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कांकेर नक्सल मुठभेड़ में महिला माओवादी कमांडर ‘रूपी’ ढेर, एसपी ने पुष्टि

1 day ago
user_Ashish parihar Parihar
Ashish parihar Parihar
पत्रकार Kanker, Chhattisgarh•
1 day ago

कांकेर नक्सल मुठभेड़ में महिला माओवादी कमांडर ‘रूपी’ ढेर, एसपी ने पुष्टि

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • “ नाबालिग लड़की का गैंगरेप… घुमाने के बहाने 5 दोस्तों ने दी मौत से बदतर सजा! एक आरोपी नाबालिग, जिसे पीड़िता पहले से जानती थी… पुलिस ने 4 को गिरफ्तार किया, अब सख्त कार्रवाई की तैयारी” नमस्कार जय जोहार जय छत्तीसगढ़ मैं योगेश कुमार साहू और आप देख रहे हैं द छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक ऐसी घटना घटी है जो दिल को चीर देती है, रोंगटे खड़े कर देती है। 11 अप्रैल 2026 की रात… जब पूरा इलाका शांतिपूर्ण नींद सो रहा था, उसी रात भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की चीखें सुनसान जंगल में गूंजीं… लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। पांच दरिंदों ने मिलकर उसकी जिंदगी को नर्क बना दिया। पीड़िता एक साधारण नाबालिग लड़की थी। घर में मां-बाप की लाड़ली। 11 अप्रैल की रात उसके परिचित नाबालिग लड़के ने उसे घुमाने का लालच दिया। बहला-फुसलाकर घर से बाहर बुलाया। फिर उसे सुनसान जगह पर ले गया। वहां पहले खुद ने उसके साथ दुष्कर्म किया… और फिर अपने चार दोस्तों को बुलाकर गैंगरेप का तांडव रचा। पांचों ने बारी-बारी से उस निष्पाप बच्ची का शोषण किया। ये कोई फिल्मी सीन नहीं… ये बीजापुर की हकीकत है। वारदात के बाद पीड़िता किसी तरह घर पहुंची। उसकी हालत देखकर परिवार वाले स्तब्ध रह गए। उसने रोते-रोते अपनी मां को पूरी आपबीती बता दी। 12 अप्रैल रविवार की सुबह पीड़िता खुद भैरमगढ़ थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपी ये हैं: • अंकित परबुलिया • लक्ष्मीनाथ लेकाम • सुनील परबुलिया • जातवेद मोड़ियाम और एक आरोपी नाबालिग… जिसे पीड़िता पहले से जानती थी। चारों बड़े आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। नाबालिग आरोपी को कस्टडी में ले लिया गया है। सभी से पूछताछ जारी है। पीड़िता को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभी भी उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं। बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने कहा: “इस मामले में हमने बहुत गंभीरता से कार्रवाई की है। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी। उन्हें जल्द ही न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा। नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। हम सभी जरूरी सबूत जुटा रहे हैं ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।” ये घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं… पूरे छत्तीसगढ़ की बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है। द छत्तीसगढ़ की तरफ से हम पूरे समाज से, खासकर माता-पिता से, युवाओं से और प्रशासन से अपील करते हैं: अपनी बेटियों को सिर्फ प्यार ही नहीं… सुरक्षा भी दीजिए। हर परिचित को दोस्त न समझिए… कभी-कभी वो सबसे बड़ा दुश्मन साबित होता है। अगर आपकी बेटी बाहर जाना चाहे तो उसकी बात जरूर सुनिए… लेकिन उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लीजिए। और उन पांच दरिंदों को… जिन्होंने एक नाबालिग बच्ची की मासूमियत को कुचल दिया… हमारी मांग है - कड़ी से कड़ी सजा दो! कोई भी रियायत नहीं… कोई भी बचाव नहीं। द छत्तीसगढ़ इस मामले की हर अपडेट आपको लगातार देता रहेगा। जय जोहार… जय छत्तीसगढ़।
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    “ नाबालिग लड़की का गैंगरेप… घुमाने के बहाने 5 दोस्तों ने दी मौत से बदतर सजा! 
