राशन दुकान चयन बैठक में हंगामा, प्रक्रिया निरस्त एक प्रत्याशी की अनुपस्थिति पर बढ़ा विवाद, धक्का-मुक्की से गांव में अफरा-तफरी राजेपुर/फर्रुखाबाद। विकासखंड राजेपुर के ग्राम लीलापुर में सरकारी राशन दुकान के चयन को लेकर बुलाई गई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। आपसी विवाद और एक प्रत्याशी की अनुपस्थिति के चलते बैठक को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, चयन प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए एडीओ (एसवी) मौके पर पहुंचे थे। राशन दुकान के लिए रिया पत्नी सनी और मनीषा पत्नी प्रदीप प्रत्याशी थीं। बताया गया कि एक प्रत्याशी बीमारी के कारण बैठक में उपस्थित नहीं हो सकीं। इसी बात को लेकर दूसरे पक्ष के समर्थक आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मौके पर पुलिस बल मौजूद नहीं था। यदि समय रहते लोगों ने बीच-बचाव न किया होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। बताया गया कि इससे पहले 29 जनवरी को भी कोटे की चयन प्रक्रिया के लिए बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन एक पक्ष के कागजात पूर्ण न होने के कारण प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया था। एडीओ पंचायत अजीत पाठक ने बताया कि विवाद के चलते चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। नई तिथि घोषित कर अगली बैठक तहसील सभागार में पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बुलाई जाएगी, ताकि प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राशन दुकान का चयन पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत किया जाए, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय पर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा सकें।
राशन दुकान चयन बैठक में हंगामा, प्रक्रिया निरस्त एक प्रत्याशी की अनुपस्थिति पर बढ़ा विवाद, धक्का-मुक्की से गांव में अफरा-तफरी राजेपुर/फर्रुखाबाद। विकासखंड राजेपुर के ग्राम लीलापुर में सरकारी राशन दुकान के चयन को लेकर बुलाई गई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। आपसी विवाद और एक प्रत्याशी की अनुपस्थिति के चलते बैठक को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, चयन प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए एडीओ (एसवी) मौके पर पहुंचे थे। राशन दुकान के लिए रिया पत्नी सनी और मनीषा पत्नी प्रदीप प्रत्याशी थीं। बताया गया कि एक प्रत्याशी बीमारी के कारण बैठक में उपस्थित नहीं हो सकीं। इसी बात को लेकर दूसरे पक्ष के समर्थक आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मौके पर पुलिस बल मौजूद नहीं था। यदि समय रहते लोगों ने बीच-बचाव न किया होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। बताया गया कि इससे पहले 29 जनवरी को भी कोटे की चयन प्रक्रिया के लिए बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन एक पक्ष के कागजात पूर्ण न होने के कारण प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया था। एडीओ पंचायत अजीत पाठक ने बताया कि विवाद के चलते चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। नई तिथि घोषित कर अगली बैठक तहसील सभागार में पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बुलाई जाएगी, ताकि प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राशन दुकान का चयन पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत किया जाए, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय पर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा सकें।
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट राजेपुर 24 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई ।1
- *दीपावली की रंजिश में खूनी संघर्ष: घात लगाकर हमला, लाठी-डंडों से मारपीट में दो युवक गंभीर घायल; फायरिंग को लेकर पुलिस-ग्रामीणों के दावे अलग-अलग* *अमृतपुर/फर्रुखाबाद* थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर सोमवार देर शाम को दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। आरोप है कि खेत से लौट रहे युवक पर पहले से घात लगाकर बैठे विपक्षियों ने हमला कर दिया। दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले,जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने घटना के दौरान कई राउंड फायरिंग होने का दावा किया है, जबकि पुलिस ने गोली चलने की पुष्टि से इनकार किया है। जानकारी के अनुसार दिनेश पुत्र शालिग्राम अपने खेत में गेहूं की फसल में पानी लगाकर ट्रैक्टर से घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में मुकेश, वीरपाल व रामासरे के खेत के पास कई लोग पहले से घात लगाए बैठे थे। जैसे ही दिनेश वहां पहुंचे, आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। शोर सुनकर दूसरे पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मारपीट में दिनेश (30) और ध्यानपाल पुत्र अहिलकार (19) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को अस्पताल भिजवाकर मेडिकल परीक्षण कराया। ग्रामीणों के अनुसार मारपीट के दौरान करीब सात राउंड फायरिंग भी हुई, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। घायल दिनेश ने आरोप लगाया कि संदीप यादव समेत कई लोगों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया और फायरिंग भी की। हालांकि चिकित्सीय परीक्षण में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे फायरिंग की पुष्टि हो सके। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच बीती दीपावली पर हुए विवाद के बाद से रंजिश चली आ रही थी, जिसकी वजह से यह घटना हुई। सूचना पर क्षेत्राधिकारी संजय वर्मा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों पक्षों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला लाठी-डंडों से मारपीट का है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। वहीं दूसरे पक्ष के संदीप यादव ने भी आरोप लगाया कि उनके घर की छत पर पथराव किया गया, जिससे उनके परिवार के कई लोगों को चोटें आई हैं। पुलिस ने बताया तहरीर मिलने पर जांच शुरू कर दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।4
- जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने किया कहा1
- *फतेहगढ़ पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई: दो वांछित अभियुक्त गिरफ्तार* फतेहगढ़, 17 फरवरी 2026 - फतेहगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिन पर धारा 315/03 और 315/02 के तहत मामला दर्ज है। अभियुक्तों के नाम *विक्की पुत्र अज्ञात* और *सोनू पुत्र अज्ञात* हैं। मुकदमा 24 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया था, जिसमें अभियुक्तों पर अवैध हथियार रखने और गैर इजाजतनामा शस्त्र रखने का आरोप है। अभियुक्तों पर धारा 350/25 (1)(ए) और 315/03 के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तार करने वाली टीम में *श्री आलोक सिंह* (अपर पुलिस महानिदेशक), *श्री हरीश चन्द्र* (उपमहानिरीक्षक), *श्री अशोक कुमार मीना* (पुलिस अधीक्षक), *श्री सुशील कुमार* (क्षेत्राधिकारी), और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से अवैध हथियार बरामद किए हैं और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी। फतेहगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को आम जनता ने सराहा है और उम्मीद जताई है कि आगे भी पुलिस इसी तरह से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी।1
- Post by Ranjeet Yadav1
- शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद तहसील क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब 30 गोवंश भूखे-प्यासे तड़पते नजर आए। निर्माण पूरा होने के बावजूद अभी चालू न होने वाले इस एक्सप्रेसवे पर मोहनिया गांव के ग्रामीणों ने आवारा गोवंश से परेशान होकर जानवरों को कैट वाहनों से ऊपर चढ़ा दिया था। करीब 10 दिनों से रास्ता भूल चुके ये पशु बाड़ के कारण नीचे नहीं उतर पाए और भूख-प्यास से जूझते रहे।एक राहगीर की सूचना पर राष्ट्रवादी भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ता मुनिराज सिंह अपनी टीम—गौरव पंडित, मोहित दुबे, शोभित राणा और प्रदीप श्रीवास्तव—मौके पर पहुंचे1
- याकूबपुर में जनसभा: केशव देव मौर्य ने भरी हुंकार जलालाबाद, शाहजहांपुर। तहसील क्षेत्र के गांव याकूबपुर (बाला जी धाम) में आयोजित जनसभा में प्रमुख नेता केशव देव मौर्य ने जनता को संबोधित करते हुए संगठन की नीतियों और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। सभा के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, पिछड़े वर्गों के अधिकार, युवाओं को रोजगार और किसानों की समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बताया। महान दल के कार्यकर्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संकल्प लिया। केशव देव मौर्य ने कहा कि पार्टी गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को सुनेगी और उनके समाधान के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन की मजबूती के लिए काम करने की अपील की। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय पदाधिकारियों की देखरेख में हुआ। सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने संगठन के समर्थन में नारे लगाए और आगामी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आश्वासन दिया।2
- उचित दर विक्रेता के चुनाव में बवाल, प्रत्याशियों में धक्का-मुक्की; पुलिस न होने से स्थगित हुई प्रक्रिया अमृतपुर (फर्रुखाबाद) अमृतपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम लीलापुर उधरनपुर में उचित दर विक्रेता (राशन दुकान) के चुनाव के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब दो प्रत्याशी पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। स्थिति बिगड़ते देख अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया और मौके से हट गए। बताया जा रहा है कि मंगलवार को गांव में उचित दर विक्रेता के चयन के लिए चुनाव प्रक्रिया निर्धारित थी। इसी दौरान एक प्रत्याशी पक्ष के बीमार होने और दूसरे प्रत्याशी द्वारा आवेदन देने के बाद विवाद की स्थिति बन गई। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की होने लगी। घटना के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारियों ने किसी तरह स्वयं को सुरक्षित किया और स्थिति को देखते हुए चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब चुनाव की अगली तिथि पुलिस बल की मौजूदगी में ही तय की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मौके पर पुलिस बल मौजूद होता तो विवाद की नौबत नहीं आती और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकता था। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। गौरतलब है कि ग्राम लीलापुर उधरनपुर की आबादी करीब 6000 है, जबकि यहां लगभग 2100 मतदाता हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान एडीओ (एसबी) विकासखंड, सचिव शिव सिंह, सचिव राजीव सुमन, सचिव नौशाद अहमद, ग्राम प्रधान सहित करीब एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन अब पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित कर दोबारा चुनाव कराने की तैयारी में जुट गया है, ताकि गांव में उचित दर विक्रेता का चयन शांतिपूर्ण तरीके से कराया जा सके।3