राष्ट्रवादी अनुराग द्विवेदी औरास के समर्थकों ने इस मनोनयन को जीव-जंतुओं के प्रति सेवा भाव की जीत बताया है। श्री अनुराग द्विवेदी 'सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रूरलिटी टू एनिमल' (SPCA) के सदस्य मनोनीत औरास, उन्नाव। भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के निर्देशन तथा भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। औरास निवासी श्री अनुराग द्विवेदी को 'सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रूरलिटी टू एनिमल' (एस.पी.सी.ए.) की कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। उनकी इस नियुक्ति पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। अनुराग द्विवेदी को यह जिम्मेदारी मिलने पर स्थानीय नागरिकों और समर्थकों ने उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्य बातें: नियुक्ति का आधार: भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड की विशेष सिफारिश। उद्देश्य: पशुओं के प्रति क्रूरता को रोकना और उनके संरक्षण के लिए प्रभावी कार्य करना। शुभकामनाएं: राष्ट्रवादी अनुराग द्विवेदी औरास के समर्थकों ने इस मनोनयन को जीव-जंतुओं के प्रति सेवा भाव की जीत बताया है। श्री द्विवेदी ने इस जिम्मेदारी के लिए शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे बेजुबान जानवरों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
राष्ट्रवादी अनुराग द्विवेदी औरास के समर्थकों ने इस मनोनयन को जीव-जंतुओं के प्रति सेवा भाव की जीत बताया है। श्री अनुराग द्विवेदी 'सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रूरलिटी टू एनिमल' (SPCA) के सदस्य मनोनीत औरास, उन्नाव। भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के निर्देशन तथा भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। औरास निवासी श्री अनुराग द्विवेदी को 'सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रूरलिटी टू एनिमल' (एस.पी.सी.ए.) की कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। उनकी इस नियुक्ति पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। अनुराग द्विवेदी को यह जिम्मेदारी मिलने पर स्थानीय नागरिकों और समर्थकों ने उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्य बातें: नियुक्ति का आधार: भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड की विशेष सिफारिश। उद्देश्य: पशुओं के प्रति क्रूरता को रोकना और उनके संरक्षण के लिए प्रभावी कार्य करना। शुभकामनाएं: राष्ट्रवादी अनुराग द्विवेदी औरास के समर्थकों ने इस मनोनयन को जीव-जंतुओं के प्रति सेवा भाव की जीत बताया है। श्री द्विवेदी ने इस जिम्मेदारी के लिए शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे बेजुबान जानवरों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
- सीतापुर/लखनऊ: राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-30 (लखनऊ-सीतापुर सेक्शन) पर कथित अनाधिकृत कब्जे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा प्रबंधक छीता पासी पार्क को नोटिस जारी किए जाने के बाद पासी समाज और कई सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। यह नोटिस 25 मार्च 2026 को राजमार्ग प्रशासक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण लखनऊ द्वारा जारी किया गया है, जिसमें ग्राम वैदेही वाटिका, तहसील सदर, जनपद सीतापुर में 600 वर्गमीटर भूमि पर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के अनुसार, संबंधित पक्ष को सात दिनों के अंदर कब्जा हटाने और तीन दिनों के भीतर अपना अभ्यावेदन परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, गोमतीनगर लखनऊ के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है। पासी समाज में भारी नाराजगी इस नोटिस के बाद पासी समाज के संगठनों और स्थानीय लोगों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि जिस स्थान को अतिक्रमण बताया जा रहा है, वह ऐतिहासिक धरोहर और महाराजा छीता पासी जी के किले से जुड़ा क्षेत्र है, जो पासी समाज की आस्था और इतिहास का प्रतीक है। समाज के लोगों का कहना है कि सरकार को पहले महाराजा छीता पासी जी के किले का सौंदर्यीकरण, संरक्षण और विकास करना चाहिए, उसके बाद यदि सड़क निर्माण की आवश्यकता हो तो किले के एक साइड से रोड निकाली जाए, ताकि ऐतिहासिक स्थल को नुकसान न पहुंचे। पासी समाज के नेताओं और संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा: “अगर सरकार ने पासी समाज की आस्था और इतिहास को नजरअंदाज करके जबरन कार्रवाई की, तो पूरा पासी समाज सड़क पर उतरकर बड़ा धरना-प्रदर्शन करेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार ने समाज की मांग नहीं मानी, तो 2027 के चुनाव में पासी समाज अपनी वोट की ताकत से जवाब देगा। पासी समाज और संगठनों ने सरकार के सामने निम्न मांगें रखी हैं: महाराजा छीता पासी जी के किले का सौंदर्यीकरण कराया जाए। किले को ऐतिहासिक धरोहर घोषित किया जाए। सड़क निर्माण किले के एक साइड से किया जाए। छीता पासी पार्क और ऐतिहासिक स्थल को न हटाया जाए।2