एक आरोपी नाबालिग, जिसे पीड़िता पहले से जानती थी… 
पुलिस ने 4 को गिरफ्तार किया, अब सख्त कार्रवाई की तैयारी”
नमस्कार जय जोहार जय छत्तीसगढ़ मैं योगेश कुमार साहू और आप देख रहे हैं द छत्तीसगढ़ 
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक ऐसी घटना घटी है जो दिल को चीर देती है, रोंगटे खड़े कर देती है। 11 अप्रैल 2026 की रात… जब पूरा इलाका शांतिपूर्ण नींद सो रहा था, उसी रात भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की चीखें सुनसान जंगल में गूंजीं… लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था।
पांच दरिंदों ने मिलकर उसकी जिंदगी को नर्क बना दिया।
पीड़िता एक साधारण नाबालिग लड़की थी। घर में मां-बाप की लाड़ली। 11 अप्रैल की रात उसके परिचित नाबालिग लड़के ने उसे घुमाने का लालच दिया। बहला-फुसलाकर घर से बाहर बुलाया। फिर उसे सुनसान जगह पर ले गया। वहां पहले खुद ने उसके साथ दुष्कर्म किया… और फिर अपने चार दोस्तों को बुलाकर गैंगरेप का तांडव रचा। पांचों ने बारी-बारी से उस निष्पाप बच्ची का शोषण किया।
ये कोई फिल्मी सीन नहीं… ये बीजापुर की हकीकत है।
वारदात के बाद पीड़िता किसी तरह घर पहुंची। उसकी हालत देखकर परिवार वाले स्तब्ध रह गए। उसने रोते-रोते अपनी मां को पूरी आपबीती बता दी। 12 अप्रैल रविवार की सुबह पीड़िता खुद भैरमगढ़ थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।
गिरफ्तार आरोपी ये हैं:
•  अंकित परबुलिया
•  लक्ष्मीनाथ लेकाम
•  सुनील परबुलिया
•  जातवेद मोड़ियाम
और एक आरोपी नाबालिग… जिसे पीड़िता पहले से जानती थी।
चारों बड़े आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। नाबालिग आरोपी को कस्टडी में ले लिया गया है। सभी से पूछताछ जारी है।
पीड़िता को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभी भी उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने कहा:
“इस मामले में हमने बहुत गंभीरता से कार्रवाई की है। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी। उन्हें जल्द ही न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा। नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। हम सभी जरूरी सबूत जुटा रहे हैं ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।”
ये घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं… पूरे छत्तीसगढ़ की बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है।
द छत्तीसगढ़ की तरफ से हम पूरे समाज से, खासकर माता-पिता से, युवाओं से और प्रशासन से अपील करते हैं:
अपनी बेटियों को सिर्फ प्यार ही नहीं… सुरक्षा भी दीजिए।
हर परिचित को दोस्त न समझिए… कभी-कभी वो सबसे बड़ा दुश्मन साबित होता है।
अगर आपकी बेटी बाहर जाना चाहे तो उसकी बात जरूर सुनिए… लेकिन उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लीजिए।
और उन पांच दरिंदों को…
जिन्होंने एक नाबालिग बच्ची की मासूमियत को कुचल दिया…
हमारी मांग है - कड़ी से कड़ी सजा दो!
कोई भी रियायत नहीं… कोई भी बचाव नहीं।
द छत्तीसगढ़ इस मामले की हर अपडेट आपको लगातार देता रहेगा।
जय जोहार… जय छत्तीसगढ़।
    user_YOGESH KUAMR SAHU
    YOGESH KUAMR SAHU
    News Anchor बालोद, बालोद, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • Post by Mr.Prem, "PRESS"
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    Post by Mr.Prem, "PRESS"
    user_Mr.Prem, "PRESS"
    Mr.Prem, "PRESS"
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • मानवीय सद्गुणों में अभिवृद्धि व बेहतर वातावरण निर्माण में योगदान हेतु आपको यह संदेश प्रेषित कर रहा हूं कि मैं दुर्ग में अच्छे सच्चे लोगों को समाजसेवी कार्यों में सहभागी बनने प्रेरित करने के उद्देश्य से यह सब जानकारी व निवेदन करता हूं इन सब बातों को व्यर्थ समझकर अनदेखा ना करें यदि हों सकें तो सहयोग कर समाजसेवी कार्यों व विचारों को प्रोत्साहित करते हुए मजबूती प्रदान करने की कृपा करें।
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    मानवीय सद्गुणों में अभिवृद्धि व बेहतर वातावरण निर्माण में योगदान हेतु आपको यह संदेश प्रेषित कर रहा हूं कि मैं दुर्ग में अच्छे सच्चे लोगों को समाजसेवी कार्यों में सहभागी बनने प्रेरित करने के उद्देश्य से यह सब जानकारी व निवेदन करता हूं इन सब बातों को व्यर्थ समझकर अनदेखा ना करें यदि हों सकें तो सहयोग कर समाजसेवी कार्यों व विचारों को प्रोत्साहित करते हुए मजबूती प्रदान करने की कृपा करें।
    user_जयवर्धन समाजसेवी दुर्ग 9202219810.
