*माइक्रोफाइलेरिया रेट 2.5, कटरा को छोड़ सभी प्रखंडों में होगा सर्वजन दवा सेवन अभियान।* *--प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण प्रोजेक्टर/आडियो और वीडियो माध्यम से प्रदर्शित कर प्रशिक्षित करें।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर 24 जनवरी 2026 मुजफ्फरपुर:-नवंबर में हुए नाइट ब्लड सर्वे के अनुसार जिले का माइक्रोफाइलेरिया रेट 2.5 है। एक प्रतिशत से अधिक माइक्रोफाइलेरिया रेट के होने के कारण इस बार जिले के 15 प्रखंड और 4 शहरी क्षेत्र के 19 आईयू में एमडीए/आइडीए अभियान चलेगा। वहीं कटरा का माइक्रोफाइलेरिया रेट एक से कम होने के कारण इस बार वहां प्री टास एक्टिविटी होगी। ये बातें शनिवार को जिला ट्रेनिंग आफ ट्रेनर्स (टीओटी) के प्रशिक्षण में सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार ने कही। प्रशिक्षण के दौरान जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुधीर ने मेडिकल आफिसर, बीएचएम,बीसीएम,भीबीडीएस, डीईओ (यूपीएचसी) और सहयोगी संस्थाओं को निर्देश दिया कि प्रखंड को ट्रेनिंग मेटेरियल पहले ही मेल के द्वारा भेजा जा चुका है। प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण प्रोजेक्टर/आडियो और वीडियो माध्यम से प्रदर्शित कर प्रशिक्षित करें। एक्शन प्लान तथा माइक्रोप्लान दिए गए समय सीमा तक हर प्रखंड देना सुनिश्चित करेंगे, ताकि आईसी मेटेरियल का उठाव समय पर हो पाए। इस वर्ष कराए गए नाइट ब्लड सर्वे में बांद्रा प्रखंड में सबसे ज्यादा माइक्रोफाइलेरिया रेट 6.63 रहा। जिले में कुल 17038 फाइलेरिया के चिन्हित मरीज है जिसमें हाथ में 2376, पैर में 12146 और 2516 हाइड्रोसिल के मरीज हैं।डीपीएम रेहान अशरफ ने बताया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की देखरेख में स्वास्थ्य प्रबंधक, बीसीएम एवं अन्य संबंधित अपने अपने प्रखंडों का एमडीए/आइडीए पर्यवेक्षण कार्य करेंगे। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षुओं से सामाजिक जागरूकता पे चर्चा करते हुए जनप्रतिनिधि, स्कूल, जीविका समूह तथा समाज कल्याण विभाग एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर जागरुक करने अपील की।ट्रिपल ड्रग थेरेपी का रखा तकनीकी पक्ष:प्रशिक्षण के दौरान डब्लूएचओ जोनल कॉर्डिनेटर, डॉ माधुरी देवराजु ने जिले में होने वाले ट्रिपल ड्रग थेरेपी में शामिल दवा आइवर मेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल की खुराक और डोज पोल के बारे में विस्तार से बताया। इसके अलावे डॉ माधुरी ने दवा खाने से इंकार करने वाले रिफ्यूजल को कैसे ब्रेक किया जाए, के बारे में विस्तार से बताया। गर्भवती, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को दवा नहीं देनी है। उन्होंने दवा खिलाने के बाद लाभार्थी के घर पर मार्किंग करने के तकनीकी पक्ष को भी बताया।मौके सिविल सर्जन, एसीएमओ,डीपीएम, डीभीबीडीसीओ, डब्ल्यूएचओ जोनल कोओर्डिनेटर डॉ माधुरी देवराजु, पिरामल डीएल इफ्तिखार अहमद खान, सीएफएआर डीसी नीतू कुमारी सहित सभी प्रखंड के एमओआईसी, बीएचएम, बीसीएम और भीबीडीएस मौजूद थे।
*माइक्रोफाइलेरिया रेट 2.5, कटरा को छोड़ सभी प्रखंडों में होगा सर्वजन दवा सेवन अभियान।* *--प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण प्रोजेक्टर/आडियो और वीडियो माध्यम से प्रदर्शित कर प्रशिक्षित करें।