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#गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं नानसलाई, महीसागर, गुजरात की सविता बहन के पति की मृत्यु हो गयी थी। टूटी झोपड़ी में रहते थे। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम बनी परिवार के लिए वरदान। संत रामपाल जी महाराज जी ने गरीब परिवार को पक्का मकान बनवाकर दिया। Annapurna Muhim By Sant RampalJi #गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं नानसलाई, महीसागर, गुजरात की सविता बहन के पति की मृत्यु हो गयी थी। टूटी झोपड़ी में रहते थे। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम बनी परिवार के लिए वरदान। संत रामपाल जी महाराज जी ने गरीब परिवार को पक्का मकान बनवाकर दिया। Annapurna Muhim By Sant RampalJi

1 hr ago
user_Belalsen Das
Belalsen Das
बरमकेला, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
1 hr ago
d0729dbc-af20-4ded-aabd-7cbe053a4e63

#गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं नानसलाई, महीसागर, गुजरात की सविता बहन के पति की मृत्यु हो गयी थी। टूटी झोपड़ी में रहते थे। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम बनी परिवार के लिए वरदान। संत रामपाल जी महाराज जी ने गरीब परिवार को पक्का मकान बनवाकर दिया। Annapurna Muhim By Sant RampalJi #गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं नानसलाई, महीसागर, गुजरात की सविता बहन के पति की मृत्यु हो गयी थी। टूटी झोपड़ी में रहते थे। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम बनी परिवार के लिए वरदान। संत रामपाल जी महाराज जी ने गरीब परिवार को पक्का मकान बनवाकर दिया। Annapurna Muhim By Sant RampalJi

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  • अन्नपूर्णा मुहिम के तहत हर जरूरतमंद गरीब परिवार को मिल रहा निशुल्क :आवास साथ ही राशन, कपड़ा,और जरूरी सामन संत रामपाल महाराज जी महराज जी के द्वारा हर जरूरत मंद को दे रहा कबीर भगवान
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    अन्नपूर्णा मुहिम के तहत हर जरूरतमंद गरीब परिवार को मिल रहा निशुल्क :आवास साथ ही राशन, कपड़ा,और जरूरी सामन संत रामपाल महाराज जी महराज जी के द्वारा हर जरूरत मंद को दे रहा कबीर भगवान
    user_MANNU SIDAR ji
    MANNU SIDAR ji
    Farmer बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • अधूरी पुलिया बनी आफत: उफनती नदी में जान हथेली पर रखकर स्कूल पहुंच रहे मासूम, जिम्मेदारों की लापरवाही कब लेगी किसी की जान? *निर्माण कार्य में सुस्ती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ठेकेदार और अधिकारियों पर गंभीर सवाल* *बरसात में पितनी नदी बनी मौत का रास्ता, रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर स्कूली बच्चे और ग्रामीण* कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा और रामपुर के बीच बहने वाली पितनी नदी पर निर्माणाधीन पुल की धीमी रफ्तार अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। बरसात के मौसम में नदी उफान पर है, लेकिन पुल निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। हालात इतने भयावह हैं कि तेज बहाव के बीच बच्चों का स्कूल जाना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण महीनों पहले शुरू हुआ था, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी रही कि बरसात आने से पहले इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब आधा-अधूरा पुल ग्रामीणों के किसी काम का नहीं है। दूसरी ओर नदी पूरे उफान पर है और मजबूरी में लोगों को तेज बहाव के बीच नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो शिक्षा हासिल करने के लिए हर सुबह मौत से मुकाबला कर स्कूल पहुंचते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार छोटे-छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते देखे गए। कई बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग और पैरों के नीचे फिसलन भरे पत्थर—ऐसा दृश्य देखकर हर किसी की सांसें थम जाती हैं। जरा सी चूक किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी अब भी गहरी नींद में दिखाई दे रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही ने पूरे क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। यदि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाता तो आज लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की सुस्त कार्यशैली पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है। हर दिन बना रहता है हादसे का डर बरसात के दौरान पितनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी पार करना बेहद खतरनाक हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को संभालना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग एक-दूसरे का सहारा लेकर नदी पार करते हैं, लेकिन यह व्यवस्था कब तक चलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि कागजों में विकास कार्य तेजी से पूरे होने का दावा किया जाता है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अधूरी पुलिया आज पूरे क्षेत्र के लिए आफत बन चुकी है। शिक्षा पर भी पड़ रहा असर माता-पिता का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। कई अभिभावक डर के कारण बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार की बात करने वाला प्रशासन पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी। *बड़ा सवाल...* *क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?* क्या अधूरी पुलिया की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी से चुकाई जाएगी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सिर्फ फाइलों तक सीमित है? पितनी नदी पर अधूरी पुलिया आज सिर्फ एक अधूरा निर्माण कार्य नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन ही मिलता है।
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    अधूरी पुलिया बनी आफत: उफनती नदी में जान हथेली पर रखकर स्कूल पहुंच रहे मासूम, जिम्मेदारों की लापरवाही कब लेगी किसी की जान?