    जयवर्धन समाजसेवी दुर्ग 9202219810.
    Social club Durg, Chhattisgarh•
    16 hrs ago
  • 14 अप्रैल भीम जयंती के अवसर पर दुर्ग शहर मे विशाल रैली निकली जाएंगी 15 अप्रैल को दुर्ग के वार्ड क्रमांक 12 में कव्वाली का कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
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    14 अप्रैल भीम जयंती के अवसर पर दुर्ग शहर मे विशाल रैली निकली जाएंगी 
15 अप्रैल को दुर्ग के वार्ड क्रमांक 12 में कव्वाली का कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
    user_हक़ की आवाज़ छत्तीसगढ़
    हक़ की आवाज़ छत्तीसगढ़
    छत्तीसगढ़ का पहला युवा संचालित न्यूज़ पो Durg, Chhattisgarh•
    21 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ | गोबरा नवापारा गोबरा नवापारा क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा नेशनल हाईवे 130C पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के पास करीब रात 12 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेत से भरी तेज रफ्तार हाईवा ने सामने से आ रहे खाली ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि इसकी आवाज लगभग 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो व्यक्ति पारागांव और एक कुरूद क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। मृतकों के शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोबरा नवापारा भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं, और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ | गोबरा नवापारा
गोबरा नवापारा क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा नेशनल हाईवे 130C पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के पास करीब रात 12 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेत से भरी तेज रफ्तार हाईवा ने सामने से आ रहे खाली ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
टक्कर इतनी भीषण थी कि इसकी आवाज लगभग 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो व्यक्ति पारागांव और एक कुरूद क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
मृतकों के शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोबरा नवापारा भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं, और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • traffic police ke samne wrong side hote hue bhi traffic wala dekh raha hai fir bhi chalan nahin katega yah neta mantri ka Raj hai
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    traffic police ke samne wrong side hote hue bhi traffic wala dekh raha hai fir bhi chalan nahin katega yah neta mantri ka Raj hai
    user_Nikhil jain
    Nikhil jain
    औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • स्कूल की क्लासरूम में क्रूरता! टीचर के थप्पड़ों से 13 वर्षीय छात्र की सुनने की क्षमता 70-80% तक क्षतिग्रस्त, अब जिंदगी भर की सुनवाई का सवाल नमस्कार, द छत्तीसगढ़ चैनल पर आपका स्वागत है। मैं हूँ आपका एंकर योगेश कुमार साहू। आज हम आपके लिए छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर लेकर आए हैं, जिसे सुनकर हर अभिभावक का खून खौल जाएगा। एक निजी स्कूल की क्लासरूम में एक महिला शिक्षिका के गुस्से ने एक मासूम बच्चे की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। किताब निकालने में बस कुछ सेकंड की देरी हुई, और उसके बाद जो हुआ, वो किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देगा। घटना है 2 जुलाई 2025 की। डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध खालसा पब्लिक स्कूल में कक्षा 7वीं पढ़ने वाला 13 वर्षीय छात्र सार्थक सहारे हमेशा की तरह स्कूल पहुंचा। सोशल साइंस की क्लास लेने आईं शिक्षिका प्रियंका सिंह (45 वर्ष) ने छात्रों से किताब निकालने को कहा। सार्थक को किताब निकालने में थोड़ी देरी हो गई। उसने टीचर से दोबारा पूछा, “मैम, आपने क्या कहा? मैं सुन नहीं पाया।” इस साधारण सी बात पर टीचर प्रियंका सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एक के बाद एक 4 जोरदार थप्पड़ छात्र के गाल पर और कान के पास जड़ दिए। थप्पड़ इतने तीव्र थे कि सार्थक के दोनों कानों की नसों और पर्दे