नेपाल-तिब्बत में जलप्रलय से भीषण तबाही, 157 से ज्यादा मौतें; सैकड़ों लापता त्रिशूली-भोटेकोशी घाटी में बाढ़ और भूस्खलन ने मचाई तबाही, सुरक्षा बलों के जवान भी प्रभावित; भारत के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। त्रिशूली और भोटेकोशी नदी घाटियों में पानी और मलबे के तेज बहाव ने कई रिहायशी इलाकों, सड़कों, पुलों और सुरक्षा चौकियों को अपनी चपेट में ले लिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस आपदा में अब तक 157 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। आपदा का सबसे ज्यादा असर सीमा क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों पर पड़ा है। राहत और सीमा सुरक्षा में जुटे नेपाल पुलिस तथा सेना के 80 से अधिक जवानों के हताहत या लापता होने की जानकारी सामने आई है। खराब मौसम और भूस्खलन के कारण राहत एवं बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं। सैकड़ों लोग लापता तिब्बत सीमा क्षेत्र में करीब 265 और नेपाल की ओर 750 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 130 से अधिक भारतीय श्रद्धालु भी शामिल बताए जा रहे हैं। भारतीय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनके संपर्क को लेकर भारतीय दूतावास एवं संबंधित एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं। दर्जनों पुल, सड़कें और हाइड्रोपावर परियोजनाएं क्षतिग्रस्त होने से कई इलाके दूसरे क्षेत्रों से कट गए हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों से एयर-रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी खतरा नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती मैदानी क्षेत्रों में भी पड़ने की आशंका है। नारायणी और त्रिशूली नदियों में बढ़े जलस्तर को देखते हुए गंडक बेसिन से जुड़े इलाकों में प्रशासन को सतर्क किया गया है। बिहार और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में संभावित बाढ़ को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। राहत एवं बचाव की तैयारियों के तहत एनडीआरएफ की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और गोपालगंज के साथ उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर क्षेत्रों में नदी एवं तटबंधों की निगरानी की जा रही है। वाल्मीकिनगर बैराज पर निगरानी वाल्मीकिनगर बैराज और नदी किनारे बसे निचले इलाकों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संभावित खतरे को देखते हुए निचले क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां की जा रही हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्तर में कुछ कमी के संकेत मिले हैं, लेकिन डाउनस्ट्रीम में पानी के दबाव को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
नेपाल-तिब्बत में जलप्रलय से भीषण तबाही, 157 से ज्यादा मौतें; सैकड़ों लापता त्रिशूली-भोटेकोशी घाटी में बाढ़ और भूस्खलन ने मचाई तबाही, सुरक्षा बलों के जवान भी प्रभावित; भारत के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। त्रिशूली और भोटेकोशी नदी घाटियों में पानी और मलबे के तेज बहाव ने कई रिहायशी इलाकों, सड़कों, पुलों और सुरक्षा चौकियों को अपनी चपेट में ले लिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस आपदा में अब तक 157 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। आपदा का सबसे ज्यादा असर सीमा क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों पर पड़ा है। राहत और सीमा सुरक्षा में जुटे नेपाल पुलिस तथा सेना के 80 से अधिक जवानों के हताहत या लापता होने की जानकारी सामने आई है। खराब मौसम और भूस्खलन के कारण राहत एवं बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं। सैकड़ों लोग लापता तिब्बत सीमा क्षेत्र में करीब 265 और नेपाल की ओर 750 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 130 से अधिक भारतीय श्रद्धालु भी शामिल बताए जा रहे हैं। भारतीय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनके संपर्क को लेकर भारतीय दूतावास एवं संबंधित एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं। दर्जनों पुल, सड़कें और हाइड्रोपावर परियोजनाएं क्षतिग्रस्त होने से कई इलाके दूसरे क्षेत्रों से कट गए हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों से एयर-रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी खतरा नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती मैदानी क्षेत्रों में भी पड़ने की आशंका है। नारायणी और त्रिशूली नदियों में बढ़े जलस्तर को देखते हुए गंडक बेसिन से जुड़े इलाकों में प्रशासन को सतर्क किया गया है। बिहार और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में संभावित बाढ़ को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। राहत एवं बचाव की तैयारियों के तहत एनडीआरएफ की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और गोपालगंज के साथ उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर क्षेत्रों में नदी एवं तटबंधों की निगरानी की जा रही है। वाल्मीकिनगर बैराज पर निगरानी वाल्मीकिनगर बैराज और नदी किनारे बसे निचले इलाकों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संभावित खतरे को देखते हुए निचले क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां की जा रही हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्तर में कुछ कमी के संकेत मिले हैं, लेकिन डाउनस्ट्रीम में पानी के दबाव को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
- ब्रैकिग श्योपुर - श्योपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्र अंतर्गत क्षेत्रों से आये हुए आवेदकों की समस्याओं को सुनकर, तुरंत निराकरण संबधित अपने अधीनस्थ थाना प्रभारियों को विधिवत सम्मत नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।1
