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घने जंगलो मे बसा गणईखाड़ टोला आज भी बुनियादी सुविधाओ से वंचित सड़क बिजली पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण गारू: सरयू प्रखंड के घासीटोला पंचायत अंतर्गत ग्राम पीरि का टोला गनइखाड़ आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के बीच बसे इस टोले में रहने वाले ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लगभग 1990 के आसपास बसे इस टोले में वर्तमान में करीब 20 से 25 परिवारों के सैकड़ों लोग रहते हैं, लेकिन इतने वर्षों के बाद भी यहां तक विकास की रोशनी नहीं पहुंच सकी है।सरयू प्रखंड मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित इस टोले तक पहुंचना आज भी आसान नहीं है। गांव तक जाने के लिए पक्की सड़क का अभाव है और ग्रामीणों को जंगल और पहाड़ के पगडंडी रास्तों से होकर आवागमन करना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क लगभग कट जाता है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए वर्षों पहले एक छलकी पुल बनाया गया था, लेकिन अब वह पुल टूटकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। छलकी पुल टूट जाने से लोगों को नदी-नाले पार कर जोखिम उठाते हुए आना-जाना पड़ता है। कई बार बच्चे और बुजुर्ग गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों में हमेशा डर बना रहता है। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है। गनइखाड़ टोला से पीरि गांव स्थित स्कूल की दूरी लगभग छह किलोमीटर है। छोटे-छोटे बच्चों को घने जंगल और पहाड़ी रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कठिन रास्ते और लंबी दूरी के कारण कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते और धीरे-धीरे पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव में एक आंगनबाड़ी केंद्र होता तो छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा और पोषण मिल सकता था।स्वास्थ्य सुविधा का अभाव यहां के लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बना हुआ है। गांव में न तो कोई स्वास्थ्य केंद्र है और न ही आंगनबाड़ी केंद्र। गर्भवती महिलाओं की स्थिति तो और भी दयनीय है। ग्रामीणों के अनुसार प्रसव के समय महिलाओं को भगवान के भरोसे ही रहना पड़ता है। सड़क नहीं होने के कारण गांव तक कोई वाहन नहीं पहुंच पाता, जिससे समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना भी संभव नहीं हो पाता। कई बार मजबूरी में घर पर ही प्रसव कराना पड़ता है, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान जोखिम में रहती है।पेयजल की समस्या भी यहां के लोगों के लिए गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं है और वे आज भी कुएं के दूषित पानी पर निर्भर हैं। इसी पानी से लोग पीने के साथ-साथ भोजन भी तैयार करते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है। गांव में लगाया गया जलमीनार भी पिछले चार महीनों से खराब पड़ा है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हुए गांव पहुंचते हैं और विकास का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कोई भी उनकी समस्याओं की सुध लेने नहीं आता।ग्रामीण बिश्वनाथ सिंह, रामलगन सिंह, रामजतन सिंह, हरिनारायण सिंह, गोबिंद सिंह, जीरामणि देवी, देवांती देवी, मोफिला देवी और शांति देवी सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गनइखाड़ टोला में जल्द से जल्द सड़क, पुल, बिजली, आंगनबाड़ी केंद्र, पेयजल और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था की जाए, ताकि इस दूरस्थ गांव के लोग भी सम्मानजनक जीवन जी सकें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

on 10 March
user_निरंजन प्रसाद
निरंजन प्रसाद
Farmer गारू, लातेहार, झारखंड•
on 10 March
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घने जंगलो मे बसा गणईखाड़ टोला आज भी बुनियादी सुविधाओ से वंचित सड़क बिजली पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण गारू: सरयू प्रखंड के घासीटोला पंचायत अंतर्गत ग्राम पीरि का टोला गनइखाड़ आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के बीच बसे इस टोले में रहने वाले ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लगभग 1990 के आसपास बसे इस टोले में वर्तमान में करीब 20 से 25 परिवारों के सैकड़ों लोग रहते हैं, लेकिन इतने वर्षों के बाद भी यहां तक विकास की रोशनी नहीं पहुंच सकी है।सरयू प्रखंड मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित इस टोले तक पहुंचना आज भी आसान नहीं है। गांव तक जाने के लिए पक्की सड़क का अभाव है और ग्रामीणों को जंगल और पहाड़ के पगडंडी रास्तों से होकर आवागमन करना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क लगभग कट जाता है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए वर्षों पहले एक छलकी पुल बनाया गया था, लेकिन अब वह पुल टूटकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। छलकी पुल टूट जाने से लोगों को नदी-नाले पार कर जोखिम उठाते हुए आना-जाना पड़ता है। कई बार बच्चे और बुजुर्ग गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों में हमेशा डर बना रहता है। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है। गनइखाड़ टोला से पीरि गांव स्थित स्कूल की दूरी लगभग छह किलोमीटर है। छोटे-छोटे बच्चों को घने जंगल और पहाड़ी रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कठिन रास्ते और लंबी दूरी के कारण कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते और धीरे-धीरे पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि

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अगर गांव में एक आंगनबाड़ी केंद्र होता तो छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा और पोषण मिल सकता था।स्वास्थ्य सुविधा का अभाव यहां के लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बना हुआ है। गांव में न तो कोई स्वास्थ्य केंद्र है और न ही आंगनबाड़ी केंद्र। गर्भवती महिलाओं की स्थिति तो और भी दयनीय है। ग्रामीणों के अनुसार प्रसव के समय महिलाओं को भगवान के भरोसे ही रहना पड़ता है। सड़क नहीं होने के कारण गांव तक कोई वाहन नहीं पहुंच पाता, जिससे समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना भी संभव नहीं हो पाता। कई बार मजबूरी में घर पर ही प्रसव कराना पड़ता है, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान जोखिम में रहती है।पेयजल की समस्या भी यहां के लोगों के लिए गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं है और वे आज भी कुएं के दूषित पानी पर निर्भर हैं। इसी पानी से लोग पीने के साथ-साथ भोजन भी तैयार करते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है। गांव में लगाया गया जलमीनार भी पिछले चार महीनों से खराब पड़ा है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हुए गांव पहुंचते हैं और विकास का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कोई भी उनकी समस्याओं की सुध लेने नहीं आता।ग्रामीण बिश्वनाथ सिंह, रामलगन सिंह, रामजतन सिंह, हरिनारायण सिंह, गोबिंद सिंह, जीरामणि देवी, देवांती देवी, मोफिला देवी और शांति देवी सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गनइखाड़ टोला में जल्द से जल्द सड़क, पुल, बिजली, आंगनबाड़ी केंद्र, पेयजल और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था की जाए, ताकि इस दूरस्थ गांव के लोग भी सम्मानजनक जीवन जी सकें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

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  • मनिका लातेहार:एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के 47वा स्थापना दिवस जश्न पूरे भारतवर्ष मनाया जा रहा था वही मनिका प्रखंड क्षेत्र के लातेहार युवा मोर्चा के कर्मठ ,जुझारू और निष्ठावान जिला अध्यक्ष छोटू राजा का लातेहार के महामंत्री बनाए जाने से खुशियां हुई दुगनी और मनिका मंडल अध्यक्ष मनदीप कुमार ने उन्हें भगवा अंग भेट कर सम्मानित किया और मुंह मीठा कराया तथा मनिका के सभी भाजपाई खुशियों से खुशियों से लबरेज थे
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    मनिका लातेहार:एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के 47वा स्थापना दिवस जश्न पूरे भारतवर्ष मनाया जा रहा था
वही मनिका प्रखंड क्षेत्र के लातेहार युवा मोर्चा के कर्मठ ,जुझारू और निष्ठावान  जिला अध्यक्ष छोटू राजा का लातेहार के महामंत्री बनाए जाने से खुशियां हुई दुगनी और मनिका मंडल अध्यक्ष मनदीप कुमार ने उन्हें भगवा अंग भेट कर सम्मानित किया और मुंह मीठा कराया
तथा मनिका के सभी भाजपाई खुशियों से खुशियों से लबरेज थे
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    1 hr ago
  • महुआडांड़ (लातेहार) 2024 में मां की मृत्यु के बाद 10 वर्षीय करण तिर्की और कोमल तिर्की का जीवन संकट में पड़ गया। पिता दीपक तिर्की इस घटना के बाद घर छोड़कर चले गए घर में केवल बुजुर्ग दादा और दादी रह गए, जो बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में दोनों बच्चों को उनकी बुआ के घर रहना पड़ा। हालांकि, बुआ के परिवार में पहले से मौजूद जिम्मेदारियों के बीच बच्चों का रहना धीरे-धीरे पारिवारिक विवाद का कारण बनने लगा। स्थिति बिगड़ती देख बुआ ने सामाजिक सहयोग की तलाश की और आर पी एस सेवा संस्थान से संपर्क किया। संस्थान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया और उन्हें आश्रय प्रदान किया। संस्था द्वारा बच्चों की देखभाल, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
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    महुआडांड़ (लातेहार) 2024 में मां की मृत्यु के बाद 10 वर्षीय करण तिर्की और कोमल तिर्की का जीवन संकट में पड़ गया। पिता दीपक तिर्की इस घटना के बाद घर छोड़कर चले गए 
घर में केवल बुजुर्ग दादा और दादी रह गए, जो बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में दोनों बच्चों को उनकी बुआ के घर रहना पड़ा।
हालांकि, बुआ के परिवार में पहले से मौजूद जिम्मेदारियों के बीच बच्चों का रहना धीरे-धीरे पारिवारिक विवाद का कारण बनने लगा। स्थिति बिगड़ती देख बुआ ने सामाजिक सहयोग की तलाश की और आर पी एस सेवा संस्थान से संपर्क किया।
संस्थान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया और उन्हें आश्रय प्रदान किया। संस्था द्वारा बच्चों की देखभाल, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    13 hrs ago