को गंभीर चोट पहुंची। क्लास खत्म होने के बाद जब सार्थक घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां संतोषी सहारे से कहा, “मम्मी, अब मुझे ठीक से सुनाई नहीं दे रहा है।” परिवार तुरंत घबरा गया। उन्होंने सबसे पहले डोंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल में ले जाया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि कान में अंदरूनी चोट है। फिर सार्थक को राजनांदगांव जिला अस्पताल और उसके बाद रायपुर के निजी अस्पताल रेफर किया गया। विशेषज्ञों ने साफ बताया कि सुनने की क्षमता 70 से 80 प्रतिशत तक डैमेज हो चुकी है। इलाज लंबा चलेगा, ऑक्सीजन थेरेपी और अन्य उपचार चल रहे हैं। बच्चे को अभी भी सुनने में काफी तकलीफ है। सार्थक की मां संतोषी सहारे ने बताया, “हमारा बेटा स्कूल से लौटा तो रोते हुए बोला कि अब सुनाई नहीं दे रहा। हम उसे कई अस्पतालों में घुमाते रहे। डॉक्टरों ने कहा कि चोट गहरी है। यह कोई मामूली चोट नहीं, हमारे बच्चे की जिंदगी पर हमला है।” परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की। पीड़ित के पिता सुधाकर सहारे ने कहा, “हम पिछले 9 महीनों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे। स्कूल की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। उल्टा हमें गलत ठहराने की कोशिश हुई। मीडिया के दबाव के बाद अब कार्रवाई हुई है।” एक अन्य छात्रा श्वेता गजभिए ने भी खुलासा किया कि टीचर प्रियंका सिंह पहले भी कई बच्चों के साथ मारपीट और चीखने-चिल्लाने का व्यवहार कर चुकी हैं। बच्चे डर की वजह से चुप रहते थे। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के इस मामले में पुलिस ने लंबित मामलों की समीक्षा के बाद कार्रवाई की। डोंगरगढ़ एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी टीचर प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष अदनान सिंह अरोरा ने कहा, “हम हर मीटिंग में टीचर्स को हिदायत देते हैं कि बच्चों पर हाथ नहीं उठाना है। अगर टीचर ने गलती की है तो कार्रवाई होगी।” पीड़ित परिवार अब मांग कर रहा है कि टीचर को स्कूल से सस्पेंड किया जाए और बच्चे के पूरे इलाज का खर्च स्कूल प्रबंधन उठाए। सार्थक की मां ने अपील की, “हम बस न्याय चाहते हैं। यह कोई छोटी सजा नहीं है, हमारे बच्चे की जिंदगी बर्बाद हो रही है।” दोस्तों, यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है। स्कूल वो जगह है जहां बच्चे सुरक्षित महसूस करें, न कि डर के माहौल में रहें। शिक्षक बच्चे का भविष्य गढ़ने वाले होते हैं, मारने वाले नहीं। अभिभावकों, अगर आपके बच्चे के साथ स्कूल में कोई अनुचित व्यवहार हो रहा है तो चुप न रहें। आवाज उठाएं, लिखित शिकायत करें और मीडिया तक पहुंचाएं। शिक्षा का मंदिर बच्चे को तोड़ने नहीं, संवारने का स्थान होना चाहिए। द छत्तीसगढ़ इस लड़ाई में आपके साथ है। अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई हो सके। धन्यवाद। योगेश कुमार साहू के साथ द छत्तीसगढ़। जय छत्तीसगढ़!
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    स्कूल की क्लासरूम में क्रूरता! टीचर के थप्पड़ों से 13 वर्षीय छात्र की सुनने की क्षमता 70-80% तक क्षतिग्रस्त, अब जिंदगी भर की सुनवाई का सवाल
नमस्कार, द छत्तीसगढ़ चैनल पर आपका स्वागत है। मैं हूँ आपका एंकर योगेश कुमार साहू।
आज हम आपके लिए छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर लेकर आए हैं, जिसे सुनकर हर अभिभावक का खून खौल जाएगा। एक निजी स्कूल की क्लासरूम में एक महिला शिक्षिका के गुस्से ने एक मासूम बच्चे की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। किताब निकालने में बस कुछ सेकंड की देरी हुई, और उसके बाद जो हुआ, वो किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देगा।
घटना है 2 जुलाई 2025 की। डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध खालसा पब्लिक स्कूल में कक्षा 7वीं पढ़ने वाला 13 वर्षीय छात्र सार्थक सहारे हमेशा की तरह स्कूल पहुंचा। सोशल साइंस की क्लास लेने आईं शिक्षिका प्रियंका सिंह (45 वर्ष) ने छात्रों से किताब निकालने को कहा। सार्थक को किताब निकालने में थोड़ी देरी हो गई। उसने टीचर से दोबारा पूछा, “मैम, आपने क्या कहा? मैं सुन नहीं पाया।”
