* *बरेली में हुई फ़िल्म मेकर्स व स्टार्स की उपस्थित में फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ की स्पेशल स्क्रीनिंग, मेयर डॉ. उमेश गौतम रहे मुख्य अतिथि* बरेली के फीनिक्स मॉल स्थित आईनॉक्स पीवीआर में रविवार, 15 मार्च को हिंदी फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ की स्पेशल स्क्रीनिंग आयोजित की गई। इस मौके पर फिल्म के कलाकारों और मेकर्स के साथ शहर की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ सोनल गौतम भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। इस खास अवसर पर फिल्म के मुख्य कलाकार जतिन सरना और मधुरिमा रॉय, निर्देशक विकास अरोड़ा तथा निर्माता पूजा अरोड़ा ने मीडिया और दर्शकों के साथ फिल्म को लेकर बातचीत की। बरेली के स्थानीय फिल्ममेकर विकास अरोड़ा द्वारा निर्देशित यह फिल्म रिश्तों और मानवीय भावनाओं को एक अलग और यथार्थवादी नजरिए से प्रस्तुत करती है। स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म को दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिला। कार्यक्रम के बाद कलाकारों और मेकर्स ने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्म के निर्माण और इसकी कहानी के बारे में अपने अनुभव साझा किए। फिल्म के निर्देशक विकास अरोड़ा ने इस अवसर पर कहा, “मेरे लिए यह बेहद खास पल है कि मेरी फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग मेरे अपने शहर बरेली में हो रही है। इस फिल्म को बनाते समय हमारी पूरी टीम ने ईमानदारी से एक ऐसी कहानी कहने की कोशिश की है जो आज के रिश्तों की सच्चाई को सामने लाती है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे।” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मेयर डॉ. उमेश गौतम ने फिल्म की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “यह हमारे शहर बरेली के लिए गर्व की बात है कि यहां के एक युवा फिल्ममेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। स्थानीय प्रतिभाओं को ऐसे ही प्रोत्साहन मिलता रहना चाहिए। मैं फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि यह फिल्म दर्शकों को जरूर पसंद आएगी।” फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान उपस्थित दर्शकों और मीडिया ने कलाकारों के साथ बातचीत की और इस मौके को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह भी दर्शाया कि बरेली जैसे शहरों से भी प्रतिभाशाली फिल्मकार उभर रहे हैं, जो भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। * *बरेली में हुई फ़िल्म मेकर्स व स्टार्स की उपस्थित में फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ की स्पेशल स्क्रीनिंग, मेयर डॉ. उमेश गौतम रहे मुख्य अतिथि* बरेली के फीनिक्स मॉल स्थित आईनॉक्स पीवीआर में रविवार, 15 मार्च को हिंदी फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ की स्पेशल स्क्रीनिंग आयोजित की गई। इस मौके पर फिल्म के कलाकारों और मेकर्स के साथ शहर की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ सोनल गौतम भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। इस खास अवसर पर फिल्म के मुख्य कलाकार जतिन सरना और मधुरिमा रॉय, निर्देशक विकास अरोड़ा तथा निर्माता पूजा अरोड़ा ने मीडिया और दर्शकों के साथ फिल्म को लेकर बातचीत की। बरेली के स्थानीय फिल्ममेकर विकास अरोड़ा द्वारा निर्देशित यह फिल्म रिश्तों और मानवीय भावनाओं को एक अलग और यथार्थवादी नजरिए से प्रस्तुत करती है। स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म को दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिला। कार्यक्रम के बाद कलाकारों और मेकर्स ने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्म के निर्माण और इसकी कहानी के बारे में अपने अनुभव साझा किए। फिल्म के निर्देशक विकास अरोड़ा ने इस अवसर पर कहा, “मेरे लिए यह बेहद खास पल है कि मेरी फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग मेरे अपने शहर बरेली में हो रही है। इस फिल्म को बनाते समय हमारी पूरी टीम ने ईमानदारी से एक ऐसी कहानी कहने की कोशिश की है जो आज के रिश्तों की सच्चाई को सामने लाती है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे।” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मेयर डॉ. उमेश गौतम ने फिल्म की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “यह हमारे शहर बरेली के लिए गर्व की बात है कि यहां के एक युवा फिल्ममेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। स्थानीय प्रतिभाओं को ऐसे ही प्रोत्साहन मिलता रहना चाहिए। मैं फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि यह फिल्म दर्शकों को जरूर पसंद आएगी।” फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान उपस्थित दर्शकों और मीडिया ने कलाकारों के साथ बातचीत की और इस मौके को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह भी दर्शाया कि बरेली जैसे शहरों से भी प्रतिभाशाली फिल्मकार उभर रहे हैं, जो भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
