शुक्रवार को फिरोजाबाद में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक निजी यात्री बस और ट्रक की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई, जिसमें करीब 70 से अधिक यात्री घायल हो गए। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशासन की सहायता की। सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा (UPEDA) की रेस्क्यू टीम और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पांच घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि लगभग 20 मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधा हेतु जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि करीब 30 मामूली रूप से घायल यात्रियों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया गया। कुछ अन्य घायलों को भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, 15 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 8 से 10 मामूली रूप से घायल लोगों का अस्पताल के बाहर प्राथमिक उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस और प्रशासन ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर सामान्य कराया। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और शुरुआती आशंका यह है कि तेज रफ्तार या चालक की लापरवाही इसकी वजह हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सभी घायलों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
शुक्रवार को फिरोजाबाद में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक निजी यात्री बस और ट्रक की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई, जिसमें करीब 70 से अधिक यात्री घायल हो गए। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशासन की सहायता की। सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा (UPEDA) की रेस्क्यू टीम और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पांच घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि लगभग 20 मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधा हेतु जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि करीब 30 मामूली रूप से घायल यात्रियों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया गया। कुछ अन्य घायलों को भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, 15 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 8 से 10 मामूली रूप से घायल लोगों का अस्पताल के बाहर प्राथमिक उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस और प्रशासन ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर सामान्य कराया। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और शुरुआती आशंका यह है कि तेज रफ्तार या चालक की लापरवाही इसकी वजह हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सभी घायलों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
- जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद में दमकल विभाग ने कोचिंग सेंटर, पुस्तकालयों और भीड़भाड़ वाले भवनों में एक विशेष अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कई इमारतों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं, आपातकालीन निकास मार्गों, अग्निशमन उपकरणों, विद्युत सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों की गहनता से जांच की गई। जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा से संबंधित कमियाँ पाई गईं, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।1
- गाजियाबाद के मोदीनगर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक मुस्लिम व्यक्ति पर अपनी पहचान छिपाकर मांस की दुकान चलाने का आरोप है। बताया गया है कि इस जगह आस्था और पहचान के साथ खिलवाड़ का एक बड़ा खेल चल रहा है। आरोप है कि असलम नाम का व्यक्ति 'संजय बाबा भारती' के नाम का सहारा लेकर सरेआम मांस बेच रहा है और शराब भी पिलवा रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस धार्मिक और भ्रामक नाम की आड़ में इलाके का माहौल खराब किया जा रहा है, जिससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँच रही है। इस गंभीर मामले में स्थानीय प्रशासन पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि शिकायतें करने के बावजूद मोदीनगर प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है और कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। वे जानना चाहते हैं कि आखिर प्रशासन की इस चुप्पी का राज क्या है और क्या अधिकारी किसी बड़े बवाल के बाद ही जागेंगे।1
- जनपद गाजियाबाद के थाना मुरादनगर क्षेत्र और थाना मोदीनगर क्षेत्र में टेम्पो चालकों से कुछ दलालों द्वारा लगातार अवैध वसूली की जा रही है। इस पूरी स्थिति को एक वीडियो के माध्यम से सामने लाया गया है, जिसमें एक टेम्पो चालक ने अपनी आपबीती बताते हुए इस अवैध वसूली का खुलासा किया है।1
- गाजियाबाद जिले के मोदीनगर में सावन मास के पहले अंतूला जल (Antoola Jal) का भव्य स्वागत किया गया। यह अंतूला जल हरिद्वार से काली खोली तक ले जाया जा रहा है, जिसे मानी भोला और निखिल भोला एक साथ ला रहे हैं। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए मोदीनगर वासियों ने मानी भोला और निखिल भोला का डीजे और फूल-मालाओं के साथ जोरदार अभिनंदन किया। इस दौरान कई सेवादार शिवभक्त जैसे शिवा भोला, रिषभ भोला, हनी भोला, सुजल भोला और छोटू भोला सहित अन्य भक्तगण उपस्थित रहे।1
- गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में आज मुहर्रम का जुलूस पूरे श्रद्धा, अनुशासन और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाला गया। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। मुहर्रम को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, धैर्य, इंसाफ और मानवता के मूल्यों को याद करने का एक अवसर भी माना जाता है, जो सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान का संदेश देता है। इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम है और इसकी दसवीं तारीख, जिसे आशूरा के नाम से जाना जाता है, इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाई जाती है। यह दिन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, सत्य, न्याय और इंसानियत के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक माना जाता है। साहिबाबाद में निकलने वाले इस जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ताज़िए, मातमी जुलूस और पारंपरिक आयोजन इस ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाते हैं। इस शांतिपूर्ण आयोजन को संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात की उचित व्यवस्था भी की गई है।4
- मेरठ के दौराला क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर एक डबल डेकर एसी बस में अचानक आग लगने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। यह घटना दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हुई, जहां थोड़ी ही देर में पूरी बस जलकर राख हो गई। बस में सवार यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर खुद को सुरक्षित बाहर निकाला।1