Shuru
Apke Nagar Ki App…
मध्यप्रदेश में जनसुनवाई कार्यक्रम लगातार जारी है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का निराकरण करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के बाद अब जल सुनवाई भी की जा रही है, जिसके तहत पानी से संबंधित समस्याओं के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। जनसुनवाई को भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर लगाम लगाने में सफल माना जा रहा है, और इसने जनता तथा शासन के बीच आपसी समन्वय को भी नई मजबूती प्रदान की है। हालाँकि, इसी बीच जनसुनवाई के दौरान कुछ लोग अपनी समस्याओं को लेकर विरोध भी दर्ज करा रहे हैं, और कई ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं जहाँ समाधान न मिलने की शिकायतें हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन नई समस्याओं का भी उतनी ही त्वरित गति से समाधान हो पाएगा, और इस संदर्भ में जनसुनवाई की वास्तविक स्थिति क्या है।
पवन कुमार पाल पत्रकार
मध्यप्रदेश में जनसुनवाई कार्यक्रम लगातार जारी है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का निराकरण करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के बाद अब जल सुनवाई भी की जा रही है, जिसके तहत पानी से संबंधित समस्याओं के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। जनसुनवाई को भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर लगाम लगाने में सफल माना जा रहा है, और इसने जनता तथा शासन के बीच आपसी समन्वय को भी नई मजबूती प्रदान की है। हालाँकि, इसी बीच जनसुनवाई के दौरान कुछ लोग अपनी समस्याओं को लेकर विरोध भी दर्ज करा रहे हैं, और कई ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं जहाँ समाधान न मिलने की शिकायतें हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन नई समस्याओं का भी उतनी ही त्वरित गति से समाधान हो पाएगा, और इस संदर्भ में जनसुनवाई की वास्तविक स्थिति क्या है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- गोली मारकर किए गए एक ट्रिपल मर्डर की घटना के बाद साहू समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस वीभत्स हत्याकांड से समाज के लोग बेहद गुस्से में हैं और अपनी नाराजगी व्यक्त करने तथा विरोध जताने के लिए भारी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।1
- प्रयागराज के करछना स्थित गंधियाव गांव में जमीन की पैमाइश करने गई राजस्व टीम पर भू-माफिया ने हमला कर दिया। इस हमले का शिकार नायब तहसीलदार संध्या गोस्वामी भी बनीं, जिनके ऊपर भी भू-माफिया ने हमला किया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीएम तपन मिश्रा मौके पर पहुँचे।1
- प्रयागराज में औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत रामपुर में दबंगों ने एक घर पर हमला कर पूरे परिवार के साथ मारपीट की। इस दौरान उन्होंने घर की महिलाओं के सिर फोड़ दिए, जिससे वे लहूलुहान हो गईं। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। जब हमलावरों ने देखा कि उनकी सारी करतूतें कैमरे में रिकॉर्ड हो रही हैं, तो उन्होंने सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया।1
- प्रयागराज के रौशन बाग़ स्थित इमामबाड़ा स्व मुस्तफा हुसैन से छठवीं मोहर्रम का ऐतिहासिक जुलूस अकीदत और ऐहतेराम के साथ निकाला गया। इस दौरान हज़रत अली असग़र के झूले की ज़ियारत के लिए अकीदतमंदों का भारी सैलाब उमड़ा। नागरिक सुरक्षा के पूर्व डिप्यूटी वार्डेन नासिर ज़ैदी और वार्डेन व जुलूस आयोजक खुशनूद रिज़वी की सरपरस्ती में देर रात हज़रत अली असग़र के झूले, दो विशाल अलम और हज़रत अली अकबर के ताबूत का यह जुलूस निकाला गया। अज़ाखाने में काज़िम अब्बास, अहमद जावेद 'कज्जन', ज़रग़ाम हैदर और ऐजाज़ हुसैन सहित अन्य लोगों ने गमगीन मर्सिया पढ़ा, जबकि ज़ाकिरे अहलेबैत रज़ा अब्बास ज़ैदी ने शहादत का गमगीन तज़केरा किया। मजलिस के बाद, शबीहे ताबूत हज़रत अली अकबर, हज़रत अली असग़र का झूला और दो विशाल अलम को गुलाब व चमेली के फूलों से सजाकर ज़ियारत के लिए बाहर निकाला गया। अंजुमन मोहाफिज़े अज़ा क़दीम दरियाबाद के नौहाख्वान गुलाम अब्बास नकवी और उनके साथियों ने पुरदर्द नौहा पढ़ते हुए जुलूस निकाला, जो रौशनबाग़, बख्शी बाज़ार और मस्जिद क़ाज़ी साहब से होकर क़ाज़ी गंज स्थित इमामबाड़ा फूटा दायरा पर जाकर सम्पन्न हुआ। इस जुलूस में नासिर ज़ैदी, खुशनूद रिज़वी, सैय्यद मोहम्मद अस्करी, पार्षद रमीज़ अहसन, ज़ाहिद भाई, शाने भाई, शादाब ज़मन, आसिफ रिज़वी, आमिर रिज़वी, अली रज़ा रिज़वी, वसीम असग़र, औन ज़ैदी, ज़ामिन हसन, शमीर ज़मन, शयान ज़मन, अमन जायसी, मुज्तबा हैदर 'क़दर', तारिक़, ज़हीन अब्बास और फरमान रिज़वी सहित कई लोग शामिल रहे।1
- प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर में दबंगों ने एक परिवार पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया है। दबंगों ने घर में घुसकर पूरे परिवार को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिसमें महिलाओं के सिर फूट गए और घर का कैमरा भी तोड़ दिया गया। पीड़ित परिवार के अनुसार, बबलू उर्फ अशफाक, अशफाक के पुत्र अरमान, अर्सलान और अयान, साथ ही अल्फाक और आफताब ने घर में घुसकर यह भीषण मारपीट की। पीड़ितों ने बताया कि हमलावरों में से एक, अरमान, अशफाक का पुत्र है, जिस पर पिछले साल अवैध असलहे का प्रदर्शन करने और उसके वीडियो व फोटो वायरल होने पर कार्रवाई भी हुई थी। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है, यह कहते हुए कि दबंगों को पुलिस का कोई डर नहीं है। रामपुर पुलिस पर भी आरोपियों को बचाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। घायल पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंचा है, लेकिन उनकी शिकायत है कि थाने पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।1
- कौशाम्बी जनपद में एक नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिलने से सनसनी फैल गई है। मृतका की शादी दो साल पहले ही हुई थी। यह घटना पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव की है, जहां बीती रात एक कच्चे मकान की धन्नी में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे नवविवाहिता का शव लटकता मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के भाई अरविंद ने पुलिस को तहरीर देते हुए आरोप लगाया है कि उसने अपनी बहन बबली की शादी दो साल पहले सूरज पुत्र फूलचंद्र के साथ धूमधाम से की थी। अरविंद का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष लंबे समय से दहेज की मांग कर रहा था और मांग पूरी न होने पर उसकी बहन की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया गया। परिजनों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना पर पहुंची पिपरी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।1
- लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अग्निकांड स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुँचकर हादसे में घायल हुए लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से घायलों के इलाज के बारे में विस्तृत जानकारी ली और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि घायलों का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता पर जारी है। साथ ही, सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मृतकों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल वितरित की जाए।1