चित्रकूट की धर्मनगरी मोकमगढ़ में भू माफिया और अवैध जमीन कारोबारी राजस्व तथा वन विभाग की जमीनों पर कब्जा करके अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। आज सुबह 4 बजे से ही मोकमगढ़ स्थित पौराणिक किले के बगल में बड़े पैमाने पर जमीन की अवैध लेबलिंग की जा रही है, जिसमें आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर लगाए गए हैं। यह सब राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस जमीन का कुछ हिस्सा वन विभाग और कुछ राजस्व विभाग का है, और माफिया नदी व वन विभाग की जमीनों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। प्रशासन द्वारा किले के सौंदर्यीकरण और आसपास की जमीन को संरक्षित करने की पहल की गई थी, लेकिन एनजीटी के सख्त निर्देशों के बावजूद नदी क्षेत्र तक में अवैध लेबलिंग जारी है। इस पूरी घटना से चित्रकूट थाना क्षेत्र के रजौला नयागांव हल्के के स्थानीय राजस्व अमले—पटवारी, आरआई और नायब तहसीलदार—के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चित्रकूट की धर्मनगरी मोकमगढ़ में भू माफिया और अवैध जमीन कारोबारी राजस्व तथा वन विभाग की जमीनों पर कब्जा करके अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। आज सुबह 4 बजे से ही मोकमगढ़ स्थित पौराणिक किले के बगल में बड़े पैमाने पर जमीन की अवैध लेबलिंग की जा रही है, जिसमें आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर लगाए गए हैं। यह सब राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस जमीन का कुछ हिस्सा वन विभाग और कुछ राजस्व विभाग का है, और माफिया नदी व वन विभाग की जमीनों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। प्रशासन द्वारा किले के सौंदर्यीकरण और आसपास की जमीन को संरक्षित करने की पहल की गई थी, लेकिन एनजीटी के सख्त निर्देशों के बावजूद नदी क्षेत्र तक में अवैध लेबलिंग जारी है। इस पूरी घटना से चित्रकूट थाना क्षेत्र के रजौला नयागांव हल्के के स्थानीय राजस्व अमले—पटवारी, आरआई और नायब तहसीलदार—के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- गोविंदगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वर्षीय मासूम की जान बचा ली। बच्चा खेलते समय अचानक पिलर के पास बने दस फीट गहरे गड्ढे में गिर गया था। पुलिस की मुस्तैदी के कारण समय रहते बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।1
- सिंगरौली में 'बीरबल की खिचड़ी' पकने की बात कही जा रही है। इस विषय पर भास्कर मिश्रा ने अपनी टिप्पणी दी है।1
- रीवा कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 6 साल की मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाया गया है। यह गंभीर वारदात कोतवाली थाना की सीमा में ही घटित हुई है।1
- सतना के मैहर में एनएसयूआई (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं का भव्य स्वागत किया गया। यह स्वागत एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी जी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जब विनोद जाखड़, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े जी, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे जी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी जी अल्प प्रवास पर मैहर पहुंचे थे। मां शारदा माता की पावन नगरी मैहर में सभी अतिथियों का मां शारदा की चुनरी पहनाकर और पुष्पमालाओं से सम्मान किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं और युवाओं ने बेहद उत्साहपूर्वक स्वागत किया, साथ ही संगठन की मजबूती और छात्र-युवा हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। उपस्थित साथियों ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए उनके नेतृत्व में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। इस स्वागत कार्यक्रम में मैहर जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष श्री धर्मेश भाई जी, ब्लॉक अध्यक्ष श्री रमेश प्रजापति जी, पूर्व पार्षद श्री चूड़ामणि बाड़ोलिया जी, पूर्व पार्षद श्री यशवंत सिंह चंदेल जी, सेवा दल के जिला अध्यक्ष श्री अरुण तनय मिश्रा जी, ब्लॉक अध्यक्ष श्री ऋषिकांत पांडे जी, श्री अखंड प्रताप सिंह, श्री रजनी शर्मा जी, श्री नित्यानंद तिवारी जी, श्री समर्पण शुक्ला जी, श्री शिवम पांडे जी, एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष अमन सिंह परिहार, जिला संगठन मंत्री श्री शिवानजय सिंह जी, श्री ओंकार उर्मिला जी, श्री गौरव मालिक, श्री अब्बू, प्रिंस तिवारी, नैतिक पांडे, जीतू सींग, प्रशू चौरसिया, अमन बडगईंयां, आदित्य, मेघना बडगईंया, प्रियम मिश्रा, मोना द्विवेदी और प्रांशी कुशवाहा सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे। यह आयोजन उत्साह, सौहार्द और संगठनात्मक एकता के वातावरण में संपन्न हुआ।1
- सतना में जिला जज के निवास के ठीक सामने यूकेलिप्टस के एक पेड़ की डाल अचानक नीचे गिर गई, जिससे नीचे खेल रहे बच्चे और एक बुजुर्ग बाल-बाल बच गए। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। बताया गया है कि आंधी-तूफान के कारण इस पेड़ की कई डालें कमजोर होकर झूल रही हैं, जिसके चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह स्थिति लगातार बड़े खतरे की ओर इशारा कर रही है, जहां लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। इस घटना ने वन विभाग और नगर निगम की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यूकेलिप्टस के पेड़ों पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद संबंधित विभाग इस ओर से पूरी तरह अंजान बना हुआ है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।1
- रीवा जिले के वार्ड नंबर 24, द्वारिका नगर में शिव धाम कॉलोनी, स्वास्तिक कॉलोनी सहित अन्य कॉलोनियों की सड़कों पर पानी भर गया है। यह समस्या विधायक पंचू लाल प्रजापति जी के मकान के सामने वाली सड़क पर विशेष रूप से गंभीर देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण सीवर लाइन डालने वाले कर्मियों द्वारा नाली के मोड़ को अवरुद्ध कर देना है, जहाँ उन्होंने कोई पाइप भी नहीं डाला है। इस लापरवाही के चलते लोगों के घरों में वापस से पानी घुस रहा है, जिससे भारी संख्या में मच्छर और मक्खियाँ पनप रही हैं। यह स्थिति कई बीमारियों के फैलने का कारण बन रही है, जिससे यहाँ के रहवासी अत्यधिक परेशान हैं।4
- सतना जिले की कोटर तहसील के ग्राम पंचायत मलगांव में विकास के दावों और आस्था दोनों को शर्मसार करते हुए, टमसा नदी के तट पर स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने प्रसिद्ध हनुमान मंदिर तक जाने वाला सरकारी मार्ग पिछले 42 वर्षों से बदहाल पड़ा है। स्थानीय पत्रकार भागवत द्विवेदी के अनुसार, यह रास्ता पूरी तरह गड्ढों में बदल चुका है और 42 साल के इस लंबे अंतराल में प्रशासन या किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस पर एक गाड़ी मुरुम तक नहीं डलवाई है। बारिश के मौसम में इस मार्ग की हालत इतनी खराब हो जाती है कि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक पहुंचना असंभव हो जाता है, जिससे दूर-दराज से आने वाले भक्तों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि गांव में अन्य स्थानों पर नाली और सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है, जबकि मंदिर का रास्ता पूरी तरह उपेक्षित है। जानकारी के अनुसार, प्रिज्म सीमेंट ने इस पंचायत को गोद लिया था, लेकिन उसके बावजूद भी मंदिर मार्ग पर एक गाड़ी मुरुम तक नहीं डाली गई है, जो इस समस्या की गंभीरता को और बढ़ा देती है। यह स्थिति स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।1