*निर्माण कार्य में सुस्ती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ठेकेदार और अधिकारियों पर गंभीर सवाल*
*बरसात में पितनी नदी बनी मौत का रास्ता, रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर स्कूली बच्चे और ग्रामीण*
कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा और रामपुर के बीच बहने वाली पितनी नदी पर निर्माणाधीन पुल की धीमी रफ्तार अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। बरसात के मौसम में नदी उफान पर है, लेकिन पुल निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। हालात इतने भयावह हैं कि तेज बहाव के बीच बच्चों का स्कूल जाना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण महीनों पहले शुरू हुआ था, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी रही कि बरसात आने से पहले इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब आधा-अधूरा पुल ग्रामीणों के किसी काम का नहीं है। दूसरी ओर नदी पूरे उफान पर है और मजबूरी में लोगों को तेज बहाव के बीच नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो शिक्षा हासिल करने के लिए हर सुबह मौत से मुकाबला कर स्कूल पहुंचते हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार छोटे-छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते देखे गए। कई बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग और पैरों के नीचे फिसलन भरे पत्थर—ऐसा दृश्य देखकर हर किसी की सांसें थम जाती हैं। जरा सी चूक किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी अब भी गहरी नींद में दिखाई दे रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही ने पूरे क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। यदि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाता तो आज लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की सुस्त कार्यशैली पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है।
हर दिन बना रहता है हादसे का डर बरसात के दौरान पितनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी पार करना बेहद खतरनाक हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को संभालना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग एक-दूसरे का सहारा लेकर नदी पार करते हैं, लेकिन यह व्यवस्था कब तक चलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि कागजों में विकास कार्य तेजी से पूरे होने का दावा किया जाता है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अधूरी पुलिया आज पूरे क्षेत्र के लिए आफत बन चुकी है।
शिक्षा पर भी पड़ रहा असर
माता-पिता का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। कई अभिभावक डर के कारण बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार की बात करने वाला प्रशासन पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी।
*बड़ा सवाल...*
*क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?*
क्या अधूरी पुलिया की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी से चुकाई जाएगी?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सिर्फ फाइलों तक सीमित है?
पितनी नदी पर अधूरी पुलिया आज सिर्फ एक अधूरा निर्माण कार्य नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन ही मिलता है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • त्योहार से पहले सरकार सख्त, चीनी की जमाखोरी पर लगेगी रोक अब एक जगह 4 हजार क्विंटल से ज्यादा चीनी रखने पर कार्रवाई, हर सप्ताह देना होगा स्टॉक का ब्योरा
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    त्योहार से पहले सरकार सख्त, चीनी की जमाखोरी पर लगेगी रोक

अब एक जगह 4 हजार क्विंटल से ज्यादा चीनी रखने पर कार्रवाई, हर सप्ताह देना होगा स्टॉक का ब्योरा
    user_Kaniya Soni
    Kaniya Soni
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • ​"बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें" - जशपुर पुलिस ने स्कूली विद्यार्थियों को यातायात, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक ​"बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें" - जशपुर पुलिस ने स्कूली विद्यार्थियों को यातायात, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक ​डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर जिले के शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान जारी। ​सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में छात्र-छात्राओं को दी गई यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव और महिला-बाल सुरक्षा की जानकारी। ​अभिभावकों से पुलिस कप्तान की विशेष अपील: नाबालिगों को वाहन चलाने न दें, सुरक्षित बचपन से ही जिम्मेदार भविष्य की नींव रखें। ​विस्तृत समाचार: जशपुर जिले के पुलिस कप्तान, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशानुसार जशपुर पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को यातायात नियमों, साइबर सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना है। ​इसी क्रम में यातायात पुलिस जशपुर द्वारा सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डीएसपी ट्रैफिक श्री कुंज राम चौहान और ट्रैफिक प्रभारी (उप निरीक्षक) श्री खेमराज ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व और यातायात संकेतों के पालन की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, बच्चों को साइबर ठगी से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की स्थिति में वे बिना डरे तत्काल पुलिस को सूचित करें। ​नाबालिगों के वाहन चलाने पर सख्त चेतावनी: जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों द्वारा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में केवल नाबालिग ही नहीं, बल्कि उसके अभिभावक और वाहन स्वामी भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। मोटर व्हीकल एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत: ​सजा: ₹25,000 तक का जुर्माना अथवा 3 वर्ष तक का कारावास। ​लाइसेंस व पंजीयन: वाहन का पंजीयन निरस्त किए जाने की कार्रवाई होगी तथा संबंधित नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। ​अभिभावकों एवं आमजन से अपील: डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने अपना संदेश देते हुए कहा, "बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें। सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।" ​जशपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट पहनें, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें और एक सुरक्षित व जिम्मेदार समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें।
