//सफलता की कहानी// एकीकृत कृषि और जैविक नवाचार से बदली खेती की राह मनासा के प्रगतिशील किसान चेनराम पाटीदार ने खेती के साथ पशुपालन और वर्मी कंपोस्ट को बनाया अतिरिक्त आय का जरिया नीमच, 25 अगस्त 2026। कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ व्यवसाय बनाने की दिशा में ग्राम ढाकनी, विकासखंड मनासा के प्रगतिशील किसान श्री चेनराम पाटीदार ने खेती के साथ पशुपालन और जैविक खाद निर्माण को जोड़कर आय बढ़ाने का अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है। लगभग 2 हेक्टेयर भूमि पर खेती करने वाले श्री पाटीदार ने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए खेती की लागत कम करने के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत भी विकसित किया है। पशुपालन से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की अतिरिक्त आय श्री पाटीदार के पास 1 गाय एवं 4 भैंसें हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 20 से 25 लीटर दूध का उत्पादन होता है। पशुपालन से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। पशुओं से प्राप्त गोबर का उपयोग वे वर्मी कंपोस्ट निर्माण में करते हैं। वर्मी कंपोस्ट से अतिरिक्त आय और खेती की लागत में कमी श्री पाटीदार पिछले लगभग 6 वर्षों से गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार कर रहे हैं। इसका उपयोग वे अपने खेत में करने के साथ अतिरिक्त मात्रा आसपास के किसानों को 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचते हैं। पिछले वर्ष उन्होंने लगभग 10 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट बेचकर 10 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की। खेत में नियमित रूप से वर्मी कंपोस्ट के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी आई है। इससे खेती की लागत कम होने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिली है। पीकेवीवाई योजना से मिला प्रोत्साहन कृषि विभाग द्वारा संचालित परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत श्री पाटीदार को जैविक खेती के लिए प्रतिवर्ष प्रशिक्षण एवं 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हो रही है। प्रशिक्षण और प्रोत्साहन का उपयोग वे जैविक खेती की तकनीकों को अपनाने तथा खेत में जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में कर रहे हैं। किसान क्रेडिट कार्ड से पशुशाला में हुआ बेहतर प्रबंधन पशुपालन को सुविधाजनक एवं वैज्ञानिक बनाने के लिए श्री पाटीदार ने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पीएसीएस नलखेड़ा से 18 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। इसका उपयोग उन्होंने पशुशाला का फर्श पक्का कराने, पशुओं के लिए पक्की नांद बनाने तथा पीने के पानी की ऑटोमेटिक व्यवस्था विकसित करने में किया। योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते किसान श्री चेनराम पाटीदार ने कृषि, पशुपालन और जैविक खाद निर्माण को एक-दूसरे से जोड़कर संसाधनों का बेहतर उपयोग किया है। पशुओं से प्राप्त गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार होता है, जिसका उपयोग खेत में करने से रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम हुई है। वहीं अतिरिक्त वर्मी कंपोस्ट की बिक्री से उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है। श्री पाटीदार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मध्यप्रदेश शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं से उन्हें कृषि एवं पशुपालन को बेहतर ढंग से संचालित करने में सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के माध्यम से प्राप्त प्रशिक्षण, प्रोत्साहन एवं वित्तीय सुविधा का सदुपयोग कर वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण श्री चेनराम पाटीदार की पहल यह संदेश देती है कि किसान खेती के साथ पशुपालन और जैविक खाद निर्माण को जोड़कर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर लागत कम करने एवं अतिरिक्त आय बढ़ाने का प्रभावी मॉडल अपना सकते हैं। उनका यह प्रयास क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी बन रहा है।
