श्रीकृष्ण सरोवर में ज़हरीला केमिकल मिलने से हड़कंप हज़ारों मछलियों की मौत, ग्रामीणों ने जताया भारी रोष मथुरा। वंशी अवतार श्रीहित हरिवंश चन्द्र महाप्रभु की पावन जन्मभूमि, बाद ग्राम स्थित श्रीकृष्ण सरोवर इन दिनों पर्यावरण प्रदूषण की मार झेल रही है। पिछले कई दिनों से बारिश के पानी के साथ बहकर आए काले केमिकल और दूषित तेल ने सरोवर के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। इस ज़हरीले पानी के कारण सरोवर में मौजूद हज़ारों मछलियों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश व्याप्त है। सरोवर की बदहाली और जलीय जीवों की सामूहिक मृत्यु से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मथुरा रिफाइनरी प्रबंधन और स्थानीय सांसद हेमा मालिनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है, जिससे उनकी धार्मिक आस्था और पर्यावरण दोनों को ठेस पहुँच रही है। अडींग वाली नहर से बारिश का पानी खेतों के रास्ते होता हुआ बाद ग्राम के श्रीकृष्ण सरोवर में आता है। बारिश के मौसम में मथुरा रिफाइनरी के प्लांट से निकलने वाला काला तेल और केमिकल भी इसी पानी के साथ बहकर सरोवर में मिल जाता है। पिछले कई दिनों से लगातार आ रहे इस केमिकल के कारण सरोवर का पानी पूरी तरह काला और प्रदूषित हो चुका है। सरोवर के तट पर मरी हुई मछलियों के अंबार को देख ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सरोवर की सफाई नहीं कराई गई और दूषित पानी का आना नहीं रोका गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बाद ग्राम निवासी दिनेश सिंह तरकर ने कहा कि रिफाइनरी प्रबंधन और जिला प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत जल शोधन की व्यवस्था करे, ताकि लगातार हो रही जलीय जीवों की मौत को रोका जा सके और नहर से आ रहे जल की निकासी का मार्ग अलग से किया जाए।
श्रीकृष्ण सरोवर में ज़हरीला केमिकल मिलने से हड़कंप हज़ारों मछलियों की मौत, ग्रामीणों ने जताया भारी रोष मथुरा। वंशी अवतार श्रीहित हरिवंश चन्द्र महाप्रभु की पावन जन्मभूमि, बाद ग्राम स्थित श्रीकृष्ण सरोवर इन दिनों पर्यावरण प्रदूषण की मार झेल रही है। पिछले कई दिनों से बारिश के पानी के साथ बहकर आए काले केमिकल और दूषित तेल ने सरोवर के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। इस ज़हरीले पानी के कारण सरोवर में मौजूद हज़ारों मछलियों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश व्याप्त है। सरोवर की बदहाली और जलीय जीवों की सामूहिक मृत्यु से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन
किया। ग्रामीणों ने मथुरा रिफाइनरी प्रबंधन और स्थानीय सांसद हेमा मालिनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है, जिससे उनकी धार्मिक आस्था और पर्यावरण दोनों को ठेस पहुँच रही है। अडींग वाली नहर से बारिश का पानी खेतों के रास्ते होता हुआ बाद ग्राम के श्रीकृष्ण सरोवर में आता है। बारिश के मौसम में मथुरा रिफाइनरी के प्लांट से निकलने वाला काला तेल और केमिकल भी इसी पानी के साथ बहकर सरोवर में मिल जाता है। पिछले कई दिनों से लगातार आ रहे इस केमिकल के कारण सरोवर का पानी पूरी
तरह काला और प्रदूषित हो चुका है। सरोवर के तट पर मरी हुई मछलियों के अंबार को देख ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सरोवर की सफाई नहीं कराई गई और दूषित पानी का आना नहीं रोका गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बाद ग्राम निवासी दिनेश सिंह तरकर ने कहा कि रिफाइनरी प्रबंधन और जिला प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत जल शोधन की व्यवस्था करे, ताकि लगातार हो रही जलीय जीवों की मौत को रोका जा सके और नहर से आ रहे जल की निकासी का मार्ग अलग से किया जाए।
