बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर, राजधानी पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों ने अपनी 26 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राज्य के अलग-अलग जिलों से आए स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार से लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान, स्वास्थ्यकर्मियों ने परिचारिका श्रेणी "ए" (GNM), महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ANM), लिपिक और अन्य संवर्गों के सामूहिक स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाने, उन्हें सेवा सम्पुष्टि पत्र जारी करने तथा उनके गृह जिले अथवा निकटतम जिले में पदस्थापन सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, संविदा एवं आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मियों के सेवा समायोजन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारियों ने अर्बन एएनएम और आउटसोर्सिंग कर्मियों को न्यूनतम वैधानिक मजदूरी ₹26,000 देने, ESI-EPF जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य समिति कर्मचारियों के लिए संवर्ग नियमावली बनाने और रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति करने की भी मांग रखी। उन्होंने समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। धरना स्थल पर मौजूद दंडाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनका मांगपत्र स्वीकार किया और उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके आंदोलन को और भी व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा।
बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर, राजधानी पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों ने अपनी 26 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राज्य के अलग-अलग जिलों से आए स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार से लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान, स्वास्थ्यकर्मियों ने परिचारिका श्रेणी "ए" (GNM), महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ANM), लिपिक और अन्य संवर्गों के सामूहिक स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाने, उन्हें सेवा सम्पुष्टि पत्र जारी करने तथा उनके गृह जिले अथवा निकटतम जिले में पदस्थापन सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, संविदा एवं आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मियों के सेवा समायोजन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारियों ने अर्बन एएनएम और आउटसोर्सिंग कर्मियों को न्यूनतम वैधानिक मजदूरी ₹26,000 देने, ESI-EPF जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य समिति कर्मचारियों के लिए संवर्ग नियमावली बनाने और रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति करने की भी मांग रखी। उन्होंने समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। धरना स्थल पर मौजूद दंडाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनका मांगपत्र स्वीकार किया और उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके आंदोलन को और भी व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा।
- नीतीश कुमार संजय झा के आवास पर उनसे दोबारा मिलने पहुंचे हैं।1
- फतुहा शहर के नोहटा निवासी स्वर्गीय सरती देवी की स्मृति में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा और भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों और परिजनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जिन्होंने स्वर्गीय सरती देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर सम्मान व्यक्त किया और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया। सभा को संबोधित करते हुए, वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि स्वर्गीय सरती देवी ने अपने जीवनकाल में परिवार और समाज के प्रति महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि उनका स्नेह, सेवा भाव और मानवीय दृष्टिकोण सदैव लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। वक्ताओं ने उनके सरल स्वभाव और समाजसेवा की भावना को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत, भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जहाँ कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों और आध्यात्मिक भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देर रात तक भक्ति रस में सराबोर होकर भजनों का आनंद लिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए महाभंडारे और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर स्वर्गीय सरती देवी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। यह पूरा कार्यक्रम स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और परिजनों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- यह बात कही गई है कि पाप का फल एक न एक दिन अवश्य मिलता है। इस संदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि कोई भी गलत कार्य अनसुना नहीं रहता और उसका परिणाम निश्चित तौर पर भुगतना पड़ता है, भले ही इस प्रक्रिया में काफी लंबा समय लग जाए, यहाँ तक कि 34 साल का वक्त भी क्यों न लग जाए।1
- मसौढ़ी के कृष्णापुरी मोहल्ले में दो पक्षों के बीच हुए आपसी विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें लाठी-डंडों और टाइल्स का जमकर इस्तेमाल हुआ। इस हिंसक मारपीट और गाली-गलौज की घटना में दोनों पक्षों से कुल चार लोग घायल हो गए। एक पक्ष के सोनू कुमार ने संतोष कुमार और हरेंद्र चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जबकि दूसरे पक्ष की इतवारिया देवी ने प्रमोद चौधरी, सोनू कुमार सहित कुल पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले की जानकारी मिलते ही मसौढ़ी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के दो-दो आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे प्रकरण की जांच अभी भी जारी है।1
- वैशाली के लालगंज में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ गंडक नदी में स्नान करने के दौरान एक 12 वर्षीय बालक डूब गया। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।1
- भवन निर्माण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने जनता दरबार का आयोजन कर जनसुनवाई की।1
- Manjulika Teej Mr X k liye. ..........................1
- बिहार के वैशाली जिले के लालगंज में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ गंडक नदी में नहाने के दौरान एक बच्चा डूब गया। यह जानकारी स्थानीय स्तर पर मिली है, जिससे क्षेत्र में हलचल है।1
- पीएमसीएच (PMCH) कैंपस के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भीषण आग लग गई है, जिसके चलते पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटों को देखकर आसपास के दफ्तरों के कर्मचारी भी तुरंत बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की पांच बड़ी गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं।1