घने जंगलो मे बसा गणईखाड़ टोला आज भी बुनियादी सुविधाओ से वंचित सड़क बिजली पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण गारू: सरयू प्रखंड के घासीटोला पंचायत अंतर्गत ग्राम पीरि का टोला गनइखाड़ आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के बीच बसे इस टोले में रहने वाले ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लगभग 1990 के आसपास बसे इस टोले में वर्तमान में करीब 20 से 25 परिवारों के सैकड़ों लोग रहते हैं, लेकिन इतने वर्षों के बाद भी यहां तक विकास की रोशनी नहीं पहुंच सकी है।सरयू प्रखंड मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित इस टोले तक पहुंचना आज भी आसान नहीं है। गांव तक जाने के लिए पक्की सड़क का अभाव है और ग्रामीणों को जंगल और पहाड़ के पगडंडी रास्तों से होकर आवागमन करना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क लगभग कट जाता है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए वर्षों पहले एक छलकी पुल बनाया गया था, लेकिन अब वह पुल टूटकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। छलकी पुल टूट जाने से लोगों को नदी-नाले पार कर जोखिम उठाते हुए आना-जाना पड़ता है। कई बार बच्चे और बुजुर्ग गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों में हमेशा डर बना रहता है। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है। गनइखाड़ टोला से पीरि गांव स्थित स्कूल की दूरी लगभग छह किलोमीटर है। छोटे-छोटे बच्चों को घने जंगल और पहाड़ी रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कठिन रास्ते और लंबी दूरी के कारण कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते और धीरे-धीरे पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव में एक आंगनबाड़ी केंद्र होता तो छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा और पोषण मिल सकता था।स्वास्थ्य सुविधा का अभाव यहां के लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बना हुआ है। गांव में न तो कोई स्वास्थ्य केंद्र है और न ही आंगनबाड़ी केंद्र। गर्भवती महिलाओं की स्थिति तो और भी दयनीय है। ग्रामीणों के अनुसार प्रसव के समय महिलाओं को भगवान के भरोसे ही रहना पड़ता है। सड़क नहीं होने के कारण गांव तक कोई वाहन नहीं पहुंच पाता, जिससे समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना भी संभव नहीं हो पाता। कई बार मजबूरी में घर पर ही प्रसव कराना पड़ता है, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान जोखिम में रहती है।पेयजल की समस्या भी यहां के लोगों के लिए गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं है और वे आज भी कुएं के दूषित पानी पर निर्भर हैं। इसी पानी से लोग पीने के साथ-साथ भोजन भी तैयार करते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है। गांव में लगाया गया जलमीनार भी पिछले चार महीनों से खराब पड़ा है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हुए गांव पहुंचते हैं और विकास का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कोई भी उनकी समस्याओं की सुध लेने नहीं आता।ग्रामीण बिश्वनाथ सिंह, रामलगन सिंह, रामजतन सिंह, हरिनारायण सिंह, गोबिंद सिंह, जीरामणि देवी, देवांती देवी, मोफिला देवी और शांति देवी सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गनइखाड़ टोला में जल्द से जल्द सड़क, पुल, बिजली, आंगनबाड़ी केंद्र, पेयजल और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था की जाए, ताकि इस दूरस्थ गांव के लोग भी सम्मानजनक जीवन जी सकें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
घने जंगलो मे बसा गणईखाड़ टोला आज भी बुनियादी सुविधाओ से वंचित सड़क बिजली पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण गारू: सरयू प्रखंड के घासीटोला पंचायत अंतर्गत ग्राम पीरि का टोला गनइखाड़ आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के बीच बसे इस टोले में रहने वाले ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लगभग 1990 के आसपास बसे इस टोले में वर्तमान में करीब 20 से 25 परिवारों के सैकड़ों लोग रहते हैं, लेकिन इतने वर्षों के बाद भी यहां तक विकास की रोशनी नहीं पहुंच सकी है।सरयू प्रखंड मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित इस टोले तक पहुंचना आज भी आसान नहीं है। गांव तक जाने के लिए पक्की सड़क का अभाव है और ग्रामीणों को जंगल और पहाड़ के पगडंडी रास्तों से होकर आवागमन करना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क लगभग कट जाता है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए वर्षों पहले एक छलकी पुल बनाया गया था, लेकिन अब वह पुल टूटकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। छलकी पुल टूट जाने से लोगों को नदी-नाले पार कर जोखिम उठाते हुए आना-जाना पड़ता है। कई बार बच्चे और बुजुर्ग गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों में हमेशा डर बना रहता है। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है। गनइखाड़ टोला से पीरि गांव स्थित स्कूल की दूरी लगभग छह किलोमीटर है। छोटे-छोटे बच्चों को घने जंगल और पहाड़ी रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कठिन रास्ते और लंबी दूरी के कारण कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते और धीरे-धीरे पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि
अगर गांव में एक आंगनबाड़ी केंद्र होता तो छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा और पोषण मिल सकता था।स्वास्थ्य सुविधा का अभाव यहां के लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बना हुआ है। गांव में न तो कोई स्वास्थ्य केंद्र है और न ही आंगनबाड़ी केंद्र। गर्भवती महिलाओं की स्थिति तो और भी दयनीय है। ग्रामीणों के अनुसार प्रसव के समय महिलाओं को भगवान के भरोसे ही रहना पड़ता है। सड़क नहीं होने के कारण गांव तक कोई वाहन नहीं पहुंच पाता, जिससे समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना भी संभव नहीं हो पाता। कई बार मजबूरी में घर पर ही प्रसव कराना पड़ता है, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान जोखिम में रहती है।पेयजल की समस्या भी यहां के लोगों के लिए गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं है और वे आज भी कुएं के दूषित पानी पर निर्भर हैं। इसी पानी से लोग पीने के साथ-साथ भोजन भी तैयार करते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है। गांव में लगाया गया जलमीनार भी पिछले चार महीनों से खराब पड़ा है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हुए गांव पहुंचते हैं और विकास का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कोई भी उनकी समस्याओं की सुध लेने नहीं आता।ग्रामीण बिश्वनाथ सिंह, रामलगन सिंह, रामजतन सिंह, हरिनारायण सिंह, गोबिंद सिंह, जीरामणि देवी, देवांती देवी, मोफिला देवी और शांति देवी सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गनइखाड़ टोला में जल्द से जल्द सड़क, पुल, बिजली, आंगनबाड़ी केंद्र, पेयजल और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था की जाए, ताकि इस दूरस्थ गांव के लोग भी सम्मानजनक जीवन जी सकें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
- सरकारी बस स्टैंड महुआडार में अतिक्रमण कर जीविका चला रहे दुकान संचालकों को अंचल कार्यालय ने जारी किया अतिक्रमण हटाने का नोटिस। जिससे घबराए दुकान संचालकों ने मंगलवार की दोपहर 12:00 बजे लातेहार जिला परिषद अध्यक्ष पूनम देवी से मिलकर लगाया न्याय की गुहार। जहा जिला परिषद अध्यक्ष पूनम देवी ने दुकानदारों को आश्वासन दिया कि नया दुकान बनने वाला है पहली प्राथमिकता अतिक्रमण प्रभावित दुकानदारों को दिया जाएगा1
- पांकी में वायरल वीडियो मामले को लेकर पूर्व मुखिया सह मुखिया पति नेहाल अंसारी ने अपनी सफाई दी है। जामा मस्जिद के लोगों के साथ प्रेस वार्ता कर उन्होंने कहा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। साथ ही प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। #पांकी #पलामू #नेहालअंसारी #वायरलवीडियो #झारखंडसमाचार #पंचायतराज #स्थानीयखबर #PalamuNews #JharkhandNews #BreakingNews**1
- धरना में बैठे पूर्व लोहरदगा नगर परिषद अध्यक्ष पावन एक्का बोले प्राइवेट स्कूल वाले मनमानी कर रहे हैं, अगर री एडमिशन बंद नहीं होगा तो प्राइवेट स्कूल में ताला मार देंगे1
- Post by Jharkhand local news1
- गुमला: विगत दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की गुमशुदगी, चोरी अथवा अपहरण से संबंधित विभिन्न प्रकार की खबरें एवं सूचनाएं तेजी से प्रसारित की जा रही हैं, जिससे आमजन के बीच भय और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। प्रशासनिक जांच में ऐसी अधिकांश सूचनाएं भ्रामक एवं अफवाह साबित हुई हैं।जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित इस प्रकार की सूचनाओं पर बिना सत्यता की जांच किए विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह फैलाना दंडनीय अपराध है। साथ ही, ऐसी अफवाहों के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ मारपीट, प्रताड़ना अथवा किसी भी प्रकार की भीड़ हिंसा करना भी कानूनन अपराध है। आम नागरिकों से अपील है कि यदि इस प्रकार की कोई भी सूचना या संदिग्ध मामला प्रकाश में आता है, तो इसकी जानकारी तत्काल स्थानीय थाना को दें अथवा आपातकालीन स्थिति में 112 पर कॉल करें। इसके अतिरिक्त जिला नियंत्रण कक्ष, गुमला के दूरभाष संख्या 9798148089 पर भी सूचना दी जा सकती है।उक्त के आलोक में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, गुमला द्वारा जिले के विभिन्न चौक-चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर माईकिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके तथा जिले में शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखा जा सके।1
- गुमला: आज मंगलवार को चंदाली स्थित ईवीएम वेयरहाउस हाउस का निरीक्षण जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के द्वारा ईवीएम वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित आवश्यक पहलुओं, सीसीटीवी व अन्य उपकरणों की स्थिति और रख रखाव आदि की जांच की गई। उन्होंने संपूर्ण परिसर का भ्रमण कर जायजा लिया तथा विद्युत व्यवस्था, बैलट यूनिट हॉल, अग्निशमन व्यवस्था, कमरों के सीलिंग, डबल लॉक की स्थिति एवं निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य मानदंडों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मौके पर उप विकास आयुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, SDO सदर राजीव नीरज , उप निर्वाचन पदाधिकारी सुषमा लकड़ा ,विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं निर्वाचन कार्यालय के कर्मीगण मौजूद थे। ==============================5
- Post by Birendra Bharti1
- लातेहार रेलवे क्रॉसिंग का हल जहां हर दिन लोगों को करना पड़ता है परेशानियों का सामना पूर्ण निर्माण कार्य चल रहा है मगर कार्य तेजी से प्रगति पर नहीं है जिसका खमियाजा स्थान लोगों को उठाना पड़ रहा है आए दिन यह समस्या आम लोग घंटों इस रेलवे क्रॉसिंग के पास आकार झेलते हैं1