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    ​"बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें" - जशपुर पुलिस ने स्कूली विद्यार्थियों को यातायात, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
​"बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें" - जशपुर पुलिस ने स्कूली विद्यार्थियों को यातायात, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
​डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर जिले के शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान जारी।
​सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में छात्र-छात्राओं को दी गई यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव और महिला-बाल सुरक्षा की जानकारी।
​अभिभावकों से पुलिस कप्तान की विशेष अपील: नाबालिगों को वाहन चलाने न दें, सुरक्षित बचपन से ही जिम्मेदार भविष्य की नींव रखें।
​विस्तृत समाचार:
जशपुर जिले के पुलिस कप्तान, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशानुसार जशपुर पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को यातायात नियमों, साइबर सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना है।
​इसी क्रम में यातायात पुलिस जशपुर द्वारा सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डीएसपी ट्रैफिक श्री कुंज राम चौहान और ट्रैफिक प्रभारी (उप निरीक्षक) श्री खेमराज ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व और यातायात संकेतों के पालन की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, बच्चों को साइबर ठगी से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की स्थिति में वे बिना डरे तत्काल पुलिस को सूचित करें।
​नाबालिगों के वाहन चलाने पर सख्त चेतावनी:
जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों द्वारा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में केवल नाबालिग ही नहीं, बल्कि उसके अभिभावक और वाहन स्वामी भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। मोटर व्हीकल एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत:
​सजा: ₹25,000 तक का जुर्माना अथवा 3 वर्ष तक का कारावास।
​लाइसेंस व पंजीयन: वाहन का पंजीयन निरस्त किए जाने की कार्रवाई होगी तथा संबंधित नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
​अभिभावकों एवं आमजन से अपील:
डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने अपना संदेश देते हुए कहा, "बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें। सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।"
​जशपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट पहनें, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें और एक सुरक्षित व जिम्मेदार समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें।
    user_Mayank sharma
    Mayank sharma
    Local News Reporter पत्थलगाँव, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • रायगढ़ जिले में आषाढ़ में मेहरबान रहा मानसून,सावन लगते ही फिर थमे।
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    रायगढ़ जिले में आषाढ़ में मेहरबान रहा मानसून,सावन लगते ही फिर थमे।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • अन्नपूर्णा मुहिम के तहत हर जरूरतमंद गरीब परिवार को मिल रहा निशुल्क :आवास साथ ही राशन, कपड़ा,और जरूरी सामन संत रामपाल महाराज जी महराज जी के द्वारा हर जरूरत मंद को दे रहा कबीर भगवान
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    अन्नपूर्णा मुहिम के तहत हर जरूरतमंद गरीब परिवार को मिल रहा निशुल्क :आवास साथ ही राशन, कपड़ा,और जरूरी सामन संत रामपाल महाराज जी महराज जी के द्वारा हर जरूरत मंद को दे रहा कबीर भगवान
    user_MANNU SIDAR ji
    MANNU SIDAR ji
    Farmer बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में बड़ा आतंकी हमला: नाम पूछकर छत्तीसगढ़ के मजदूरों पर की अंधाधुंध फायरिंग, 1 की मौत, 1 गंभीर जम्मू-कश्मीर के कुलगाम इलाके से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ आतंकवादियों ने गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाकर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस कायराना हमले में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है। ​पहचान पूछकर मारी गोली ​प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने पहले मजदूरों को रोका और उनसे उनकी पहचान तथा नाम पूछा। पहचान सुनिश्चित करने के तुरंत बाद आतंकियों ने उन पर गोलियां चला दीं। ​बताया जा रहा है कि पीड़ित मजदूर छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार और सक्ती जिले के रहने वाले हैं। घटना में एक मजदूर की जान चली गई है, जबकि घायल मजदूर को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। ​इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी ​वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन (खोज अभियान) चलाया जा रहा है। ​मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया शोक ​छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद और सहायता का आश्वासन दिया है।
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    जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में बड़ा आतंकी हमला: नाम पूछकर छत्तीसगढ़ के मजदूरों पर की अंधाधुंध फायरिंग, 1 की मौत, 1 गंभीर
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम इलाके से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ आतंकवादियों ने गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाकर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस कायराना हमले में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है।
​पहचान पूछकर मारी गोली
​प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने पहले मजदूरों को रोका और उनसे उनकी पहचान तथा नाम पूछा। पहचान सुनिश्चित करने के तुरंत बाद आतंकियों ने उन पर गोलियां चला दीं।
​बताया जा रहा है कि पीड़ित मजदूर छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार और सक्ती जिले के रहने वाले हैं। घटना में एक मजदूर की जान चली गई है, जबकि घायल मजदूर को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
​इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
​वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन (खोज अभियान) चलाया जा रहा है।
​मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया शोक
​छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद और सहायता का आश्वासन दिया है।
    user_Manoj
    Manoj
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
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