शिक्षकों की कमी से जूझ रहा शाहपुरकंडी का सरकारी स्कूल, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी शाहपुरकंडी 30 जुलाई: एक तरफ पंजाब सरकार शिक्षा क्रांति के बड़े-बड़े दावे कर रही है वहीं दूसरी ओर रणजीत सागर बांध परियोजना के पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबंधित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अध्यापकों की कमी के चलते सैकड़ो बच्चों का भविष्य अंधकार में होने की कगार पर है। इस संबंध में जानकारी देते हुए भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं मार्केट कमेटी के चेयरमैन विपिन महाजन ने बताया कि उनकी ओर से रणजीत सागर बांध परियोजना के सीबीएसई सरकारी मॉडल स्कूल में अध्यापकों की कमी का मामला माननीय हाई कोर्ट में उठाया था और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद तब जाकर इन छात्र-छात्राओं को 14 अध्यापक मिलने से छात्रों को राहत मिली है। किंतु अब रणजीत सागर बांध परियोजना के ही दूसरे करोड़ों रुपए की लागत से बने 10 एकड़ में पंजाब बोर्ड से संबंधित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अब अध्यापकों की कमी के चलते सैंकडों छात्र छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। आर्ट्स साइंस के इस प्लस टू स्कूल में इन छात्रों को मात्र तीन शिक्षक शिक्षा दे रहे हैं और कॉमर्स विषय अध्यापकों की कमी के कारण बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि कई बच्चों के अभिभावकों ने उन्हें इस मामले में हस्तक्षेप कर बच्चों को राहत प्रदान करवाने के लिए संपर्क किया है। अभिभावकों ने बताया के वे अपने बच्चों को इस स्कूल में एडमिशन दिलवाना चाहते थे पर अध्यापकों की कमी के चलते बहुत सारे छात्र-छात्राओं को इस स्कूल में एडमिशन नहीं दी गयी और उन्हें दूर दराज अपने बच्चों को शिक्षा के लिए भेजना पड़ा है। इस संबंध में विपिन महाजन में बताया उपरोक्त इरिगेशन विभाग के अधीन 5 स्कूलों में अध्यापकों की कमी का मुद्दा पिछले 10 वर्षों से उनकी ओर से उठाया जाता रहा किंतु इन चारों स्कूलों में अध्यापकों की अभी भी कमी है। उन्होंने बताया के इस समस्या की जड़ सिंचाई विभाग के एक बड़े अधिकारी हैं जिनकी की ओर से नियमों को ताक पर रखते हुए सिंचाई विभाग के अधीन चलते सभी स्कूलों को शिक्षा विभाग को जबरदस्ती सौंपने का लिया गया निर्णय है। उन्होंने बताया अब मसला यह है कि स्कूल तो सौंप दिए गए पर अध्यापक नहीं दिये गये।उल्लेखनीय है कि 28 फ़रवरी 2020 को उस समय शिक्षा सचिव रहते उक्त अधिकारी ने ख़ुद लिखित रूप से साफ़ लिखा था कि ये स्कूल जल संसाधन विभाग पंजाब (डब्ल्यूआरडी) रणजीत सागर बांध के अधीन हैं और शिक्षा विभाग पंजाब का इनमें कोई लेना-देना नहीं। भर्ती और स्टाफ़ की ज़िम्मेदारी जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) पंजाब की ही है। लेकिन विडंबना देखिए उसी अधिकारी ने अब 2025 में इरिगेशन का कार्यभार संभाला है तथा अब उसी अधिकारी द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग को जबरदस्ती ट्रांसफ़र कर दिए।जहाँ यह जिकर योग्य है की जल संसाधन विभाग को देख रहे उक्त अधिकारी ने कागज़ों में तो “स्कूलों को शिक्षा विभाग पंजाब में स्थानांतरण तो कर दिया पर अभी तक अध्यापकों की कमी को दूर नहीं किया गया। यहां एक और बात जिक्र योग्य है कि इरिगेशन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अधीन आर एस डी प्रोजेक्ट के लगभग 15 कर्मचारी लिपिक, बेलदार, चौकीदार और चपरासी आज भी इन विद्यालयों में कार्यरत हैं। उन्हें वेतन इरिगेशन विभाग दे रहा है दूसरी ओर इन स्कूलों में अध्यापकों की कमी को शिक्षा विभाग पंजाब में ट्रांस्फर् होते ही शिक्षा विभाग द्वारा अब पूरा किये जाने की बात कही जा रही है।