- सरमथुरा: खिंन्नोट गांव में जंगली जानवर का आतंक खिंनोट गांव में जंगली जानवर का आतंक, ग्रामीणों में दहशत—वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग सरमथुरा क्षेत्र के खिंनोट गांव में जंगली जानवर की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, पशुबाड़े में एक पशु को शिकार बनाए जाने के बाद इलाके में जंगली जानवर के हमले की आशंका बढ़ गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत है और लोग अपने पशुओं तथा परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार जंगली जानवरों की आवाजाही से किसी बड़ी घटना की आशंका बनी हुई है। ऐसे में वन विभाग को केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय नियमित गश्त और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग एवं प्रशासन से मांग की है कि खिंनोट गांव और आसपास के क्षेत्रों में तत्काल वनकर्मियों की गश्त बढ़ाई जाए, जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए तथा ग्रामीणों को सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं। सबसे बड़ा सवाल: यदि समय रहते निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो किसी इंसान की जान पर खतरा आने की जिम्मेदारी कौन लेगा? ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर टीम भेजकर स्थिति का जायजा ले और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। लोकल पब्लिकशुरू ऐप | सरमथुरा रिपोर्टर: भरत सिंह मीणा सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान1
- शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर ABVP का कलेक्ट्रेट पर धरना, सौंपा ज्ञापन श्योपुर। शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए विद्यार्थियों की समस्याओं का जल्द निराकरण करने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर परिषद ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। ABVP ने ज्ञापन में शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए 17 प्रमुख मांगें रखीं। इनमें महाविद्यालय परिसर में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर एवं आरओ मशीनों की मरम्मत, स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय, छात्राओं के लिए अलग एवं सुरक्षित शौचालय तथा सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता शामिल है। परिषद ने कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ खराब विद्युत उपकरणों को बदलने की मांग की। पुस्तकालय में पर्याप्त पाठ्य एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों के लिए बैठने की व्यवस्था बढ़ाने की मांग भी ज्ञापन में की गई। इसके अलावा विषयवार प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने, खेल मैदान एवं खेल सामग्री की व्यवस्था, परिसर में नियमित सफाई एवं कचरा निस्तारण, पौधारोपण, विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच एवं शेड तथा महाविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई गई। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रवेश एवं निकास द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने, क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल को दुरुस्त करने, साइकिल एवं दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग, पर्याप्त इंटरनेट/Wi-Fi सुविधा और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप एवं सुगम प्रवेश मार्ग उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। ज्ञापन में प्राथमिक उपचार कक्ष एवं फर्स्ट-एड बॉक्स, विद्यार्थी सहायता केंद्र, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, शासकीय महाविद्यालयों में रियायती दरों पर कैंटीन व्यवस्था तथा विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल को पुनः सक्रिय करने की मांग शामिल है। धरना-प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन और महाविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। परिषद ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद द्वारा आगामी दिनों में बड़े आंदोलन के साथ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इरशाद पठान शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर ABVP का कलेक्ट्रेट पर धरना, सौंपा ज्ञापन श्योपुर। शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए विद्यार्थियों की समस्याओं का जल्द निराकरण करने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर परिषद ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। ABVP ने ज्ञापन में शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए 17 प्रमुख मांगें रखीं। इनमें महाविद्यालय परिसर में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर एवं आरओ मशीनों की मरम्मत, स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय, छात्राओं के लिए अलग एवं सुरक्षित शौचालय तथा सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता शामिल है। परिषद ने कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ खराब विद्युत उपकरणों को बदलने की मांग की। पुस्तकालय में पर्याप्त पाठ्य एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों के लिए बैठने की व्यवस्था बढ़ाने की मांग भी ज्ञापन में की गई। इसके अलावा विषयवार प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने, खेल मैदान एवं खेल सामग्री की व्यवस्था, परिसर में नियमित सफाई एवं कचरा निस्तारण, पौधारोपण, विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच एवं शेड तथा महाविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई गई। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रवेश एवं निकास द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने, क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल को दुरुस्त करने, साइकिल एवं दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग, पर्याप्त इंटरनेट/Wi-Fi सुविधा और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप एवं सुगम प्रवेश मार्ग उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। ज्ञापन में प्राथमिक उपचार कक्ष एवं फर्स्ट-एड बॉक्स, विद्यार्थी सहायता केंद्र, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, शासकीय महाविद्यालयों में रियायती दरों पर कैंटीन व्यवस्था तथा विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल को पुनः सक्रिय करने की मांग शामिल है। धरना-प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन और महाविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। परिषद ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद द्वारा आगामी दिनों में बड़े आंदोलन के साथ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इरशाद पठान3
- कीचड़ के दरिया से गुजर रही अंतिम यात्रा, श्मशान तक पहुंचने का रास्ता नहीं श्योपुर। जिले की काशीपुर ग्राम पंचायत के बालापुरा गांव में बदहाल रास्तों और श्मशान घाट की सुविधा के अभाव की तस्वीर सामने आई है। गांव में किसी व्यक्ति की मौत के बाद अंतिम यात्रा को कीचड़ और पानी से भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।बताया गया है कि बालापुरा गांव में श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए न तो पक्का रास्ता है और न ही मौके पर व्यवस्थित श्मशान घाट की सुविधा। बारिश के दिनों में रास्ते पर कीचड़ और पानी भर जाने से हालात और भी बदतर हो जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को शव लेकर बेहद मुश्किल परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। श्मशान घाट की सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में नदी किनारे खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करने को विवश हैं। बारिश के मौसम में नदी किनारे अंतिम संस्कार करना भी जोखिम भरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से श्मशान घाट के लिए उचित स्थान और पहुंच मार्ग की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत से मांग की है कि गांव में शीघ्र श्मशान घाट का निर्माण कराया जाए तथा वहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता बनाया जाए, ताकि किसी की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- ब्रैकिग दतिया - जिला दतिया जिले में पीतांबरा माई मंदिर का प्रसाद और गुड़ दोनों ही प्रसिद्ध हैं। जिले में धान, मूंगफली और चने के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। मध्यप्रदेश के किसान भाई-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संकल्पित है। - डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश1
- अजीम खान चिनायटा बने राष्ट्रीय मानवाधिकार एण्ड एंटी करप्शन मिशन के करौली युवा जिला अध्यक्ष करौली राजस्थान प्रदेश में कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए राष्ट्रीय संरक्षक पूर्व डीजीपी एम एल अंसारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ वसीम रजा की सहमति से प्रदेश अध्यक्ष सी. पी. आर्य द्वारा अजीम खान चिनायटा को करौली युवा जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है।संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वसीम रजा और राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सीपी आर्य द्वारा यह नियुक्ति अजीम खान को एक वर्ष के लिए सौंपी गयी है। अजीम खान चिनायटा ने बुधवार रात 8:00 बजे बताया कि शीर्ष नेतृत्व में जो जिम्मेदारी सौंप है उसको ईमानदारी से निभाऊंगा। अजीम खांन की नियुक्ति पर क्षेत्र के लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है।1
- रणगमा ताल के पास चायनीज मांझे से बाइक सवारी युवक की गर्दन कटी जिला अस्पताल में भर्ती उपचार जारी करौली-मंडरायल सडक मार्ग स्थित रणगमा तालाब के पास चायनीज़ मांझे से एक बाइक सवार युवक की गर्दन कट गई। युवक मंडरायल से कैलादेवी जा रहा था। गंभीर रूप से घायल युवक को करौली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।घायल युवक की पहचान खिरकन मंडरायल निवासी कमल किशोर शर्मा पुत्र रामस्वरूप शर्मा के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह 9:00 बजे मिली जानकारी के मुताबिक युवक की गर्दन में पांच से अधिक टांके आए हैं। कमल किशोर ने बताया कि वह एक अन्य युवक के साथ बाइक पर कैलादेवी जा रहा था, तभी रणगमा तालाब के पास अचानक चायनीज़ मांझा उसकी गर्दन से टकरा गया।1
- नेपाल में बाढ़ का कहर! 😢🌊 बताया जा रहा है कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। बाढ़ के पानी और मलबे में फंसे लोगों और जानवरों को बचाने के लिए स्थानीय लोग लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। वीडियो में लोग एक जानवर को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। आपदा की इस घड़ी में मानवता की ऐसी तस्वीरें दिल को छू लेने वाली हैं। प्रार्थना है कि सभी लोग सुरक्षित रहें और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द राहत पहुंचे। 🙏 #NepalFlood #Flood #Rescue #Humanity #BreakingNews #नेपाल #बाढ़ #राहत_बचाव नेपाल में बाढ़ का कहर! 😢🌊 बताया जा रहा है कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। बाढ़ के पानी और मलबे में फंसे लोगों और जानवरों को बचाने के लिए स्थानीय लोग लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। वीडियो में लोग एक जानवर को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। आपदा की इस घड़ी में मानवता की ऐसी तस्वीरें दिल को छू लेने वाली हैं। प्रार्थना है कि सभी लोग सुरक्षित रहें और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द राहत पहुंचे। 🙏 #NepalFlood #Flood #Rescue #Humanity #BreakingNews #नेपाल #बाढ़ #राहत_बचाव1
- बझवाप्रा में लच मैरिज के बाद से घर में कलह: र्कू्टी चाর्जिंगक निवाट में देवरानी नेजेर को गर्म पानी डालक झुलसाया1