लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में दबंगों के आगे पुलिस और कानून बेबस नजर आ रहे हैं। सरकारी संपत्ति को निजी जागीर बनते देख जब गजाला और आसिफ ने इसे रोकने की हिम्मत दिखाई, तो दबंगों ने उन पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। मारपीट करने के बाद दबंगों ने पीड़ितों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जहां जाना है जाओ, पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी और पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली ने इस बात को पूरी तरह सच साबित कर दिखाया है। पीड़ित जब इंसाफ की गुहार लेकर ठाकुरगंज थाने पहुँचे, तो पुलिस ने उन्हें सीधे सतखंडा चौकी भेज दिया, जहाँ उन्हें तीन घंटे तक इंतजार करवाया गया। पुलिस ने उनका मेडिकल कराना भी जरूरी नहीं समझा, जिसके कारण लाचार होकर घायल पीड़ितों को खुद ही अस्पताल जाकर इलाज और मरहम-पट्टी करानी पड़ी। इसके बाद दबंगों ने अस्पताल से लौटे पीड़ितों को शिकायत वापस लेने के लिए फिर से जान से मारने की धमकी भी दे डाली। इस पूरे मामले पर संवाददाता सैफ साबरी की रिपोर्ट बताती है कि ठाकुरगंज का यह नया इंसाफ मॉडल पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय उनकी परीक्षा ले रहा है। यहाँ न्याय की रफ्तार चोट की गंभीरता से नहीं, बल्कि अपराधी के रसूख से तय हो रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि इस गंभीर मामले में वरिष्ठ अधिकारी जागेंगे या फिर फाइल को ठंडे बस्ते में डालकर अपनी वर्दी की शोभा बढ़ाते रहेंगे।
लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में दबंगों के आगे पुलिस और कानून बेबस नजर आ रहे हैं। सरकारी संपत्ति को निजी जागीर बनते देख जब गजाला और आसिफ ने इसे रोकने की हिम्मत दिखाई, तो दबंगों ने उन पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। मारपीट करने के बाद दबंगों ने पीड़ितों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जहां जाना है जाओ, पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी और पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली ने इस बात को पूरी तरह सच साबित कर दिखाया है। पीड़ित जब इंसाफ की गुहार लेकर ठाकुरगंज थाने पहुँचे, तो पुलिस ने उन्हें सीधे सतखंडा चौकी भेज दिया, जहाँ उन्हें तीन घंटे तक इंतजार करवाया गया। पुलिस ने उनका मेडिकल कराना भी जरूरी नहीं समझा, जिसके कारण लाचार होकर घायल पीड़ितों को खुद ही अस्पताल जाकर इलाज और मरहम-पट्टी करानी पड़ी। इसके बाद दबंगों ने अस्पताल से लौटे पीड़ितों को शिकायत वापस लेने के लिए फिर से जान से मारने की धमकी भी दे डाली। इस पूरे मामले पर संवाददाता सैफ साबरी की रिपोर्ट बताती है कि ठाकुरगंज का यह नया इंसाफ मॉडल पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय उनकी परीक्षा ले रहा है। यहाँ न्याय की रफ्तार चोट की गंभीरता से नहीं, बल्कि अपराधी के रसूख से तय हो रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि इस गंभीर मामले में वरिष्ठ अधिकारी जागेंगे या फिर फाइल को ठंडे बस्ते में डालकर अपनी वर्दी की शोभा बढ़ाते रहेंगे।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में दो दिन पहले हुए सनसनीखेज निदा हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में मृतका की 25 वर्षीय ननद ने अपने पति और निदा के बीच कथित नजदीकियों के शक में रसोई के चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ननद ने शुरुआत में कहानी बनाई कि निदा सीढ़ियों से गिर गई है, लेकिन हत्या के बाद रातभर नींद नहीं आने के कारण उसने खुद ही थाने पहुंचकर अपना जुर्म कबूल कर लिया। मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में बीते 12 तारीख को निदा नाम की महिला की घर में ही चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मंगलवार को इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका की ननद रिमशा को गिरफ्तार किया है, जो नौचंदी थाना क्षेत्र के अंसार ब्लॉक स्थित गेट वाली करीमनगर की रहने वाली है और उवैश की पत्नी है। पुलिस ने आरोपी रिमशा को गिरफ्तार करने के साथ ही उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया रसोई का चाकू भी बरामद कर लिया है।1
- लखनऊ के थाना गाजीपुर क्षेत्र के पॉलिटेक्निक पुलिस चौकी में एक नए अतिरिक्त कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया गया है। पहले से संचालित चौकी परिसर में तैयार किए गए इस नए कक्ष का शुभारंभ डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया। इस खास मौके पर पूरे चौकी परिसर को गुब्बारों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जिससे कार्यक्रम का माहौल काफी उत्साहपूर्ण रहा। इस उद्घाटन समारोह के दौरान पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। इनमें एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुट, एसीपी गाज़ीपुर, थाना गाजीपुर के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मौर्य और पॉलिटेक्निक चौकी प्रभारी मनोज कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ ही थाना गाजीपुर के सभी चौकी प्रभारी, उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल, पुलिसकर्मी और क्षेत्र के कई समाजसेवी व गणमान्य नागरिक भी इस कार्यक्रम के साक्षी बने। इस नवनिर्मित कक्ष के शुरू होने से पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। इससे पुलिस कार्यों के सुचारू संचालन, महत्वपूर्ण अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव और चौकी में अपनी फरियाद लेकर आने वाले लोगों की सुनवाई के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस सुविधाओं के इस विस्तार से आम जनता को और अधिक प्रभावी व बेहतर पुलिस सेवाएं प्रदान करने में मदद मिलेगी।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में माता-पिता के साथ फुटपाथ पर सो रही एक डेढ़ वर्षीय बच्ची को चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बीते 13 जुलाई की देर रात आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। बच्ची के गायब होने पर उसके माता-पिता ने तत्काल पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच में जुटी थाना चौक पुलिस और डीसीपी वेस्ट की क्राइम टीम ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इलाके के करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और सर्विलांस की मदद से इस वारदात में शामिल एक डॉक्टर सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ऋषभ कश्यप, रोहित पासी, मो० सुल्तान, मो० इरशाद शाह और श्याम जी यादव के रूप में हुई है। पुलिस की गिरफ्त में आए इन आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वे इस मासूम बच्ची का ₹2.5 लाख में सौदा करने वाले थे।1
- इटावा में प्रॉपर्टी डीलर आनंद राजपूत की हत्या के मामले में एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में दावा किया गया है कि आनंद की पत्नी ने ही अपने कथित प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की खूनी साजिश रची थी। इश्क के चक्कर में पति को रास्ते का रोड़ा बनते देख इस पूरी वारदात को अंजाम देने का आरोप पत्नी पर लगा है। इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए साजिशकर्ताओं ने पहले आनंद को गोलियां मारीं और उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है। इस मामले में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के अंबरगंज चौकी इलाके में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। वह लड़की जिस घर में घरेलू काम करती थी, उसी घर के भीतर उसका शव मिला है। इस घटना को लेकर मृतका के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही शव को फंदे से नीचे उतार दिया गया, जिससे मौत को लेकर संदेह और गहरा हो गया है। मृतका के माता-पिता गांव में रहते हैं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मौत के पीछे की असली सच्चाई को सामने लाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिलने वाले अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1