड्यूटी के दौरान गोली लगने से जान गंवाने वाली महिला सिपाही प्रियंका का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब। कौशांबी में ड्यूटी के दौरान राइफल से गोली लगने से जान गंवाने वाली गाजीपुर की 28 वर्षीय महिला सिपाही प्रियंका यादव बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं। दुल्लहपुर क्षेत्र के सिखड़ी गांव में तड़के करीब चार बजे प्रियंका का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। मां प्रमिला यादव और बहन प्रीति ने प्रियंका के पार्थिव शरीर को कंधा दिया, जबकि पिता रविंद्र यादव बेटी की अंतिम यात्रा में खुद को संभाल नहीं सके। गांव से निकली अंतिम यात्रा में सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ जुटी रही। गाजीपुर के गंगा घाट पर प्रियंका का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता रविंद्र यादव ने नम आंखों से मुखाग्नि दी। कौशांबी से पहुंचे पुलिसकर्मियों ने शोक सलामी देकर अपनी साथी महिला सिपाही को अंतिम विदाई दी।1
- पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी ने प्रेसवार्ता कर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।1
- जमानिया: संविदा सफाई कर्मी तलाई राम की मौत पर पालिका अध्यक्ष की संवेदनहीनता, सवाल पूछने पर कतराते नजर आए चेयरमैन जमानिया (गाजीपुर)। नगर पालिका परिषद जमानिया में बीती 14 सितंबर को एक संविदा सफाई कर्मी की छत से गिरकर आकस्मिक मौत के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक तूल पकड़ लिया है। इस भीषण हादसे में मृतक कर्मचारी तलाई राम की असमय मृत्यु से जहां एक तरफ उनका पूरा परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गया है, वहीं दूसरी तरफ जमानिया नगर पालिका अध्यक्ष (चेयरमैन) की कथित संवेदनहीनता सामने आई है। पीड़ित परिवार की सुध लेने और मदद का ठोस आश्वासन देने के बजाय, चेयरमैन इस संवेदनशील मुद्दे पर उठ रहे सवालों से बचते और कतराते नजर आ रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता और सफाई कर्मचारियों में भारी उबाल है। सवालों से बचते दिखे पालिका अध्यक्ष, जनता में आक्रोश हादसे के बाद जब स्थानीय पत्रकारों और जागरूक नागरिकों ने मृतक तलाई राम के परिवार के हित, पुनर्वास और आर्थिक सहायता को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष से सवाल करने की कोशिश की, तो वे सीधे जवाब देने से बचते दिखे। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक, चेयरमैन महोदय सफाई कर्मी तलाई राम की मौत के प्रति बेहद उदासीन नजर आए और इस गंभीर मुद्दे पर बात करने से कतराते रहे। एक जनप्रतिनिधि का अपनी ही पालिका के गरीब संविदा कर्मी की मौत पर ऐसा टालमटोल वाला रवैया उनकी संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने सुनीं जनशिकायतें, प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश जनशिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर द्वारा पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई की गई। इस दौरान फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। एसपी ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार निस्तारण कराया जाए तथा पीड़ितों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में समयबद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।2