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झारखंड के गोड्डा जिले की खोरद पंचायत में विकास के दावों की पोल खुल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि चुने हुए प्रतिनिधि जीत के बाद से गांव नहीं आए और खट्टी गांव में नल न होने से सड़क पर पानी बहता है, जिससे आवागमन में काफी दिक्कत होती है।
Nibraj alam
झारखंड के गोड्डा जिले की खोरद पंचायत में विकास के दावों की पोल खुल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि चुने हुए प्रतिनिधि जीत के बाद से गांव नहीं आए और खट्टी गांव में नल न होने से सड़क पर पानी बहता है, जिससे आवागमन में काफी दिक्कत होती है।
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- पोस्ट में सरकारी मशीनरी के कथित “भाजपायीकरण” को लेकर तीखा कटाक्ष किया गया है। लेखक का स्पष्ट मत है कि यदि इसमें संलिप्त लोगों की “कलई पकड़ी” जाए, तो वे मारे-मारे और भागे-भागे फिरते दिखाई देंगे। आगे यह भी तंज कसा गया है कि इसके बाद “अंधभक्ति” भी, “सॉरी”, अपने सही रास्ते पर आ जाएगी।1
- भागलपुर जिले के अरसंडीह गांव में चांदनी चौक से गांव की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर बने नाले का निर्माण कार्य पूरा होने के मात्र तीन महीने बाद ही वह टूट गया है। यह नाला पिछले पंद्रह दिनों से टूटा पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों को असुविधा हो रही है।3
- कदवा पंचायत के तेजस शिक्षण संस्थान परिसर में जनसुराज नेताओं ने कदवा और डंडखौड़ा प्रखंड के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की अध्यक्षता पप्पू विश्वास ने की, जिन्होंने जिला और प्रदेश के जनसुराजी नेताओं को एक-एक कर अपनी बात रखने का अवसर दिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन विस्तार पर चर्चा करना और लोगों को जनसुराज से जोड़ने की रणनीति तैयार करना था। इस मौके पर पूर्व प्रत्याशी मोहम्मद सहरयार भी उपस्थित थे। जनसुराज के नेताओं ने संगठन की मजबूती पर विशेष जोर दिया।1
- कटिहार जिले में आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में, 27 मई को मनाए जाने वाले बकरीद से पहले, जिले के मनसाही हाट में लगे बकरा बाजार में रविवार को भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसे बकरीद से पहले का अंतिम बड़ा हाट माना जा रहा था, जिसके चलते जिले के विभिन्न प्रखंडों और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में खरीदार बकरों की खरीदारी के लिए पहुँचे। सुबह से ही हाट में खरीदारों और विक्रेताओं की चहल-पहल बनी रही, जहाँ छोटे से लेकर बड़े आकार के बकरे बिक्री के लिए लाए गए थे। बकरों की नस्ल, वजन और उम्र के आधार पर उनकी कीमतें तय की जा रही थीं, और खरीदार अपनी पसंद व बजट के अनुसार बकरों का चयन कर रहे थे। मो. मुकीम, शाहनवाज, मुनाजिर और नजमी जैसे खरीदारों ने बताया कि इस साल बकरा बाजार में महंगाई का स्पष्ट असर दिख रहा है, जहाँ पिछले साल की तुलना में कीमतों में काफी वृद्धि हुई है। सामान्य आकार के बकरे भी 10 हज़ार रुपये से अधिक में बिक रहे हैं, जबकि बड़े और अच्छी नस्ल के बकरों की कीमत 20 हज़ार से 50 हज़ार रुपये या उससे भी ज़्यादा तक पहुँच रही है। वहीं, बकरा विक्रेताओं का कहना है कि पशुओं के चारे, दवा और देखभाल पर बढ़े खर्च के कारण बकरों की कीमतों में इजाफा हुआ है। इन बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद, बकरीद को लेकर लोगों में उत्साह बना हुआ है और खरीदार अपनी ज़रूरत के हिसाब से बकरे खरीद रहे हैं। दिनभर चली खरीद-बिक्री के दौरान, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बाज़ार में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बकरीद नज़दीक आने के साथ ही, आने वाले दिनों में जिले के अन्य बकरा बाज़ारों में भी इसी तरह की रौनक देखने को मिलने की संभावना है।2
- भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब मानसिक तनाव और कर्ज से जूझ रही एक महिला ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। घाट पर मौजूद लोगों ने महिला को डूबते देख शोर मचाया, जिसके बाद गश्त कर रही SDRF टीम तत्काल मौके पर पहुंची और एक साहसिक अभियान चलाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला की पहचान बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत केंदवार गांव निवासी भिखारी यादव की पत्नी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। घटना स्थल पर महिला के पति और उनके बेटे के पहुंचने के बाद घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बताया गया है कि दो साल पहले पति के इलाज और घरेलू खर्चों के लिए विभिन्न बैंकों से दो लाख रुपये से अधिक का ऋण लिया गया था। आर्थिक तंगी बढ़ने के साथ ही पति-पत्नी के बीच विवाद भी गहराता चला गया। प्रियंका ने आरोप लगाया कि उनके पति, जो पेशे से एक ट्रक चालक हैं, अक्सर उन पर किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक कर ताने मारते थे। वहीं, पति का कहना है कि पत्नी के कथित अफेयर के कारण उन्होंने कर्ज चुकाने से इनकार कर दिया था। लगातार बढ़ते तनाव से परेशान होकर महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया। सूचना मिलने पर सुल्तानगंज थाना पुलिस दोनों को थाने ले गई, जहाँ समझौते और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।1
- बकरीद पर्व के संबंध में बलबड्डा में एक शांति समिति की बैठक संपन्न हो गई है। यह बैठक शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।1
- ओडिशा के सिजिमाली में जारी 'सिजिमाली आदिवासी संघर्ष यात्रा' के तीसरे दिन जल, जंगल और जमीन बचाने की लड़ाई और तेज हो गई है। इस दौरान यह मुखर संदेश दिया गया कि "ये देश हम सबका है, सिर्फ अडानी, अंबानी और BJP नेताओं का नहीं।" युवा कांग्रेस ने बॉक्साइट खनन रोकने, कॉर्पोरेट कब्ज़ा खत्म करने, ग्राम सभा के अधिकारों का सम्मान करने और आदिवासियों पर हो रहे दमन को बंद करने की पुरजोर मांग उठाई। इस संघर्ष में IYC प्रभारी श्री @ManishSharmaIYC जी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- बिहार राज्य में 'हरे गमछे' से संबंधित एक बयान को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। इस विवाद के सामने आने के बाद, तेजस्वी ने मुख्यमंत्री की सोच पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज़ हो गई है।1
- दंडखोदा प्रखंड की महेशपुर पंचायत के मोहिनी पिपरा गाँव में बीती रात आई आँधी और बरसात से भारी नुकसान हुआ। तेज आँधी के कारण हरे-भरे पेड़, बिजली के तार और खंभे गिर गए, जिससे सड़क कई घंटों तक जाम रही। इस प्राकृतिक आपदा से सरकारी संपत्ति को भी काफी क्षति पहुँची। सड़क को अवरोध मुक्त करने के लिए समाजसेवी और जन स्वराज पार्टी के नेता शंकर शाह ने पहल की। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से गिरे हुए पेड़ों और बिजली के खंभों को सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका। शंकर शाह के इस कार्य की स्थानीय ग्रामीणों ने खूब प्रशंसा की।1