- ये हिरन नगर नाले का हाल1
- सेवा मे नगर निगम आलमबाग लखनऊ जोन 5 नंद नगर नटखेड़ा लखनऊ नटखेड़ा गली मे करीब एक हफ्ते से सफाई नही हुई है कृपया सफाई कराए1
- Infinix Note 60 Pro Launch Date Confirmed1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज सवाल अवध बस स्टैंड के सामने बेखौफ भर रही सवारियां, सरकार को रोजाना लाखों का चूना! राजधानी लखनऊ में अवैध डग्गामार वाहनों का खेल लगातार जारी है। अवध बस स्टैंड के सामने खुलेआम डग्गामार वाहन बिना किसी रोक-टोक के सवारियां भरकर फर्राटा भर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल जिम्मेदार विभागों की नाक के नीचे चल रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खामोशी नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि ये डग्गामार वाहन बिना वैध परमिट, बिना फिटनेस और बिना किसी अधिकृत अनुमति के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ऐसे में न सिर्फ परिवहन नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, बल्कि सरकार को रोजाना लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। उत्तर प्रदेश यातायात पुलिस, RTO और परिवहन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल अवध बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाके में अगर अवैध डग्गामार वाहन खुलेआम सवारियां भर रहे हैं, तो सवाल उठना लाजमी है कि आखिर: उत्तर प्रदेश यातायात पुलिस की नजर इन डग्गामार वाहनों पर क्यों नहीं पड़ रही? RTO और परिवहन विभाग की कार्रवाई आखिर सिर्फ कागजों तक ही क्यों सीमित है? क्या इन अवैध वाहनों को किसी का संरक्षण प्राप्त है? जब सब कुछ खुलेआम हो रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों हैं? यात्रियों की जान से भी हो रहा खिलवाड़ इन अवैध वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां भरकर संचालन किया जा रहा है। ओवरलोडिंग, मनमाना किराया और असुरक्षित संचालन के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यह सिर्फ अवैध कमाई का खेल नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ भी है। सरकार को नुकसान, अवैध संचालक मालामाल जहां एक ओर वैध वाहन संचालक टैक्स, परमिट और नियमों का पालन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डग्गामार वाहन संचालक खुलेआम कानून को ठेंगा दिखाकर मोटी कमाई कर रहे हैं। इस पूरे खेल से सरकारी खजाने को हर दिन लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। जनता ने की सख्त कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि: डग्गामार वाहनों के खिलाफ तुरंत अभियान चलाया जाए उत्तर प्रदेश यातायात पुलिस, RTO और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी तय की जाए अवैध संचालन पर स्थायी रोक लगाई जाए यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई हो सबसे बड़ा सवाल क्या राजधानी लखनऊ में डग्गामार वाहनों का यह खेल उत्तर प्रदेश यातायात पुलिस और जिम्मेदार विभागों की लापरवाही से फल-फूल रहा है? या फिर सिस्टम जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है? उत्तर प्रदेश यातायात पुलिस पर उठे सवाल! लखनऊ में डग्गामार वाहनों का खुला खेल! अवध बस स्टैंड के सामने बेखौफ अवैध संचालन! सरकार को रोज लाखों का नुकसान, जिम्मेदार मौन!1
- लखनऊ के गोमती नगर विस्तार थाना क्षेत्र में पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाकर नियम तोड़ने वालों पर कड़ा शिकंजा कसा। शराब पीकर वाहन चलाने वाले और तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर हुड़दंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई गाड़ियां सीज की गईं। इंस्पेक्टर सुधीर अवस्थी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने साफ चेतावनी दी कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।1
- Post by पुत्ती लाल वर्मा रिपोर्टर1
- ये देखो रामलीला मैदान की गंदगी की हालत नगर पालिका सो रहा1