चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के बाघी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत तैयार की गई लाभार्थियों की पात्रता सूची के सत्यापन के लिए एक खुली बैठक आयोजित की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने सूची में शामिल कई नामों की पात्रता पर आपत्ति जताई, जिसके बाद संबंधित मामलों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ग्राम सभा के दौरान पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद ने सर्वेक्षण के आधार पर तैयार किए गए 360 संभावित लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई। सूची के वाचन के समय ग्रामीणों ने विशेष रूप से 10 नामों की पात्रता पर गंभीर सवाल उठाए और आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि इन नामों की दोबारा जांच आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि योजना का लाभ वास्तव में पात्र व्यक्तियों को ही मिले। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने सत्यापन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की, और उनकी सभी आपत्तियों को अधिकारियों द्वारा विधिवत दर्ज कर लिया गया है। पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची का सार्वजनिक सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि ग्राम सभा में प्राप्त सभी आपत्तियों को रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया है और संबंधित नामों की जांच के बाद ही अंतिम पात्रता सूची तैयार की जाएगी। प्रसाद ने जोर देकर कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने पर केवल पात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण ग्राम सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई, जिन्होंने सूची के सत्यापन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के बाघी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत तैयार की गई लाभार्थियों की पात्रता सूची के सत्यापन के लिए एक खुली बैठक आयोजित की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने सूची में शामिल कई नामों की पात्रता पर आपत्ति जताई, जिसके बाद संबंधित मामलों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ग्राम सभा के दौरान पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद ने सर्वेक्षण के आधार पर तैयार किए गए 360 संभावित लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई। सूची के वाचन के समय ग्रामीणों ने विशेष रूप से 10 नामों की पात्रता पर गंभीर सवाल उठाए और आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि इन नामों की दोबारा जांच आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि योजना का लाभ वास्तव में पात्र व्यक्तियों
को ही मिले। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने सत्यापन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की, और उनकी सभी आपत्तियों को अधिकारियों द्वारा विधिवत दर्ज कर लिया गया है। पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची का सार्वजनिक सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि ग्राम सभा में प्राप्त सभी आपत्तियों को रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया है और संबंधित नामों की जांच के बाद ही अंतिम पात्रता सूची तैयार की जाएगी। प्रसाद ने जोर देकर कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने पर केवल पात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण ग्राम सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई, जिन्होंने सूची के सत्यापन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
- उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस घोषणा के बाद से प्रधानों में 'बड़ी टेंशन' देखी जा रही है। अब यह देखना होगा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कैसे करते हैं।1
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पति पर अपनी पत्नी से मारपीट करने, उसके बाल काटने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप है। यह घटना कथित तौर पर चरित्र शंका के चलते हुई है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस पूछताछ में आरोपी पति ने दावा किया है कि उसकी पत्नी के कई लोगों से अवैध संबंध थे। हालांकि, यह दावा केवल आरोपी का है और इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है, और मामले की जांच जारी है, इसलिए किसी भी पक्ष के आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।1