  • Post by Abhay Kumar
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    Post by Abhay Kumar
    user_Abhay Kumar
    Abhay Kumar
    मनिका, लातेहार, झारखंड•
    20 hrs ago
  • मुझे दो रस्ता दिखाई देता यार 1 सम्भालने दिल को 2 सुसाइड करने वाले
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    मुझे दो रस्ता दिखाई देता यार 
1 सम्भालने  दिल को 
2 सुसाइड करने वाले
    user_Manoj💔💔🙏👍❤️‍🩹🥀🥀
    Manoj💔💔🙏👍❤️‍🩹🥀🥀
    भंडरिया, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • Post by Sunil singh
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    Post by Sunil singh
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    12 hrs ago
  • टाना समुदाय के साथ जनप्रतिनिधियों के उपस्थिति भूमि समस्या को लेकर हुआ वार्तालाप अंचल कार्यालय सेन्हा में बैठक आयोजित कर किया गया
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    टाना समुदाय के साथ जनप्रतिनिधियों के उपस्थिति भूमि समस्या को लेकर हुआ वार्तालाप अंचल कार्यालय सेन्हा में बैठक आयोजित कर किया गया
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    15 hrs ago
  • गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में रायडीह अंचल अंतर्गत “आपन जमीन, आपन अधिकार” शिविर (पायलट प्रोजेक्ट) का आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। यह शिविर भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण तथा उससे संबंधित त्रुटियों के त्वरित निष्पादन के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है, जिससे आमजनों को उनकी भूमि से संबंधित सेवाएं सरल, सुलभ एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकें।शिविर का आयोजन रायडीह अंचल के कांसिर पंचायत अंतर्गत पंचायत भवन में किया गया, जिसमें अपर समाहर्ता गुमला, शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अंचल अधिकारी रायडीह सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।प्रथम दिन ग्रामवासियों से कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 12 आवेदनों को विधिवत जमा किया गया। प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से रकबा सुधार, नाम सुधार एवं प्लॉट विवरण में सुधार से संबंधित मामले शामिल थे। इन आवेदनों का प्राथमिक सत्यापन करते हुए कई मामलों में ऑन-स्पॉट निष्पादन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई तथा शेष मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।अपर समाहर्ता द्वारा शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा गया कि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण वर्तमान समय की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की विवाद एवं त्रुटियों से बचा जा सके। उन्होंने सभी रैयतों से अपील की कि वे अपने भूमि संबंधी सभी लंबित कार्यों को शिविर के माध्यम से अद्यतन एवं डिजिटाइज करवा लें, ताकि सरकारी सेवाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।इस अभियान के तहत ऑनलाइन खतियान एवं डिजिटाइज्ड जमाबंदी से संबंधित त्रुटियों का सुधार, रैयत के नाम, पता एवं अन्य विवरणों में संशोधन, प्लॉट संख्या एवं रकबा में सुधार, भूमि के प्रकार से संबंधित त्रुटियों का निराकरण तथा छूटे हुए जमाबंदी की ऑनलाइन प्रविष्टि जैसे कार्य किए जा रहे हैं।ज्ञात हो कि शिविर का आयोजन 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को विभिन्न राजस्व ग्रामों में किया जा रहा है, जिसके उपरांत 17 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक प्राप्त आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा तथा 24 अप्रैल 2026 को शेष कार्यों का निष्पादन कर शिविर का समापन किया जाएगा।शिविर के सफल संचालन हेतु प्रशासन द्वारा विभिन्न स्तरों पर टीमों का गठन किया गया है, जिनके माध्यम से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन, डिजिटलीकरण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही आमजनों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस शिविर में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर अपनी भूमि से संबंधित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएं तथा “आपन जमीन, आपन अधिकार” अभियान को सफल बनाएं।