//सफलता की कहानी// एकीकृत कृषि और जैविक नवाचार से बदली खेती की राह मनासा के प्रगतिशील किसान चेनराम पाटीदार ने खेती के साथ पशुपालन और वर्मी कंपोस्ट को बनाया अतिरिक्त आय का जरिया नीमच, 25 अगस्त 2026। कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ व्यवसाय बनाने की दिशा में ग्राम ढाकनी, विकासखंड मनासा के प्रगतिशील किसान श्री चेनराम पाटीदार ने खेती के साथ पशुपालन और जैविक खाद निर्माण को जोड़कर आय बढ़ाने का अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है। लगभग 2 हेक्टेयर भूमि पर खेती करने वाले श्री पाटीदार ने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए खेती की लागत कम करने के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत भी विकसित किया है। पशुपालन से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की अतिरिक्त आय श्री पाटीदार के पास 1 गाय एवं 4 भैंसें हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 20 से 25 लीटर दूध का उत्पादन होता है। पशुपालन से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। पशुओं से प्राप्त गोबर का उपयोग वे वर्मी कंपोस्ट निर्माण में करते हैं। वर्मी कंपोस्ट से अतिरिक्त आय और खेती की लागत में कमी श्री पाटीदार पिछले लगभग 6 वर्षों से गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार कर रहे हैं। इसका उपयोग वे अपने खेत में करने के साथ अतिरिक्त मात्रा आसपास के किसानों को 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचते हैं। पिछले वर्ष उन्होंने लगभग 10 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट बेचकर 10 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की। खेत में नियमित रूप से वर्मी कंपोस्ट के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी आई है। इससे खेती की लागत कम होने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिली है। पीकेवीवाई योजना से मिला प्रोत्साहन कृषि विभाग द्वारा संचालित परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत श्री पाटीदार को जैविक खेती के लिए प्रतिवर्ष प्रशिक्षण
एवं 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हो रही है। प्रशिक्षण और प्रोत्साहन का उपयोग वे जैविक खेती की तकनीकों को अपनाने तथा खेत में जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में कर रहे हैं। किसान क्रेडिट कार्ड से पशुशाला में हुआ बेहतर प्रबंधन पशुपालन को सुविधाजनक एवं वैज्ञानिक बनाने के लिए श्री पाटीदार ने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पीएसीएस नलखेड़ा से 18 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। इसका उपयोग उन्होंने पशुशाला का फर्श पक्का कराने, पशुओं के लिए पक्की नांद बनाने तथा पीने के पानी की ऑटोमेटिक व्यवस्था विकसित करने में किया। योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते किसान श्री चेनराम पाटीदार ने कृषि, पशुपालन और जैविक खाद निर्माण को एक-दूसरे से जोड़कर संसाधनों का बेहतर उपयोग किया है। पशुओं से प्राप्त गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार होता है, जिसका उपयोग खेत में करने से रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम हुई है। वहीं अतिरिक्त वर्मी कंपोस्ट की बिक्री से उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है। श्री पाटीदार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मध्यप्रदेश शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं से उन्हें कृषि एवं पशुपालन को बेहतर ढंग से संचालित करने में सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के माध्यम से प्राप्त प्रशिक्षण, प्रोत्साहन एवं वित्तीय सुविधा का सदुपयोग कर वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण श्री चेनराम पाटीदार की पहल यह संदेश देती है कि किसान खेती के साथ पशुपालन और जैविक खाद निर्माण को जोड़कर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर लागत कम करने एवं अतिरिक्त आय बढ़ाने का प्रभावी मॉडल अपना सकते हैं। उनका यह प्रयास क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी बन रहा है।
- रामपुरा - अरावली पर्वत की गोद मे विराजमान भगवान केदारेश्वर महादेव के पावन धाम पर शंकरलाल गुर्जर इंचार्ज एवं अविनाश ग्रुप मित्र मंडल के तत्वावधान में धार्मिक आयोजन किया गया1
- तहसील गरोठ के ग्राम बोलिया में कल रात्रि से ही जोरदार बारिश1
- मन्दसौर जिला कलेक्टर दिव्यांकसिंह, बरसते पानी मे निकले, शहर का लिया जायजा... आधी रात को सड़कों पर उतरे नवागत मन्दसौर जिला कलेक्टर दिव्यांकसिंह अतिवृष्टि के बीच शहर का लिया जायजा मंदसौर। अत्यधिक बारिश के चलते मंदसौर शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की सूचना मिलने के बाद नवागत जिला कलेक्टर दिव्यांक सिंह आधी रात को ही अधिकारियों की टीम के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों के निरीक्षण पर निकल पड़े। कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और शहरवासियों से चर्चा कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली,1