नतीजा यह है कि आधा शैक्षिक सत्र बीत चुका है, नये अध्यापक आये नहीं और पहले से मौज़ूद अध्यापक या तो प्रमोट हो गए या रिटायर हो गए। दरअसल,यह एक क़ानूनी विसंगति है। इरिगेशन विभाग और शिक्षा विभाग दोनों पंजाब सरकार के ही अंग हैं और वेतन एक ही खजाने से आना है उन्होंने पंजाब सरकार को आडे हाथों लेते हुए कहा“सरकार एक ओर कह रही है कि विद्यालय शिक्षा विभाग के पास चले गए हैं,अगर विद्यालय शिक्षा विभाग पंजाब के पास हैं, तो जल संसाधन विभाग पंजाब आर एस डी का स्टाफ़ वहाँ क्यों काम कर रहा है? यह दोहरी नीति बच्चों के भविष्य को तबाह कर रही है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ़ लापरवाही नहीं बल्कि दुर्भवनापूर्ण इरादा लगता है। उन्होंने कहा यह आम आदमी पार्टी सरकार की तथाकथित ‘शिक्षा मॉडल’ की असलियत को उजागर करता है, जो विज्ञापनों में दिखाया जा रहा है एक बहुत बड़ा झूठ है और पंजाब के इस कंडी पिछड़े क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से निवेदन करते हुए कहा के इस मामले में हस्तक्षेप करें और इस स्कूल को पीएम श्री में बदलकर बच्चों को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि अध्यापकों की कमी के संबंध में यदि तुरंत निर्णय लिया ना लिया गया तो वह एक बार पुनः पंजाब व हरियाणा उच्चन्यालय को निवेदन करने के लिए मजबूर होंगे। ताकि बच्चों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो और उनको को बेमानी पीड़ा न झेलनी पड़े।
शिक्षकों की कमी से जूझ रहा शाहपुरकंडी का सरकारी स्कूल, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी शाहपुरकंडी 30 जुलाई: एक तरफ पंजाब सरकार शिक्षा क्रांति के बड़े-बड़े दावे कर रही है वहीं दूसरी ओर रणजीत सागर बांध परियोजना के पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबंधित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अध्यापकों की कमी के चलते सैकड़ो बच्चों का भविष्य अंधकार में होने की कगार पर है। इस संबंध में जानकारी देते हुए भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं मार्केट कमेटी के चेयरमैन विपिन महाजन ने बताया कि उनकी ओर से रणजीत सागर बांध परियोजना के सीबीएसई सरकारी मॉडल स्कूल में अध्यापकों की कमी का मामला माननीय हाई कोर्ट में उठाया था और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद तब जाकर इन छात्र-छात्राओं को 14 अध्यापक मिलने से छात्रों को राहत मिली है। किंतु अब रणजीत सागर बांध परियोजना के ही दूसरे करोड़ों रुपए की लागत से बने 10 एकड़ में पंजाब बोर्ड से संबंधित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अब अध्यापकों की कमी के चलते सैंकडों छात्र छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। आर्ट्स साइंस के इस प्लस टू स्कूल में इन छात्रों को मात्र तीन शिक्षक शिक्षा दे रहे हैं और कॉमर्स विषय अध्यापकों की कमी के कारण बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि कई बच्चों के अभिभावकों ने उन्हें इस मामले में हस्तक्षेप कर बच्चों को राहत प्रदान करवाने के लिए संपर्क किया है। अभिभावकों ने बताया के वे अपने बच्चों को इस स्कूल में एडमिशन दिलवाना चाहते थे पर अध्यापकों की कमी के चलते बहुत सारे छात्र-छात्राओं को इस स्कूल में एडमिशन नहीं दी गयी और उन्हें दूर दराज अपने बच्चों को शिक्षा के लिए भेजना पड़ा है। इस संबंध में विपिन महाजन में बताया उपरोक्त इरिगेशन विभाग के अधीन 5 स्कूलों में अध्यापकों की कमी का मुद्दा पिछले 10 वर्षों से उनकी ओर से उठाया जाता रहा किंतु इन चारों स्कूलों में अध्यापकों की अभी भी कमी है। उन्होंने बताया के इस समस्या की जड़ सिंचाई विभाग के एक बड़े अधिकारी हैं जिनकी की ओर से नियमों को ताक पर रखते हुए सिंचाई विभाग के अधीन चलते सभी स्कूलों को शिक्षा विभाग को जबरदस्ती सौंपने का लिया गया निर्णय है। उन्होंने बताया अब मसला यह है कि स्कूल तो सौंप दिए गए पर अध्यापक नहीं दिये गये।