- Post by Subhash Chand1
- Post by RPR NEWS TV1
- वृंदावन में जाम के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, सर्वदलीय बैठक में प्रशासन पर उठे सवाल रिपोर्ट - कपिल वर्मा वृंदावन स्थित गणेशी लाल अतिथि भवन पर जाम की समस्या को लेकर आयोजित बैठक में उपस्थित नगरवासी। वृंदावन। धर्मनगरी वृंदावन में लगातार विकराल होती जा रही जाम की समस्या को लेकर अब जनाक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में नगर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं व्यापारिक संगठनों को साथ लेकर गणेशीलाल अतिथि भवन, दाऊजी की बगीची पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में जाम की समस्या पर चिंता जताते हुए इसके स्थायी समाधान की मांग की। बैठक के दौरान वक्ताओं ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि वृंदावन की संकरी गलियां और बढ़ती वाहनों की संख्या के बीच प्रशासन की लापरवाही ने हालात को बदतर बना दिया है। आए दिन लगने वाले भीषण जाम से न केवल स्थानीय नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वक्ताओं ने विशेष रूप से अनियंत्रित ई-रिक्शाओं के संचालन, बाहरी वाहनों की अनियोजित आवाजाही और यातायात व्यवस्था की कमजोर निगरानी को जाम की मुख्य वजह बताया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ई-रिक्शाओं की संख्या पर नियंत्रण लगाया जाए, शहर के अंदर बाहरी वाहनों के प्रवेश को सीमित किया जाए तथा एक सुदृढ़ ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही जाम की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो नगरवासी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। व्यापार मंडल एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की, ताकि वृंदावन को जाम की समस्या से मुक्ति मिल सके। अंत में सभी उपस्थित संगठनों ने एकजुटता का परिचय देते हुए इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और इसके लिए जल्द एक समिति के गठन किए जाने का निर्णय लिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल दाल वाले, साकेत चौधरी, संजय चतुर्वेदी, नगर निगम के उपसभापति मुकेश सारस्वत,पार्षद घनश्याम चौधरी, वैभव अग्रवाल, कुलदीप अरोड़ा, दो भागवत कृष्ण नांगिया, अभय वशिष्ठ ,श्याम सुंदर गौतम, सोहन सिंह सिसोदिया, पवन ठाकुर, विजय राघव, विजय रिणंवा, शरद सैनी , सुषमा अग्रवाल, विष्णु गोला, सत्यभान शर्मा, सुरेश चंद्र शर्मा, अजय बिहारी शर्मा, गौरव अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, दीपक पाराशर, राहुल शुक्ला, नीलम गोस्वामी, पूजा चौधरी, किशोर पचौरी, जितेंद्र सिंह अर्जुन कुशवाहा, मनोज भाटिया , सुंदर सिंह, मनोज सैनी आदि उपस्थित थे।1
- Post by डीग लाइव पत्रकार1
- #मथुरा - छाता तहसील के कैंटीन संचालन को लेकर नीलामी प्रक्रिया पूरी 👉नायब तहसीलदार शिव शंकर की मौजूदगी में हुई इस नीलामी में 10 ठेकेदारों ने हिस्सा लिया 👉पिछले साल यह नीलामी दो लाख तैतालीश हजार में हुई थी, जबकि इस बार रुपये दो लाख सरसठ हजार से शुरू होकर बोली तीन लाख 11 हजार पर जाकर रुकी। 👉रोहताश सिंह रावत ने कैंटीन के संचालन की जिम्मेदारी अपने नाम की 👉नीलामी में पारदर्शिता के लिए प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों से पहले ही 50-50 हजार रुपये सिक्योरिटी जमा कराए। 👉कैंटीन की प्रक्रिया तो सफल रही, लेकिन पार्किंग के ठेके के लिए कोई भी बोलीदाता तैयार नहीं हुआ। प्रशासन अब एक हफ्ते के भीतर पार्किंग नीलामी के लिए नया नोटिस जारी करेगा। #viralmathura #mathuranews #chhata #viralnews1