- नन्हे हाथों का हरियाली संकल्प बी.आर. संस्था ने दिया पर्यावरण जागरूकता संदेश नीमच। की बी.आर. संस्था फाउंडेशन ने राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, शाहपुरा में 'उत्सव अभियान' के तहत पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका नेतृत्व बाल पर्यावरण योद्धा श्रेया कुमावत ने किया। संस्था के संस्थापक कृष्ण परिहार के जन्मदिन पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण, और प्लास्टिक मुक्त वातावरण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में फिजूलखर्ची के बजाय जन्मदिन और वर्षगांठ जैसे अवसरों को समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का संदेश दिया गया।1
- NEWS:-पिपलिया स्टेशन पर रेल सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन, हनुमान चालीसा का पाठ कर जताया विरोध मनासा।पिपलिया रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के ठहराव सहित विभिन्न रेल समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मंगलवार को रेल सुविधा विस्तार समिति के बैनर तले नगर व क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे स्टेशन स्थित बालाजी मंदिर पर समिति सदस्यों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर रेलवे अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को सद्बुद्धि देने की कामना की। इसके बाद नारेबाजी करते हुए क्षेत्रवासी स्टेशन कार्यालय पहुंचे और मंडल रेल प्रबंधक के नाम स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि पिपलिया स्टेशन क्षेत्र का महत्वपूर्ण कृषि, व्यापारिक एवं आवागमन का केंद्र है। यह स्टेशन आसपास के दर्जनों गांवों एवं कस्बों के लिए प्रमुख रेल संपर्क माध्यम है। क्षेत्र के किसान अपनी कृषि उपज के परिवहन, व्यापारी व्यापारिक कार्यों, विद्यार्थी शिक्षा तथा श्रमिक एवं कर्मचारी रोजगार एवं दैनिक आवागमन के लिए इसी स्टेशन पर निर्भर हैं। इसके अलावा धार्मिक, सामाजिक एवं पारिवारिक कारणों से भी बड़ी संख्या में यात्री प्रतिदिन यहां से रेल यात्रा करते हैं। समिति ने कहा कि इसके बावजूद पिपलिया स्टेशन पर कई आवश्यक रेल सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यात्री ट्रेनों के पर्याप्त ठहराव नहीं होने से क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को अन्य स्टेशनों पर जाकर ट्रेन पकड़ने की मजबूरी रहती है, जिससे समय एवं धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है।क्षेत्रवासियों ने रेलवे से पिपलिया स्टेशन पर प्रमुख यात्री ट्रेनों के ठहराव शुरू करने, बंद किए गए ठहरावों को पुनः बहाल करने तथा स्टेशन पर आवश्यक यात्री सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की। समिति ने चेतावनी दी कि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।1
- नीमच में जनसुनवाई शिविर, 12 सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण नीमच में पुलिस कंट्रोल रूम स्थित सभाकक्ष में 25 अगस्त को जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण शिविर आयोजित हुआ। पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास ने आवेदकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित थाना प्रभारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। शिविर में सीएम हेल्पलाइन की लेवल-1, 2 और 3 की 12 शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कर उन्हें बंद करवाया गया। वहीं करीब 26 आवेदकों ने अपनी समस्याएं एसपी के समक्ष रखीं। एसपी ने अधिकारियों को समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। शिविर में भूमि विवाद, पुलिस कार्रवाई सहित विभिन्न मामलों पर सुनवाई की गई।1
- MP - देर रात कलेक्टर दिव्यांक सिंह भी धानमंडी क्षेत्र पहुंचे और जलभराव की स्थिति का जायजा लिया... आधी रात को सड़कों पर उतरे नवागत कलेक्टर दिव्यांक सिंह अतिवृष्टि के बीच शहर का लिया जायजा मन्दसौर अत्यधिक बारिश के चलते मन्दसौर शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की सूचना मिलने के बाद नवागत जिला कलेक्टर दिव्यांक सिंह आधी रात को ही अधिकारियों की टीम के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों के निरीक्षण पर निकल पड़े। कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और शहरवासियों से चर्चा कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।1
- नगर वन में रामपुरा में पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश1