मथुरा के गोवर्धन तहसील के आशा नगला ग्राम पंचायत सौंख में सैकड़ों जाटव समाज के ग्रामीणों ने अंबेडकर पार्क से जुड़े भूमि विवाद को लेकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनके पार्क में कोई हस्तक्षेप किया गया, तो उत्पन्न होने वाली अशांति और आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी। ग्रामीणों के अनुसार, यह ज़मीन वर्ष 1968 में ग्राम प्रधान सौंख देहात, विजेंद्र सिंह द्वारा जाटव समाज के लिए आवंटित की गई थी। उस समय आठ व्यक्तियों के नाम पट्टे काटकर अंबेडकर पार्क, मंदिर और धर्मशाला के लिए जगह सुनिश्चित की गई थी। इसके बाद, वर्ष 1980 में धर्मशाला का निर्माण हुआ और वर्ष 1985 में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की गई, जिसका उद्घाटन सांसद मानवेंद्र सिंह ने विधायक बलजीत सिंह की उपस्थिति में किया था। साथ ही, वर्ष 1987 में ग्राम समाज ने गुप्तेश्वर महादेव मंदिर की भी स्थापना की थी। अब, ग्रामीणों को पटवारी और कानूनगो गोवर्धन से यह सूचना मिल रही है कि इस पार्क की भूमि पर पट्टे आवंटित हैं, जिसे समाज पूरी तरह से निराधार और असत्य बता रहा है। जाटव समाज का कहना है कि जिन व्यक्तियों के पट्टों का जिक्र पार्क के संदर्भ में किया जा रहा है, उनके वास्तविक पट्टे वर्ष 1987 से आशा मोड़ पर हैं, जो उन्हें नगला नसबंदी के बदले में मिले थे। समाज ने प्रशासन से स्पष्ट रूप से मांग की है कि अंबेडकर पार्क के मामले में किसी भी तरह का दखल न दिया जाए और अपनी चेतावनी दोहराई है।
मथुरा के गोवर्धन तहसील के आशा नगला ग्राम पंचायत सौंख में सैकड़ों जाटव समाज के ग्रामीणों ने अंबेडकर पार्क से जुड़े भूमि विवाद को लेकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनके पार्क में कोई हस्तक्षेप किया गया, तो उत्पन्न होने वाली अशांति और आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी। ग्रामीणों के अनुसार, यह ज़मीन वर्ष 1968 में ग्राम प्रधान सौंख देहात, विजेंद्र सिंह द्वारा जाटव समाज के लिए आवंटित की गई थी। उस समय आठ व्यक्तियों के नाम पट्टे काटकर अंबेडकर पार्क, मंदिर और धर्मशाला के लिए जगह सुनिश्चित की गई थी। इसके बाद, वर्ष 1980 में धर्मशाला का निर्माण हुआ और वर्ष 1985 में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की गई, जिसका उद्घाटन सांसद मानवेंद्र सिंह ने विधायक बलजीत सिंह की उपस्थिति में किया था। साथ ही, वर्ष 1987 में ग्राम समाज ने गुप्तेश्वर महादेव मंदिर की भी स्थापना की थी। अब, ग्रामीणों को पटवारी और कानूनगो गोवर्धन से यह सूचना मिल रही है कि इस पार्क की भूमि पर पट्टे आवंटित हैं, जिसे समाज पूरी तरह से निराधार और असत्य बता रहा है। जाटव समाज का कहना है कि जिन व्यक्तियों के पट्टों का जिक्र पार्क के संदर्भ में किया जा रहा है, उनके वास्तविक पट्टे वर्ष 1987 से आशा मोड़ पर हैं, जो उन्हें नगला नसबंदी के बदले में मिले थे। समाज ने प्रशासन से स्पष्ट रूप से मांग की है कि अंबेडकर पार्क के मामले में किसी भी तरह का दखल न दिया जाए और अपनी चेतावनी दोहराई है।
- लखीमपुर खीरी में एक किसान के बेटे ने अपनी शादी को खास बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण का एक अनोखा संदेश दिया। दूल्हा अपनी दुल्हन को लेने के लिए पारंपरिक घोड़ी, बग्घी या लग्जरी कार के बजाय, 20 ई-रिक्शों के एक अनोखे काफिले के साथ लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंचा। इस अनूठी ई-बारात में करीब 150 बाराती शामिल हुए, जो इस पर्यावरण-हितैषी पहल के गवाह बने। क्षेत्र में निकली इस अनूठी बारात को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और सभी ने दूल्हे की पर्यावरण के प्रति जागरूक पहल की जमकर सराहना की। इस तरह दूल्हे ने अपनी शादी के अवसर पर एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश दिया।1
- पीलीभीत में सड़कों पर स्थित शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर गाँव की सैकड़ों महिलाओं ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी इन महिलाओं ने एक शराब की दुकान तोड़ दी थी, जिसके बाद अब एक बार फिर उन्होंने स्वयं मोर्चा संभाला है। महिलाओं ने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर क्यों वह स्थानीय जनता की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं करता, और क्या शराब की दुकानें ही सरकार की आय का एकमात्र साधन रह गई हैं, भले ही उनसे कितने ही परिवार टूट जाएँ और गंभीर अपराध हों। इन सवालों का जवाब न मिलने पर महिलाओं का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित महिलाओं ने देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानों में घुसकर शराब की बोतलों और क्वार्टरों को जमकर तोड़-फोड़ दिया। लाखों रुपये की शराब की बोतलें दुकान में ही नष्ट कर दी गईं, और काफी देर तक दुकानों में महिलाओं का यह हंगामा चलता रहा। इस घटना के बाद, प्रशासन उन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने लाखों रुपये की शराब की बोतलें तोड़ीं और दुकान में बिक्री के लिए रखी नकदी की कथित तौर पर लूटपाट की। हालांकि, इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर प्रशासन जनता की अपीलों और मांगों को क्यों अनसुना करता है, और कैसे स्थानीय पुलिस प्रशासन खतरे व आंदोलन को भांपने में विफल हो जाता है। मीडिया सूत्र संकेत दे रहे हैं कि यह सारा घटनाक्रम पहले से ही सुनियोजित था।1
- पीलीभीत में 9 साल की नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। मंत्री ने ऐलान किया है कि रविवार को पीड़िता के घर के पीछे बनी मजार पर 'बाबा का बुलडोजर' चलेगा। इस मामले में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने पीड़िता नाबालिग बच्ची को गोद लेने का बड़ा फैसला लिया है, और उन्होंने खुद उसका कन्यादान करने का संकल्प भी व्यक्त किया है।1
- पीलीभीत के माधव टांडा रोड स्थित कल्याणपुर में एक कंपोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान पर कथित ओवररेटिंग का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, 'ब्रो कोड' नामक बीयर की बोतल पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹160 अंकित है, जिसका बैच नंबर 036 और निर्माण तिथि 15/01/2025 है। आरोप है कि इस बीयर को दुकान पर ₹200 में बेचा जा रहा है, जिसका अर्थ है कि ग्राहकों से ₹40 अधिक वसूले जा रहे हैं। जब एक ग्राहक ने इस संबंध में दुकान संचालक से पूछताछ की, तो कथित तौर पर बताया गया कि यह शराब पिछले एक सप्ताह से इसी बढ़ी हुई कीमत पर बेची जा रही है। इस मामले की सूचना नजदीकी पुलिस चौकी को भी दिए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता करण और सुखदेव ने संबंधित विभाग से इस ओवररेटिंग के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि ₹160 के अंकित मूल्य वाले उत्पाद के लिए ₹200 वसूले जा रहे हैं।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले शनिवार को पीलीभीत नगर पालिका परिषद ने पूरे शहर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य योग दिवस के लिए शहर के वातावरण को स्वच्छ बनाना था, जिसमें जिलाधिकारी और एसडीएम ने स्वयं झाड़ू थामकर स्वच्छता का संदेश दिया।1
- पीलीभीत की तहसील कलीनगर के ग्राम माधोटांडा मोहल्ला जामा मस्जिद में मुर्शिदे मोहतरम हज़रत सैय्यद अमजद मियाँ कदीरी रहमतुल्लाह अलैह का 19वां सालाना 'उर्स-ए-अमजदी' बेहद अकीदत व एहतराम के साथ संपन्न हुआ। तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम का समापन 20 जून 2026 को कुल शरीफ की रस्म के साथ किया गया। इस नूरानी व रूहानी महफ़िल में उर्स कमेटी और सज्जादानशीन हाजी सैय्यद अरशद अली कदीरी ने तमाम अकीदतमंदों से शिरकत करने, बरकतें हासिल करने और मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगने का आह्वान किया।1
- पीलीभीत जिले में नेशनल हाईवे-730 पर एक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, जिसके तहत गजरौला कस्बे के चौराहे से अवैध कब्ज़े हटाए गए। दुकानदारों द्वारा हाईवे पर किए गए इन कब्ज़ों के कारण राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस संयुक्त कार्रवाई को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), राजस्व टीम और पुलिस बल ने अंजाम दिया, जिससे हाईवे को अतिक्रमण मुक्त किया जा सका।1
- अमरिया थाना परिसर में आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनजर शनिवार को दोपहर 3 बजे पीस कमेटी की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने पर चर्चा करना था। बैठक में एसडीएम मयंक गोस्वामी, सीओ सदर आईपीएस नताशा गोयल और थाना प्रभारी अमित सिंह ने प्रमुख रूप से भाग लिया। उन्होंने धर्मगुरुओं, ताजियादारों, ग्राम प्रधानों और क्षेत्रीय नागरिकों के साथ शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मनाने पर विस्तृत चर्चा की। एसडीएम मयंक गोस्वामी ने सभी से मोहर्रम को भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की। वहीं, सीओ सदर नताशा गोयल ने ताजियों की ऊंचाई, बिजली के तारों की सुरक्षा, जुलूसों की व्यवस्था और डीजे के उपयोग से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। प्रशासन ने पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी उपस्थित लोगों से सहयोग का आह्वान किया।1
- प्रसारित जानकारी में यह दावा किया गया है कि भारतीय हिन्दूराष्ट्र संविधान अब लागू हो चुका है। इस संदेश के माध्यम से लोगों को 'देख सुन बोल' कहकर इस जानकारी पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है।1