इस साधारण सी बात पर टीचर प्रियंका सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एक के बाद एक 4 जोरदार थप्पड़ छात्र के गाल पर और कान के पास जड़ दिए। थप्पड़ इतने तीव्र थे कि सार्थक के दोनों कानों की नसों और पर्दे को गंभीर चोट पहुंची। क्लास खत्म होने के बाद जब सार्थक घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां संतोषी सहारे से कहा, “मम्मी, अब मुझे ठीक से सुनाई नहीं दे रहा है।”
परिवार तुरंत घबरा गया। उन्होंने सबसे पहले डोंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल में ले जाया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि कान में अंदरूनी चोट है। फिर सार्थक को राजनांदगांव जिला अस्पताल और उसके बाद रायपुर के निजी अस्पताल रेफर किया गया। विशेषज्ञों ने साफ बताया कि सुनने की क्षमता 70 से 80 प्रतिशत तक डैमेज हो चुकी है। इलाज लंबा चलेगा, ऑक्सीजन थेरेपी और अन्य उपचार चल रहे हैं। बच्चे को अभी भी सुनने में काफी तकलीफ है।
सार्थक की मां संतोषी सहारे ने बताया, “हमारा बेटा स्कूल से लौटा तो रोते हुए बोला कि अब सुनाई नहीं दे रहा। हम उसे कई अस्पतालों में घुमाते रहे। डॉक्टरों ने कहा कि चोट गहरी है। यह कोई मामूली चोट नहीं, हमारे बच्चे की जिंदगी पर हमला है।”
परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की। पीड़ित के पिता सुधाकर सहारे ने कहा, “हम पिछले 9 महीनों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे। स्कूल की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। उल्टा हमें गलत ठहराने की कोशिश हुई। मीडिया के दबाव के बाद अब कार्रवाई हुई है।”
एक अन्य छात्रा श्वेता गजभिए ने भी खुलासा किया कि टीचर प्रियंका सिंह पहले भी कई बच्चों के साथ मारपीट और चीखने-चिल्लाने का व्यवहार कर चुकी हैं। बच्चे डर की वजह से चुप रहते थे।
डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के इस मामले में पुलिस ने लंबित मामलों की समीक्षा के बाद कार्रवाई की। डोंगरगढ़ एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी टीचर प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष अदनान सिंह अरोरा ने कहा, “हम हर मीटिंग में टीचर्स को हिदायत देते हैं कि बच्चों पर हाथ नहीं उठाना है। अगर टीचर ने गलती की है तो कार्रवाई होगी।”
पीड़ित परिवार अब मांग कर रहा है कि टीचर को स्कूल से सस्पेंड किया जाए और बच्चे के पूरे इलाज का खर्च स्कूल प्रबंधन उठाए। सार्थक की मां ने अपील की, “हम बस न्याय चाहते हैं। यह कोई छोटी सजा नहीं है, हमारे बच्चे की जिंदगी बर्बाद हो रही है।”
दोस्तों, यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है। स्कूल वो जगह है जहां बच्चे सुरक्षित महसूस करें, न कि डर के माहौल में रहें। शिक्षक बच्चे का भविष्य गढ़ने वाले होते हैं, मारने वाले नहीं।
अभिभावकों, अगर आपके बच्चे के साथ स्कूल में कोई अनुचित व्यवहार हो रहा है तो चुप न रहें। आवाज उठाएं, लिखित शिकायत करें और मीडिया तक पहुंचाएं। शिक्षा का मंदिर बच्चे को तोड़ने नहीं, संवारने का स्थान होना चाहिए। द छत्तीसगढ़ इस लड़ाई में आपके साथ है।
अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई हो सके।
धन्यवाद।
योगेश कुमार साहू के साथ द छत्तीसगढ़।
जय छत्तीसगढ़!
    user_YOGESH KUAMR SAHU
    YOGESH KUAMR SAHU
    News Anchor बालोद, बालोद, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • Post by Mr.Prem, "PRESS"
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    Post by Mr.Prem, "PRESS"
    user_Mr.Prem, "PRESS"
    Mr.Prem, "PRESS"
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • दुर्ग और छत्तीसगढ़ के लोग समाजसेवी कार्यों में सहयोग नहीं कर रहें हैं जिससे मुझे बहुत निराशा हैं यदि जो लोग रुचि रख रहें हैं कृपया मेरे मो.क्र.-9202219810 पर संपर्क करने की कृपा करें। (निवेदक जयवर्धन समाजसेवी।).👏👏👏.
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    दुर्ग और छत्तीसगढ़ के लोग समाजसेवी कार्यों में सहयोग नहीं कर रहें हैं जिससे मुझे बहुत निराशा हैं यदि जो लोग रुचि रख रहें हैं कृपया मेरे मो.क्र.-9202219810 पर संपर्क करने की कृपा करें। (निवेदक जयवर्धन समाजसेवी।).👏👏👏.
    user_जयवर्धन समाजसेवी दुर्ग 9202219810.
    जयवर्धन समाजसेवी दुर्ग 9202219810.
    Social club Durg, Chhattisgarh•
    19 hrs ago
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