* *बरेली में हुई फ़िल्म मेकर्स व स्टार्स की उपस्थित में फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ की स्पेशल स्क्रीनिंग, मेयर डॉ. उमेश गौतम रहे मुख्य अतिथि* बरेली के फीनिक्स मॉल स्थित आईनॉक्स पीवीआर में रविवार, 15 मार्च को हिंदी फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ की स्पेशल स्क्रीनिंग आयोजित की गई। इस मौके पर फिल्म के कलाकारों और मेकर्स के साथ शहर की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ सोनल गौतम भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। इस खास अवसर पर फिल्म के मुख्य कलाकार जतिन सरना और मधुरिमा रॉय, निर्देशक विकास अरोड़ा तथा निर्माता पूजा अरोड़ा ने मीडिया और दर्शकों के साथ फिल्म को लेकर बातचीत की। बरेली के स्थानीय फिल्ममेकर विकास अरोड़ा द्वारा निर्देशित यह फिल्म रिश्तों और मानवीय भावनाओं को एक अलग और यथार्थवादी नजरिए से प्रस्तुत करती है। स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म को दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिला। कार्यक्रम के बाद कलाकारों और मेकर्स ने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्म के निर्माण और इसकी कहानी के बारे में अपने अनुभव साझा किए। फिल्म के निर्देशक विकास अरोड़ा ने इस अवसर पर कहा, “मेरे लिए यह बेहद खास पल है कि मेरी फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग मेरे अपने शहर बरेली में हो रही है। इस फिल्म को बनाते समय हमारी पूरी टीम ने ईमानदारी से एक ऐसी कहानी कहने की कोशिश की है जो आज के रिश्तों की सच्चाई को सामने लाती है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे।” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मेयर डॉ. उमेश गौतम ने फिल्म की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “यह हमारे शहर बरेली के लिए गर्व की बात है कि यहां के एक युवा फिल्ममेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। स्थानीय प्रतिभाओं को ऐसे ही प्रोत्साहन मिलता रहना चाहिए। मैं फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि यह फिल्म दर्शकों को जरूर पसंद आएगी।” फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान उपस्थित दर्शकों और मीडिया ने कलाकारों के साथ बातचीत की और इस मौके को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह भी दर्शाया कि बरेली जैसे शहरों से भी प्रतिभाशाली फिल्मकार उभर रहे हैं, जो भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। * *बरेली में हुई फ़िल्म मेकर्स व स्टार्स की उपस्थित में फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ की स्पेशल स्क्रीनिंग, मेयर डॉ. उमेश गौतम रहे मुख्य अतिथि* बरेली के फीनिक्स मॉल स्थित आईनॉक्स पीवीआर में रविवार, 15 मार्च को हिंदी फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ की स्पेशल स्क्रीनिंग आयोजित की गई। इस मौके पर फिल्म के कलाकारों और मेकर्स के साथ शहर की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ सोनल गौतम भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। इस खास अवसर पर फिल्म के मुख्य कलाकार जतिन सरना और मधुरिमा रॉय, निर्देशक विकास अरोड़ा तथा निर्माता पूजा अरोड़ा ने मीडिया और दर्शकों के साथ फिल्म को लेकर बातचीत की। बरेली के स्थानीय फिल्ममेकर विकास अरोड़ा द्वारा निर्देशित यह फिल्म रिश्तों और मानवीय भावनाओं को एक अलग और यथार्थवादी नजरिए से प्रस्तुत करती है। स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म को दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिला। कार्यक्रम के बाद कलाकारों और मेकर्स ने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्म के निर्माण और इसकी कहानी के बारे में अपने अनुभव साझा किए। फिल्म के निर्देशक विकास अरोड़ा ने इस अवसर पर कहा, “मेरे लिए यह बेहद खास पल है कि मेरी फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग मेरे अपने शहर बरेली में हो रही है। इस फिल्म को बनाते समय हमारी पूरी टीम ने ईमानदारी से एक ऐसी कहानी कहने की कोशिश की है जो आज के रिश्तों की सच्चाई को सामने लाती है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे।” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मेयर डॉ. उमेश गौतम ने फिल्म की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “यह हमारे शहर बरेली के लिए गर्व की बात है कि यहां के एक युवा फिल्ममेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। स्थानीय प्रतिभाओं को ऐसे ही प्रोत्साहन मिलता रहना चाहिए। मैं फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि यह फिल्म दर्शकों को जरूर पसंद आएगी।” फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान उपस्थित दर्शकों और मीडिया ने कलाकारों के साथ बातचीत की और इस मौके को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह भी दर्शाया कि बरेली जैसे शहरों से भी प्रतिभाशाली फिल्मकार उभर रहे हैं, जो भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