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर 24 जनवरी 2026 मुजफ्फरपुर:-नवंबर में हुए नाइट ब्लड सर्वे के अनुसार जिले का माइक्रोफाइलेरिया रेट 2.5 है। एक प्रतिशत से अधिक माइक्रोफाइलेरिया रेट के होने के कारण इस बार जिले के 15 प्रखंड और 4 शहरी क्षेत्र के 19 आईयू में एमडीए/आइडीए अभियान चलेगा। वहीं कटरा का माइक्रोफाइलेरिया रेट एक से कम होने के कारण इस बार वहां प्री टास एक्टिविटी होगी। ये बातें शनिवार को जिला ट्रेनिंग आफ ट्रेनर्स (टीओटी) के प्रशिक्षण में सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार ने कही। प्रशिक्षण के दौरान जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुधीर ने मेडिकल आफिसर, बीएचएम,बीसीएम,भीबीडीएस, डीईओ (यूपीएचसी) और सहयोगी संस्थाओं को निर्देश दिया कि प्रखंड को ट्रेनिंग मेटेरियल पहले ही मेल के द्वारा भेजा जा चुका है। प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण प्रोजेक्टर/आडियो और वीडियो माध्यम से प्रदर्शित कर प्रशिक्षित करें। एक्शन प्लान तथा माइक्रोप्लान दिए गए समय सीमा तक हर प्रखंड देना सुनिश्चित करेंगे, ताकि आईसी मेटेरियल का उठाव समय पर हो पाए। इस वर्ष कराए गए नाइट ब्लड सर्वे में बांद्रा प्रखंड में सबसे ज्यादा माइक्रोफाइलेरिया रेट 6.63 रहा। जिले में कुल 17038 फाइलेरिया के चिन्हित मरीज है जिसमें हाथ में 2376, पैर में 12146 और 2516 हाइड्रोसिल के मरीज हैं।डीपीएम रेहान अशरफ ने बताया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की देखरेख में स्वास्थ्य प्रबंधक, बीसीएम एवं अन्य संबंधित अपने अपने प्रखंडों का एमडीए/आइडीए पर्यवेक्षण कार्य करेंगे। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षुओं से सामाजिक जागरूकता पे चर्चा करते हुए जनप्रतिनिधि, स्कूल, जीविका समूह तथा समाज कल्याण विभाग एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर जागरुक करने अपील की।ट्रिपल ड्रग थेरेपी का रखा तकनीकी पक्ष:प्रशिक्षण के दौरान डब्लूएचओ जोनल कॉर्डिनेटर, डॉ माधुरी देवराजु ने जिले में होने वाले ट्रिपल ड्रग थेरेपी में शामिल दवा आइवर मेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल की खुराक और डोज पोल के बारे में विस्तार से बताया। इसके अलावे डॉ माधुरी ने दवा खाने से इंकार करने वाले रिफ्यूजल को कैसे ब्रेक किया जाए, के बारे में विस्तार से बताया। गर्भवती, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को दवा नहीं देनी है। उन्होंने दवा खिलाने के बाद लाभार्थी के घर पर मार्किंग करने के तकनीकी पक्ष को भी बताया।मौके सिविल सर्जन, एसीएमओ,डीपीएम, डीभीबीडीसीओ, डब्ल्यूएचओ जोनल कोओर्डिनेटर डॉ माधुरी देवराजु, पिरामल डीएल इफ्तिखार अहमद खान, सीएफएआर डीसी नीतू कुमारी सहित सभी प्रखंड के एमओआईसी, बीएचएम, बीसीएम और भीबीडीएस मौजूद थे।
- R Kढाका, पूर्वी चंपारण, बिहारnicdon 28 January
- Post by Rahul Singh1
- घर का फैसला जब गैर करने लगें… तब परिवार टूटने लगता है! जब परिवार का कोई सदस्य अपने फैसलों के लिए घर से ज्यादा बाहर वालों की राय लेने लगे, तो ये सिर्फ एक आदत नहीं… एक संकेत है। संकेत इस बात का कि रिश्तों में भरोसा कमजोर हो रहा है, और बाहर वाले इस कमजोरी को तमाशा बना सकते हैं। समय रहते समझिए… परिवार की बात, परिवार में ही सुलझाइए। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #परिवार #रिश्ते #सच्चीबात #समाज #हकीकत #फैमिलीइश्यू #सोशलमैसेज #रिलेशनशिप #इमोशनल #घरेलूमुद्दा #Ankesh_Thakur1
- प्रभात कुमार रंजन जर्नलिस्ट चकिया में मनरेगा योजना को लेकर गुरुवार को पंचायत प्रतिनिधियों और मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रमुख प्रतिनिधि सह समाजसेवी मिथिलेश कुमार और उप प्रमुख अर्पणा पाण्डेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पंचायत समिति सदस्यों और मनरेगा मजदूरों ने प्रखंड कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं को लेकर मनरेगा पीओ से मिलना चाहते थे, लेकिन वह कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इस पर नाराजगी और बढ़ गई। समाजसेवी मिथिलेश कुमार ने आरोप लगाया कि पीओ की लापरवाही के कारण मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। साथ ही मेटेरियल भुगतान भी लंबित