उल्लेखनीय है कि 28 फ़रवरी 2020 को उस समय शिक्षा सचिव रहते उक्त अधिकारी ने ख़ुद लिखित रूप से साफ़ लिखा था कि ये स्कूल जल संसाधन विभाग पंजाब (डब्ल्यूआरडी) रणजीत सागर बांध के अधीन हैं और शिक्षा विभाग पंजाब का इनमें कोई लेना-देना नहीं। भर्ती और स्टाफ़ की ज़िम्मेदारी जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) पंजाब की ही है। लेकिन विडंबना देखिए उसी अधिकारी ने अब 2025 में इरिगेशन का कार्यभार संभाला है तथा अब उसी अधिकारी द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग को जबरदस्ती ट्रांसफ़र कर दिए।जहाँ यह जिकर योग्य है की जल संसाधन विभाग को देख रहे उक्त अधिकारी ने कागज़ों में तो “स्कूलों को शिक्षा विभाग पंजाब में स्थानांतरण तो कर दिया पर अभी तक अध्यापकों की कमी को दूर नहीं किया गया। यहां एक और बात जिक्र योग्य है कि इरिगेशन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अधीन आर एस डी प्रोजेक्ट के लगभग 15 कर्मचारी लिपिक, बेलदार, चौकीदार और चपरासी आज भी इन विद्यालयों में कार्यरत हैं। उन्हें वेतन इरिगेशन विभाग दे रहा है दूसरी ओर इन स्कूलों में अध्यापकों की कमी को शिक्षा विभाग पंजाब में ट्रांस्फर् होते ही शिक्षा विभाग द्वारा अब पूरा किये जाने की बात कही जा रही है।नतीजा यह है कि आधा शैक्षिक सत्र बीत चुका है, नये अध्यापक आये नहीं और पहले से मौज़ूद अध्यापक या तो प्रमोट हो गए या रिटायर हो गए। दरअसल,यह एक क़ानूनी विसंगति है। इरिगेशन विभाग और शिक्षा विभाग दोनों पंजाब सरकार के ही अंग हैं और वेतन एक ही खजाने से आना है उन्होंने पंजाब सरकार को आडे हाथों लेते हुए कहा“सरकार एक ओर कह रही है कि विद्यालय शिक्षा विभाग के पास चले गए हैं,अगर विद्यालय शिक्षा विभाग पंजाब के पास हैं, तो जल संसाधन विभाग पंजाब आर एस डी का स्टाफ़ वहाँ क्यों काम कर रहा है? यह दोहरी नीति बच्चों के भविष्य को तबाह कर रही है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ़ लापरवाही नहीं बल्कि दुर्भवनापूर्ण इरादा लगता है। उन्होंने कहा यह आम आदमी पार्टी सरकार की तथाकथित ‘शिक्षा मॉडल’ की असलियत को उजागर करता है, जो विज्ञापनों में दिखाया जा रहा है एक बहुत बड़ा झूठ है और पंजाब के इस कंडी पिछड़े क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से निवेदन करते हुए कहा के इस मामले में हस्तक्षेप करें और इस स्कूल को पीएम श्री में बदलकर बच्चों को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि अध्यापकों की कमी के संबंध में यदि तुरंत निर्णय लिया ना लिया गया तो वह एक बार पुनः पंजाब व हरियाणा उच्चन्यालय को निवेदन करने के लिए मजबूर होंगे। ताकि बच्चों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो और उनको को बेमानी पीड़ा न झेलनी पड़े।
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- ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਸ਼ਮਸ਼ੇਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਪੱਖ ਂਚ ਉੱਤਰੀ ਪਿੰਡ ਅਲੀਆ ਚੱਕ ਦੀ ਪੰਚਾਇਤ।1
- ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਪਿੰਡ ਭੋਪਰ ਸੈਦਾਂ 'ਚ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਸੁਣਨ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਇੱਕਠ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਕਾਹਲੋਂ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੱਕ ਆਵਾਜ਼ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਭਰੋਸਾ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਪਿੰਡ ਭੋਪਰ ਸੈਦਾਂ 'ਚ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਸੁਣਨ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਇੱਕਠ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਕਾਹਲੋਂ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੱਕ ਆਵਾਜ਼ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਭਰੋਸਾ1
- ਬਟਾਲਾ ਕਲੱਬ ਵਿਖੇ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ: ਵਿਧਾਇਕਾਂ ਨੇ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਮੀਆਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ, ਸਿਹਤ ਅਤੇ ਆਰਥਿਕ ਸਹਾਇਤਾ ਲਈ ਲਏ ਅਹਿਮ ਫ਼ੈਸਲੇ ਕੀਤੇ ਸਾਂਝੇ ਵਿਧਾਇਕ ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ ਨੇ ਬਟਾਲਾ ਵਿਖੇ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਕਰਕੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸਕ ਫ਼ੈਸਲਿਆਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ। ਠੇਕਾ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਤਨਖਾਹ ਵਧਾ ਕੇ ₹20,500 ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ 5 ਸਾਲ ਦਾ ਸਮਾਂ ਪੂਰਾ ਕਰ ਚੁੱਕੇ ਸਫ਼ਾਈ ਸੇਵਕਾਂ ਨੂੰ ਪੱਕੇ ਕਰਨ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।1
- ਬੀਬੀ ਜਗੀਰ ਕੌਰ ਵੱਲੋਂ ਨਡਾਲਾ ਵਿਖੇ ਲੋਕ ਮਿਲਣੀ ਕੱਲ 1 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਪੁਨਰ ਸੁਰਜੀਤ )ਦੀ ਸੀਨੀਅਰ ਆਗੂ ਤੇ ਐਸਜੀਪੀਸੀ ਦੀ ਸਾਬਕਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਬੀਬੀ ਜਗੀਰ ਕੌਰ ਵੱਲੋਂ ਕਸਬਾ ਨਡਾਲਾ ਵਿਖੇ ਲੋਕ ਮਿਲਣੀ ਦਾ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ 1 ਅਗਸਤ, ਦਿਨ ਸ਼ਨੀਵਾਰ ਸਵੇਰੇ 10:30 ਵਜੇ ਵੈਡਿੰਗ ਵਿਲਾ, ਨਡਾਲਾ ਵਿਖੇ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਬੀਬੀ ਜਗੀਰ ਕੌਰ ਪਾਰਟੀ ਵਰਕਰਾਂ, ਸਮਰਥਕਾਂ ਅਤੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਰੂ-ਬ-ਰੂ ਹੋਣਗੇ। ਲੋਕ ਮਿਲਣੀ ਦੌਰਾਨ ਪੰਥਕ ਮਸਲਿਆਂ, ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੌਜੂਦਾ ਹਾਲਾਤਾਂ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਅਹਿਮ ਮੁੱਦਿਆਂ 'ਤੇ ਵਿਚਾਰ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਹਾਜ਼ਰ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਅਤੇ ਸੁਝਾਵ ਵੀ ਸੁਣੇ ਜਾਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਸਮੂਹ ਵਰਕਰਾਂ, ਅਹੁਦੇਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਇਸ ਲੋਕ ਮਿਲਣੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ।1
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- ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਪੈਟਰੋਲ ਪੰਪ ਫਾਇਰਿੰਗ ਦਾ ਵੱਡਾ ਖੁਲਾਸਾ! 4 ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ, ISI ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੈਂਡਲਰ 'ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਪੈਟਰੋਲ ਪੰਪ ਫਾਇਰਿੰਗ ਦਾ ਵੱਡਾ ਖੁਲਾਸਾ! 4 ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ, ISI ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੈਂਡਲਰ 'ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਦਾਅਵਾ Instagram ਤੋਂ ਸੰਪਰਕ, Google Pay ਰਾਹੀਂ ਫੰਡਿੰਗ! ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਫਾਇਰਿੰਗ ਕੇਸ 'ਚ ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਵੱਡਾ ਐਕਸ਼ਨ, 4 ਮੁਲਜ਼ਮ ਕਾਬੂ1
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