- रजा एक्शन कमेटी द्वारा रोजा इफ्तारका आयोजन किया गया1
- #पाक महीने रमज़ान के मुक़द्दस चौबिसवें रोज़े के मौके पर आज कराया रोज़ा इफ्तार #1
- मधुमेह के प्रति जागरूकता और समय पर जांच जरूरी : डॉ. मोहित सरन बरेली। मधुमेह (डायबिटीज) के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रख्यात मधुमेह विशेषज्ञ डॉ मोहित शर्मा ने लोगों से समय रहते जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करती है और कई बार लंबे समय तक इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए इसे अक्सर “मूक बीमारी” भी कहा जाता है। गुरुग्राम स्थित Manipal Hospital Gurugram के विशेषज्ञ डॉ. सरन ने जारी बयान में कहा कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, लेकिन उनमें से कई को इसकी जानकारी ही नहीं होती। उन्होंने बताया कि मधुमेह एक दीर्घकालिक चयापचय विकार है, जिसमें शरीर रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित नहीं कर पाता। समय पर इलाज न होने पर यह हृदय, किडनी, आंखों और नसों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। डॉ. सरन के अनुसार मधुमेह मुख्यतः तीन प्रकार का होता है—टाइप-1, टाइप-2 और गर्भकालीन मधुमेह। उन्होंने बताया कि टाइप-2 मधुमेह अधिकतर जीवनशैली और आनुवंशिक कारणों से होता है। इसके प्रमुख लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अधिक प्यास लगना, ज्यादा भूख लगना, थकान, धुंधला दिखना और घाव का देर से भरना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि टाइप-2 मधुमेह के कई मामलों को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और वजन नियंत्रित रखकर रोका या टाला जा सकता है। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, मीठे और परिष्कृत खाद्य पदार्थों से परहेज तथा नियमित स्वास्थ्य जांच से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। डॉ. सरन ने यह भी कहा कि जिन लोगों को पहले से मधुमेह है, उन्हें नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए और चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवा या इंसुलिन थेरेपी के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। सही उपचार और अनुशासन से मधुमेह के मरीज भी सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं। उन्होंने समाज में मधुमेह से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर प्रीडायबिटीज के मामलों की पहचान की जा सकती है, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सके। बताया गया कि डॉ मोहित सरन प्रत्येक महीने के तीसरे रविवार को बरेली स्थित Care Hospital Bareilly (स्टेडियम रोड, डेलापीर पेट्रोल पंप के निकट) में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक परामर्श देते हैं।1
- सीबीगंज थाना क्षेत्र के आजमपुर बलराऊ गांव में मां की डांट से नाराज़ होकर दो बहनें लापता हो गईं। जानकारी के अनुसार खेत में ठीक से काम न करने पर मां ने दोनों को डांट दिया था। इसके बाद दोनों बहनें घर जाने की बात कहकर वहां से निकल गईं, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटीं। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका। परेशान मां ने थाने पहुंचकर तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली है। पुलिस आसपास के इलाकों में तलाश कर रही है और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।1
- राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ में माधुरी पाल बनीं महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष1
- बरेली के थाना भोजीपुरा का मामला पीड़ित ने एसपी ऑफिस जाकर लगाई इंसाफ की गुहार1
- Post by Abdul Jabbar1
- थाना हाफिजगंज क्षेत्र के ग्राम लभेड़ा मजार के पास रहने वाले मोहम्मद कासिफ की एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पोस्ट में हिंदू धर्म की भावनाओं को आहत करने वाली बातें लिखी गई हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोस्ट में संविधान और पुलिस प्रशासन को भी खुली चुनौती दी गई है। मामले को लेकर कुछ लोगों ने पुलिस से शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और पोस्ट की सत्यता व तथ्यों की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है।1
- nabaligon Ko banaya shikar/ ab khaenge Jail ki hawa/jismfaroshi ka Kala dhandha/gang sargana hue girftar1