- हाथरस पुलिस ने आरोपियों पर किया 25-25 हजार का इनाम घोषित पत्रकार की हत्या के के मामले में आरोपियों पर पुलिस ने किया 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 5 टीमें गठित थाना सहपऊ क्षेत्र में गंदे नाले में मिला था पत्रकार वेद प्रकाश शर्मा उर्फ सोनू का शव कल जनपद के पत्रकारों द्वारा दिया गया था ज्ञापन पुलिस अधीक्षक ने पत्रकार की हत्या करने वालों का जल्द खुलासा करने का दिया था आश्वासन बाईट:- रामानंद कुशवाहा, अपर पुलिस अधीक्षक, हाथरस।1
- RPRNEWSTV कान्हा की नगरी मथुरा जहां एक ओर दूध दही और मक्खन की परंपरा से जुड़े बृजवासी अपनी धार्मिक आस्था के लिए जाने जाते हैं वहीं दूसरी ओर एक मामला सामने आया है जिसने स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत किया है मथुरा वृंदावन रोड स्थित बिरला मंदिर के समीप अंग्रेजी शराब का ठेका खोले जाने को लेकर बृजवासियों में विरोध देखने को मिल रहा है बृजवासियों का आरोप है कि यह ठेका मंदिर से महज 10 से 15 मीटर की दूरी पर स्थित है जो निर्धारित नियमों केविपरीत है बृजवासियों का यह भी आरोप है कि ठेका बिरला मंदिर पुलिस चौकी की दीवार से सटा हुआ है जिससे सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए ठेका खोला गया है बृजवासियों ने जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि मथुरा एक धार्मिक नगरी है जहां देश विदेश से श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचते हैं ऐसे में मंदिर के पास शराब ठेका आस्था को ठेस पहुंचाने वाला है इसी बीच हिंदूवादी कार्यकर्ता चंद्रशेखर और उनके साथी रोबिन द्वारा खून से हस्ताक्षर कर ठेका हटाओ आस्था बचाओ लिखे जाने का भी आरोप सामने आया है स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में इस तरह का ठेका खुलने से विवाद और असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ सकती है बृजवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस ठेके को यहां से हटाकर किसी अन्य स्थान परस्थानांतरित किया जाए फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है1
- Post by Subhash Chand1
- वृंदावन में भू-माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण सामने आया है। संत की तपोस्थली पर कब्जे की कोशिश के साथ-साथ खबर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ मारपीट और धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। वृंदावन के सुनरख बांगर, गणेश सिटी के पास स्थित यह आश्रम कभी स्वामी शिव प्रकाशानंद जी महाराज की तपोस्थली हुआ करता था करीब दो वर्ष पहले गुरु जी के ब्रह्मलीन होने के बाद इस आश्रम पर भू-माफिया सूरजपाल बघेल की नजर पड़ गई। आश्रम में रह रहे शिष्य का आरोप है कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उन्हें धमका रहा है। आरोप है कि रातों-रात आश्रम की दीवार तोड़कर अपनी दीवार खड़ी कर दी गई और कब्जे की कोशिश की गई। दबंगई का आलम यह है कि आरोपी खुलेआम जान से मारने की धमकियां दे रहा है। इतना ही नहीं, जब इस पूरे मामले को कवर करने पत्रकार मौके पर पहुंचे, तो उनके साथ भी अभद्रता, हाथापाई और मारपीट की गई। पत्रकारों को जान से मारने की धमकी तक दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे मामले में स्थानीय पुलिस और प्रशासन का रवैया बेहद लापरवाह नजर आ रहा है। पीड़ित के मुताबिक, घटना के दौरान 112 नंबर पर कॉल की गई, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जैत थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की गई, लेकिन आरोप है कि शिकायत तक दर्ज नहीं की गई। अब देखना यह होगा कि मथुरा प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, या फिर भू-माफियाओं के हौसले यूं ही बुलंद रहते हैं।3