- धीना के धानापुर क्षेत्र स्थित गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 26वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरने पर बैठे किसानों ने पहले कराए गए कटानरोधी कार्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन संगठन के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में गुरैनी पंप कैनाल को गंगा के कटान से बचाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की कटानरोधी परियोजना स्वीकृत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई इस परियोजना के कार्य में उपयोग किए गए पत्थरों की खराब गुणवत्ता और निर्माण में अनियमितताओं के कारण अधिकांश पत्थर गंगा में समाहित हो गए। श्रीवास्तव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है, जिससे कटान की समस्या आज भी बनी हुई है। किसानों ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों से धन की वसूली करने तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। धरनारत किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक गंगा कटान को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी उपाय नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस धरने में मुख्य रूप से दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, दुर्गेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रिका मौर्य, सुजीत सिंह, रंगीले यादव, अशोक यादव, अच्छे खान, गुड्डू यादव, नागेंद्र यादव, मौला अली सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवध यादव और रंगीले यादव ने संयुक्त रूप से की।2
- सोनभद्र जिले के रेडिया गाँव में बच्चों द्वारा आग से खेलते समय एक घर में भीषण आग लग गई। इस घटना में घर के भीतर रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। आग लगने के तुरंत बाद, गाँव के लोगों ने मिलकर घर में मौजूद लोगों की जान बचाने में सफलता प्राप्त की। हालांकि, वे घर को पूरी तरह से जलने से नहीं रोक पाए। कुछ समय बाद प्रशासन और आग बुझाने वाली गाड़ी मौके पर पहुँची, जिनकी मदद से आग पर काबू पाया गया और घर को पूरी तरह राख होने से बचाया जा सका। इस घटना के बाद, ग्राम पंचायत में लोगों ने प्रभावित परिवार को सरकारी सुविधा के तहत मुआवजा दिलाने के संबंध में बातचीत की है, ताकि उन्हें कुछ आर्थिक सहायता मिल सके।1
- एक सरकारी अस्पताल में मरीजों के साथ अत्यंत असंवेदनशील व्यवहार सामने आया है। इस घटना में मरीजों से सीधे कहा जा रहा है कि वे ‘प्राइवेट में जाकर इलाज कराओ’। यह आचरण सरकारी अस्पतालों में रोगी देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर चिंताएँ पैदा करता है, जिस पर व्यापक रूप से आपत्ति जताई जा रही है।1
- चहनियाँ विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा सढान में आयोजित एसपीएल सेसन वन प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 21 जून 2026 को धानापुर और वाराणसी के बीच खेला गया। यह प्रतियोगिता विगत कई दिनों से चल रही थी, जिसका समापन धानापुर की जीत के साथ हुआ। फाइनल मुकाबले में, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए धानापुर ने निर्धारित 10 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 119 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में, वाराणसी की टीम 10 ओवर में 5 विकेट खोकर केवल 113 रन ही बना सकी। इस प्रकार, धानापुर ने वाराणसी को 6 रनों से शिकस्त देकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। धानापुर के सोनू यादव को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया, जबकि वाराणसी के 'होल्डर' को 'मैन ऑफ द सीरीज' का खिताब मिला। इस गरिमामयी आयोजन में गांव के सम्मानित व्यक्ति जावेद अहमद, इरशाद सिपाही, बदरुद्दीन सेठ, इजहार अहमद (पप्पू), इमरोज UPP, कामरान मास्टर, आसिफ अहमद, मिथिलेश यादव, कल्लू भाई, सुल्तान अहमद और शकील मेजर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। लीग की आयोजन समिति में दानिश अंसारी, सैफ अहमद, कैश अहमद, तंजीम, शमशाद, तसलीम छोटू, फुजैल जिगर, शाहनवाज सिब्लु और शारूफ जैसे पदाधिकारी शामिल थे।3
- भोजपुर, बिहार में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर पूरे राज्य में एक तीखी बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग इस घटना को 'फर्जी एनकाउंटर' बताकर इसकी वैधता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पुलिस इसे एक 'वैध कार्रवाई' करार दे रही है। इस मामले में कई महत्वपूर्ण पहलू चर्चा का विषय बने हुए हैं, जिनमें भरत तिवारी की पहचान, पुलिस के साथ उनके विवाद की शुरुआत, एनकाउंटर वाले दिन की घटनाएँ, परिवार द्वारा लगाए जा रहे आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल दावों की सच्चाई, और सरकार द्वारा जांच के संबंध में दिए गए आदेश शामिल हैं।1
- उत्तर प्रदेश में एक पत्रकार के घर पर आधी रात को पुलिस ने छापा मारा है। यह कार्रवाई तब हुई जब पत्रकार ने एक घोटाले का पर्दाफाश किया था। घोटाले के इस खुलासे के तुरंत बाद, पुलिस की जीपें पत्रकार के घर पहुंचीं और उन्होंने छापा मारा।1
- करगारा के वार्ड नंबर 11 में ग्रामीणों को पिछले छह-सात महीनों से पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि गांव में लगा नल खराब पड़ा है और उसे अब तक ठीक नहीं किया गया है। इस नल के साथ ही एक सोलर मोटर भी स्थापित है, जिससे केवल तभी पानी मिल पाता है जब धूप रहती है। विशेष रूप से, एक नीम के पेड़ की छाया पड़ने के कारण सोलर प्लेट पर दोपहर 2-3 बजे तक धूप नहीं पहुंच पाती, जिससे पानी की आपूर्ति रुक जाती है। इस कारण गांव में पानी की किल्लत लगातार बनी रहती है, और मौसम खराब होने पर तो बिल्कुल भी पानी नहीं मिल पाता। गांव के सभी लोगों ने इस गंभीर समस्या के बारे में ग्राम प्रधान को सूचित किया था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी तरफ से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द इस पानी की समस्या का समाधान कराने की अपील की है।1