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    गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में रायडीह अंचल अंतर्गत “आपन जमीन, आपन अधिकार” शिविर (पायलट प्रोजेक्ट) का आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। यह शिविर भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण तथा उससे संबंधित त्रुटियों के त्वरित निष्पादन के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है, जिससे आमजनों को उनकी भूमि से संबंधित सेवाएं सरल, सुलभ एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकें।शिविर का आयोजन रायडीह अंचल के कांसिर पंचायत अंतर्गत पंचायत भवन में किया गया, जिसमें अपर समाहर्ता गुमला, शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अंचल अधिकारी रायडीह सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।प्रथम दिन ग्रामवासियों से कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 12 आवेदनों को विधिवत जमा किया गया। प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से रकबा सुधार, नाम सुधार एवं प्लॉट विवरण में सुधार से संबंधित मामले शामिल थे। इन आवेदनों का प्राथमिक सत्यापन करते हुए कई मामलों में ऑन-स्पॉट निष्पादन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई तथा शेष मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।अपर समाहर्ता द्वारा शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा गया कि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण वर्तमान समय की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की विवाद एवं त्रुटियों से बचा जा सके। उन्होंने सभी रैयतों से अपील की कि वे अपने भूमि संबंधी सभी लंबित कार्यों को शिविर के माध्यम से अद्यतन एवं डिजिटाइज करवा लें, ताकि सरकारी सेवाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।इस अभियान के तहत ऑनलाइन खतियान एवं डिजिटाइज्ड जमाबंदी से संबंधित त्रुटियों का सुधार, रैयत के नाम, पता एवं अन्य विवरणों में संशोधन, प्लॉट संख्या एवं रकबा में सुधार, भूमि के प्रकार से संबंधित त्रुटियों का निराकरण तथा छूटे हुए जमाबंदी की ऑनलाइन प्रविष्टि जैसे कार्य किए जा रहे हैं।ज्ञात हो कि शिविर का आयोजन 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को विभिन्न राजस्व ग्रामों में किया जा रहा है, जिसके उपरांत 17 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक प्राप्त आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा तथा 24 अप्रैल 2026 को शेष कार्यों का निष्पादन कर शिविर का समापन किया जाएगा।शिविर के सफल संचालन हेतु प्रशासन द्वारा विभिन्न स्तरों पर टीमों का गठन किया गया है, जिनके माध्यम से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन, डिजिटलीकरण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही आमजनों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस शिविर में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर अपनी भूमि से संबंधित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएं तथा “आपन जमीन, आपन अधिकार” अभियान को सफल बनाएं।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
  • बरवाडीह(लातेहार): लातेहार जिला अंतर्गत बरवाडीह प्रखंड के केचकी पंचायत स्थित ग्राम केचकी में बखोरीडेरा स्कूल से औरंगा नदी तक बन रही पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से बाहर से मंगाई गई “राजन मार्का” ईंट को सोलिंग में लगाया जा रहा है, जो मानक के अनुरूप नहीं है। साथ ही, ईंट सोलिंग भी नियमों के अनुसार नहीं की गई है और पीसीसी ढलाई में भी गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य अभी पूर्ण भी नहीं हुआ है, लेकिन योजना स्थल पर लगाया गया शिलापट्ट पहले ही हटा दिया गया है, जिसे लेकर लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिलापट्ट हटाना पूरी तरह गलत है और इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। मौके पर ग्रामीणों रनवीर सिंह, सहादेव यादव, सुशील सिंह, आशिष सिंह, श्रीराम सिंह, लालधारी यादव, योगेंद्र यादव, चंदन सिंह, शीला देवी, सुनीता देवी, सुमन देवी, बाबूराम सिंह, सोनू यादव, सूरज यादव, गुड्डू यादव, कोमल सिंह, गुलशन सिंह, बनवारी यादव, आशिष यादव, शांति देवी समेत कई लोगों ने विरोध जताते हुए पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कोई भी ईमानदार अधिकारी मौके पर आकर जांच करें तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
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    बरवाडीह(लातेहार): लातेहार जिला अंतर्गत बरवाडीह प्रखंड के केचकी पंचायत स्थित ग्राम केचकी में बखोरीडेरा स्कूल से औरंगा नदी तक बन रही पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से बाहर से मंगाई गई “राजन मार्का” ईंट को सोलिंग में लगाया जा रहा है, जो मानक के अनुरूप नहीं है। साथ ही, ईंट सोलिंग भी नियमों के अनुसार नहीं की गई है और पीसीसी ढलाई में भी गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य अभी पूर्ण भी नहीं हुआ है, लेकिन योजना स्थल पर लगाया गया शिलापट्ट पहले ही हटा दिया गया है, जिसे लेकर लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिलापट्ट हटाना पूरी तरह गलत है और इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। मौके पर ग्रामीणों रनवीर सिंह, सहादेव यादव, सुशील सिंह, आशिष सिंह, श्रीराम सिंह, लालधारी यादव, योगेंद्र यादव, चंदन सिंह, शीला देवी, सुनीता देवी, सुमन देवी, बाबूराम सिंह, सोनू यादव, सूरज यादव, गुड्डू यादव, कोमल सिंह, गुलशन सिंह, बनवारी यादव, आशिष यादव, शांति देवी समेत कई लोगों ने विरोध जताते हुए पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कोई भी ईमानदार अधिकारी मौके पर आकर जांच करें तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    13 hrs ago
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