डिंडोरी जिला मुख्यालय में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से दिन में बिजली कटौती करने वाला विभाग अब तीन दिनों से देर रात लगभग 12 बजे के बाद अचानक विद्युत आपूर्ति बंद कर रहा है, जिससे लोग पूरी रात उमस और गर्मी के बीच जागकर समय बिताने को मजबूर हैं और उनकी चेन की नींद खराब हो रही है। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण दिन के साथ-साथ रात में भी उमस का असर बना हुआ है, ऐसे में यह बिजली कटौती लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली बंद की जा रही है, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। रात के समय बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि विभाग मेंटेनेंस का कार्य कर रहा है, तो पहले से सूचना दी जानी चाहिए ताकि लोग अपनी व्यवस्था कर सकें। इसके अतिरिक्त, बिजली बंद होने के बाद उपभोक्ता जब विभाग के टोल-फ्री कॉल सेंटर पर संपर्क करने की कोशिश करते हैं, तो जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा कॉल रिसीव नहीं किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि भीषण गर्मी के इस दौर में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए, क्योंकि इस लगातार कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
डिंडोरी जिला मुख्यालय में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से दिन में बिजली कटौती करने वाला विभाग अब तीन दिनों से देर रात लगभग 12 बजे के बाद अचानक विद्युत आपूर्ति बंद कर रहा है, जिससे लोग पूरी रात उमस और गर्मी के बीच जागकर समय बिताने को मजबूर हैं और उनकी चेन की नींद खराब हो रही है। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण दिन के साथ-साथ रात में भी उमस का असर बना हुआ है, ऐसे में यह बिजली कटौती लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली बंद की जा रही है, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। रात के समय बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि विभाग मेंटेनेंस का कार्य कर रहा है, तो पहले से सूचना दी जानी चाहिए ताकि लोग अपनी व्यवस्था कर सकें। इसके अतिरिक्त, बिजली बंद होने के बाद उपभोक्ता जब विभाग के टोल-फ्री कॉल सेंटर पर संपर्क करने की कोशिश करते हैं, तो जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा कॉल रिसीव नहीं किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि भीषण गर्मी के इस दौर में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए, क्योंकि इस लगातार कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
- डिंडोरी में एसडीएम राम बाबू देवआंगन ने अतिक्रमण और अनाधिकृत निर्माण कार्यों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यवस्था को भंग करेगा, उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। यह चेतावनी विशेष रूप से बस स्टैंड और नर्मदा तट के आसपास मनमाने ढंग से हो रहे निर्माण कार्यों, जैसे बिना अनुमति के दर्जनो मंदिर निर्माण या अन्य निर्माण कार्यों के संदर्भ में दी गई है। एसडीएम देवआंगन ने निर्देश दिया है कि अब तक जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें एक ही स्थान पर लाइन में लगाकर अपनी भक्ति भाव और आस्था को आश्रम तक सीमित रखा जाए। उन्होंने लोगों से जिला प्रशासन के सहयोगी बनकर योगदान देने की अपील की, अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जो व्यवस्था बिगाड़ेगा, उसे जेल भेजा जाएगा।4
- बुढ़ार के वार्ड क्रमांक 1 स्थित रेस्ट हाउस परिसर के पास सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं को दर्शाती आकर्षक प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इस पहल को केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं बताया गया है, बल्कि इसे बुढ़ार नगरवासियों को स्वास्थ्य, योग और भारतीय संस्कृति के साथ जोड़ने की एक सुंदर पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उम्मीद जताई गई है कि आने वाले समय में यह स्थान नगर की एक नई पहचान और आकर्षण का केंद्र बनेगा। योग को प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर मानते हुए, इन मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए नगर को सुंदर, प्रेरणादायी और aesthetic रूप देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।1
- शहडोल जिले में शराब कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ शराब की दुकानें निर्धारित समय के बाद भी रात लगभग 1:30 बजे तक खुली रहने और खुलेआम बिक्री के आरोपों के बीच अब प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूलने का मामला भी सामने आया है। शहर के शिव मंदिर के पास कमिश्नर बंगला रोड स्थित एक शराब दुकान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्राहकों से शराब की बोतलों पर अंकित कीमत से ज्यादा रकम लेने के आरोप लगाए गए हैं। इस पूरे प्रकरण ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और शराब ठेकेदारों को मिल रहे कथित संरक्षण पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में शराब की दुकानों पर नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, लेकिन आबकारी विभाग कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। उनका कहना है कि देर रात तक शराब की बिक्री और प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूलना कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है। आरोप है कि आबकारी अधिकारी सावित्री भगत और शराब ठेकेदार प्रिंस राय की कथित मिलीभगत के चलते नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गए