है और काम के बदले अवैध राशि की मांग की जा रही है। वहीं उप प्रमुख अर्पणा पाण्डेय ने कहा कि अन्य प्रखंडों में भुगतान हो रहा है, लेकिन चकिया में पीओ रंजीत कुमार की लापरवाही के कारण विकास मद की राशि वापस चली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय में एक निजी व्यक्ति काम संभाल रहा है, जो जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार करता है। महुअवा पंचायत के समिति सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने भी कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और धीरज कुमार नामक व्यक्ति पर दुर्व्यवहार करने की बात कही। हरदियाबाद के पंचायत समिति सदस्य नवलकिशोर सिंह ने बताया कि कर्ज लेकर काम कराया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य विनय सिंह ने चेतावनी दी कि भुगतान नहीं होने से मजदूरों की स्थिति बेहद खराब हो गई है और वे भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। प्रदर्शन में जितेंद्र गिरी, अम्बिका पासवान, मनोज महतो, राहुल तिवारी समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे। वहीं, दूसरी ओर मनरेगा पीओ रंजीत कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।1
- Post by Talk On Chair1
- बेतिया के लौरिया थाना में फरियादियों को थाने के अंदर बंद करके पीटा जा रहा है।1
- Post by Santosh kumar1
- कांग्रेस नेता एवं लोकसभा के प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी असम के मुख्यमंत्री हेमंता विश्वा शर्मा को भरे मंच पर चेताया। रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) नई दिल्ली 02 अप्रैल 2026 नई दिल्ली:-कांग्रेस नेता एवं लोकसभा के प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने असम के एक जनसभा को संबोधित करते हुए बताया कि असम के चीफ मिनिस्टर हेमंता विश्वा शर्मा है जो हिंदुस्तान के सबसे भ्रष्ट, करप्ट, चीफ मिनिस्टर है। पूरी दुनिया जानती है, आप भी जानते हो। इसका कंट्रोल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के गृह मंत्री अमित शाह के हाथ में है।अगर नरेंद्र मोदी अमित शाह इनको कहे की भैया आप जंप मारो, तो यह जंप मारेगा। असम के मुख्यमंत्री सिंडिकेट के साथ मिलकर असम को चलाते हैं,और देख लेना मैं आपको बता रहा हूं, जैसे हमारे यहां पर सरकार आएगी ना, यह अभी छाती फैला के घूमता है, इसके मुंह से एक शब्द नहीं निकलेगा। हाथ जोड़ के सामने आ जाएगा। यह मैं जानता हूं ऐसे लोगों के विचारधारा को,और इसको कोई माफी नहीं मिलने वाली है यह बात याद रख लीजिए। असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा शर्मा के खिलाफ कार्रवाई होगी, और यह जो इसने भ्रष्टाचार किया है, इसका नतीजा इसको भुगतना पड़ेगा। मैं आपको बता रहा हूं कि कांग्रेस पार्टी इसको छोड़ने वाली नहीं है। इसमें जो घमंड है यह 2 मिनट में निकल जाएगा,जिस दिन इसकी सरकार चली जाएगी।1
- “ये वीडियो आपके लिए नहीं था… लेकिन अगर पहुंच गया है तो सच समझिए!” वीडियो आप तक हम नहीं पहुंचाए… गलती से पहुंच गया है। लेकिन अगर आप तक पहुंच गया है, तो एक बार सोचिए — क्या आप मोबाइल चला रहे हैं… या मोबाइल आपकी सोच को चला रहा है? Google, Meta और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म आपके हर क्लिक को समझकर आपको वही दिखाते हैं, जो आपकी सोच को मोड़ सके। अब फैसला आपका है — जागरूक बनना है या बहाव में बहना है। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #mobile_mind_control #algorithm_truth #social_media_effect #digital_control #Google #Meta #WhatsApp #fake_news #election_impact #mindset_control #inside_radar #tech_reality #India_news #awareness #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार1
- Post by Santosh kumar1