हैं। वायरल वीडियो में ग्राहक कथित तौर पर शराब खरीदते समय निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे लिए जाने की बात कहते दिख रहे हैं, जिसके सामने आने के बाद आम लोगों में खासी नाराजगी बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों का स्पष्ट आरोप है कि बिना विभागीय संरक्षण के शराब दुकानों में इस तरह की मनमानी संभव ही नहीं है, और देर रात शराब बिक्री से लेकर ओवररेटिंग तक का पूरा खेल अधिकारियों व ठेकेदारों की सांठगांठ से संचालित हो रहा है। इस अनियमितता के कारण क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, जैसे नशे में विवाद, गाली-गलौज और मारपीट, जिससे स्थानीय नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वायरल वीडियो की जांच कर यह पता लगाया जाए कि ग्राहकों से कितनी अधिक वसूली की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार हैं। साथ ही, देर रात शराब बिक्री कराने वाले ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की गई है। अब जिले में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर शराब कारोबारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जिसके दम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह देखना होगा कि क्या आबकारी विभाग इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा या शराब कारोबार और विभागीय संरक्षण का यह खेल आगे भी यूं ही चलता रहेगा। फिलहाल, वायरल वीडियो और देर रात शराब बिक्री का यह मामला पूरे जिले में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।3
- बुधवार को लगभग 3:15 बजे जिला जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्पों को साकार करने के उद्देश्य से शहडोल जिले में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। जनपद पंचायत सोहागपुर अंतर्गत ग्राम छतवई में संचालित संत रविदास हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम द्वारा लगभग 200 लोगों को काष्ठ शिल्प और कालीन बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे ये लोग स्वयं का रोजगार स्थापित करने में सक्षम हो सकेंगे।1
- मंडला जिले की बिछिया पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ शिकंजा कसते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक बोलेरो वाहन से भारी मात्रा में शराब जब्त की है। इस मामले में 23 वर्षीय एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो मौके पर वाहन और जब्त शराब से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। पुलिस ने इस कार्रवाई में 5 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति भी जब्त की है।1
- डिंडोरी जिले में ईंधन खर्च रोकने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यालय में निवास करने के निर्देश दिए थे। हालाँकि, समनापुर ब्लॉक में इन आदेशों का पालन केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है, जहाँ कई अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन जिला मुख्यालय से समनापुर तक आवागमन कर रहे हैं। इस स्थिति से शासन के पेट्रोल-डीजल बचत अभियान पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई विभागों के कर्मचारी सुबह देर से कार्यालय पहुंचते हैं और शाम होते ही निकल जाते हैं, जिससे आम लोगों के कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते। सबसे गंभीर आरोप शासकीय वाहनों के दुरुपयोग को लेकर लगाए जा रहे हैं; सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मचारी सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल निजी आवागमन और व्यक्तिगत कार्यों के लिए कर रहे हैं। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो शासन को लाखों रुपये के ईंधन और वाहन खर्च में हुई गड़बड़ी का खुलासा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन अधिकारी मुख्यालय में रुकने के बजाय रोजाना अपडाउन में व्यस्त रहते हैं। इससे आपातकालीन स्थितियों में जनता को अधिकारियों की उपलब्धता नहीं मिल पाती। स्थानीय नागरिकों ने माँग की है कि मुख्यालय में निवास न करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जांच की जाए, शासकीय वाहनों की लॉगबुक और ईंधन खर्च की भी जाँच हो, और बिना अनुमति के डेली अपडाउन करने वालों पर कार्रवाई की जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कलेक्टर के आदेशों की अनदेखी करने वालों पर कब तक कार्रवाई करेगा, या फिर सरकारी आदेश केवल फाइलों तक ही सीमित रहेंगे।1
- बम्हनी बंजर पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में शराब जब्त की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने लगभग 2 लाख 62 हजार रुपये कीमत की अवैध शराब बरामद की है। यह अवैध शराब मोचा क्षेत्र से मंडला की ओर ले जाई जा रही थी। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान वाहन सहित शराब को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस कार्रवाई के बावजूद पुलिस के व्यवहार पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है, क्योंकि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।1
- मंडला जिले के मोहगांव थाना परिसर में शांति समिति की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई है।1
- अनूपपुर के कोतमा बाजार में उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर आ गया। बेकाबू ट्रक ने कई गाड़ियों को टक्कर मारते हुए सामने की दुकानों और उनके सामान को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इस हादसे के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1